सोमवार, 31 मई 2021

1जून से यूपी के 61 जिलों को मिलेगा कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत, सिर्फ 14 जिलों में ही रहेगा लागू : OmTimes

 

लखनऊ (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस संक्रमण की सेकेंड स्ट्रेन का असर यूपी में अब धीरे धीरे कम होता जा रहा है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक जून से पहले 55  जिलों से कोरोना ​​​​​कर्फ्यू को हटाने का एलान किया था, जिसमें अब छह और जिलों को जोड़ा गया है। इन छह जिलों में भी एक्टिव केस 600 से कम हैं। मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार ने बताया कि प्रदेश के देवरिया, बागपत, बिजनौर, प्रयागराज, सोनभद्र व मुरादाबाद जिले में भी एक जून मंगलवार से कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत मिलेगी। सोमवार को जो आंकड़े आए हैं, उनके अनुसार इन छह जिलों में एक्टिव केस 600 से कम हैं। 600 से कम केस होने पर कल से अब 61 जिलों में कोराना ​​​​​कर्फ्यू से सशर्त रहेगी छूट। इसके साथ ही 600 से अधिक एक्टिव केस वाले लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य 14 जिलों में कोराना ​​​​​कर्फ्यू जारी ही रहेगा। कोरोना के कम होते संक्रमण दर के दृष्टिगत विगत दिवस 600 एक्टिव केस से कम संख्या वाले 55 जनपदों को कोरोना कर्फ्यू से छूट दी गई थी। ताजा स्थिति के अनुसार सोनभद्र, देवरिया बागपत, प्रयागराज, बिजनौर और मुरादाबाद जनपद में कुल एक्टिव केस की संख्या 600 से कम हो गई है। ऐसे में अब इन जिलों में भी सप्ताह में पांच दिन सुबह 07 बजे से सायं 07 बजे तक कोरोना कर्फ्यू से छूट दी जाएगी। साप्ताहिक व रात्रिकालीन बन्दी सहित अन्य सभी संबंधित नियम इन जिलों में लागू होंगे। वर्तमान में 61 जिलों में कोरोना कर्फ्यू से छूट दी गई है।. गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण कम होते ही सरकार ने प्रदेशवासियों को आंशिक कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत देने का फैसला किया है। इसके तहत एक जून से कंटेनमेंट जोन के बाहर दुकानें-बाजार खोलने की अनुमति दे दी गई है। यह राहत सप्ताह में पांच दिन सुबह सात से शाम सात बजे तक रहेगी। शनिवार-रविवार की साप्ताहिक बंदी और नाइट ​​​​​कर्फ्यू अभी चलता रहेगा। खास बात यह है कि जिन 14 जिलों में अभी कोरोना के सक्रिय केस 600 से अधिक हैं, वहां किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। शेष 61 जिलों में राहत मिलेगी।    उत्तर प्रदेश में संक्रमण की चेन तोडने के लिए सरकार ने पांच मई से आंशिक कोरोना ​​​​​कर्फ्यू लगा रखा था, जो कि स्थिति को देखते हुए कई चरण में आगे बढ़ाया गया। अब संक्रमण तेजी से कम हो रहा है। सरकार ने माना है कि काफी हद तक स्थिति संभल चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ रविवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में एक जून से आंशिक कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत देने पर सहमति बनी। रविवार को मुख्य सचिव आरके तिवारी की ओर से राहत और प्रतिबंध के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि राहत केवल उन जिलों को मिलेगी, जहां कुल सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या 600 से कम है। 30 मई की स्थिति के अनुसार इस दायरे में कुल 55 जिले आ रहे थे। 31 मई को पांच और जिलों में स्थिति सुधर गई। यहां सप्ताह में पांच दिन सुबह सात से शाम सात बजे तक कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से छूट दी जाएगी। इसके बाद शनिवार-रविवार की साप्ताहिक बंदी और हर शाम सात बजे से रात्रिकालीन बंदी लागू होगी। लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर, वाराणसी और गोरखपुर जैसे 600 से अधिक एक्टिव केस वाले कुल 14 जिलों में सख्ती और बढ़ाई जाएगी, ताकि यहां भी केस कम हो सकें। नए नियम एक जून की सुबह सात बजे से लागू होंगे।

एक जून से रहेगा यह लागू -

- दुकान और बाजार के साथ सुपर मार्केट को मास्क की अनिवार्यता, दो गज की दूरी और सैनिटाइजर की व्यवस्था के साथ खोलने की अनुमति।

- स्कूल, कालेज तथा शिक्षण संस्थान शिक्षण कार्य के लिए बंद रहेंगे। माध्यमिक व उच्च शिक्षण संस्थाओं, कोङ्क्षचग संस्थानों में आनलाइन पढ़ाई की अनुमति विभागीय आदेशों के अनुसार होगी। शिक्षकों व कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए विद्यालय आने-जाने की अनुमति होगी। इसके लिए विद्यालयों के प्रशासनिक कार्यालय खोले जा सकेंगे।

- शादी समारोह व अन्य आयोजनों में बंद और खुले स्थानों पर एक समय में अधिकतम 25 अतिथियों को मास्क की अनिवार्यता के साथ अनुमति।

- शव यात्रा में कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए अधिकतम 20 व्यक्ति शामिल हो सकेंगे।

- तीन पहिया वाहन, आटो रिक्शा, बैटरी चलित ई-रिक्शा में चालक सहित तीन व्यक्ति, जबकि चार पहिया वाहनों में केवल चार व्यक्तियों के बैठने की अनुमति होगी।

- अंडे, मांस व मछली की दुकानों को पर्याप्त साफ-सफाई के साथ बंद स्थान पर या ढंककर बेचने की अनुमति होगी। खुले में बिक्री पर रोक रहेगी।

