रविवार, 28 मार्च 2021

प्रधान मंत्री मोदी और राष्ट्रपति ने दिया होली की शुभकामनाएं : OmTimes

 नई दिल्ली/सिद्धार्थनगर (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  देशभर में आज यानी 29 मार्च को होली का त्योहार मनाया जा रहा है। सुबह से ही लोग इस रंगों के त्योहार को मनाने के लिए घर से बाहर निकलना शुरू हो गए हैं। हालांकि, इस बार कोविड को लेकर काफी जगहों पर सख्ती है। होली की इस मौके पर राष्ट्रपति से लेकर पीएम व अन्य कई नेताओं ने बधाई दिया है। 

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा, 'होली पर देशवासियों को शुभकामनाएं। रंगों का त्‍योहार होली, सामाजिक सौहार्द का पर्व है और जीवन में खुशी, उत्‍साह, आशा का संचार करता है। मेरी कामना है कि उमंग और उल्‍लास का यह पर्व हमारी सांस्‍कृतिक विविधता में निहित राष्‍ट्रीय चेतना को और शक्ति प्रदान करे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देशवासियों को होली के शुभ अवसर पर शुभकामनाएं दीं और कामना की कि त्योहार लोगों के जीवन में 'नई शक्ति और ऊर्जा' का संचार करे। 

पीएम मोदी ने कहा, 'आप सभी को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं। आनंद, उमंग, हर्ष और उल्लास का यह त्योहार हर किसी के जीवन में नए जोश और नई ऊर्जा का संचार करे।'

गृह मत्री अमित शाह ने भी होली की बधाई देते हुए कहा, 'रंग-उमंग, एकता और सद्भावना का यह महापर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य लाए।'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा , 'होली के पर्व पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। रंगो का यह त्योहार आप सभी के जीवन में हर्ष और उल्लास के साथ साथ उत्तम स्वास्थ्य एवं समृद्धि लेकर आए।'

 यूपी के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा 'होली के पर्व पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ" !   जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर सहित मुख्य विकास अधिकारी सिद्धार्थनगर ने भी कहा - होली पर्व की सभी को हार्दिक शुभ कामना !  आप को बता दें कि भले ही होली मुख्यरूप से हिंदू त्योहार है, लेकिन यह अन्य धर्मों के लोगों द्वारा भी मनाया जाता है। यह देश में वसंत फसल के मौसम के आगमन का प्रतीक है। लोग 'होली है' बोलते हुए रंग व एक दूसरे को मिठाइयां खिलाते हैं। साथ ही पानी के साथ होली खेलते हैं। हालांकि, COVID-19 मामलों में हालिया उछाल के बीच देश भर के अधिकांश राज्यों में सार्वजनिक उत्सव की मनाही है।

पहली बार एक दिन में 300 से ज्यादा की हुई मौतें, महाराष्‍ट्र में लॉकडाउन के संकेत : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी की दूसरी लहर थमती नजर नहीं आ रही है। संक्रमण के नए मामलों के साथ ही दैनिक मौतों का आंकड़ा भी बढ़ते जा रहा है। इस साल पहली बार एक दिन में महामारी की वजह से तीन सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो हुई है, जबकि 63 हजार से ज्यादा नए केस भी पाए गए हैं। सक्रिय मामलों में लगातार 18वें दिन भी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं महाराष्ट्र में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के बीच रविवार को मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन लगाने के संकेत दिए।

.....तो लगा देंगे फिर लॉकडाउन

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वरिष्ठ अधिकारियों और कोविड टास्क फोर्स के साथ बैठक में कहा कि यदि लोग कोरोना से संबंधित नियमों का उल्लंघन करना जारी रखते हैं तो लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों के लिए तैयार रहें। सरकार ने कोरोना संबंधी सभी पाबंदियों को 15 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। नए निर्देशों में कहा गया है कि मुंबई में जिस रिहायशी सोसाइटी में पांच या उससे अधिक संक्रमित पाए जाएंगे उसे सील कर दिया जाएगा।

टास्क फोर्स ने जताई है यह आशंका - इस बैठक में टास्क फोर्स के सदस्यों ने आशंका जताई कि राज्य में अगले 24 घंटों के दौरान 40 हजार से ज्यादा नए मामले मिल सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि इसे देखते हुए टास्क फोर्स ने लॉकडाउन जैसी सख्त पाबंदियां लगाने का सुझाव दिया है। वहीं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अधिकारियों से लॉकडाउन की ऐसी योजना बनाने को कहा है जिससे अर्थव्यवस्था पर कम से कम प्रभाव पड़े। 

महाराष्‍ट्र में धारा-144 हुआ लागू - महाराष्‍ट्र में शनिवार रात से थिएटरों को बंद कर दिया गया है। सार्वजनिक स्थल पर बिना मास्क पाए जाने पर अब 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यही नहीं मॉल, रेस्तरां, बीच और गार्डन रात आठ से सुबह सात बजे तक बंद रहेंगे। इस दौरान इन जगहों पर किसी भी व्‍यक्ति के पाए जाने पर उस पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। महाराष्‍ट्र में रविवार रात से धारा-144 लगा दी गई।

महाराष्ट्र में है संक्रमण की दर सबसे ज्यादा 22.78 फीसद - आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संक्रमण की दर राष्ट्रीय औसत दर (5.04 प्रतिशत) से ज्यादा है। इनमें से भी महाराष्ट्र में संक्रमण की दर सबसे ज्यादा 22.78 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय औसत से ज्यादा संक्रमण की दर चंडीगढ़ (11.85 प्रतिशत), पंजाब (8.45 प्रतिशत), गोवा (7.03 फीसद), पुडुचेरी (6.85 प्रतिशत), छत्तीसगढ़ (6.79 फीसद), मध्य प्रदेश (6.65 प्रतिशत) और हरियाणा (5.41 प्रतिशत) में है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के मुताबिक सक्रिय मामलों में लगातार 18 दिनों से बढ़ रहे हैं। इस समय इनकी कुल संख्या 4,86,310 हो गई है, जो कुल संक्रमितों का 4.06 प्रतिशत है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 3.04 लाख सक्रिय मामले हैं।

प्रधान मंत्री मोदी ने कहा - 'दवाई भी, कड़ाई भी' के मंत्र का करें पालन -  प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने मन की बात कार्यक्रम में कोरोना को लेकर पिछले साल इसी महीने में लगाए गए जनता कर्फ्यू की याद दिलाई। उन्होंने इसे अनुशासन का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। कहा कि आने वाले पीढि़यां इस पर गर्व करेंगी। कोरोना के बढ़ते हुए मामले को देखते हुए उन्होंने कहा कि सभी को 'दवाई भी, कड़ाई भी' के मंत्र का पालन करना होगा। पीएम मोदी ने अपनी बारी आने पर कोविड वैक्सीन लगवाने की अपील की। 

इन शहरों में लगा लॉकडाउन - महाराष्ट्र के औरंगाबाद में लॉकडाउन लगाया गया है जो 30 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा। वहीं नागपुर में 31 मार्च तक लॉकडाउन लगाया गया है। महाराष्ट्र में रविवार रात से धारा-144 लगाई गई है। मध्य प्रदेश के विदिशा, उज्जैन, ग्वालियर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा के सौंसर में हर रविवार को लॉकडाउन का फैसला किया गया है। वहीं महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई इलाकों में नाइट कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। 

मंत्रालय के मुताबिक 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रति 10 लाख आबादी पर जांच राष्ट्रीय औसत (1,74,602) से कम है। इन राज्यों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।

सात राज्यों में 81 फीसद से ज्यादा नए केस - देश के सात राज्यों में महामारी की स्थिति ज्यादा खराब है। ये राज्य हैं-महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु। बीते 24 घंटों के दौरान पाए गए कुल नए संक्रमितों में से 81.46 फीसद इन्हीं राज्यों से हैं।

संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ 19 लाख से भी आगे निकल गया है -  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रविवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान 62,714 नए मामले मिले और संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ 19 लाख 71 हजार को पार कर गया। इससे पहले पिछले साल 16 अक्टूबर को इससे ज्यादा 63,371 केस पाए गए थे। इस दौरान 312 लोगों की मौत भी हुई है। 25 दिसंबर, 2020 को इससे ज्यादा 336 मौतें हुई थीं।

अब तक एक लाख 61 हजार से ज्‍यादा की हुई मौतें -  मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1,61,6552 हो गया है। 28,739 लोग पूरी तरह से संक्रमण मुक्त भी हुए हैं और इसके साथ ही अब तक पूरी तरह से ठीक हो चुके मरीजों की संख्या एक करोड़ 13 लाख 23 हजार से ज्यादा हो गई है। मरीजों के उबरने की दर घटकर 94.58 फीसद पर आ गई है और मृत्युदर 1.35 फीसद है।

शनिवार को 11.81 लाख लोगों का हुआ टेस्ट - भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक कोरोना संक्रमण के पता लगाने के लिए शनिवार को देश भर में 11,81,289 नमूनों की जांच की गई। इनको मिलाकर 27 मार्च तक कुल 24.09 करोड़ नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।

