सोमवार, 12 अप्रैल 2021

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा - हार सामने देख दीदी ने SC, ST और OBC को वोट नहीं डालने देने की बनाई रणनीति

कोलकाता / नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी,  विशेष संवाददाता,  ऊँ टाइम्स)  बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार के लिए सोमवार को राज्य के चुनावी रण में एक बार फिर फिर उतर चुके हैं। पीएम की बंगाल में आज तीन-तीन चुनावी रैलियां हैं। पीएम मोदी अब अपनी दूसरी रैली, जो नदिया जिले में कल्याणी विश्वविद्यालय ग्राउंड में आयोजित की गई है, उसे संबोधित कर रहे हैं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने सबसे पहले कहा कि चार चरणों में जो बहुत भारी संख्या में मतदान हुआ है, वो आशोल पॉरिबोरतोन के लिए है। आशोल पॉरिबोरतोन यानि बंगाल का विकास, बंगाल के लोगों का विकास। आशोल पॉरिबोरतोन यानि दीदी के कुशासन से मुक्ति, दीदी के सिंडिकेट, तोलाबाजों से मुक्ति

OmTimes News Live Updates ..

-पीएम मोदी ने कहा कि दीदी की दुर्नीति ने बंगाल के गरीब और मिडिल क्लास के स्वास्थ्य के साथ बहुत बड़ा खेला किया है। आयुष्मान भारत से यहां के गरीब को पूरे देश में कहीं भी 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलना था। दीदी ने ऐसे होने नहीं दिया।

-मोदी बोले कि दीदी ने कहा था कि कल्याणी को थीम सिटी बनाएंगे। लेकिन उन्होंने करप्शन, तोलाबाज़ी और सिंडिकेट की अपनी टीम यहां लगा दी। उन्होंने पंचायतों और नगर निगमों को टीएमसी का दफ्तर बना दिया। दीदी की दुर्नीति के कारण डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बीसी रॉय जैसे विजनरी नेताओं का सपना अब तक पूरा नहीं हो पाया। जिस कल्याणी को वो आधुनिक बंगाल का मॉडल बनाना चाहते थे, उसे दीदी की दुर्नीति ने वर्षों पीछे छोड़ दिया।

-पीएम मोदी बोले, 'आज पूरा बंगाल समझ चुका है कि आर्थिक उन्नयन, निवेष, शिल्प दीदी और उनके दल की प्राथमिकता कभी रही ही नहीं है। TMC के लिए तो उन्नयन का मतलब है, अपने काडर का उन्नयन, गुंडो का उन्नयन।'

-पीएम बोले, 'मैं आश्वस्त करने आया हूं। यहां भारत मां में आस्था रखने वाले सभी शरणार्थी साथियों को हर सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। भाजपा के लिए तो सभी शरणार्थियों, मतुआ और नामशूद्र साथियों को न्याय दिलाना एक तरह से भावनात्मक कमिटमेंट भी है।' मोदी ने आगे कहा कि मेरा और भाजपा का ये भी सौभाग्य है कि इस चुनाव में बंगाल की बहनें और बेटियां, भाजपा पर, मुझ जैसे छोटे-मोटे हर कार्यकर्ता पर स्नेह दिखा रही हैं। मैं आदरपूर्वक माताओं-बहनों को विशेष रूप से प्रणाम करता हूं।

-मोदी बोले, कुछ दिन पहले जब मैं बांग्लादेश गया था, तो ओराकान्दी की पवित्र धरती को चरण स्पर्श करने का अवसर मिला था। वहां मतुआ समुदाय के एक साथी मिले, जिन्होंने कहा कि मैं भारत का पहला पीएम हूं जो श्री श्री हॉरिचॉन्द ठाकुर जी का आशीर्वाद लेने पहुंचा। पीएम मोदी ने आगे कहा िक दीदी को मेरा ओराकान्दी जाना भी पसंद नहीं आया। दीदी ने इस पर भी सवाल खड़े कर दिए। दीदी, 10 साल आपने बंगाल के दलितो-पीड़ितो-शोषितों-वंचितों से कैसे नफरत दिखाई है, ये देश अब देख रहा है।

-पीएम ने आगे कहा कि खुलेआम कहा जा रहा है कि TMC के लोग केंद्रीय वाहिनी का घेराव करेंगे और दीदी के बाकी समर्थक छप्पा भोट डालेंगे। चर्चा है कि कूचबिहार में जो हुआ वो दीदी के इसी छप्पा भोट मास्टर प्लान का हिस्सा था।

-नादिया में पीएम मोदी बोले, हार सामने देख दीदी ने SC, ST और OBC को वोट नहीं डालने देने की रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि दीदी की साजिश है कि एससी, एसटी और ओबीसी किसी को भी वोट डालने नहीं दिया जाए। दीदी की साजिश है, इन वर्ग के लोगों को वोट डालने से रोकना और अपने गुंडों से छप्पा भोट डलवाना।

-पीएम मोदी ने कहा कि हार की बौखलाहट में दीदी और उनकी पार्टी के लोग अब हर सीमा तोड़ रहे हैं। दीदी के लोग खुलेआम एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के लोगों को गाली देने लगे हैं, सिर्फ इसलिए कि वो बीजेपी को सपोर्ट करते हैं। दीदी, आपके साथी बंगाल के अनुसूचित जाति को भिखारी कहकर अपमान कर सकते हैं, लेकिन हमारे लिए, भाजपा के लिए अनुसूचित जाति का मान सम्मान सर्वोपरि है।