- कृषि से संबंधित जैसे खाद, बीज, अन्य कृषि निवेश से संबंधित उत्पाद और कृषि संयंत्रों की दुकानें खुलेंगी।

- बैंकों, बीमा कंपनियों, भुगतान प्रणालियों और अन्य वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनियों की शाखाएं व कार्यालय खुलेंगे।

- रेस्टोरेंट से सिर्फ होम डिलीवरी की अनुमति होगी। इसके अलावा हाईवे व एक्सप्रेसवे के किनारे ढाबे, ठेले-खोमचे वालों को खोलने की अनुमति रहेगी।

- कोरोना प्रबंधन से जुड़े फ्रंटलाइन सरकारी विभागों में पूरी उपस्थिति रहेगी। शेष सरकारी कार्यालय अधिकतम 50 फीसद उपस्थिति के साथ खुलेंगे। जो 50 फीसद कर्मी रहेंगे, उन्हें रोटेशन से बुलाया जाएगा।

- निजी कंपनियों के कार्यालय भी कोविड प्रोटोकाल के साथ खुलेंगे। निजी कंपनियां वर्क फ्राम होम की व्यवस्था को प्रोत्साहित करेंगी।

- औद्योगिक संस्थान खुलेंगे। इन संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों को अपने पहचान पत्र या इकाई के प्रमाण-पत्र के आधार पर आने-जाने की अनुमति रहेगी।

- ट्रांसपोर्ट कंपनियों के कार्यालय, लाजिस्टिक कंपनियों के कार्यालय और वेयर हाऊस खुलेंगे।

- कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी स्थानों पर धर्मस्थलों में एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु नहीं जा सकेंगे।

- उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों को प्रदेश के अंदर चलाने की अनुमति इस शर्त के साथ होगी कि निर्धारित सीट क्षमता पर ही संचालन किया जाएगा। सवारी खड़ी करने की अनुमति नहीं होगी।

- साप्ताहिक बंदी में पूरे प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फाङ्क्षगग का अभियान चलाया जाएगा। दुकानों पर दुकानदार व स्टाफ को मास्क, दो गज की दूरी और सैनिटाइजर की व्यवस्था का पालन करना होगा। यही अनिवार्यता खरीददारों के लिए भी लागू होगी। उल्लंघन होने पर महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

यदि केस बढ़ा तो खत्म हो जाएगी राहत - अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि यदि किसी जिले में एक्टिव केस 600 से अधिक होते हैं तो स्वत: ही यहां आंशिक कोरोना ​​​​​कर्फ्यू लागू हो जाएगा। इसी तरह जिन 14 जिलों में अभी 600 से अधिक सक्रिय मरीज हैं, वहां स्थिति में और सुधार होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की प्रतिदिन कोरोना रिपोर्ट के आधार पर कोरोना ​​​​​कर्फ्यू में इस आदेश में अनुमन्य सभी छूट अपने आप लागू हो जाएंगी।

इन 14 जिलों में 600 से अधिक केस हैं एक्टिव -

 लखनऊ :  2450 - मेरठ :  2806 - सहारनपुर : 2223 - वाराणसी : 2111 - गाजियाबाद : 1760 - गोरखपुर : 1704 - मुजफ्फरनगर : 1634 - बरेली : 1599 - गौतमबुद्ध नगर : 1184 - बुलंदशहर : 1174 - झांसी : 962 - लखीमपुर खीरी : 770 - जौनपुर : 688 - गाजीपुर : 619।.               ( ऊँ टाइम्स का समाचार  www.omtimes.in  पर भी पढ सकते हैं) 

शनिवार, 29 मई 2021

एक जून से यूपी में कोरोना कर्फ्यू में मिलेगा आंशिक ढील, शर्तों के साथ खुलेंगी ये ये दूकाने : OmTimes

लखनऊ /सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस संक्रमण में सेकेंड स्ट्रेन के बढ़ते मामलों के कारण एक मई से प्रदेश में लागू कोरोना कर्फ्यू में एक जून से आंशिक ढील दी जाएगी। इस दौरान अधिक एक्टिव केस वाले जिलों में राहत नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश में सभी जगह 33 प्रतिशत उपस्थिति के साथ सरकारी तथा प्राइवेट कार्यालय भी खोले जाएंगे। प्रदेश में नाइट कर्फ्यू फिलहाल लागू रहेगा। इसमें रात आठ बजे से अगले दिन सुबह सात बजे तक तमाम पाबंदियां जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को टीम-9 के साथ समीक्षा बैठक में कोरोना कर्फ्यू पर प्रमुखता से चर्चा की और इस दौरान कोरोना कर्फ्यू में ढील देने पर सहमति बनी। प्रदेश में एक जून से उद्योग, दुकान तथा बाजारों को राहत दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में अधिक एक्टिव केस वाले जिलों में अभी राहत नहीं दी जाएगी, जबकि नाइट कर्फ्यू हर जिले में जारी रहेगा।

चरणबद्ध तरीके से खुलेगा यूपी में कोरोना कर्फ्यू -  कोरोना वायरस संक्रमण काल में प्रदेश में लागू कोरोना कर्फ्यू इस बार भी चरणबद्ध ढंग से खोला जाएगा। प्रदेश में अब 24 घंटे में दो हजार तक नए संक्रमित आने से इसका प्रभाव कुछ कम होने लगा है। रिकवरी रेट भी 97 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद अब सरकार जनता को राहत देने के मूड में है। प्रदेश में कोविड पॉजिटिविटी रेट 22 से घटकर एक प्रतिशत रह गई है। एक जून से राज्य में चरणवार कोरोना कर्फ्यू खोला जाएगा। सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक तमाम बंदिशों से पाबंदी हटाई जा रही है। इस दौरान वीकेंड और नाइट कर्फ्यू अभी भी जारी रहेगा।  यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार अचानक ही सब अनलॉक करने के मूड में नहीं है। कोरोना वायरस संक्रमण के सेकेंड स्ट्रेन के साथ ही ब्लैक फंगल इंफेक्शन को लेकर सरकार अभी भी काफी सतर्क है। इसी कारण अलग-अलग फेज में कई तरह की गतिविधियों में छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि कोरोना कफ्र्यू के कारण ही प्रदेश में संक्रमण को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है।