इन 14 राज्यों में 24 घंटों में कोई मौत नहीं -  देश के 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना महामारी के चलते किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। इन राज्यों में राजस्थान, आंध्र प्रदेश, असम, लक्षद्वीप, लद्दाख, दादरा एवं नगर हवेली एवं दमन और दीव, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।

भाजपा के एक विधायक ने उद्धव सरकार को हिंदू विरोधी बताया -  महाराष्ट्र के भाजपा विधायक राम कदम ने राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार को हिंदू विरोधी बताया है। कोरोना के चलते होलिका दहन पर लगाई गई पाबंदियों के चलते उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए यह आरोप लगाया। कदम ने ट्वीट किया, 'ठाकरे सरकार के मुताबिक आप घर के बाहर होलिका नहीं जला सकते। अगर आप ऐसा करते हुए पाए जाते हैं तो पुलिस आपके खिलाफ कार्रवाई करेगी। अगर होलिका घर के बाहर नहीं जलाई जाएगी तो क्या घर के अंदर जलाई जाएगी? क्या उन्होंने (सरकार) होश खो दिया है? रंगों वाली होली खेलने पर लगाई गई पाबंदियां तो समझ में आती है, क्योंकि उसमें भीड़ ज्यादा होती है।' 

दुकान में घुस कर ट्रक ने डेढ़ दर्जन लोगों को कुचला, छह लोगों की हुई मौत, भीड़ ने किया थाने पर हमला : OmTimes

नालंदा (ऊँ टाइम्स)  इस जिले के एकंगरसराय प्रखंड के तेल्हाड़ा ताड़ पर इलाके में तेल्‍हाड़ा थाने के पास आज शाम में एक भयानक हादसा हो गया। सड़क किनारे फुटपाथी दुकानदारों को रौंदते हुए एक ट्रक बेकाबू होकर झोपड़ी में बने होटल में जा घुसा। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। वहीं 12 से अधिक लोग जख्‍मी हो गए हैं। घायलों का इलाज तेल्हाड़ा के एक निजी क्लिनिक में चल रहा है। हादसे के बाद ड्राइवर ने भागकर थाने में शरण लेकर जान बचाई। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल किया। पहले दुर्घघटनाग्रस्‍त ट्रक में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस पर पथराव कर दिया। नाराज लोगों ने घटनास्‍थल के पास स्थित तेल्‍हाड़ा थाना परिसर में खड़ी एक गाड़ी भी फूंक दी। घटना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी संवेदना जताई है। उन्‍होंने मृतकों के आश्रितों को आपदा राहत के तहत राशि और घायलों को इलाज की समुचित व्यवस्था का निर्देश दिया है। 

बताया जाता है कि घटनास्‍थल तेल्‍हाड़ा थाने के निकट है। तीन बजे  दिन में जहानाबाद की ओर से तेल्‍हाड़ा की ओर जा रहा ट्रक अचानक बेकाबू हो गया। फुटपाथी दुकानदारों को कुचलते हुए झोपड़ी में बनी मिठाई की दुकान में जा घुसा। इसके बाद चीख-पुकार मच गई। आधा दर्जन लोगों की मौत घटनास्‍थल पर ही हो गई। स्‍थानीय लोग दौड़े। होटल में फंसे 12 लोगों को तेल्‍हाड़ा के निजी क्‍लीनिकों में भर्ती कराया। इस बीच ट्र्रक का चालक भागकर थाने में घुस गया। 

घटना से  स्‍थानीय लोग भड़क उठे। लोगों ने सूचना पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव कर दिया। घटना में एकंगरसराय के दारोगा सिद्धधेश्‍वर राम समेत कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। इसके बाद लोगों ने ट्रक को आग के हवाले कर दिया। फिर, लोगों का हुजूम थाने में घुस गया और वहां खड़ी एक गाड़ी में आग लगा दी।

आक्रोशित भीड़ ने मीडिया पर भी हमला किया। उन्‍होंने घटना को कवर कर रहे एक एक प्रेस फोटोग्राफर की पिटाई कर दी। डीएम योगेंद्र सिंह और एसपी हरिप्रसाथ एस मौके पर पहुंचे। भीड़ तीन घंंटे से भी अधिक समय से हंगामा कर रही है।

मृतकों की हुई पहचान -

मृतकों की पहचान सब्‍जी विक्रेता केलाबीघा के झगरू, ताड़पर गांव के खेसारी लाल व चार अन्‍य हैं। घायलों में पान दुकानदार झुन्‍नू, फल दुकानदार शशि, मिठाई दुकानदार शंकर, संजय होटल के मालिक का भतीजा आदि शामिल हैं।  

शुक्रवार, 26 मार्च 2021

पंचायत चुनाव सम्बन्धी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से किया इनकार, , याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने को कहा : OmTimes

नई दिल्ली  (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण की फाइनल सूची जारी होने के साथ ही चार चरणों में चुनाव कराने की तारीखों के एेलान के बीच सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ा राहत दिया है। यूपी में सीतापुर के दिलीप कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में जाने को कहा है।  सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव के मामले में किसी भी प्रकार का दखल देने से इन्कार करने के साथ ही साथ याचिका दायर करने वाले को इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील दायर करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव के मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार को बड़ी राहत दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव के मामले में दखल देने से मना कर दिया । सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से मना करने के साथ याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाइकोर्ट जाने को कहा है।  मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की। ऐसे में पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं के निस्तारण पर सब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी थी। सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण को लेकर दाखिल सीतापुर जिले के दिलीप कुमार की 186 पन्ने की याचिका पर आज सुनवाई थी। याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने आरक्षण को लेकर जो आदेश दिया है उसे बदला जाये। इस याचिका में दिलीप कुमार ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि 1995 को ही आधार वर्ष मानकर इस चुनाव के लिए सीटों का आरक्षण किया जाये। उन्होंने कहा है कि सरकार ने फरवरी में ऐसा ही करने का शासनादेश जारी किया था। इसको लेकर आरक्षण हो भी गया था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और 2015 को आधार वर्ष मानकर सरकार को नये सिरे से आरक्षण के आदेश दे दिये। उत्तर प्रदेश सरकार ने इससे पहले ही बीते मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट अर्जी भी दाखिल की थी। इसमें कहा गया कि कोर्ट इस याचिका पर कोई भी निर्णय करने से पहले एक बार उनका पक्ष भी जरूर सुने। कैविएट याचिका में प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया कि जब पंचायत चुनाव को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा तब कोर्ट में सरकार का भी पक्ष सुना जाए।  इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कुछ दिन पहले ही पुरानी आरक्षण सूची पर रोक लगाते हुए 2015 के आधार पर चुनाव कराने को लेकर फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि वर्ष 2015 को आधार मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए। इसके पहले राज्य सरकार ने कहा कि वह वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से  जुड़ी याचिकाओं को लेकर सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी थीं।  

यूपी में पंचायत चुनाव का मतदान होगा 15 अप्रैल से, अधिसूचना हुआ जारी

लखनऊ (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में गांव की सरकार बनाने का इंतजार समाप्त हो गया है। प्रदेश में चार चरणों में 15 अप्रैल से मतदान होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को मतदान की तारीखों का एलान कर दिया है। पंचायतों के आरक्षण को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। सुनवाई से पहले ही निर्वाचन आयोग ने चुनाव की अधिसूचना जारी कर दिया है। इसी के साथ प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश में चार चरण में 15, 19, 26 तथा 29 अप्रैल को मतदान होगा। इसके बाद दो मई को होगी मतों की गणना होगी। दो मई से बाद से गांव की सरकार का काम शुरू होगा, जोकि 25 दिसंबर से बंद है।  सभी 18 मंडल के एक-एक जिले में पहले चरण का चुनाव होगा। 2 मई को मतगणना होगी। चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही यूपी में आचार संहिता लग गई है। सुप्रीम कोर्ट में आज आरक्षण मामले पर सुनवाई होगी।  प्रदेश में कल यानी शनिवार से नामांकन पत्रों का विक्रय होगा। पहले चरण के मतदान वाले जिलों में नामांकन तीन और चार अप्रैल को होगा। दूसरे चरण के मतदान वाले जिलों में नामांकन सात और आठ अप्रैल को होगा। तीसरे चरण के मतदान वाले जिलों में नामांकन 13 और 15 अप्रैल को होगा। चौथे चरण के मतदान वाले जिलों में नामांकन 17 और 18 अप्रैल को होगा। पंचायत चुनाव के लिए तीन अप्रैल से पहले चरण का नामांकन शुरू हो जाएगा। प्रत्येक चरण में प्रत्याशियों को प्रचार के लिए करीब सप्ताह भर का समय मिलेगा।   पहले चरण में 15 अप्रैल को मतदान होगा। इस चरण में 18 जिलों में वोट पड़ेंगे। पहले चरण में सहारनपुर, गाजियाबाद, रामपुर, बरेली, हाथरस, आगरा, कानपुर नगर, झांसी, महोबा, प्रयागराज, रायबरेली, हरदोई, अयोध्या, श्रावस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर, जौनपुर व भदोही में मतदान होगा।   दूसरे चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण में 20 जिलों में मतदान होगा। इसमें मुजफ्फरनगर, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, बदायूं, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, ललितपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, गोंडा, महाराजगंज, वाराणसी तथा आजमगढ़ के मतदाता वोट डालेंगे।  तीसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होगा। इस चरण में भी 20 जिलों में वोट पड़ेंगे। इसमें शामली, मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, कासगंज, फिरोजाबाद, औरैया, कानपुर देहात, जालौन, हमीरपुर, फतेहपुर, उन्नाव, अमेठी, बाराबंकी, बलरामपुर, चंदौली, सिद्धार्थनगर, देवरिया, मिर्जापुर तथा बलिया में मतदान होगा।  29 अप्रैल को चौथे चरण के मतदान में 17 जिले के मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। चौथे चरण में हापुड़, बुलंदशहर, संभल, शाहजहांपुर, मथुरा, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, बांदा, कौशांबी, सीतापुर, अंबेडकरनगर, बहराइच, बस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, सोनभद्र तथा मऊ में वोट पड़ेंगे। 