-पीएम मोदी ने बंगाल में आज अपनी दूसरी रैली, जो कि कल्याणी में आयोजित की गई है, कहा कि दीदी के 10 साल के काम का रिपोर्ट-कार्ड, अपने राजनीतिक हितों के लिए बंगाल के लोगों की हत्या, अपने तोलाबाजों को फायदा पहुंचाने के लिए बंगाल के लोगों से लूट-पाट, अपने सिंडिकेट को ताकतवर बनाने के लिए बंगाल के लोगों से विश्वासघात का ही है।

-पीएम मोदी ने कहा कि बहनों-बेटियों से कहना चाहता हूं कि आपके इस सेवक ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हर घर नल से शुद्ध जल पहुंचे इसके लिए बड़ी योजना शुरु की है। बंगाल की सरकार को भी सैकड़ों करोड़ रुपये इसके लिए हमने भेजे हैं। लेकिन दीदी ने इसका बहुत बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं किया।

-मोदी बोले, 'धान का कटोरा' कहा जाने वाला हमारा बर्धमान, यहां के लोग, आज मूल सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। आजादी के शुरुआती वर्षों में जो नहरें बनीं, उसकी सही देखरेख तक यहां की सरकार नहीं कर पाई। नई नहरें बनाना कभी दीदी की प्राथमिकताओं में रहा ही नहीं।

-पीएम ने कहा कि दीदी अगर गुस्सा करना है तो मुझपर कीजिए, जितनी मर्जी गाली दीजिए। मगर बंगाल की गरिमा, बंगाल की गौरवमयी परंपरा का अपमान मत कीजिए।

-मोदी बोले, 'दीदी ने 10 साल तक मां, माटी, मानुष के नाम पर बंगाल पर राज किया है। लेकिन इन दिनों सभा में मां, माटी, मानुष नहीं बल्कि मोदी, मोदी करती रहती हैं। दीदी ने बंगाल में गवर्नेंस के नाम पर बहुत बड़ा गड़बड़झाला किया है। जन्मदिन मनाना है, तो TMC से पूछो। घर बनाना है, तो TMC को कट-मनी दो। राशन लेना है, तो TMC को कटमनी दो। कहीं अपना सामान ले जाना है, अपना सामान लाना है, तो TMC को कट-मनी दो।'

-पीएम मोदी ने कहा, 'दीदी के लोग बंगाल के अनुसूचित जाति के भाई-बहनों को गाली देने लगे हैं। दीदी के करीबी लोग उन्हें भिखारी कहने लगे हैं। बाबा साहेब की आत्मा को दीदी के कड़वे शब्द सुनकर कितना कष्ट हुआ होगा।'

-प्रधानमंत्री बोले कि दीदी को ये भी मालूम है कि एक बार बंगाल से कांग्रेस गई तो कभी वापस नहीं आई। वामपंथी वाले, लेफ्ट वाले गए वापस नहीं आएं। दीदी, आप भी एक बार गई तो कभी वापस नहीं आएंगी। 

-पीएम मोदी बोले, 'एक तो नंदीग्राम में बंगाल के लोगों ने दीदी को क्लीन बोल्ड कर दिया। यानि बंगाल में दीदी की पारी समाप्त हो चुकी है। दूसरा, बंगाल के लोगों ने दीदी का बहुत बड़ा प्लान फेल कर दिया। दीदी तैयारी करके बैठी थीं कि पार्टी की कप्तानी भाइपो को सौंपेंगी, लेकिन दीदी का ये खैला भी जनता ने समय रहते समझ लिया। इसलिए दीदी का सारा खैला धरा का धरा रह गया। और तीसरा, दीदी की पूरी टीम को ही बंगाल के लोगों ने मैदान से बाहर जाने को कह दिया है। अब दीदी बंगाल के लोगों से गुस्सा तो होंगी ही।'

-पीएम बोले- दीदी की कड़वाहट, उनका क्रोध, उनकी बौखलाहट बढ़ती ही जा रही है, क्योंकि बंगाल में हुए आधे चुनावों में आपने टीएमसी को पूरा साफ कर दिया है। यानि आधे चुनाव में ही टीएमसी पूरी साफ। चार चरणों के चुनाव में बंगाल की जागरूक जनता ने इतने चौके-छक्के मारे कि भाजपा की सीटों की सेंचुरी हो गई है। जो आपके साथ खैला करने की सोच रहे थें, उन्हीं के साथ खैला हो गया है। 

इसके बाद दोपहर 1:40 बजे से नदिया जिले में कल्याणी विश्वविद्यालय ग्राउंड में उनकी दूसरी रैली है। अंत में दोपहर 3:10 बजे से कोलकाता से सटे उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित कछारी मैदान में पीएम रैली को संबोधित करेंगे। बताते चलें कि बंगाल का जंग जीतने के लिए प्रधानमंत्री मोदी सहित भाजपा के सभी शीर्ष नेता लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं। इससे पहले शनिवार को पीएम ने बंगाल में दो रैलियां की थी। 

इधर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी लगातार दूसरे दिन बंगाल के दौरे पर रहेंगे। शाह की सोमवार को उत्तर बंगाल में दो रैली व दो रोड शो है। इससे पहले रविवार को भी शाह बंगाल के दौरे पर थे और उन्होंने ताबड़तोड़ तीन रोड शो और तीन रैलियां की थी।