यूपी सरकार एक जून से इनको देगी छूट - सरकार कई जगह पर छूट तो दे रही है, लेकिन सभी जगह पर कोविड प्रोटोकॉॅल यानी मास्क व फिजिकल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन होगा। सरकार कपड़े की दुकान, वैवाहिक वस्तुओं की दुकान, निर्माण से जुड़ी सामग्री की दुकान, 50 प्रतिशत कर्मी क्षमता के साथ बड़ी दुकान या रेस्टोरेंट तथा 33 प्रतिशत कर्मियों के साथ सभी सरकारी तथा प्राइवेट कार्यालय को खोलने की छूट है।

इन इन पर अभी भी रहेगी रोक बरकरार-  कंटेनमेट जोन की सभी दुकान, शॉपिंग मॉल, फिल्म थिएटर, सैलून तथा सभी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक कार्यक्रम पर अभी रोक रहेगी।

शुक्रवार, 28 मई 2021

पीएम ने ओडिशा के CM नवीन पटनायक के साथ किया बैठक, तूफान से हुए नुकसान पर हुई चर्चा : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को चक्रवाती तूफान यास के प्रभाव की समीक्षा करने के लिए ओडिशा और पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। चक्रवाती तूफान यास ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जमकर कहर बरसाया है। पीएम मोदी चक्रवात यास से हुए नुकसान का जायजा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर पहुंचकर चक्रवात यास के प्रभाव पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ बैठक की। इसके बाद पीएम बालासोर, भद्रक और पुरबा मेदिनीपुर के प्रभावित इलाकों में हवाई सर्वेक्षण के लिए जाएंगे और बंगाल में समीक्षा बैठक करेंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पीएम मोदी के साथ समीक्षा बैठक में शामिल होंगी। वो कलाईकुंडा वायु सेना स्टेशन में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगी और इस दौरान चक्रवात से हुए नुकसान से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने की संभावना है। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में चक्रवात यास के प्रभाव की समीक्षा के लिए एक बैठक की। अधिकारियों ने तैयारियों के विभिन्न पहलुओं, नुकसान के आकलन और संबंधित मामलों पर विस्तार से जानकारी साझा की। बैठक में बताया गया कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 46 टीमों के साथ एनडीआरएफ की लगभग 106 टीमों को तैनात किया गया। इन्होंने एक हजार से ज्यादा व्यक्तियों को बचाया और 2500 से अधिक पेड़ों और पोलों को हटाया, जो सड़कों पर गिरे और बाधित हुए थे।  सेना और तटरक्षक बल नाम के रक्षा बलों ने भी फंसे हुए लोगों को बचाया, जबकि नौसेना और वायु सेना अलर्ट पर थी। चक्रवाती तूफान 'यास' बुधवार को देश के पूर्वी तटों से टकराया था। यास के कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में तबाही मची है। तीनों ही राज्यों में 21 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि बंगाल में तकरीबन तीन लाख घरों को यास चक्रवात ने नुकसान पहुंचाया है। आपको बता दें कि बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान यास कमजोर होकर 'डीप डिप्रेशन' में बदल गया है और अगले 12 घंटों के दौरान इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि अगले 12 घंटों के दौरान चक्रवात के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। तूफान के चलते अगले 12 घंटों में ओडिशा के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी और उत्तर आंतरिक राज्य में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

गुरुवार, 27 मई 2021

सिद्धार्थनगर के जिला अस्पताल में वैक्सीन सेंटर का निरीक्षण किया मुख्यमंत्री ने , दिया कई निर्देश

सिद्धार्थनगर ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)   यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गुरुवार को सुबह 10.30 बजे के लगभग हेलीकाप्टर द्वारा सिद्धार्थनगर जिले के पुलिस लाइन पहुंचे। उसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित इंट्रीग्रेटेड कोविड-19 कंट्रोल कमांड सेंटर का निरीक्षण किया और कलेक्ट्रेट में जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कोविड प्रबंधन का समीक्षा किया, साथ ही इस जिले के जोगिया गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर निगरानी समिति के लोगों से मुलाकात किया, और उनको दिशा निर्देश दिया,साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया का भी निरीक्षण किया। 
सीएम ने जिला अस्पताल में वैक्सीन सेंटर का निरीक्षण किया, और वहां स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ की, उसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में निरीक्षण के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करके जरूरी निर्देश दिया। इस बैठक में सांसद जगदंबिका पाल, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ सतीश चंद्र द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी , विधायक श्यामधनी राही, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अमर सिंह चौधरी एवम भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद माधव आदि लोग मौजूद रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ बस्ती के लिए रवाना हो गये। (इस कार्यक्रम का वीडियो देखने के लिए इसे क्लिक करें  ➡ https://youtu.be/TG-yFYRCuoI/OmTimes )  
बैठक के दौरान सीएम ने कोरोना के प्रभावी नियंत्रण की बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के लिए उत्तर प्रदेश ने तैयारी पूरी कर ली है। अस्पतालों में पर्याप्त बेड, आक्सीजन के साथ बच्चों के लिए भी मेडिकल किट की व्यवस्था की गई है। 
सीएम योगी ने कहा कि लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। वैक्सीन को लेकर कोई भ्रम नहीं फैलना चाहिए। मंडल स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद वे जिला स्तरीय बैठक कर तैयारी की समीक्षा कर रहे हैं। लोगों का जीवन और आजीविका बचाना सरकार की प्राथमिकता है।