कोरोना संक्रमण के कारण बढ़े मतदान केंद्र:-   राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव में इस बार कोरोना वायरस संक्रमण के कारण फिजिकल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया है। इसी कारण मतदान स्थलों में इजाफा भी हो गया है। इससे पहले 2015 चुनाव में 179413 मतदान स्थल थे। 2021 में मतदान स्थलों की संख्या 203050 हो गई है। 2015 में 11.74 करोड़ मतदाता थे जबकि 2021 में मतदाताओं की संख्या 12.39 करोड़ हो गई है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 80,762 मतदान केंद्र तथा दो लाख 3050 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। प्रदेश के 12.39 करोड़ मतदाताओं में 53.01 प्रतिशत पुरुष तथा 46.99 प्रतिशत महिलाएं हैं।                                       इन चार जिलों की कुछ ग्राम पंचायत में नहीं होगा मतदान:-  प्रदेश के चार जिलों की कुछ ग्राम पंचायत में मतदान नहीं होगा।  गोंडा जिले में नौ(बहादुरा,खानपुर,सरावां,जलालपुर बल्लीपुर, मोहनपुर, साहिबापुर, परसिया,रामपुर व खरहटा), सीतापुर जिले में तीन(कैमहरा रघुवरदयाल व भटपुरवा) तथा बहराइच जिले में एक(कपूरपुर) ग्राम पंचायत का कार्यकाल पूरा न होने के कारण यहां पर मतदान नहीं होगा। उधर बुलंदशहर में पांच ग्राम पंचायतों का विलय औद्योगिक क्षेत्र में होने के कारण वहां भी मतदान नहीं होगा।

एक नजर: - प्रदेश में कुल 12 करोड़ 39 लाख मतदाता चार चरण में होने वाले मतदान में अपने अधिकार का प्रयोग करें। प्रदेश में 58,189 ग्राम पंचायत तथा सात लाख 32,563 ग्राम पंचायत वार्ड हैं। इसी तरह 826 क्षेत्र पंचायत तथा 75,855 क्षेत्र पंचायत वार्ड हैं। प्रदेश में 75 जिला पंचायत तथा 3,051 जिला पंचायत पद हैं। 

मंगलवार, 23 मार्च 2021

गृह मंत्रालय ने कोरोना नियंत्रण के लिए जारी किया नया दिशा-निर्देश, 1 से 30 अप्रैल तक रहेंगे लागू : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर गृह मंत्रालय ने प्रभावी नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है जो 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी होगा और 30 अप्रैल, 2021 तक लागू रहेगा। यह दिशा-निर्देश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को देश के सभी हिस्सों में टेस्ट, ट्रैकिंग और ट्रीट प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने के लिए बाध्य करता है। इसके तहत भी सभी राज्यों को कहा गया है कि टीकाकरण की गति बढ़ाए और नए मामलों की जांच, पड़ताल और उपचार में भी तेजी लाएं। जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर जरूर नियंत्रण लगाया जा सकता है लेकिन अंतरराज्यीय आवागमन और माल की ढुलाई पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती है। विदेशों से होने वाले व्यापार से जुड़े आवागमन पर भी कोई रोक नहीं लगेगी। गृहमंत्रालय ने साफ किया है कि इसके लिए अलग से किसी और दिशानिर्देश या अनुमति की जरूरत नहीं होगी।  इसमें कहा गया कि जिन राज्यों में आरटी-पीसीआर परीक्षणों का अनुपात कम है, उन्हें तेजी से बढ़ाकर 70 प्रतिशत या उससे अधिक कर देना चाहिए। गहन टेस्‍ट के परिणामस्वरूप पाए गए नए पॉजिटिव मामलों को जल्द से जल्द और समय पर उपचार प्रदान करने के लिए क्‍वारंटीन करने की आवश्यकता है। इसमें कहा गया कि कोरोना के पॉजिटिव मामलों और उनके संपर्कों की ट्रैकिंग के आधार पर जिला अधिकारियों को कंटेंट जोन को चिन्हित करना होगा और  उन्हें वेबसाइटों पर सूचित करना होगा।  गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कार्यस्थलों में और सार्वजनिक रूप से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कोविड से बचाव के लिए उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे। टेस्‍ट, ट्रैक और ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।  गृह मंत्रालय ने राज्यों को सभी प्राथमिकता समूहों को जल्द से जल्द कवर करने के लिए टीकाकरण में तेजी लाने के लिए भी कहा है। वैक्सीन ड्राइव में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में असमान स्‍थिति देखी गई है। कुछ राज्यों में टीकाकरण की धीमी गति चिंता का विषय है। वर्तमान परिदृश्य में कोविड के खिलाफ टीकाकरण ट्रांसमिशन की श्रृंखला को तोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों को टीकाकरण की गति को तेजी से बढ़ाना चाहिए। सभी प्राथमिकता समूहों को शीघ्रता से कवर करना चाहिए।

स्‍वास्‍थ्‍य सचिव राजेश भूषण का राज्यों को पत्र 

-एक अप्रैल से को-विन पोर्टल पर 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का रजिस्ट्रेशन करें

- बदले हुए नियम के मुताबिक को-विन सॉफ्टवेयर में सुधार किया जाए

- 45-59 साल के लोगों से गंभीर बीमारियों के सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं

-कोरोना टीका केंद्रों का अधिकतम उपयोग किया जाए

-एक अप्रैल से को-विन पोर्टल पर 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का रजिस्ट्रेशन करें

- बदले हुए नियम के मुताबिक को-विन सॉफ्टवेयर में सुधार किया जाए ...


 

पटना में सड़कों पर RJD का उत्‍पात, पुलिस और मीडिया कर्मियों की पिटाई : OmTimes

पटना (ऊँ टाइम्स)  बिहार विधानसभा के घेराव के लिए पटना के गांधी मैदान के पास स्थित जेपी गोलंबर से निकले राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के मार्च के दौरान पटना में जमकर उपद्रव हुआ है। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम को लेकर प्रशासन की मनाही के बावजूद आरजेडी नेता व कार्यकर्ता काफी संख्‍या में जेपी गोलंबर के पास इकट्ठा होकर विधानसभा के लिए रवाना हो गए। उन्‍होंने जेपी गोलंबर के पास लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। इसके बाद डाकबंगला चौराहे पर उनकी पुलिस-प्रशासन से जबर्दस्‍त झड़प हुई, जिसमें दोनों ओर से कम से कम दो दर्जन लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं। आरजेडी ने मीडिया पर भी हमला किया। जब वाटर कैनन से बात नहीं बनी तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने मार्च का नेतृत्‍व कर रहे तेजस्‍वी यादव और तेज प्रताप यादव को हिरासत में ले लिया।

OmTimes News Live Updates  ...  R.J.D. Bihar Vidhansabha March ...

01.35 PM :-  तेजस्‍वी और तेज प्रताप के काफी समझाने के बाद कार्यकर्ता कुछ शांत हुए हैं। इसके बाद पुलिस दोनों नेताओं को एक बस में लेकर गांधी मैदान की तरफ बढ़ रही है। आरजेडी कार्यकर्ता इस बस को घेरकर साथ-साथ चल रहे हैं। डाकबंगला चौराहे पर हालात अब धीरे-धीरे सामान्‍य हो रहे हैं। भीड़ वहां से हट गई है।

01.25 PM :-   आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर ही रोड़ेबाजी करने का आरोप लगाया है। आरजेडी की एक महिला कार्यकर्ता ने कहा कि पुलिस के चलाए पत्‍थर से वह चोटिल हो गई। पुलिस अभी भी डाकबंगला चौराहे से कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश कर रही है। डाकबंगला चौराहे पर हंगामे की वजह से आधे शहर की यातायात व्‍यवस्‍था पूरी तरह चौपट हो गई है।

01.15 PM :-   प्रशासन की ओर से तेजस्‍वी और तेज प्रताप यादव को ले जाने के लिए ले जाई गई बस को आरजेडी कार्यकर्ता आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं। दोनों नेताओं ने बस से उतरकर कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन इसका कोई असर दिखाई नहीं दिया। पुलिस स्थिति को शांत करने के लिए काफी मशक्‍कत करती नजर आ रही है।

01.07 PM :-  पुलिस ने डाकबंगला चौराहे से नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव और तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दोनों को एक बस में बैठाकर पुलिस वहां से ले जा रही है। अभी यह तय नहीं कि दोनों नेताओं को कहां ले जाया जाएगा।