CM योगी आदित्यनाथ हुए बेहद सख्त, बोले- अब फील्ड में उतरें सभी अफसर

लखनऊ ( अभिषेक द्विवेदी,  विशेष संवाददाता ऊँ टाइम्स) अप्रैल माह में कोरोना वायरस के उत्तर प्रदेश में छह गुना बढऩे के कारण 24-25 शहरों में नाइट कर्फ्यू के बाद भी मामला नियंत्रित होता न देख सीएम योगी आदित्यनाथ मैदान में उतर पड़े।  वाराणसी, प्रयागराज गोरखपुर व लखनऊ का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद उन्होंने सीनियर पीसीएस अफसरों के साथ अपने कैबिनेट मंत्रियों को भी जिलों की मानिटरिंग पर लगाया। अब सभी अफसरों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के निर्देश पर रविवार को सर्वदलीय बैठक के बाद सोमवार को सुबह अपनी कोर टीम(टीम-11) के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब फुल एक्शन मोड में हैं। उन्होंने बैठक में कोरोना वायरस की तेजी से बढ़ती गति पर लगाम लगाने की खातिर सभी अफसरों को अफसरों को फील्ड में जाने के साथ ही अस्पतालों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने सभी जिलों में नाइट कर्फ्यूको सख्ती से लागू करवाने का निर्देश भी दिया।  प्रदेश में लगातार बढ़ते एक्टिव केस बेहद डराने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने अब हर दिन डेढ़ लाख से ज्यादा टेस्ट करने के साथ ही एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों की विशेष निगरानी रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही प्रदेश में हाइ-वे पर टोल प्लाजा पर भी टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराएं। टेस्ट के लिए ट्रूनेट मशीनों का उपयोग किया जाए। इनमें से 70 प्रतिशत टेस्ट आरटी-पीसीआर के माध्यम से हो। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फील्ड पर उतरने वाले अफसर सभी जगह पर कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाएं। बिना मास्क के मिलने वाले हर शख्स पर बड़ा जुर्माना करें। नवरात्र और रमजान को लेकर प्रदेश भर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्रदेशभर के सभी धर्म स्थलों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिया कि सर्वाधिक संक्रमित लखनऊ में हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और मेयो मेडिकल सेंटर में कोविड बेड बढ़ाएं। इसी तरह अन्य निजी मेडिकल कॉलेजों में भी कोविड बेड्स स्थापित करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ कैंसर अस्पताल को भी डेडीकेटेड कोविड हॉस्पिटल में परिवॢतत करें। गांवों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग की व्यवस्था को उपलब्ध कराएं। 

शनिवार, 10 अप्रैल 2021

मतदान के बीच हिंसक झड़प,लाठी चार्च, 4 की मौत, कई घायल, तनाव का माहौल

कोलकाता (ऊँ टाइम्स) कूचबिहार जिला के अंतर्गत शीतलकूची विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 5/12 6 पर सुबह साढ़े दस बजे भाजपा-तृणमूल समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई।इसे देखते हुए केंद्रीय वाहिनी ने ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया। आरोप है कि केंद्रीय वाहिनी की गोली से चार तृणमूल समर्थक की घटनास्थल पर मौत हो गई। फिलहाल इस बूथ पर मतदान रोक दिया गया है। इलाके में तनाव का माहौल है, तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन के महासचिव अलीजर रहमान ने बताया कि भाजपा और केंद्रीय वाहिनी ने मिलकर हमारे कार्यकर्ताओं को गोली मारी हैं ।चुनाव आयोग से हमने इसकी शिकायत की है।   हुगली से भाजपा सांसद व चुंचुरा से पार्टी प्रत्याशी लॉकेट चटर्जी की गाड़ी पर भी हमला किया गया है। लॉकेट का आरोप है कि उनकी गाड़ी पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने पथराव किया। इसमें उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया है। लॉकेट का कहना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 66 नंबर बूथ पर छप्पा वोट पड़ने की शिकायत मिलने पर वह वहां देखने गई थी इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया। हावड़ा के उललबेरिया में भाजपा समर्थक का फंदे से झूलता शव उसके घर से बरामद हुआ है। 

 भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने गाड़ी पर हुुुए हमले को लेकर चुनाव आयोग के एक अधिकारी से फोन पर बात की, उनका कहना है कि हुगली के पोलिंग बूथ नंबर 6 पर स्थानीय लोगों द्वारा उन पर हमला किया गया है। उन्‍होंने बताया कि वहां मौजूद पत्रकारों पर भी हमला किया गया है जिससे उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्‍त हो गई है। लॉकेट चटर्जी ने अतिरिक्त बल यहां भेजने की भी मांग की है।

 हुगली में मीडिया के वाहनों पर भी हमला किया गया है। जिससे वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्‍त  हो गए हैं।    

कूचबिहार में मतदान करने आये युवक को मारी गोली - कूचबिहार के सीतलकूची में मतदान के लिए लाइन में लगे 18 वर्ष के एक नवयुवक आनंद बर्मन की गोली लगने से मौत हो गई है। मृतक के परिजनों ने हत्‍या का आरोप तृणमूल पर लगाया है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार आनंद भाजपा समर्थक था।  

कूचबिहार जिले की दिनहाटा विधानसभा सीट के भेटागुड़ी  इलाके में मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप भी भाजपा पर लगा है। मतदान करने आये लोगों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया, उन्होंने केंद्रीय बलों पर निष्क्रिय रहने का भी आरोप लगाया है। तृणमूल कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को मारने-पीटने और उसकी मोटरसाइकिल में आग लगा देने की भी घटना सामने आई है।  