शनिवार, 22 मई 2021

कोरोना संक्रमण के इस काल में सांसदों, मंत्रियों व विधायकों ने मैदान छोड़ा; डटे हैं सीएम और पीएम : OmTimes

 

लखनऊ / सिद्धार्थनगर ( अविनाश द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  जनता जिनको अपनी बात आगे रखने और जनसेवा के लिए अपना जनप्रतिनिधि चुनती है, अगर वह लोग ही मुश्किल घड़ी में मैदान छोड़ दें तो जनता क्या सोंचेगी। देश के साथ प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की सेकेंड स्ट्रेन के दौरान लोगों ने इतनी परेशानी झेली, जिनकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। इस दौरान उनके परिवार के लोग भी बड़ी सीमित संख्या में साथ में थे, लेकिन उनके क्षेत्र के लोकप्रिय माननीय नदारद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ भले ही इस संकट की घड़ी में लोगों के साथ थे, लेकिन इनकी टीम के ज्यादातर सदस्य अंदर ग्राउंड हो गए।

 कोरोना वायरस की सेकेंड स्ट्रेन में लोग मेडिकल ऑक्सीजन, कोविड बेड तथा दवाओं के लिए काफी परेशान रहे। इसके बाद भी उनको अपने लोकप्रिय सांसद तथा विधायकों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। कोरोना के सेकंड वेब में जब लोग कई जगह पर मेडिकल ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर और दवाइयों के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे थे, तब लोकप्रिय सांसद तथा विधायक गायब थे।

उत्तर प्रदेश देश को सर्वाधिक 80 देने वाला प्रदेश है, देश का पीएम भी उत्तर प्रदेश ही तय करता है, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण काल में 80 में से सिर्फ 18 सांसद ही एक्टिव रहे। पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से वाराणसी के लोगों से जुड़े रहे तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद मोर्चा संभाल लिया। कई जगह जैसे बलिया में तो सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के लापता होने के पोस्टर्स व बैनर भी लगे, लेकिन वीरेंद्र सिंह मस्त को अभी भी मस्त हैं। बलिया में झांकने तक नहीं पहुंचे हैं।

 कोरोना वायरस संक्रमण का कहर अब कम होता जा रहा है, लेकिन जनप्रतिनिधि बेहद सुरक्षा कवर में हैं। धरती पुत्र कहे जाने वाले मुलायम सिंह यादव तो मैनपुरी से दो वर्ष से अधिक समय से गायब हैं जबकि उनके पुत्र पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास भी अपने संसदीय क्षेत्र आजमगढ के लोगों का हालचाल लेने की फुर्सत नहीं है।

कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस की परंपरागत सीट रायबरेली से सांसद हैं। वह भी 16 महीने पहले रायबरेली आई थीं। इनमें सत्ता पक्ष के अधिक और विपक्ष के भी सांसद हैं। जिन सांसदों का घर उनके क्षेत्र में है, वो भी इस दौरान काफी कम निकले। कुछ सांसदों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अच्छा काम भी किया।

मिसाल हैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ : - कोरोना वायरस की सेकेंड स्ट्रेन की चपेट में आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में होम आइसोलेशन में थे। इसके बाद रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही सीएम योगी आदित्यनाथ फिर से बेहद एक्टिव हो गए। मई में अब तक सभी मंडलों का दौरा करने के साथ ही उन्होंने नौ जिलों में जाकर समीक्षा भी की है। लखनऊ में कोविड अस्पताल के साथ कोविड कंट्रोल रूम का अक्सर ही दौरा करने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ ने महामारी पर आंशिक अंकुश लगाने में सफलता प्राप्त की है।

लखनऊ में उनके कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक भी बेहद सक्रिय हैं, जबकि राज्य मंत्री स्वाति सिंह के क्षेत्र से गायब होने के पोस्टर्स लगे हैं। कोरोना वायरस से संक्रमण से उबरने के बाद ब्रजेश पाठक ने क्षेत्र के लोगों के लिए विधायक निधि की डेढ़ करोड़ की धनराशि से टेस्टिंग किट तथा अन्य उपयोगी सामान मंगवाया है। वह होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को दवा के पैकेट भेजने के साथ इन दिनों कम्युनिटी किचन चलवा रहे हैं। लखनऊ के मोहनलालगंज से भाजपा के सांसद कौशल किशोर भी अपने क्षेत्र में बेहद सक्रिय हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस के बड़े तथा स्थापित गढ़ रायबरेली से सांसद हैं। वह बीते वर्ष जनवरी के बाद से आज तक रायबरेली के लोगों का हालचाल लेने नहीं पहुंच सकी हैं। उनके क्षेत्र के लोग 16 महीने से लोकप्रिय सांसद का चेहरा देखने को तरस गए हैं। सांसद प्रतिनिधि केएल शर्मा ही उनका पूरा कामकाम देखते हैं। जननेता माने जाने वाले धरती पुत्र मुलायम सिंह तो लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद भी मैनपुरी नहीं गए हैं। मैनपुरी से सांसद और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव 19 अप्रैल 2019 को मैनपुरी में बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ अपना चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। मुलायम सिंह 25 महीने से मैनपुरी से गायब हैं। जनता परेशान भले ही है, लेकिन लोकप्रिय सांसद के लापता होने का पोस्टर नहीं लगा रही है।

