शुक्रवार, 12 मार्च 2021

जाली नोट का नेटवर्क बैंक दलालों और फेंचायजी / कमीशन वाले ग्राहक सेवा केन्द्रों से जुड़े होने की है आशंका

सिद्धार्थनगर / नई दिल्ली ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  जाली नोट और ब्लैक मनी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सरकार ने पुराने नोटों को बन्द करने तक का कार्य किया,  लेकिन जाली नोट मेकर एवं इसके नेटवर्क माफिया अभी भी सक्रिय लग रहे हैं,  जिसका जीता जागता सबूत है,  कुछ ही महीनों में कई जगहों पर जाली नोट का पकड़ा जाना ! इन जाली नोटों के कारोबारियों का नेटवर्क नवधनाढ्यों और मिनी बैंकों  के साथ ठीकेदारों/दलालों ही नहीं बैंक कर्मचारियों से भी जुड़ा हो सकता है, जिसपर पर्दा डालने के लिए कुछ प्रशासनिक सेवा से सम्बन्धित लोग अहम भूमिका भी निभाते होंगे! आप को बतादेंकि यूपी का सिद्धार्थनगर जिला भी इससे अछूता नहीं है, यहाँ  के डुमरियागंज में तो जाली नोट माफिया बैंक के कैसचेष्ठ तक का उपयोग कर चुके हैं, बैंक वालों को मिला कर, या ब्लैकमेल करके ! नये नोटों के प्रचलन में आने के बाद पुन: जाली नोटों का बरामद होना कोई हल्का मामला नहीं है, इस लिए सरकार को चाहिए कि इस मुद्दे को गंभीरता से ले, क्योंकि यूपी के पंचायती चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए माफिया जाली नोट का उपयोग करने से शायद न चूके! जाली नोट माफियाओं को पकडने के लिए बैंकों की निगरानी के साथ साथ बैंक दलालों और मिनी बैंकों तथा ग्राहक सेवा केन्द्रों पर विशेष ध्यान देना होगा!