बंगाल में मतदान के साथ अलग अलग पोलिंग बूथ से लगातार हिंसा की खबरें सामने आ रही है। ताजा मिली जानकारी के अनुसारा जादवपुर विधानसभा केंद्र के गांगुलीबगान इलाके के एक बूथ में माकपा के पोलिंग एजेंट की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका गया। आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगा है। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के दौरान टॉलीगंज के एक बूथ में भाजपा के पोलिंग एजेंट को प्रवेश करने से रोकने पर केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के हस्तक्षेप के बाद प्रवेश करने की अनुमति दी गई।  मतदान केंद्र गांधी कॉलोनी भारती बालिका विद्यालय में भाजपा के पोलिंग एजेंट को शुरू में स्टेशन के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा, भाजपा सांसद और टॉलीगंज विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार सुप्रियो वहां पहुंचे और एजेंट को अनुमति दिलवायी।  

 गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में आज सुबह 7 बजे से चौथे चरण का मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्‍य के पांच जिलों कूच बिहार, अलीपुरद्वार, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और हुगली के 44 निर्वाचन क्षेत्रों के 373 उम्मीदवारों मैदान में हैं।  ज्ञात हो कि  44 निर्वाचन क्षेत्रों में, हावड़ा में  नौ सीट , हुगली में  10 सीट,  दक्षिण 24 परगना में 11 सीट, अलीपुरद्वार में पांच सीट और  कूच बिहार में नौ सीट हैं। 

शुक्रवार, 9 अप्रैल 2021

थानेदार को घेरकर अपराधियाें ने ताबड़तोड़ चलाईं गोलियां : OmTimes

पटना (ऊँ टाइम्स)  बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज के एक थानेदार को ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्‍या कर दी गई है। किशनगंज नगर थाने के थानेदार अश्‍व‍िनी कुमार अपनी टीम के साथ एक लूट कांड के मामले में छापेमारी करने गए थे। उन्‍हें पता चला था कि अपराधियों का कनेक्‍शन सीमावर्ती पश्चिम बंगाल के क्षेत्र से जुड़ा है। इसके बाद उन्‍होंने पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी दिनाजपुर जिले के पांजीपाड़ा थाने को सूचना देने के बाद छापेमारी शुरू की। इसी दौरान पंजीपाड़ा थाने के पनतापाड़ा गांव में भीड़ ने अपराधियों के बचाव में पुलिस पर हमला कर दिया। आरोप है कि पश्चिम बंगाल की पुलिस ने सूचना के बावजूद बिहार पुलिस की टीम को कोई सहयोग नहीं किया।

भीड़ के इरादे देख सहम गए बाकी पुलिसकर्मी- किशनगंज के थानेदार की हत्‍या शनिवार की अल सुबह करीब चार बजे की गई। बताया जा रहा है कि थानाध्‍यक्ष को कई गोलियां लगी हैं। बताया जा रहा है कि थानेदार के शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए पश्‍चि‍म बंगाल के ही इस्लामपुर ले जाया गया है। किशनगंज एसपी कुमार आशीष और पूर्णिया आइजी सुरेश चौधरी  मौके पर कैंप कर रहे हैं।

सर्किल इंस्‍पेक्‍टर ने किसी तरह बचाई अपनी जान- इस दौरान उनके साथ थाने की पूरी टीम थी, लेकिन बाकी पुलिसकर्मी रात के अंधेरे में भीड़ की आक्रामकता देखकर अपनी जान बचाने में लग गए। सर्किल इंस्‍पेक्‍टर मनीष कुमार भी छापेमारी दल में शामिल थे। उन्‍होंने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। अपराधियों ने पुलिस को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं।

आइजी खुद ले रहे पूरे मामले की जानकारी- पूर्णिया रेंज के आइजी सुरेश चौधरी ने बताया कि एक लूट कांड मामले में पुलिस छापेमारी करने सीमावर्ती पांजीपड़ा (पश्चिम बंगाल) गई थी। उन्‍होंने बताया कि भीड़ द्वारा घेरकर थानाध्यक्ष की हत्या कर दी गई। सुबह 4 बजे के आसपास की घटना है। इस्लामपुर अस्पताल में पोस्टमाॅर्टम कराया जा रहा है। आइजी ने बताया कि उनके साथ किशनगंज एसपी और पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी दिनाजपुर के एसपी भी मौजूद हैं। आइजी ने कहा कि यह वारदात मॉब लिंचिंग जैसी है।

केंद्रीय गृह मंत्री से हस्‍तक्षेप की मांग- बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन ने इस वारदात की कड़ी निंदा की है। पुलिस मेंस एसोसिशन का कहना है कि पश्चिम बंगाल पुलिस के असहयोग के कारण ही बिहार के जांबाज इंस्‍पेक्‍टर की जान गई है। अगर बंगाल की पुलिस समय पर बैकअप देने के लिए पहुंचती तो शायद ऐसा नहीं होता। एसोसिएशन के अध्‍यक्ष मृत्‍युंजय कुमार सिंह ने कहा कि बंगाल में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। बिहार के इंस्‍पेक्‍टर ने बंगाल की पुलिस से बैकअप मांगा था, लेकिन वहां की पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया।