वर्चुअल माध्यम से जुड़े पीएम मोदी:- पीएम नरेंद्र मोदी भले ही वाराणसी नहीं जा पा रहे हो, लेकिन वर्चुअल माध्यम से वह लोगों से जुड़े हैं। पीएम नरेंद्र मोदी 30 नवंबर 2020 को वाराणसी पहुंचे थे। इस बीच उन्होंने सात बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी के अफसरों, डॉक्टर्स, कोरोना वॉरियर्स, स्टूडेंट्स और आम लोगों से बातचीत की है। वाराणसी में पीएम मोदी का संसदीय कामकाज रिटायर्ड आइएएस अफसर एलएलसी एके शर्मा संभाल रहे हैं।

पांच सांसदों के पोस्टर्स लगे: - कोरोना संक्रमण काल में कोई भी सुविधा न मिलने से लोगों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। इन लोगों ने अपने-अपने लोकप्रिय सांसदों के गुमशुदा होने के पोस्टर्स जगह-जगह पर लगा दिए। बलिया, हाथरस, उन्नाव, कौशाम्बी, झांसी के साथ मथुरा में पोस्टर्स लगे। मायावती की बसपा के दो सांसद अमरोहा से कुंवर दानिश अली और बिजनौर से मलूक नागर भी क्षेत्र से गायब ही रहते हैं। इनके लापता होने के पोस्टर भी क्षेत्र में लग चुके हैं। बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर तो मायावती के जन्मदिन 15 जनवरी को ही नजर आए थे। उसके बाद से गायब हैं।

लापता के पोस्टर्स लगे तो हेमा मालिनी ने जारी किया वीडियो:-  भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मथुरा से लगातार दूसरी बार सांसद बनीं फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी कोरोना संक्रमण के दौर में अपने संसदीय क्षेत्र से गायब हैं। वह आखिरी बार यहां 25 मार्च को पहुंची थीं। तीन दिन रहने के बाद 28 मार्च को मथुरा से गईं, तब से वह वापस नहीं आई हैं। इसी महीने के पहले हफ्ते में उनके गायब होने का पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद 18 मई को उन्होंने मुंबई से एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने सबके साथ किसानों को वैक्सीनेशन और लॉकडाउन का पालन कराने की सलाह दी।

भाजपा के 16 तथा विपक्ष के तीन सांसद पॉजिटिव : - कोरोना संक्रमण काल में विपक्ष के साथ भाजपा के सांसद भी संक्रमित हुए हैं। इस दौरान भाजपा के 16 तथा विपक्ष के दो सांसद संक्रमित हुए। बरेली, जौनपुर, अम्बेडकरनगर, गोंडा, सुल्तानपुर, झांसी, बलिया, कौशांबी, बाराबंकी, डूमरियागंज, देवरिया, आजमगढ़, मुरादाबाद, कानपुर, बदायूं, मुजफ्फरनगर के सांसद कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इन सभी जगह पर भाजपा के के ही सांसद हैं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष आजमगढ़ से सांसद अखिलेश यादव, मुरादाबाद के समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन, बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर भी संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से कुछ ठीक होकर क्षेत्र में लोगों के बीच भी पहुंचे। जबकि कुछ कोरोना की डर से घर से अब तो नहीं निकल रहे हैं। माना जा रहा है कि अब यह सब चुनाव के प्रचार के दौरान ही सक्रिय होंगे।  

शुक्रवार, 14 मई 2021

जिला जेल चित्रकूट में गैंगवार, दो की हत्या , पुलिस ने एक का किया एनकाउंटर : OM TIMES


उत्तर प्रदेश  ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश के जिला जेल चित्रकूट में आज शुक्रवार को गैंगवार हो गया। इस गैंगवार में कैदियों के दो गुट आपस में भिड़ गए। वर्चस्व की इस भिड़ंत में दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग भी हुई है। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है।  दर्जनों राउंड गोलियां चलीं, जिसमें अंशु दीक्षित नामक बंदी ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला को मार डाला। मुकीम काला पश्चिम उत्तर प्रदेश का बड़ा बदमाश था। इसके बाद भारी पुलिस बल ने जेल के अंदर ही अंशुल दीक्षित का एनकाउंटर कर दिया। वह भी पुलिस एनकांउटर में मारा गया।  उत्तर प्रदेश के बागपत जिला जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद यह दूसरा बड़ा मामला है। हाल में सुल्तानपुर जेल से चित्रकूट जेल में शिफ्ट होने वाले पूर्वांचल के बड़े गैंगस्टर अंशु दीक्षित ने झड़प के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े बदमाशों मुकीम काला और मेराजुद्दीन पर फायरिंग की। इस फायरिंग में चित्रकूट जेल में बंद मेराजुद्दीन और मुकीम काला की मौके पर ही मौत हो गई। जेल में फायरिंग की सूचना पर भारी पुलिस ने जेल को छावनी बना दिया और पुलिस पर फायरिंग करने के प्रयास में अंशुल दीक्षित मुठभेड़ में मारा गया। सुल्तानपुर जेल में बंद अंशु दीक्षित तो सीतापुर का निवासी था। मुकीम के साथ मारा गया मेराज अली जेतपुरा वाराणसी का ही निवासी था। मुकीम काला को पश्चिमी उत्तर में आतंक का पर्याय माना जाता है। इसे कैराना पलायन प्रकरण का मुख्य सूत्रधार भी माना जाता है। वह वसीम काला का भाई है, जिसे एसटीएफ ने तीन वर्ष पहले मुठभेड़ में मारा था।   डीजी जेल के कार्यालय के अनुसार जिला जेल चित्रकूट की उच्च सुरक्षा बैरक में निरुद्ध अंशु दीक्षित पुत्र जगदीश जो जिला जेल सुल्तानपुर से प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित होकर चित्रकूट में निरूद्ध है ने आज सुबह लगभग दस बजे सहारनपुर से प्रशासनिक आधार पर आए बंदी मुकीम काला तथा बनारस जिला जेल से प्रशासनिक आधार पर आए मेराज अली को असलहे से मार दिया तथा पांच अन्य बंदियों को अपने कब्जे में कर लिया। इसके बाद उन्हेंं जान से मारने की धमकी देने लगा। उसके पास असलहा था ऐसे में जिला प्रशासन को सूचना दी गई चित्रकूट के डीएम और एसपी ने पहुंचकर बंदी को नियंत्रित करने का बहुत प्रयास किया गया किंतु वह पांच अन्य बंदियों को भी मार देने की धमकी देता रहा।  इसके बाद तो उसकी आक्रामकता तथा जिद को देखते हुए पुलिस ने कोई विकल्प ना देखते हुए फायरिंग की, जिसमें अंशु दीक्षित भी मारा गया। चित्रकूट जिला जेल में इस प्रकार कुल तीन बंदी मारे गए हैं। मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली 20 मार्च 2021 को जिला जेल बनारस से प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करके चित्रकूट जेल लाया गया था। दूसरा मृत बंदी मुकीम काला सात मई 2021 को जिला जेल सहारनपुर से प्रशासनिक आधार पर  चित्रकूट जेल लाया गया था। अंशु दीक्षित ने शुक्रवार को जिस असलहे से पुलिस के साथ मुकीम काला व मेराज अली पर फायरिंग की थी, उसकी जिला कारागार में तलाशी कराई जा रही है। जिलाधिकारी तथा एसपी मौके पर मौजूद हैं। यह सभी अधिकारी घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। फिलहाल कारागार में शांति है तथा स्थिति नियंत्रण में है। 