12.58 PM : - आरजेडी कार्यकर्ता अब कुछ शांत दिख रहे हैं। तेजस्‍वी यादव और तेज प्रताप यादव अपने वाहन पर सवार होकर डाकबंगला चौराहे पर पहुंचे हैं। दोनों ही नेता अपने वाहन पर खड़े होकर ही कार्यकर्ताओं और मीडिया कर्मियों से बात कर रहे हैं। वहां स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्‍य हो रही है।

12.52 PM :-  तेजस्‍वी यादव और दूसरे आरजेडी नेताओं का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं ने कोई रोड़ेबाजी नहीं की है। आंदोलन को बदनाम करने के लिए बाहरी लोगों ने ऐसा किया है। आरजेडी नेताओं ने एक निजी परिसर से पुलिस पर रोड़े फेंकने का आरोप लगाया है। उन्‍होंने कहा कि उनके कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे।

12.50 PM :-  अब तेजस्‍वी यादव और तेज प्रताप यादव की गाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच गई है। दोनों नेता लगातार कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं। एक पिकअप वाहन पर सवार दोनों भाई कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रहे हैं। चार पहिया वाहन पर सवार तेज प्रताप यादव अपने सिर पर हेलमेट लगाए दिखे। वे अपने पिता लालू प्रसाद यादव की तस्‍वीरें दिखा रहे हैं।

12.44 PM :-  अब तेजस्‍वी यादव भी डाकबंगला चौराहे के नजदीक आ गए हैं। इधर, पुलिस कर्मी उत्‍पाती आरजेडी कार्यकर्ताओं को खदेड़ने में जुटी है। कुछ पुलिस अधिकारी कार्यकर्ताओं को समझाने की भी कोशिश कर रहे हैं। उपद्रवियों ने सड़क पर खड़ी गाड़‍ियों में भी तोड़फोड़ की है।

12.40 PM :- थोड़ी देर थमने के बाद आरजेडी कार्यकर्ताओं ने उत्‍पात दोबारा शुरू कर दिया है। कई मीडिया वालों की भी पिटाई आरजेडी कार्यकर्ताओं ने की है। कार्यकर्ता रोड़ेबाजी लगातार जारी रखे हुए हैं। दूसरी तरफ तेजस्‍वी यादव और तेज प्रताप यादव अभी तक जेपी गोलंबर से डाकबंगला चौराहे तक नहीं पहुंच पाए हैं।

12.35 PM :- पुलिस और राजद कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई है। एक सिपाही का सिर फटने की सूचना है। कई और सिपाही भी घायल हुए हैं। पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू किया तो आरजेडी कार्यकर्आओं ने भी डंडों से पुलिस वालों की पिटाई की।

12.25 PM :-  डाकबंगला चौराहे पर प्रशासन ने आखिरकार राजद कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया है। आरजेडी कार्यकर्ता भी पुलिस पर लाठियां चला रहे हैं।

12.20 PM :- प्रशासन ने आरजेडी कार्यकर्ताओं को हर हाल में डाकबंगला चौराहे पर रोकने का निश्‍चय कर लिया है। यहां से आगे बढ़ने की स्थ‍िति में लाठीचार्ज किए जाने की पूरी उम्‍मीद है।

12.15 PM :-  आरजेडी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए डाकबंगला चौराहे के पास प्रशासन मुस्‍तैद हो गया है। यहां आरजेडी कार्यकर्ता लगातार प्रशासन से उलझ रहे हैं। दूसरी तरफ तेजस्‍वी और तेज प्रताप जेपी गोलंबर से धीरे-धीरे डाकबंगला की ओर बढ़ रहे हैं।

12.10 PM :- आरजेडी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए प्रशासन ने अब वाटर कैनन का इस्‍तेमाल शुरू कर दिया है। हालांकि, कार्यकर्ता मानने को इसके बाद भी तैयार नहीं हैं।

12.05 PM :-  आरजेडी कार्यकर्ताओं के आंदोलन की वजह से पूरे बेली रोड पर यातायात व्‍यवस्‍था ध्‍वस्‍त हो गई है। तेजस्‍वी और तेज प्रताप के आने के बाद राजद कार्यकर्ता और भी आक्रामक हो गए हैं।

12.00 PM :-  विधानसभा का घेराव करने निकले आरजेडी कार्यकर्ताओं का नेतृत्‍व नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव खुद कर रहे हैं। दोनों भाई एक वाहन पर सवार होकर कार्यकर्ताओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

11.55 AM :-  नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव खुद जेपी गोलंबर पर पहुंच गए हैं। कार्यकर्ता लगातार आरजेडी और तेजस्‍वी जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं।

11.50 AM :-  आरजेडी के कार्यकर्ता जेपी गोलंबर से आगे बढ़ गए हैं। प्रशासन अब उन्‍हें डाकबंगला चौराहे के पास रोकने की कोशिश कर रहा है। स्थिति काफी तनावपूर्ण है।

11.40 AM :-  आरजेडी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के कारण बेली रोड पर आयकर गोलंबर से लेकर गांधी मैदान तक यातायात प्रभावित हो रहा है। कार्यकर्ता जबरन बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

11.30 AM :-  प्रशासन ने राजद कार्यकर्ताओं को जेपी गोलंबर के पास ही रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी है। यहां बड़ी तादाद में पुलिस बल को भी तैनात किया गया है।

11.20 AM :- तेजस्‍वी यादव और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव फिलहाल बिहार विधानसभा में पहुंच गए हैं। उधर, गांधी मैदान के पास कार्यकर्ताओं का जुटना अभी भी जारी है।

11.10 AM :-  तेजस्‍वी यादव ने राम मनोहर लोहिया की पंक्तियों को ट्वीट किया है। उन्‍होंने लिखा है कि अगर सड़कें खामोश हो जाएं तो संसद आवारा हो जाती है।

11.00 AM :-  गांधी मैदान के पास आरजेडी कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि आंदोलन में शामिल होने आए कार्यकर्ता न तो मास्‍क लगाकर आए हैं और न हीं वहां शारीरिक दूरी जैसी किसी बात का ख्‍याल रखा जा रहा है।

10.50 AM :-  तेजस्‍वी ने कहा है कि बेरोजगारी और निरंकुश सत्‍ता के खिलाफ हमारी लड़ाई अनवरत जारी रहेगी। उन्‍होंने कहा कि युवाओं को उनका हक दिलाए बगैर वे सरकार का पीछा नहीं छोड़ेंगे।

10.40 AM :-  गांधी मैदान के पास जुटे आरजेडी के कार्यकर्ता अपने नेता तेजस्‍वी यादव के आने का इंतजार कर रहे हैं। उनके आने के बाद कार्यकर्ता विधानसभा की ओर रवाना होंगे।

10.30 AM :-  पटना के जिला प्रशासन ने आरजेडी को गर्दनीबाग में बैठकर धरना देने की सलाह दी है। विधानसभा का घेराव करने और सड़क से जुलूस निकालने के लिए प्रशासन अनुमति नहीं दे रहा है। हालांकि, आरजेडी प्रशासन की सलाह मानने को तैयार नहीं है।

10.20 AM :-  आरजेडी के विधानसभा मार्च को देखते हुए प्रशासन ने जरूरी एहतियाती इंतजाम किए हैं। गांधी मैदान के आसपास बड़ी संख्‍या में रैपिड एक्‍शन फोर्स के साथ ही सशस्‍त्र और लाठी पुलिस बल को तैनात किया गया है।

10.10 AM :-  जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा है कि आरजेडी के नेता कानून-व्‍यवस्‍था को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन की अनुमति के बगैर सड़काें पर जुलूस निकालना गलत है।

10.00 AM :-  बिहार विधानसभा के घेराव के लिए आरजेडी के कार्यकर्ता गांधी मैदान पहुंचने लगे हैं। यहां कार्यकर्ता अपने नेता तेजस्‍वी यादव के आने का इंतजार कर रहे हैं। उनके आने के बाद सभी कार्यकर्ता जुलूस की शक्‍ल में विधानसभा के लिए रवाना होंगे।

बेरोजगारी, अपराध, महंगाई एवं अशिक्षा के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी की ओर से मंगलवार को विधानसभा का घेराव किया जाना था। असम की चुनावी यात्रा से खासतौर पर इस आंदोलन के लिए तेजस्वी खुद पटना लौटे। युवा आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने दावा किया था कि घेराव कार्यक्रम में बड़ी तादाद में कार्यकर्ता एवं आम लोग शिरकत करेंगे। युवा आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मो. कारी सोहैब के नेतृत्व में सारी तैयारी की गई। आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने घेराव को इतिहास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि महंगाई और तानाशाही के मुद्दे पर 18 मार्च 1974 को बिहार के छात्रों ने लालू प्रसाद के नेतृत्व में विधानसभा का घेराव किया था। 47 वर्ष बाद तेजस्वी यादव के नेतृत्व में फिर वही आक्रोश है। 