भाजपा सांसद ने बंगाल की सरकार पर बोला हमला -  इस मामले को लेकर भाजपा के पाटलिपुत्र सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने पश्चिम बंगाल सरकार और वहां के प्रशासन पर हमला बोला है। उन्‍होंने कहा है कि यह घटना बंगाल में कानून-व्‍यवस्‍था की स्थिति को उजागर करने के लिए काफी है। वहां पूरी तरह गुंडों का राज है। जदयू के विधान पार्षद गुलाम गौस ने बिहार और पश्चिम बंगाल की सरकार को मिलकर कार्रवाई करने की बात कही है।

गुरुवार, 8 अप्रैल 2021

लखनऊ में 16 अप्रैल तक लगा रात्रि कर्फ्यू , आवश्यक सेवाओं में पर‍िचय पत्र ही है पास, जान‍िए क्‍या है गाइड लाइन

लखनऊ (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण के कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने भी नाइट कफ्र्यू का कदम उठाया है। प्रदेश के हालात की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि जिन जिलों में प्रतिदिन सौ से अधिक मामले आ रहे हैं या 500 से अधिक सक्रिय मामले हैं, वहां नाइट कफ्र्यू लगाया जाए और माध्यमिक स्कूल बंद क‍िए जाए। इसके ल‍िए डीएम-एसपी आपसी समन्वय से फैसला ले सकते हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लखनऊ के डीएम अभ‍िषेक प्रकाश ने गाइडलाइन जारी किया है। आठ अप्रैल की रात से लखनऊ में लागू नाइट कफ्र्यू शुरू हो जाएगा। यह प्रत‍िबंंध 16 अप्रैल सुबह छह बजे तक प्रत‍िबंध प्रभावी रहेगा। 

रात्रि कर्फ्यू की ये है गाइड लाइन - समस्‍त आवश्‍यक सेवाएं जैसे स्‍वास्‍थ्‍य, च‍िक‍ित्‍सकीय सेवा, दवाएं, सब्‍जी, फल दूध, रसाोई गैस, सीएनजी की आपूर्त‍ि पूर्व की भांत‍ि चलती रहेगी। इन सेवाओं से जुड़े लोग, कोरोना वॉर‍ियर, स्‍वच्‍छताकर्मी व डोर स्‍टेल ड‍िलीवरी से जुड़े व्‍यक्‍त‍ियों के ड्यूटी संबंधी आवागमन पर प्रत‍िबंध नहीं होगा। उनका पर‍िचय पत्र पास की भांत‍ि मान्‍य होगा।  एयरपोर्ट, रेलवे स्‍टेशन तथा बस स्‍टैंड पर आने-जाने वाले यात्र‍ियों के आवागमन पर प्रत‍िबंध नहीं होगा। रेल/बस अथवा फ्लाइट का ट‍िकट यात्रा पास की भांत‍ि मान्‍य होगा। तथा यात्र‍ियों के ल‍िए ट‍िकट को अन‍िवर्य रूप से साथ रखना होगा। चेक‍िंंग के दौरान मांगे जाने पर द‍िखाना होगा। समस्‍त प्रकार के माल वाहनों के आवागमन में कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। राष्‍ट्रीय एवं राज्‍यमार्गों पर पर‍िवहन जारी रहेगा। पेट्रोल पंप एवं सीएनजी स्‍टेशन पूर्ववत खुले रहेंगे। सफाई एवं स्‍वच्‍छता, स्‍वच्‍छ पेयजल आपूर्त‍ि, व‍िद्युत प्रबंधन, रेलवे, रोडवेज, मेट्रो इत्‍याद‍ि सेवाओं से संबंध‍ित अध‍िकारी/कर्मचारी ड्यूटी संबंध‍ित आवागमन  के ल‍िए इन प्रत‍िबंधों से मुक्‍त रहेंगे तथा इनका पर‍िचय पत्र पास की भांत‍ि मान्‍य होगा।  सभी वृहद न‍िर्माण कार्य जैसे एक्‍सप्रेस वे, बडे पुल एवं सड़क, लोक न‍िर्माण व‍िभाग के न‍िर्माण कार्य सरकारी  भवन तथा न‍िजी प्रोजेक्‍ट जारी रहेंगे।  मंडी से होने वाला थोक व्‍यापार अपने न‍िर्धार‍ित समय  अथवा मंडी पर‍िषद द्वारा न‍ियम समय के अनुसार संचाल‍ित होता रहेगा। फल-सब्‍जी खरीद, ब‍िक्री संबंधी आवागमन प्रत‍िबंधों से मुक्‍त होगा।  आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की रात्र‍ि प्रसारण सेवाएं, अन्‍य सरकारी अथवा गैर सरकारी मीड‍िया एवं न्‍यूज र‍िपोर्ट‍िंंग संस्‍थान तथा संबंध‍ित कार्यालय के रात्र‍िकालीन कर्मी अपने उक्‍त कार्यों के ल‍िए प्रत‍िबंध से मुक्‍त रहेंगे। इनका पर‍िचय पत्र पास की भांत‍ि मान्‍य होगा।  अन्‍य आवश्‍यक सेवाओं, सुरक्षा सेवाओं जैसे स‍िक्‍योर‍िटी गार्ड, एटीएम, टेलीकॉक मेंटेनेंस, आपातकालीन मेंटेनेंस सेवा प्रदाता इलेक्‍ट्र‍िश‍ियन, प्‍लंबर, एसी र‍िपेयर आपाातकालीन सर्व‍िस के ल‍िए कारण बताने पर जाने द‍िए जाएंगे।    औद्योग‍िक कारखाने ज‍िनमें आइटी एवं आईटी इंबेल्‍ड सर्व‍िस से जुड़े उद्योग कोव‍िड 19 प्रोटोकॉल का कठोरता से अनुपालन सुन‍िश्‍च‍ित करते हुए चलते रहेंगे। इनके कर्म‍ियों को नाइट ड्यूटी के ल‍िए पर‍िचय पत्र द‍िखाने पर आवागमन की अनुमत‍ि दी जाएगी।