अंशु दीक्षित के साथ भिड़ंत में मारा गया मेराजुद्दीन बांदा जेल में बंद बसपा के विधायक बाहुबली मुख्तार अंसारी का करीबी था। बागपत जिला जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद मेराजुद्दीन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्तार का काम देखता था। इसमें मुकीम काला भी उसकी मदद करता था। मुकीम काला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का इनामी गैंगस्टर था। बागपत जिला जेल में सुनील राठी ने नाइन एमएम की पिस्टल से मुन्ना बजरंगी की हत्या की थी। मुन्ना बजरंगी भी पेशी पर उन दिनों बागपत गया था जबकि सुनील राठी को उत्तराखंड की जेल से बागपत जेल में शिफ्ट किया था। राठी इन दिनों फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। 

इन बदमाशों का संक्षिप्त इतिहास     अंशु दीक्षित:-  पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी का खास व शार्प शूटर था। सीतापुर का रहने वाला था। उसने 27 अक्टूबर 2014 को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश एसटीएफ पर भी गोलियं चलाई थीं। इसके बाद दिसम्बर 2014 में इसे पकड़ा गया था। 

अंशु ने लखनऊ में कई साल पहले लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व महामंत्री विनोद त्रिपाठी की नेहरू इन्क्लेव में हत्या कर दी थी, उसके बाद लख़नऊ में तत्कालीन सीएमओ विनोद आर्या की हत्या में भी उसका नाम आया। वह सुल्तानपुर जेल में बंद था, लेकिन चित्रकूट जेल में सुरक्षा व्यवस्था आधुनिक होने से करीब दो वर्ष पहले यहां भेजा गया था। अंशु दीक्षित आठ दिसंबर 2019 को यहां भेजा गया था। लखनऊ सीएमओ हत्याकांड में भी अंशु दीक्षित शामिल था। वह पूर्वांचल के माफियाओं का चहेता रहा है। 

मेराज अली:-  मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली वाराणसी का रहने वाला था। पहले मुन्ना बजरंगी का खास था, फिर मुख्तार अंसारी से जुड़ा। इसकी अंशु दीक्षित से तनातनी रहती थी।  

संभव है उसी खुन्नस में अंशु ने इसे मारा हो। माफिया मुख्तार अंसारी का करीबी मेराज अहमद खान 21 मार्च को बनारस जेल से शिफ्ट किया गया था। मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी के सहयोगी  मेराज खान पर फर्जी तरीके से पिस्टल के लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के आरोप में पांच सितंबर 2020 को जैतपुरा थाना प्रभारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था। तीन अक्टूबर 2020 को आरोपित मेराज ने जैतपुरा थाना क्षेत्र के सरैया चौकी में आत्म समर्पण किया था। इसके बाद से जिला कारागार बनारस में निरुद्ध था। मेराज अहमद को जिला कारागार  से चित्रकूट भेजा गया था। अशोक विहार कालोनी फेज-1 में भी उसका आवास है।

मुकीम काला:-  मुकीम काला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दुर्दांत अपराधी व एसटीएफ के हाथों में मुठभेड़ में मारे जा चुके वसीम काला का भाई था। इसका गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब व हरियाणा तक इसका वारदातें करता था। सहारनपुर में वर्ष 2015 में तनिष्क ज्वैलरी शोरूम में डकैती कांड को अंजाम दिया था। दोनों भाई पुलिस से नहीं डरते थे, यह तो एसटीएफ से सीधा मोर्चा खोल देते थे। इनके खिलाफ लूट, हत्या व मुठभेड़ के मुकदमे दर्ज हैं।

 कैराना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गांव जहानपुर निवासी दो लाख का इनामी रहा मुकीम काला शामली समेत बड़े इलाके में आतंक का पर्याय था। उसके खिलाफ प. उप्र, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली में हत्या, लूट व डकैती जैसी गंभीर धाराओं के 61 मुकदमे दर्ज थे। वह और उसका गिरोह रंगदारी वसूलने और हत्या करने में माहिर था !

