बुधवार, 9 जून 2021

कलेक्ट्रेट गेट के सामने फटा सिलेंडर, उठा आग का गुब्बार : OmTimes

(रामदेव द्विवेदी) 

 सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स)  इस जिले के कलेक्ट्रेट गेट के सामने एनएच रोड के वगल कुछ माह पूर्व गैस सिलेंडर फटने से उठे आग के गुब्बारा का वीडियो रिकार्डिंग ऊँ टाइम्स को  प्राप्त हुआ है !  देखिए वीडियो रिकार्डिंग  ➡   

 यह घटना उक्त समय पर रोड पटरी के बगल स्थित नये नये चलते फिरते चाट/चाऊमिन की  रेड़ी में रखे गैस सिलेंडर के फटने से हुआ था ! धू धू करके वह चलती फिरती दूकान राख में तबदील हो गई ! यह घटना प्रशासन के किसी अभिलिलेख में अभी तक दर्ज नहीं है, क्योंकि आनन फानन में पुलिस वालों ने सभी जले सामानों को मकान के पीछे फेकवा दिया था!

गोलबन्द होकर धावा बोलकर एक ब्यक्ति पर किया हमला, महिलाओं का कपड़ा तक फटा ..?, मामला पहुंचा थाने

(रामदेव द्विवेदी )
 सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स)  प्राप्त समाचार के अनुसार इस जिले के थाना चिल्हिया अन्तर्गत स्थित वर्डपुर नम्बर 12,  टोला बनकटवा उर्फ अम्मरपुर में बीती रात दिनांक  8 जून  2021 को अहमद हुसेन के घर पर कई लोगों ने धावा बोल कर घर में घुसकर  महिला को मारा पीटा, अश्लील हरकत किया,  साथ ही अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने आदि की धमकी दिया गया!               देखिए इस घटना का वीडियो रिकार्डिंग ➡ 

 इस घटना की सूचना पीड़ित द्वारा स्थानीय थाना चिल्हिया को दिया जा चुका है!  समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने एफआईआऱ नहीं दर्ज किया है, लेकिन आश्वासन दिया गया है कि मेडिकल के पश्चात मुकद्दमा पंजीकृत कर लिया जाएगा!  इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है!                                     

सोमवार, 7 जून 2021

शोहरतगढ नगर पंचायत कार्यालय में कार्यरत जग्दम्बिका प्रसाद त्रिपाठी की हार्ड अटैक से हुई मौत : OmTimes.

 

सिद्धार्थनगर (अभिषेक द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  इस जिले के तहसील शोहरतगढ अन्तर्गत स्थित नगर पंचायत शोहरतगढ में लिपिक पद पर कार्यरत जग्दम्बिका प्रसाद त्रिपाठी की आज दिनांक 07 जूूून 2021को हार्डअटैक से मौत हो गई! इस घटना से शोहरतगढ़ पूरे मार्केट में शोक की लहर दौड़ गई है!  आप को बता दें कि स्वर्गीय त्रिपाठी जन प्रिय और नेक दिल इंसान थे !

शुक्रवार, 4 जून 2021

आतंकियों ने सीआरपीएफ के गश्ती दल पर घात लगाकर किया हमला, कोई हताहत नहीं : OmTimes

श्रीनगर/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  बडगाम के करालपोरा इलाके में आज दिनांक 4 जून शुक्रवार को आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक गश्तीदल पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं जवानों की जवाबी कार्रवाई पर आतंकी वहां से भाग निकले। फिलहाल, जवानाें ने आतंकियाें के धरपकड़ के लिए एक तलाशी अभियान चलाया है। प्राप्त समाचार के अनुसार, आज सुबह सीआरपीएफ की 29वीं वाहिनी की डेल्टा कंपनी का एक दल बिलालाबाद, करालपोरा में नियमित गश्त पर था। जवान जब गांव के बाहरी छोर पर खेतों के पास पहुंचे ताे वहां छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। जवानों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया। इस पर आतंकी वहां से भाग निकले। जवानों ने पूरे इलाके को घेरते हुए तलाशी अभियान चलाया है।  सीआरपीएफ के प्रवक्ता अभिराम ने बताया कि करालपोरा में खेतों में छिपे आतंकियों ने सीआरपीएफ के गश्तीदल पर हमला किया था। इस हमले में किसी प्रकार का नुक्सान नहीं हुआ है। आतंकियों की धरपकड़ के लिए घेराबंदी कर तलाशी ली जा रही है। सीआरपीएफ के प्रवक्ता ने इसी इलाके में दूनीवारी के पास सीआरपीएफ के शिविर पर सुबह तथाकथित तौर पर शरारती तत्वों के पथराव और उस पर काबू पाने के लिए सीआरीएफ के जवानाें द्वारा हवा में चलाई गई गाेली की घटना की पुष्टि नहीं किया है।     ( ऊँ टाइम्स का समाचार  www.omtimes.in पर भी ) 

बुधवार, 2 जून 2021

केंद्र सरकार ने ममता बनर्जी के आरोपों को किया खारिज, बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव पर केन्द्र का एक्‍शन

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  केंद्र सरकार ने विगत दिवस पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय को तलब करने के अपने कदम का बचाव किया और सूत्रों के अनुसार अपने स्थानांतरण आदेश को संवैधानिक बताया है। मंगलवार को अलपन को गृह मंत्रालय से आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा। केंद्र सरकार के सूत्रों ने ऊँ टाइम्स को बताया, 'आदेश पूरी तरह से संवैधानिक है क्योंकि मुख्य सचिव एक आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपने संवैधानिक कर्तव्यों की उपेक्षा करना चुना, जिसके परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल सरकार का कोई भी अधिकारी प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक में शामिल नहीं हुआ।'

 आप को बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी को राज्य सरकार के अधिकारियों के लिए 15 मिनट इंतजार करना पड़ा। इसके बाद मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आए और तुरंत ही चले भी गए। इसके बाद मुख्य सचिव अलपन को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), नई दिल्ली को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया। लेकिन इसके एक दिन बाद ही उन्होंने मुख्य सचिव के रूप में अपने पद से सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में उनके मुख्य सलाहकार के रूप में शामिल हो गए।  केंद्र ने तब ममता पर बंद्योपाध्याय को अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचाने का आरोप लगाया था। सरकार की तरफ से कहा गया किमुख्य सचिव की सेवानिवृत्ति से पता चलता है कि ममता बनर्जी बैकफुट पर हैं। वह जानती हैं कि मामले के तथ्य मुख्य सचिव के खिलाफ हैं और उनपर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, क्योंकि वह एक आइएएस अधिकारी हैं। ममता यह सब जानती हैं और उनकी सेवानिवृत्ति उन्हें बचाने के लिए किया गया काम है।' 

सरकारी सूत्रों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों का भी खंडन किया कि उन्हें समय पर प्रधानमंत्री की बैठक के बारे में सूचित नहीं किया गया था। सूत्रों ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी को बैठक से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी, जैसा कि उन्होंने दावा किया था। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए पश्चिम मेदिनीपुर जिले में समीक्षा बैठक की थी। बैठक में ममता बनर्जी शामिल होने वाली थीं। हालांकि, वह 30 मिनट की देरी से पहुंची और उसे चक्रवात यास के प्रभाव से हुए नुकसान की रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद वह और राज्य के मुख्य सचिव बैठक से रवाना हो गए।.       ( ऊँ टाइम्स का समाचार  www.omtimes.in पर भी पढ सकते हैं)