आरजेडी ने सरकार पर जनविरोधी होने का आरोप लगाया है। आरजेडी के प्रदेश महासचिव विनोद यादव ने कहा है कि राजधानी के विभिन्न इलाकों में युवा आरजेडी द्वारा लगाए गए सैंकड़ों होर्डिंग-पोस्टर को नीतीश कुमार के इशारे पर नगर निगम प्रशासन ने हटा दिया है। सरकार की यह जनविरोधी नीति है। विधानसभा घेराव के ऐलान से सरकार डर गई है।

सोमवार, 22 मार्च 2021

आज से राजस्थान के आठ शहरों में नाइट कर्फ्यू, देश के कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज हुए बंद : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  देश में कोरोना वायरस संक्रमण का दूसरा दौर तेजी से रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। इसको देखते हुए देश के कई राज्यों में कोरोना संबंधी पाबंदियां फिर से लगाई जा रही हैं। कई राज्यों में लॉकडाउन लगाया गया है। कहीं एक दिन का लॉकडाउन तो कहीं 31 मार्च तक का लॉकडाउन है। इसके साथ ही कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू भी लगाया जा रहा है।  महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात के बाद अब देश के एक अन्य राज्य में आज से नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। राजस्थान में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आज से यहां के 8 शहरो में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। राजस्थान में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आठ शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही राजस्थान के सभी निकायों में 22 मार्च से रात 10 बजे के बाद बाजार बंद रखे जाएंगे।  राजस्थान के आठ शहरों- अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, सागवाड़ा और कुशलगढ़ में रात 11 बजे से सुबह 5 तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। राजस्थान सरकार के फैसले के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में रात 10 बजे के बाद बाजार नहीं खुलेंगे। इसके साथ ही बाहर से शहर आए यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाना अनिवार्य रहेगा।  देश के आठ राज्यों में कोरोना वायरस के मामले तेजी बढ़ रहे हैं। इन राज्यों में महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, केरल, दिल्ली, तमिलनाडु शामिल हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नागपुर में 31 मार्च तक लॉकडाउन लगाया गया है। मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और जबलपुर में हर रविवार एक दिन का लॉकडाउन लगाया गया है।  देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में सरकारों ने सख्ती दिखाते हुए स्कूल-कॉलेज बंद किेए जाने की घोषणा पहले ही कर दी है। इस बीच अब कई अन्य राज्य भी ऐसा कर रहे हैं। तमिलनाडु में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 12वीं के अलावा सभी स्कूल को अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा पुडुचेरी में पहली से आठवीं तक के स्कूल 22 मार्च से 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं। इससे पहले छत्तीसगढ़ में भी कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को तत्तकाल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।   महाराष्ट्र में कोरोना का बढ़ना जारी है। महाराष्ट्र में एक दिन में 30,535 नए केस सामने आए हैं। जबकि 99 लोगों की मौत हुई है। राज्य में 9,69,867 लोग होम क्वारंटीन हैं और 9,601 कोरोना सेंटर में भर्ती हैं। अकेले मुंबई में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3775 नए केस मिले जबकि 10 लोगों की मौत हो गई।  कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नागपुर में 31 मार्च तक लॉकडाउन लगाया गया है। इस बीच मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए आज से मॉल में एंट्री के लिए कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है।

बुधवार, 17 मार्च 2021

गुजरात और महाराष्ट्र में पुन: लॉकडाउन की दस्तक,कई शहरों में बढ़ रही हैं पाबंदियां : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारत में कोरोना वायरस का मामला पिछले साल की तरह एक बार फिर तेजी से बढ़ रह है। इस बीच तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक और हरियाणा में कोरोना के नए मामलों ने सरकारों की टेंशन बढ़ा दी है। गुजरात सरकार ने  वडोदरा, अहमदाबाद, सूरत और राजकोट में नाइट कर्फ्यू को 31 मार्च तक बढ़ा दिया है। मध्य प्रदेश ने भी पड़ोसी राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भोपाल और इंदौर शहर में नाइट कर्फ्यू  लागू किया है। वहीं, महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने पुणे, औरंगाबाद, नागपुर में पहले ही पाबंदियां लागू कर दी हैं। महाराष्‍ट्र और पंजाब के बाद गुजरात में भी बढ़ते मामलों के कारण स्‍कूलों में एक बार फिर ताला लगना शुरू हो गया है।  कोरोना के मामलों में उछाल को देखते हुए गुजरात सरकार ने मंगलवार को चार महानगरों- अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में नाइट कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया। राज्य सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इन चारों शहरों में 17 मार्च से 31 मार्च तक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच कर्फ्यू रहेगा। हालांकि, गुजरात के इन शहरों में पहले से ही नाइट क‌र्फ्यू लगा हुआ था, लेकिन इसका समय रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक था। इसके अलावा अहमदाबाद के सभी उद्यानों और पार्कों को अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इस दौरान कांकरिया झील और चिड़ियाघर भी बंद रहेंगे!  कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं। भोपाल और इंदौर शहर में रात दस बजे से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। जबलपुर और ग्वालियर शहर में रात दस बजे से सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। इसके साथ ही मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रतलाम, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, बैतूल और खरगोन जिले में होली उत्सव के दौरान कहीं कोई सामूहिक कार्यक्रम नहीं किए जाएंगे। मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सोमवार को निर्देश जारी कर वहां से आने वाले लोगों को सात दिन तक क्वारंटाइन करने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में PM मोदी ने कहा - कोरोना महामारी को रोकना जरूरी है : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने केंद्र सरकार की टेंशन को बढ़ा दिया है। कोरोना प्रकरण को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है। पीएम मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि हमें हर हाल में कोरोना महामारी को हराना होगा और इसके लिए मांस्क को लेकर गंभीरता अभी भी बहुत जरूरी है। इस बैठक में पीएम मोदी ने देश में कोरोना की स्थिति का जायजा लिया और दो महीने पहले शुरू हुए देश के टीकाकरण अभियान की प्रगति का आकलन किया। हालांकि बैठक में पश्चीम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल शामिल नहीं हुए हैं।  मुख्यमंत्रियों के संग बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई को एक साल से ज्यादा हो रहा है। भारत के लोगों ने कोरोना का जिस प्रकार सामना हो रहा है, उसे लोग उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हैं।आज देश में 96 प्रतिशत से ज्यादा मामले रिकवर हो चुके हैं। मृत्यु दर में भी भारत सबसे कम दर वाले देशों में है। कुछ राज्यों में केसों की संख्या बढ़ रही है। देश के 70 जिलों में ये वृद्धि 150 प्रतिशत से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना की इस उभरती हुई दूसरी लहर को तुरंत रोकना होगा। इसके लिए हमें त्वरित और निर्णायक कदम उठाने होंगे। आप को बता दें कि देश के कुछ राज्यों में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में बढ़ते संक्रमण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। इसके मद्देनजर महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के कई शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने संक्रमण को देखते हुए पुणे, नागपुर और औरंगाबाद ने नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। गुजरात सरकार ने भी अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में नाइट कर्फ्यू की घोषणा की है। वहीं, मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने भोपाल और इंदौर शहर में नाइट कर्फ्यू लागू किया है।

मंगलवार, 16 मार्च 2021

प्रधानमंत्री मोदी के सलाहकार पीके सिन्हा ने दिया इस्तीफा, निजी कारणों का दिया हवाला : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य सलाहकार प्रदीप कुमार सिन्हा ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया| उन्होंने अपने इस्तीफा पत्र में निजी कारणों का हवाला दिया है। प्राप्त खबर के अनुसार, पीके सिन्हा ने कल यानी सोमवार को ही अपना इस्तीफा दे दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य सलाहकार के तौर पर उन्हें 2019 में नियुक्त किया गया था।  ये PMO से निकलने वाले वे दूसरे शीर्ष अधिकारी हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्रा ने इस्तीफा दिया था। पी के सिन्हा ने अपने करियर की शुरुआत इलाहाबाद में अस्टिटेंट कलेक्टर के तौर पर की थी। पूर्व में 2015 में केंद्र सरकार ने कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया था। 

बिहार के औरंगाबाद जिले के मूल निवासी पीके सिन्हा का जन्म 18 जुलाई, 1955 में हुआ था। कैबिनेट के सेक्रेटरी पद से रिटायरमेंट के बाद उन्हें पीएमओ में मुख्य सलाहकार का पद सौंपा गया था। इस पद पर उनकी नियुक्ति 11 सितंबर 2019 को की गई। उन्होंने 13 जून, 2015 से 30 अगस्त, 2019 तक कैबिनेट सेक्रेटरी के तौर पर काम किया। वे उत्तर प्रदेश कैडर के 1977 बैच के भारतीय प्राशसनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने पावर और जहाजरानी मंत्रालयों में सचिव का पद भी संभाला है। उन्होंने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में विशेष सचिव के रूप में भी काम किया है।

सोमवार, 15 मार्च 2021

कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को लेकर पीएम मोदी ने 17 मार्च को फि‍र बुलाई है बैठक : OmTimes

 नई दिल्‍ली (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुख्‍यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बातचीत में कोविड-19 से पैदा हुए हालात एवं टीकाकरण अभियान के मुद्दों पर चर्चा होगी। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र टीकाकरण अभियान में तेजी पर जोर दे रहा है।   