पूर्व सांसद बाबू हुकुम सिंह काला की दहशत को कैराना पलायन के नाम से सामने लाए थे। इसके बाद ही उस पर खाकी का शिकंजा कसा गया। पहले वह सहारनपुर निवासी मुस्तफा कग्गा के गिरोह में था। कग्गा के एनकाउ़ंटर में मारे जाने के बाद उसने अपना गिरोह बनाया था। गिरोह के शातिर रंगदारी न देने पर व्यापारी की हत्या कर देते थे। इस गैंग ने कैराना निवासी दो भाइयों शिवकुमार व राजेंद्र की हत्या की थी। गिरोह के दुस्साहस का आलम यह था कि मुकीम व उसके साथियों ने सात साल पहले सहारनपुर में सीओ पर हमला कर उनके गनर की कारबाइन लूट ली थी।  उसके आतंक के चलते कैराना से व्यापारियों ने पलायन शुरू कर दिया था। 30 अप्रैल 2016 को 346 परिवारों की पलायन की सूची पूर्व सांसद हुकुम सिंह ने जारी की थी। इसके बाद से यह गिरोह खास चर्चा में आया था। इसी का दबाव रहा कि पुलिस ने मुकीम काला व उसके गिरोह पर नजरें तिरछी की थीं। उसका एक लाख का इनामी साथी साबिर जंधेडी पुलिस द्वारा मुठभेड़ में मारा गया था। इस दौरान कैराना कोतवाली में तैनात सिपाही अंकित भी शहीद हो गए थे। मुकीम काला को हरियाणा पुलिस ने भी गिरफ्तार किया था। उस समय उसके पास से  हथियारों का जखीरा बरामद हुआ था। काफी समय वह सहारनपुर जेल में बंद था।

गुरुवार, 13 मई 2021

कोरोना से ठीक होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पहुँचे पीजीआई

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार शाम करीब 8:20 बजे एसजीपीजीआई पहुंचे। यहां पर वह करीब एक घंटे तक रहे। इसके बाद लौट गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना वायरस को मात देने के बाद पहली बार एसजीपीजीआई पहुंचे थे। वह सीधे मुख्य परिसर में पहुंचे। यहां पर संस्थान प्रशासन ने उनकी अगुवाई की। मुख्यमंत्री योगी इसके बाद रेडियोलोजी ब्लॉक गए। आप को बता दें कि अभी 30 अप्रैल को कोरोना से मुक्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिर से सक्रिय हो गए हैं। वह अस्पतालों के साथ साथ अलग-अलग जिलों का भी दौरा कर रहे हैं।

रविवार, 9 मई 2021

यूपी , दिल्ली में एक हफ्ते के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन, इन राज्यों में कल से संपूर्ण लॉकडाउन, जानें- क्या-क्या रहेगा बंद : OM TIMES

नई दिल्ली  (अविनाश द्विवेदी,  विशेष संवददाता,  ऊँ टाइम्स)  कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए और भी कई राज्यों ने संपूर्ण लाकडाउन और सख्त पाबंदियां लगाने जैसे कदम उठाए हैं। तमिलनाडु, राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी ने 10 मई यानी सोमवार से संपूर्ण लाकडाउन का एलान किया है जो 24 मई तक लागू रहेगा। कर्नाटक में शुक्रवार शाम से और केरल में शनिवार सुबह से लाकडाउन प्रभावी हो गया है। वहीं दिल्ली और यूपी में लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है।

चेन्नई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक बयान जारी कर कहा कि संक्रमण को रोकने के लिए लाकडाउन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। शुक्रवार को जिलाधिकारियों के साथ कोरोना के हालात की समीक्षा करने और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर लाकडाउन लागू करने का फैसला किया गया। आवश्यक सामान और सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानें और निजी एवं सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। सरकारी शराब की दुकानें, बार, स्पा, जिम, ब्यूटी पार्लर, सैलून, सिनेमा हाल, क्लब, पार्क, बीच भी इस दौरान बंद रहेंगे।

 विपक्षी दल अन्नाद्रमुक और पीएमके ने संपूर्ण लाकडाउन का स्वागत किया है। इनका कहना है कि इससे कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने में मदद मिलेगी। परंतु, इन दोनों दलों की सहयोगी भाजपा ने लाकडाउन के फैसले को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया है। प्रदेश भाजपा का कहना कि इसमें दैनिक कामगारों और कमजोर वर्ग को मदद पहुंचाने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। लाकडाउन के दौरान टीकाकरण अभियान कैसे चलेगा इसको लेकर भी कुछ नहीं कहा गया है।

राजस्थान सरकार ने भी 10 से 24 मई तक के लिए राज्य में लाकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा। किराना, दूध, सब्जी, फल और अन्य आवश्यक सामान की दुकानें कुछ समय के लिए खोलने की छूट दी गई है।

कर्नाटक में शुक्रवार शाम और केरल में शनिवार सुबह से लाकडाउन प्रभावी हो गया है। केरल में 16 मई तक पाबंदियां जारी रहेंगी। इन दोनों ही राज्यों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बेंगलुरु तीन लाख से ज्यादा सक्रिय मामलों वाला देश का पहला महानगर बन गया है। गोवा में भी रविवार से 15 दिनों के लिए कफ्र्यू लगाया जा रहा है। इस दौरान शराब की दुकानों के साथ ही किराना और दूध-सब्जी की दुकानें सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक खुली रहेंगी।