अब गाजियाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी लगा नाइट कर्फ्यू, जानिये इसकी टाइमिंग : OmTimes

नोएडा (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली और गाजियाबाद के बाद अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी नाइट कर्फ्यू लगाने का एलान हो चुका है। समूचे जिले में दिल्ली की तरह ही रात्रि कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। इस संबंध में जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बृहस्पतिवार दोपहर में स्वास्थ्य व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर रात्रि कर्फ्यू लगाने को लेकर फैसला लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगाया जाएगा। कुलमिलाकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा में दिल्ली की तर्ज पर ही नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। यह नाइट कर्फ्यू 17 अप्रैल की सुबह तक प्रभावी रहेगा।

दिल्ली में नाइट कर्फ्यू का टाइमिंग-  रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सामान्य गतिविधियां नहीं होंगी।  दिल्ली की तरह पर ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी नाइट कर्फ्यू लगाया गया है।  यहां पर भी दिल्ली की ही तरह रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू प्रभावी रहेगा। 

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का एलान किया गया है। यह लाइन कर्फ्यू शुक्रवार की रात से शुरू होगा। 

उधर, जिला सूचना अधिकारी के मुताबिक, गाजियाबाद जिले में कोविड-19 संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन का कड़ा रुख रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने 17 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। इसके तहत रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक गाजियाबाद में नाइट कर्फ्यू प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही जिले में सभी शिक्षण संस्थाएं, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर को आगामी 17 अप्रैल तक बंद करने के आदेश हैं। वहीं, जिन शिक्षण संस्थानों में परीक्षा अथवा प्रैक्टिकल चल रहे हैं, वह यथावत परीक्षा के दिन खुलेंगे। 

आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील 13 जिलों में संक्रमण की रोकथाम के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने निर्देश दिए थे कि जिन जिलों में प्रतिदिन मिलने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 100 पार हैं, वहां माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश के संबंध में जिलाधिकारी स्थानीय स्थिति के अनुरूप निर्णय लें। ऐसे जिलों में रात्रि में आवागमन नियंत्रित रखने के संबंध में भी समुचित निर्णय लिया जा रहा है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में आवश्यक सामग्री जैसे दवा, खाद्यान्न आदि के आवागमन को बाधित न किया जाए।

करोड़ों कीमत की जमीन को कौड़ियों के भाव खरीदते थे मुख्तार के लोग : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पश्चिमी यूपी के जरायम की दुनियां में मुख्तार अंसारी के गुर्गों का कोई सानी नहीं था। यदि किसी कीमती जमीनों पर उनकी नजर पड़ जाए तो वो उसको साम, दाम, दंड, भेद सब अपनाकर अन्ततः हासिल कर ही लेते थे। करोड़ों की जमीन को जबरन बेचने के लिए कहा जाता था।  यदि सामने वाला बेचने के लिए राजी न हो तो उसे घर से उठाकर ले जा कर कागजों पर साइन करवा लेते थे। मुख्तार के इस काले कारोबार में दिल्ली के भी कुछ शातिर बदमाश शामिल थे। ये लोग दिल्ली में भी इसी तरह से जमीन को कम दाम में खरीदने और कब्जा करने में मुख्तार के नाम का इस्तेमाल करते थे।  और तो और साइन करवाने के बाद जमीन के एवज में जो चेक दिया जाता था वो बाउंस हो जाता था। एक बार बाउंस होने के बाद यदि जमीन बेचने वाला दुबारा से चेक मांगने की हिम्मत कर पाता तो उसे वो भी दिया जाता। मगर गुर्गे चेक को फिर से बाउंस करा देते। तीसरी बार चेक मांगने पर पिस्टल लगा दी जाती थी, साथ ही गुंडा टैक्स भी मांगा जाता था।  बनारस में ऐसा ही एक मामला सामने आया था जिसमें पीड़ित ने हिम्मत करके थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, ये मामला भी एक समय सुर्खियों में था। अब जब मुख्तार अंसारी वापस यूपी की बांदा जेल में पहुंच गया है तो इस तरह के तमाम मामलों को खुलने की उम्मीद फिर से जगी है। साथ ही पीड़ितों को लग रहा है कि अब उनको न्याय मिल पाएगा।  बात साल 2016 की बनारस की है। इन दिनों ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। बनारस के रहने वाले आरिफ के अनुसार उसके पिता ने वर्ष 1962 में मौजा जोल्हा परगना देहात अमानत में एक बीघा जमीन खरीदी थी। पिता की मौत के बाद वह जमीन आरिफ और उसके दो अन्य भाईयों के नाम दर्ज हो गई। साल 2016 में मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों की नजर उस जमीन पर पड़ गई तो वो लोग आरिफ पर इस जमीन को बेचने का दबाव बनाने लगे।  जब काफी दबाव पड़ा तो आरिफ और उसका भाई इस जमीन को एक-एक करोड़ रुपये में बेचने के लिए तैयार हो गए थे। मुख्तार के गुर्गे इस जमीन के लिए इतना पैसे देने के लिए तैयार नहीं हुए फिर एक दिन साल 2016 में ही मुख्तार के लोग उन्हें और उसके भाई को घर से जबरन उठाकर कचहरी ले आए और वहां पहले से तैयार कागजात पर इन दोनों से साइन करवा लिए। इन लोगों ने कागजी खानापूर्ति के लिए दोनों भाइयों को 22 लाख 50 हजार के दो चेक दे दिए और कागज पूरे करवा लिए। जब इन दोनों भाइयों ने जमीन के लिए एक-एक करोड़ रुपये की मांग की तो गुर्गों ने जान से मारने की धमकी दे डाली।  अब जब दोनों भाइयों ने सब्र करते हुए इन दोनों चेकों को बैंक में डाला तो चेक बाउंस हो गए। फिर दोनों भाई परेशान हुए। काफी भागदौड़ करने के बाद इनको साल 2017 मार्च में फिर से चेक दिया गया। इस बार ये चेक भी बाउंस हो गया, अब जब तीसरी बार ये बाउंस चेक का पैसा मांगने मुख्तार के गुर्गों के पास गए तो इनको जान से मारने की धमकी दी गई। फिर इन्होंने पुलिस में शिकायत दी।  13 जनवरी 2021 को आरिफ सदर तहसील से अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विक्रम ब्रिज, अफजाल और दो अन्य ने पिस्टल सटा कर मुख्तार के नाम से 50 लाख रुपये का गुंडा टैक्स मांगा। इसी के साथ इन लोगों ने जमीन और बकाया पैसा भूल जाने की धमकी दी। इस तरह के कई मामले यूपी के थानों में दर्ज हैं जो अब खुलकर सामने आ रहे हैं।