प्रधानमंत्री मोदी समय समय पर मुख्‍यमंत्रियों के साथ बातचीत करते रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस साल जनवरी महीने में टीकाकरण अभियान की शुरुआत से पहले मुख्‍यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी। तब उन्‍होंने तीन करोड़ स्‍वास्‍थ्‍य और अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे कर्मचारियों के टीकाकरण का लक्ष्‍य रखा था। मौजूदा वक्‍त में यह अभियान 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को कवर करने के दौर में चला गया है।    

टीकाकरण में तेजी पर केंद्र का जोर -

दरअसल केंद्र चाहता है कि संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जाए। इसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे। कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान में देश में अब तक तीन करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी है लेकिन हाल के दिनों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं, इसलिए टीकाकरण अभियान में भी तेजी लाने पर जोर दिया जा रहा है  

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि कोरोना से बचाव के उपायों के प्रति लोगों की लापरवाही से मामले बढ़ रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि 80 फीसदी से ज्यादा मामले कुछ राज्य से हैं। इसकी मुख्य वजह लोगों का कोरोना से बचाव के उपायों का पालन करने में लापरवाही है। उन्होंने जोर दिया कि मास्क लगाने और एक-दूसरे से दूरी बनाने जैसे उचित कोविड व्यवहार का पालन किया जाए। इसका पालन टीके की उपलब्धता होने के बावजूद किया जाए। वह संसदीय सौंध में अति-विशिष्ट परामर्श के लिए छठे व्यापक स्वास्थ्य शिविर में बोल रहे थे।   

कोविड टीकाकरण अभियान के 59वें दिन सोमवार को भारत एक अहम मुकाम पर पहुंच गया। भारत ने लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन की तीन करोड़ से ज्यादा खुराकें दे दी है। इनमें से 18 लाख से ज्यादा खुराक सोमवार को दी गईं। सोमवार शाम सात बजे तक कुल तीन करोड़ 17 लाख 71 हजार 661 खुराकें दी जा चुकी हैं। लाभार्थियों में 74,08,521 स्वास्थ्यकर्मी (पहली खुराक), 43,97,613 स्वास्थ्यकर्मी (दूसरी खुराक), 74,26,479 फ्रंटलाइन वर्कर्स (पहली खुराक) और 13,23,527 फ्रंटलाइन वर्कर्स (दूसरी खुराक) शामिल हैं।

दरअसल महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में बढ़ते संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। देश में 78 फीसद से ज्यादा नए मामले इन्हीं पांच राज्यों में पाए गए हैं। 85 दिनों बाद देश में 26,291 नए मामले सामने आए हैं जबकि एक दिन में 118 लोगों की मौत भी हुई है। इससे पहले 20 दिसंबर को 26,624 केस पाए गए थे। इनमें से महाराष्ट्र में 16,620, केरल में 1,792 और पंजाब में 1,492 मामले शामिल हैं। तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में भी संक्रमण बढ़ रहा है। मौजूदा वक्‍त में देश में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर एक करोड़ 13 लाख 85 हजार को पार कर गया है। 

हाईकोर्ट ने दिया आदेश, अब यूपी के पंचायत चुनाव में 2015 के आधार पर होगा आरक्षण : OmTimes

www.omtimes.in   

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  यूपी के पंचायत चुनाव में सीटों पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्ष 2015 को आधार मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए। इसके पूर्व राज्य सरकार ने कहा कि वह वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है। इस पर न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने 25 मई तक यूपी  पंचायत चुनाव  संपन्न कराने के आदेश दिया है। 

आपको बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका देकर 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किए जाने सम्बंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत, सेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है। कहा गया कि आरक्षण लागू किए जाने के सम्बंध में वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानते हुए 1995, 2000, 2005 व 2010 के चुनाव सम्पन्न कराए गए। 

याचिका में आगे कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 को एक शासनादेश जारी करते हुए वर्ष 1995 के बजाय वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किए जाने को कहा गया। उक्त शासनादेश में ही कहा गया कि वर्ष 2001 व 2011 के जनगणना के अनुसार अब बड़ी मात्रा में डेमोग्राफिक बदलाव हो चुका है। लिहाजा वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानकर आरक्षण लागू किया जाना उचित नहीं होगा। कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 के उक्त शासनादेश को नजरंदाज करते हुए, 11 फरवरी 2021 का शासनादेश लागू कर दिया गया। जिसमें वर्ष 1995 को ही मूल वर्ष माना गया है। यह भी कहा गया कि वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव भी 16 सितम्बर 2015 के शासनादेश के ही अनुसार सम्पन्न हुए थे।

शुक्रवार, 12 मार्च 2021

यूपी में पंचायत चुनाव के आरक्षण प्रक्रिया पर हाई कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी,विशेष संवाददाता,ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जुटी राज्य सरकार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने शुक्रवार को पंचायत चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था को अंतिम रूप देने पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने आरक्षण व आवंटन कार्रवाई पर रोक लगाने के साथ सोमवार यानी 15 मार्च को राज्य सरकार और चुनाव आयोग से जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी एवं न्यायमूर्ति मनीष माथुर की पीठ ने अजय कुमार की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया। कोर्ट के इस आदेश के अनुपालन में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार ने फिलहाल आरक्षण की अग्रिम प्रक्रिया रोकने का आदेश भी जारी कर दिया है। हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि जिला और क्षेत्र पंचायत चुनावों में आरक्षण की रोटेशन व्यवस्था के लिए 1995 को आधार (बेस) वर्ष माना जा रहा है और उसी आधार पर आरक्षण किया जा रहा है। जबकि, राज्य सरकार ने 16 सितंबर, 2015 को एक शासनादेश जारी कर बेस वर्ष 2015 कर दिया था और उसी आधार पर पिछले चुनाव में आरक्षण भी किया गया था। कहा गया कि राज्य सरकार को इस वर्ष भी 2015 को बेस वर्ष मानकर आरक्षण को रोटेट करने की प्रकिया करना था किंतु सरकार मनमाने तरीके से 1995 को बेस वर्ष मानकर आरक्षण प्रकिया पूरी कर रही है और 17 मार्च 2021 को आरक्षण सूची घोषित करने जा रही है।  याची के अधिवक्ता मो. अल्ताफ मंसूर ने तर्क दिया कि 16 सितंबर 2016 का शासनादेश अभी भी प्रभावी है। ऐसे में वर्तमान चुनाव के लिए आरक्षण के रोटेशन के लिए 2015 को ही बेस वर्ष माना जाना चाहिए। याची ने 11 फरवरी 2021 को जारी उस शासनादेश को चुनौती दी जिसके जरिये वर्तमान में पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रकिया पूरी की जा रही है। याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की प्रकिया को अंतिम रूप देने पर रोक लगा दी और सरकार व चुनाव आयेाग से जवाब तलब कर लिया। 

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के फैसले के बाद अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि शासन के अगले आदेश तक पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 के लिए आरक्षण व आवंटन की प्रक्रिया को अंतिम रूप न दिया जाए। पंचायत चुनाव में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के स्थानों और पदों का आरक्षण व आवंटन के लिए 11 फरवरी, 2021 को अधिसूचना जारी की गई, जिसके विरुद्ध हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।  

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सरकार ने आरक्षण नियमावली जारी करते हुए चक्रानुक्रम फार्मूले पर आरक्षित सीटें निश्चित करने का निर्णय लिया था। वो पद जो गत पांच चुनावों में कभी आरक्षण के दायरे में नहीं आए, उनको प्राथमिकता के आधार पर आरक्षित किया जाना था। साथ ही वर्ष 2015 में जो पद जिस वर्ग में आरक्षित था इस बार उस वर्ग में आरक्षित नहीं रहेगा। यानी आरक्षण के चक्रानुक्रम में आगे बढ़ा जाएगा। इसी क्रम में जिलों में ग्राम प्रधान, ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्यों को आरक्षण व आवंटन अनंतिम लिस्ट जारी हो चुकी है। अब 16 मार्च तक अंतिम सूची जारी की जानी है, लेकिन हाई कोर्ट के फैसले के बाद इस प्रक्रिया को रोक दिया गया है।

भारत के प्रधानमंत्री ने कहा- क्वॉड हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहेगा: OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका,भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख नेताओं के बीच क्वाड की बैठक हुई। क्वाड की बैठक में भारत की ओर से पीएम मोदी ने हिस्सा लिया और यह वर्चुअल तरीके से की आयोजित की गई। क्वाड की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि हमारा एजेंडा कोरोना वैक्सीन, जलवायु परिवर्तन और उभरती टेक्नोलॉजी को कवर करना है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि हम अपने साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने और एक सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत क्षेत्र) को बढ़ावा देने के लिए पहले से कहीं अधिक और करीब से काम करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज के शिखर सम्मेलन से पता चलता है कि क्वाड अब इन हिंद-प्रशांत क्षेत्रों के लिए स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना रहेगा।

क्वाड समिट से जुड़े प्रमुख बिंदु -

- बैठक के दौरान जो बाइडन ने कहा कि हम एक नई महत्वाकांक्षी संयुक्त साझेदारी शुरू कर रहे हैं जो वैश्विक लाभ के लिए कोरोना वैक्सीन निर्माण को बढ़ावा देने वाली है। जो कि पूरे हिंद प्रशांत क्षेत्र को लाभ पहुंचाने व कोरोना के टीकों को और मजबूत करेगी।