यूपी में 17 मई तक बढ़ाया गया कोरोना कर्फ्यू - उत्तर प्रदेश में पूर्व से जारी कोरोना कर्फ्यू को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। अब सारी पाबंदियां 17 मई तक पूर्व की भांति जारी रहेंगी। इस अवधि में ईद का त्योहार भी है, हालांकि उस दिन में सारे प्रतिबंध लागू होंगे। कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार ने प्रदेश में पाबंदियों के साथ कर्फ्यू लगाने का फैसला किया था। पूर्व में कर्फ्यू को 10 मई तक बढ़ाया गया था, जिसे अब 7 दिन और बढ़ाया गया है। सीएम से बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सारे प्रतिबंधों को 17 मई की सुबह 7 बजे तक जारी रखा जाएगा। इस दौरान आवश्यक सेवाओं के लिए ही लोगों को मूवमेंट की इजाजत दी जाएगी। यूपी में 30 अप्रैल से ही कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है और लगातार सरकार इसकी मियाद को बढ़ा रही है।

दिल्ली में एक हफ्ते के लिए बढ़ा लॉकडाउन दिल्ली में एक बार फिर लॉकडाउन 7 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार इसकी घोषणा करते हुए कहा कि लॉकडाउन से दिल्ली में कोरोना के संक्रमण में कमी आई है। केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में व्यापारियों, महिलाओं और दूसरे लोगों से बात हुई सबने कहा कि केस कम हुए हैं लेकिन कड़ाई बरकरार रखने की जरूरत है। इस बार मेट्रो भी नहीं चलेगी। दिल्ली सीएम केजरीवाल ने कहा- '20 अप्रैल को मजबूरी में लॉकडाउन लगाना पड़ा था। 26 अप्रैल को पॉजिटिव रेट 35 प्रतिशत तक बढ़ गया था, उसके बाद से केस कम होना शुरू हुए, पिछले 2-3 दिनों में पॉजिटिविटी रेट घटकर 23 फीसदी पर आ गया है। आपने साथ दिया, लॉकडाउन के पीरियड में हेल्थ संसाधन को बेहतर किया।

हिमाचल में कल से चार जिलों में लॉकडाउन - हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चार जिलों में सोमवार से लाकडाउन लगाने का फैसला किया है। ये जिले हैं- कांगड़ा, ऊना, सोलन और सिरमौर। इसके अलावा सरकार दूसरे क्षेत्रों में कोरोना कफ्र्यू के तहत नए प्रतिबंध भी लागू करेगी।

पुणे में वीकेंड लाकडाउन को लेकर पुलिस सख्त - पुणे  में भी पुलिस ने वीकेंड लाकडाउन को लेकर सख्ती की है। पुलिस ने शहर में संपूर्ण वीकेंड लाकडाउन को लागू किया है। बिना वजह सड़क पर निकलने वालों से पुलिस सख्ती से पेश आ रही है। वीकेंड लाकडाउन में सिर्फ दवा की दुकानों को ही खोलने की अनुमति दी गी है।  

मेघालय-मणिपुर में भी सख्ती - पूर्वोत्तर के राज्य मेघालय और मणिपुर में भी सख्ती शुरू हो गई है। मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स और मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिलों भी शनिवार से 17 मई तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं, कोरोना जांच और टीकाकरण के लिए लोगों को घर से बाहर निकलने की छूट दी गई है।

बुधवार, 5 मई 2021

10 मई तक बढ़ाया गया यूपी में लॉकडाउन, अब चार दिन और रहेगा कोरोना कर्फ्यू : OMTIMES

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस  की स्थिति को देखते हुए यूपी की  सरकार लगातार सख्ती बढ़ा रही है। दो दिन की साप्ताहिक बंदी को तीन दिन करने के बाद अब फिर चार दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। पहले साप्ताहिक बंदी तीन मई और फिर छह मई तक थी। अब इसे बढ़ाकर सोमवार यानी 10 मई सुबह सात बजे तक के लिए कर दिया है। सरकार के फैसले के अनुसार लॉकडाउन को चार दिन और बढ़ा दिया गया है। इस दौरान पूर्ण रूप से बंदी रहेगी, लेकिन जरूरी चीजों की दुकानें व जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। www.omtimes.in 

कोरोना संक्रमण को बढ़ते देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार चिंता जता रहे हैं। कोविड का वर्तमान स्ट्रेन लगातार रूप बदल रहा है। यह पहली लहर की तुलना में 30 से 50 गुना अधिक संक्रामक है। बेकाबू कोरोना संक्रमण पर लगाम कसने के लिए सरकार अब धीरे-धीरे सख्ती बढ़ाती नजर आ रही है। दो दिन की साप्ताहिक बंदी को तीन दिन करने के बाद अब सरकार ने इसे 10 मई सुबह सात बजे तक के लिए कर दिया है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-9 के साथ हुई बैठक में कहा है कि कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार लगातार जरूरी कदम उठा रही है। प्रदेशव्यापी साप्ताहिक बंदी प्रभावी है। इसे और विस्तार दिया जा रहा है। अब प्रदेश में सोमवार सुबह सात बजे तक आंशिक कोरोना कर्फ्यू प्रभावी रहेगा। इस अवधि में आवश्यक और अनिवार्य सेवाएं जारी रहेंगी। दवा, सब्जी की दुकानें, औद्योगिक इकाइयां आदि चलती रहेंगी।

गांवों में घर-घर जा रही कोरोना जांच टीम :- ग्रामीण इलाकों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बुधवार से घर-घर जांच अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान नौ मई तक चलेगा। इस दौरान गांव के हर व्यक्ति के बारे में जानकारी ली जाएगी, जिन लोगों में कोरोना के लक्षण होंगे अथवा जो दूसरे प्रदेश से लौट कर आए हैं उनकी कोविड जांच की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। हर टीम को 1000 लोगों की जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम गांव में जाएगी। लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेगी। परिवार में किसी को बुखार होगा तो उसे मेडिकल किट उपलब्ध कराएगी।