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2021

काकोरी के पास दो हिस्सों में बटी सप्तक्रांति एक्सप्रेस, यात्रियों में मचा हड़कंप : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पास शुक्रवार रात बड़ा रेल हादसा टल गया। आनंद विहार से मुज्जफरपुर जा रही सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस 02558 दो हिस्सों में लखनऊ आने से पहले काकोरी के पास दो हिस्सों में बट गई। गार्ड की सूचना पर करीब एक किलोमीटर आधी ट्रेन लेकर आगे निकल चुके ड्राइवर ने ट्रेन रोकी। गार्ड ने जब घटना की सूचना से रेलवे कंट्रोल रूम को दी तो हड़कंप मच गया। तेज झटके के साथ ट्रेन अचानक रुकी तो यात्रियों में अफरातफरी मच गई। हालांकि किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना अभी नहीं है। देर रात तक ट्रेन की कपलिंग जोड़ने का काम चल रहा था।  उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संजय त्रिपाठी ने पूरी घटना के जांच के निर्देश दिए हैं। लखनऊ में ही ड्राइवर व गार्ड के बयान दर्ज किए जाने के बात डीआरएम ने बताई है। रेलवे अफसरों के मुताबिक सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस रात 10:45 बजे लखनऊ आती है। दस मिनट ठहराव के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर रवाना हो जाती है। परिचालन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि रात 9:42 बजे के आसपास सप्ताक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस के दो कोचों को जोड़ने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कपलिंग काकोरी पार होते ही खुल गई। ट्रेन में सामान्य कपलिंग लगी हुई थी।  सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के साथ इस हादसे कारण ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कुछ यात्रियों को लखनऊ में उतरना था और उनके परिजन चारबाग स्टेशन पर लेने भी आ गए थे, उसके बाद जब यात्रियों को फोन किया तो पूरी स्थिति से सफर कर रहे यात्रियों ने अवगत कराया। हालांकि कपिलंग खुलने से कोई यात्री चोटिल नहीं हुआ है। वहीं यात्रियों ने आरोप लगाया कि ट्रेन चलने से पहले अगर कोचों को जोड़ने में इस्तेमाल होने वाली कपलिंग की जांच कर ली जाती तो यह घटना न होती

अमेरिकी संसद भवन के सामने कार ने पुलिस अधिकारियों को कुचला, पुलिस ने चालक को मारी गोली : OmTimes

वाशिंगटन  (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के कैपिटल हिल परिसर में शुक्रवार को दोपहर उस वक्‍त हड़कंप मच गया जब एक कार ने बैरिकेड को टक्कर मारते हुए दो पुलिस अधिकारियों को रौंद दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसमें से एक अधिकारी की मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस की ओर से चलाई गई गोली से कार चालक भी घायल हो गया जिसकी बाद में मौत हो गई।  बताया जाता है कि यह घटना कैपिटल के पास एक जांच चौकी पर हुई। अमेरिकी कैपिटल (संसद भवन) के बाहर बैरीकेड को टक्कर मारते हुए अधिकारियों को कुचलने के बाद कार का चालक चाकू लेकर बाहर निकला जिस पर पुलिस अधिकारियों ने उसे गोली मार दी। इस घटना में कैपिटल पुलिस के दो अधिकारी भी घायल हो गए जिनमें से एक की अस्पताल में मौत हो गई।  कैपिटल पुलिस ने बताया कि यह घटना कैपिटल के पास चेक प्वाइंट के पास हुई जो सीनेट की तरफ की इमारत के प्रवेश द्वार से करीब 90 मीटर की दूरी पर है। फिलहाल कांग्रेस (संसद) का अवकाश चल रहा है। यह घटना उस वाकये के करीब तीन महीने बाद हुई है जब पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की समर्थक सशस्त्र भीड़ ने कैपिटल पर धावा बोल दिया था। अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि संदिग्ध कार चालक हाथ में चाकू लेकर बाहर निकला और दो अधिकारियों की ओर दौड़ने लगा।  उसने एक पुलिस अधिकारी पर चाकू से वार कर दिया जिस पर अधिकारियों ने उसे गोली मार दी। बाद में संदिग्ध की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने मृत अधिकारी या संदिग्ध कार चालक की पहचान उजागर नहीं की है। साथ ही कहा कि यह घटना आतंकवाद से जुड़ी हुई प्रतीत नहीं होती है। इसके अलावा इसका छह जनवरी की हिंसा से भी कोई जुड़ाव दिखाई नहीं दे रहा है।  घटना के बाद कैपिटल परिसर में लाकडाउन कर दिया गया और कर्मचारियों के बाहर या अंदर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। बता दें कि इस इलाके के नजदीक वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लगाई गई फेंसिंग को हाल ही में हटा दिया गया था क्योंकि छह जनवरी की हिंसा के बाद कैपिटल में कामकाज शुरू हो गया है