-  क्वाड समिट के दौरान जो बाइडन ने कहा कि अमेरिका स्थिरता प्राप्त करने के लिए आपके और हमारे सभी सहयोगियों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह समूह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह व्यावहारिक समाधान और ठोस परिणामों के लिए समर्पित है।

- क्वाड की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि हम सभी देशों के भविष्य के लिए फ्री हिंद-प्रशांत क्षेत्र महत्वपूर्ण है। क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने के लिए और अपना सहयोग आगे बढ़ाने के लिए हम एक नया मेकनिज्म लाने जा रहे हैं।

- ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन ने 'नमस्ते' के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए यह समिट नया उदय है। हिंद प्रशातं का क्षेत्र ही इस सदी में दुनिया का भविष्य तय करेगा।

- जापानी पीएम सुगा ने कहा कि हमारी प्रतिबद्धता फ्री हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर है, हम इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को लेकर है।

- पीएम मोदी ने कहा कि हम चारों देश पहले की तरह मिलकर काम करेंगे। मैं इस सकारात्मक दृष्टि को भारत के प्राचीन दर्शन 'वसुधैव कुटुम्बकम' के विस्तार के रूप में देखता हूं जो दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता है। साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने और धर्मनिरपेक्ष, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक की तरक्की को देखता हूं।

- क्वाड की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना रहेगा। हमारा एजेंडा आज कोरोना वैक्सीन, जलवायु परिवर्तन और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों को कवर करना है।  

गौरतलब है कि क्वाड की बैठक में भारत के रुख का सवाल है तो यह बहुत हद तक पीएम मोदी की तरफ से शांग्रीला डायलॉग (वर्ष 2018) में दिए गए भाषण के मुताबिक ही होगा। मोदी ने तब हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत की नीति बताते हुए सागर (सिक्युरिटी एंड ग्रोथ फार आल इन द रीजन) का नारा दिया था। भारत हर देश के लिए समान अवसर बनाने की नीति के तहत काम करेगा। सूत्रों के मुताबिक अभी तक क्वाड की बैठक बगैर किसी ठोस एजेंडे के हुआ करती थी। लेकिन इस बैठक के बाद एक ठोस खाका तैयार हो जाएगा। 

जाली नोट का नेटवर्क बैंक दलालों और फेंचायजी / कमीशन वाले ग्राहक सेवा केन्द्रों से जुड़े होने की है आशंका

सिद्धार्थनगर / नई दिल्ली ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  जाली नोट और ब्लैक मनी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सरकार ने पुराने नोटों को बन्द करने तक का कार्य किया,  लेकिन जाली नोट मेकर एवं इसके नेटवर्क माफिया अभी भी सक्रिय लग रहे हैं,  जिसका जीता जागता सबूत है,  कुछ ही महीनों में कई जगहों पर जाली नोट का पकड़ा जाना ! इन जाली नोटों के कारोबारियों का नेटवर्क नवधनाढ्यों और मिनी बैंकों  के साथ ठीकेदारों/दलालों ही नहीं बैंक कर्मचारियों से भी जुड़ा हो सकता है, जिसपर पर्दा डालने के लिए कुछ प्रशासनिक सेवा से सम्बन्धित लोग अहम भूमिका भी निभाते होंगे! आप को बतादेंकि यूपी का सिद्धार्थनगर जिला भी इससे अछूता नहीं है, यहाँ  के डुमरियागंज में तो जाली नोट माफिया बैंक के कैसचेष्ठ तक का उपयोग कर चुके हैं, बैंक वालों को मिला कर, या ब्लैकमेल करके ! नये नोटों के प्रचलन में आने के बाद पुन: जाली नोटों का बरामद होना कोई हल्का मामला नहीं है, इस लिए सरकार को चाहिए कि इस मुद्दे को गंभीरता से ले, क्योंकि यूपी के पंचायती चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए माफिया जाली नोट का उपयोग करने से शायद न चूके! जाली नोट माफियाओं को पकडने के लिए बैंकों की निगरानी के साथ साथ बैंक दलालों और मिनी बैंकों तथा ग्राहक सेवा केन्द्रों पर विशेष ध्यान देना होगा!

मंगलवार, 9 मार्च 2021

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत ने आज दे दिया इस्तीफा : OmTimes

 देहारादून (ऊँ टाइम्स) भाजपा में कुछ दिनों से चल रही सियासी हलचल के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मंगलवार शाम राजभवन पहुंचकर उन्होंने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंपा दिया है । त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 18 मार्च 2017 को राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली थी। त्रिवेंद्र को चार साल का कार्यकाल पूर्ण होने के नौ दिन पहले ही मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छोड़नी पड़ी। इसके अलावा त्रिवेंद्र भी उत्तराखंड के उन पूर्व मुख्यमंत्रियों की जमात में शामिल हो गए हैं, जो अपना पांच साल का कार्यकाल पूर्ण नहीं कर पाए। उत्तराखंड में केवल नारायण दत्त तिवारी ही अब तक पांच साल का कार्यकाल पूर्ण करने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं।  

Live Updates ....

महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण, बच्चों की शिक्षा, किसानों के लिए नई-नई योजनाएं लाए। सामूहिक विचार के बाद ही होते हैं भारतीय जनता पार्टी में फैसले। कभी सोचा नहीं था पार्टी मुझे इतना सम्मान देगी, ऐसा सिर्फ भाजपा में ही हो सकता है- त्रिवेंद्रसीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया इस्तीफासीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पहुंचे राजभवन। साढ़े चार बजे मीडिया से होंगे रूबरू। बुधवार को विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम आज शाम देहरादून पहुंच रहे हैं।  उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सोमवार सुबह केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली में शाम को उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी के आवास पर जाकर उनसे भी भेंट की। मुख्यमंत्री मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे दिल्ली से देहरादून पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। हालांकि एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली से से लौटे विधायक मुन्ना सिंह चौहान के अलावा कोई विधायक या मंत्री नहीं पहुंचा। मुख्यमंत्री दोपहर लगभग 12 बजे देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां धीरे-धीरे उनके समर्थक जुटने लगे। मुख्यमंत्री आवास पर उनके समर्थकों ने काफी देर तक नारेबाजी भी किया!  मुख्यमंत्री के देहरादून पहुंचते ही सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि वह आज ही इस्तीफा दे देंगे। बाद में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री मंगलवार शाम चार बजे राज्यपाल से मुलाकात के लिए राजभवन जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष भगत भी उनके साथ रहेंगे।  हालांकि भगत ने राजभवन जाकर इस्तीफा दिए जाने की पुष्टि तो नहीं की, लेकिन माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री राजभवन को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इस संभावना को इसलिए भी बल मिला क्योंकि बुधवार सुबह 11 बजे देहरादून में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक बुला ली गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भगत ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षक भी इसमें शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि बुधवार को होने वाली इस बैठक में विधानमंडल दल के नए नेता का चुनाव किया जाएगा। 

सोमवार, 8 मार्च 2021

सैना के बैरक में हुई भीषण विस्‍फोट में मरने वालों की संख्या हुई 31, राहत कार्य जारी : OmTimes

मालबा / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  इक्वेटोरियल गिनी में एक सैन्य बैरक में हुए विस्फोटों से मरने वालों की संख्या अब तक 31 हो गई है।  स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मलबे में शवों की तलाश अभी भी जारी है। मरने वालों की संख्‍या अभी बढ़ सकती है। इस धमाके में 600 से अधिक लोग घायल है। इसमें कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घायलों को अस्‍पताल में इलाज चल रहा है। उधर, इक्वेटोरियल गिनी के राष्‍ट्रपति तियोदोरा ओबियांग न्‍गुमे ने इस दुर्घटन पर खेद व्‍यक्‍त किया है। उन्‍होंने कहा कि डायनामाइट से निपटने में लापरवाही के कारण विस्‍फोट की घटना हुई है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि विस्‍फोट में बाटा शहर के सभी इमारतों एवं घरों को नुकसान पहुंचा है। इससे करीब 250,000 लोग प्रभावित हुए हैं। इक्वेटोरियल गिनी के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा कि विस्फोट पीड़ितों के उपचार के लिए मनोचिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों और नर्सों से मिलकर एक मानसिक स्वास्थ्य ब्रिगेड तैयार किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह नुकसान केवल शारीरिक और आर्थिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से आघात करने वाला भी हैं। स्थानीय मीडिया द्वारा प्रकाशित चित्रों से संकेत मिलता है कि सड़कों के किनारे शवों को पंक्तिबद्ध तरीके से चादरों से ढक रखा गया है। मरने वालों में कई मासूम बच्‍चे भी शामिल हैं। एक टीवी स्‍टेशन ने उपराष्‍ट्रपति टेओदोरो न्गुमा ओबियांग मंगुए और राष्‍ट्रपति ओबियांग के बेटे को अस्‍पताल में घायलों के हालचाल पूछते दिखाया गया है। बता दे इस अस्‍पताल में घायलों का इलाज चल रहा है।  इस बीच यहां की सरकार ने शवों की खोज, बचाव और पुनर्निर्माण में मदद के लिए अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग और समर्थन का आह्वान किया है। स्पेन के विदेश मंत्री अरंचा गोंजालेज लाया ने ट्विटर पर कहा कि बाटा में कल आए विनाशकारी विस्फोटों के बाद मानवीय सहायता के शिपमेंट को तत्काल रवाना किया जाएगा। कई अन्‍य देश भी उनकी मदद में आग आए हैं। सरकार ने कहा है कि इस धमाके का असर देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भी पड़ा है। इससे तेल उत्पादक इक्वेटोरियल गिनी को दोहरा आर्थिक झटका लगा है। कोरोना महामारी के बाद से देश की आर्थिक हालात बिगड़ चुकी है। इस घटना से इसे और झटका लगा है। कोरोना महामारी के बाद कच्‍चे तेल की कीमत में गिरावट आई है। यह राज्‍य के राजस्‍व का लगभग तीन चौथाई हिस्‍सा प्रदान करता है। बता दें कि इक्वेटोरियल गिनी लंबे समय तक स्‍पेन का उपनिवेश रहा है। इस अफ्रीकी देश में ओबियांग का लंबे समय तक शासन रहा है। यहां की आबादी 14 लाख के करीब है। अधिकतर आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती है।