राकेश टिकैत पर हुए हमले के बाद दिल्ली के बॉर्डरों पर किसान हुए उग्र, टैक्टर ट्रॉली लेकर मार्ग में लगाया जाम : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भाकियू नेता राकेश टिकैत की गाड़ी पर राजस्थान के अलवर में हुए हमले के विरोध में शुक्रवार देर दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर बैठे किसान आक्रोशित हो गए। सबसे पहले गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने जाम लगा दिया। वहीं इसके कुछ समय बाद ही शाम को कुंडली बार्डर पर बैठे आंदोलनकारियों ने केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस-वे को जाम कर दिया। रात होते होते चिल्ला बॉर्डर पर किसानों ने भी जाम लगा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। केएमपी पर हालांकि, करीब 20 मिनट बाद ही संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने आंदोलनकारियों को वहां से वापस बुला लिया और इसके बारे में बाद में बैठक कर कोई निर्णय लेने की बात कही। दूसरी ओर, राकेश टिकैत ने भी संदेश जारी कर आंदोलनकारियों को शांत रहने को कहा है।

कहां हुआ है हमला -  राजस्थान के अलवर जिले में शुक्रवार को राकेश टिकैत की गाड़ी पर हमला हो गया था। इसकी सूचना कुंडली बार्डर पर बैठे आंदोलनकारियों तक पहुंची तो वे आक्रोशित हो गए और शाम करीब पौने सात बजे ट्रैक्टर लेकर कुंडली के पास केएमपी पर चढ़ गए और जाम लगा दिया। अचानक जाम लगाने से केएमपी पर वाहनों की कतार लग गई।

इधर साहिबाबाद के नगमानिगार के अनुसार तीनों कृषि कानूनों के विरोध में 28 नवंबर से यूपी गेट पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ की दिल्ली से आने वाली लेन को बंद कर दिया। उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर राजस्थान के अलवर जिले में हमला होने का आरोप लगाया। उन्हें सुरक्षा देने की मांग की। करीब एक घंटे बाद प्रदर्शनकारियों ने यह रास्ता खोला। इस दौरान लंबा जाम लग गया। राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है! 

यूपी गेट पर दिल्ली जाने वाली सभी लेन बंद हैं। सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ की दिल्ली से आने वाली लेन खुली है। शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे प्रदर्शनकारियों ने इस लेन को भी बंद कर दिया। उन्होंने राकेश टिकैत पर हमला होने का आरोप लगाया। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर अपर जिलाधिकारी नगर शैलेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रेस प्रभारी शमशेर राणा ने बताया कि अधिकारियों ने राकेश टिकैत को सुरक्षा देने का आश्वासन दिया। उसके बाद शाम साढ़े छह बजे दिल्ली से आने वाली लेन खोल दी गई। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा गाजीपुर के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार आंदोलन को कुचलना चाहती है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।

अचानक हाईवे बंद हो जाने से फ्लाईओवर पर भयंकर जाम लग गया। वाहन चालक फंस गए। इस दौरान हादसे की भी संभावना बनी। दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर से ही रूट डायवर्जन कर दिया। वाहनों को अन्य सीमाओं से गुजारा गया। इसका दुष्प्रभाव यह रहा कि खोड़ा, ईडीएम माल सीमा पर भी जाम लग गया। 

किसानों के धरने पर बैठने के चलते नोएडा-दिल्ली (चिल्ला मार्ग) पूरी तरह से बंद है। नोएडा यातायात पुलिस को मार्ग पर डायवर्जन लागू करना पड़ा है। सेक्टर-14ए नोएडा-दिल्ली लिंक रोड होते हुए दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को डीएनडी के रास्ते अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ रहा है। वहीं, दिल्ली से आने वाले रास्ता भी बंद है। इससे डीएनडी टोल से फिल्म सिटी फ्लाईओवर तक जाम लगा है। वाहन चालकों को परेशान की सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक जाम सेक्टर-95 स्थित महामाया फ्लाईओवर व फिल्म सिटी के पास लगा है। वहीं, चिल्ला मार्ग बंद होने से कालिंदी कुंज पर भी यातायात का दबाव बढ़ा है। वहीं, धरने पर बैठे किसान नेताओं को उठाने के लिए नोएडा पुलिस की ओर से प्रयास किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि किसान नेताओं से बातचीत चल रही है। कुछ ही देर में रास्ते को खुलवा लिया जाएगा।