बिहार के खगड़िया में ढहा सरकारी स्कूल का दीवार, 6 की मौत , 2 की हालत गम्भीर : OmTimes

खगड़िया (ऊँ टाइम्स) बिहार के खगड़िया जिले में आज एक बड़ा हादसा हो गया। सोमवार को स्कूल की चहारदीवारी गिरने से इसमें दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर है। सभी मजदूर स्कूल की चहारदीवारी के पास नाला खोद रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया। प्रभारी जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। घटना गोगरी प्रखंड की बन्नी पंचायत के अंतर्गत उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय चैधा-बन्नी, चंडी टोला की है। यहां बेलदौर विधायक पन्नालाल सिंह पटेल की योजना पर पंचायत समिति के तत्वावधान में काम कराया जा रहा था। 

एनएच 31 से रेलवे केबिन तक जल निकासी के लिए बनाया जा रहा नाला स्कूल की चहारदीवारी के बगल से गुजरता है। दिन में चार बजे के करीब नाले की खोदाई की जा रही थी। इसी दौरान लगभग 100 फीट की लंबाई में चहारदीवारी टूटकर गिर गई। इसमें दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में हरदयाल नगर बन्नी के शिव शंकर सिंह (23), चैधा के झूलन तांती (26), ललित कुमार (24), प्रमोद पासवान (26) व ज्ञानदेव पासवान के अलावा सहरसा जिले के काशनगर निवासी छैला कुमार (25) शामिल हैं। कुछ मजदूरों के घायल होने की भी सूचना है। घटना की सूचना पर महेशखूंट थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर दल-बल के साथ वहां पहुंचे। जेसीबी के सहारे मलवा हटाकर शवों को बाहर निकाला गया। प्रभारी डीएम शत्रुंजय मिश्र ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।  घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने चंडी टोला के पास एनएच 31 को जाम कर दिया। देर शाम को अधिकारियों के आश्वासन पर जाम समाप्त किया गया। घटनास्थल पर प्रभारी डीएम शत्रुंजय मिश्र, गोगरी एसडीओ सुभाष चंद्र मंडल व गोगरी एसडीपीओ मनोज कुमार आदि देर शाम तक रहे। घायल मजदूर इलाज कराने कहीं दूसरी जगह निकल गए थे, इस कारण उनके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।  आप को मालूम हो कि उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय चैधा-बन्नी, चंडी टोला की चहारदीवारी मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से पिछले साल पांच नवंबर को ही बनी थी। इसकी कुल लागत 13 लाख 69 हजार दो सौ रुपये थी। एक जेई ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि किसी स्ट्रक्चर से सटकर खोदाई करना तकनीकी रूप से सही नहीं है। अगर दीवार से सटकर नाला निर्माण के लिए खोदाई की जा रही थी, तो वह गलत है। ऐसे में पूर्व के बने स्ट्रक्चर के गिरने की आशंका रहती है। 

पन्नालाल सिंह पटेल,  विधायक बेलदौर ने कहा - विधानसभा का सत्र चल रहा है। मैं पटना में हूं। घटना की सूचना मिली है। इसकी जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो, उस पर सख्त कार्रवाई हो। मृतकों के स्वजनों को मुआवजा मिले।

रविवार, 7 मार्च 2021

कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस के रिसाव से हुआ धमाका, 2 की मौत , कई घायल : OmTimes

 लखनऊ ( ऊँ टाइम्स) राजधानी के इटौंजा थाना क्षेत्र के गोराही गांव में स्थित बिंदेश्वरी कोल्ड स्टोर में शनिवार रात अमोनिया गैस रिसाव के फटने से तेज धमाके के साथ बड़ा हादसा हो गया। घटना के दौरान तकरीबन 10 मजदूर मौके पर कोल्ड स्टोरेज के भीतर काम कर रहे थे। धमाके से 2 मजदूरों की मौके पर मौत हो गई। वहीं अन्य का इलाज किया जा रहा है। इसी बीच 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।  शनिवार देर रात लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र के गोराही माल रोड स्थित बिंदेश्वरी कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण का काम किया जा रहा था। तभी अचानक अमोनिया गैस रिसाव होने लगा और एकाएक तेज धमाका हो गया। धमाके से आस-पास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। धमाके से कोल्ड स्टोरेज के ऊपर गुम्बद नुमा हिस्सा उड़ गया।  इस हादसे में चार मजदूर मिश्रीलाल (35), धर्मेंद्र कुमार (30), परमानंद (30) सभी निवासी सिधौली सीतापुर और विनोद कुमार (30) निवासी घुंघटेर जिला बाराबंकी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस विभाग की टीम ने घायलों को अस्पताल भेज कर स्टोरेज में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया। घटना की जानकारी मिलते ही लखनऊ के सीएमओ संजय भटनागर के साथ पुलिस अधिकारी, फायर स्टेशन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। आनन-फानन के पुलिस टीम की ओर से रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया। मौके पर एम्बुलेंस के सहारे हादसे का शिकार हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जहां सिधौली के रहने वाले 2 मजदूरों की मौत हो गई और अन्य दो की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें केजीएमयू रेफर किया गया है।  तकरीबन 2 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अमोनिया गैस को कंट्रोल किया गया। सूचना पर एसडीएम बीकेटी नवीन चंद्र और अन्य अधिकारी भी पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंचे एफएसओ ने बताया कि अमोनिया रिसाव के कारण यह धमाका हुआ था। धमाका कैसे और क्यों हुआ इसकी पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही जइस जगह से अमोनिया का रिसाव हो रहा था, उस प्वाइंट को बंद कर दिया गया है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थितियों को तो कंट्रोल कर लिया, लेकिन कोल्ड स्टोरेज में अचानक यह हादसा कैसे हो गया। अब पुलिस टीम इसकी जांच में जुट गई है। सीओ बख्शी का तालाब हिरदेश ने कहा कि इस हादसे के बाद अब कोल्ड स्टोरेज के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस टीम सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

नौतनवा रूट के साथ साथ गोरखपुर से बढनी डेमू की जगह पैसेंजर चलाने की तैयारी : OmTimes

लखनऊ  (ऊँ टाइम्स)  लखनऊ मंडल के गोरखपुर से बढऩी और नौतनवा रेलमार्ग पर भी ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू हो जाएगा। फिलहाल, इन रूटों पर डेमू की जगह पैसेंजर ट्रेन (सवारी गाड़ी) चलाने की कवायद शुरू हो चुकी है। होली से पहले ही लोगों को यह सेवा मिलनी शुरू हो जाएगी।  दरअसल, रेलवे बोर्ड ने प्रथम चरण में पूर्वोत्तर रेलवे की 32 सवारी गाडिय़ों को एक्सप्रेस बनाकर चलाने की अनुमति दी है। जिसमें बढऩी और नौतनवा रूट पर डेमू ट्रेनें शामिल हैं। लेकिन 11 माह से खड़ी डेमू ट्रेनें अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। जानकारों के अनुसार औडि़हार स्थित लोको शेड में निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते डेमू ट्रेनों की मरम्मत नहीं हो पा रही। ऐसे में रेलवे प्रशासन डेमू ट्रेनों की जगह पैसेंजर चलाने की योजना बना रहा है। इसके लिए रेक तैयार किए जा रहे हैं। इन रूटों पर भी ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाने के बाद स्थानीय लोगों की राह आसान हो जाएगी।  आज रविवार से गोरखपुर से चार रेलमार्गों पर एक्सप्रेस के रूप में पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। शुरुआत गोरखपुर-सिवान पैसेंजर से होगी। आठ मार्च से गोरखपुर-छपरा, नौ मार्च से गोरखपुर-सीतापुर और दस मार्च से गोरखपुर-नरकटियागंज पैसेंजर एक्सप्रेस के रूप में चलने लगेंगी।   पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन के चलते ट्रेनों का निरस्तीकरण जारी है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार 07 मार्च को चलने वाली 05531 सहरसा-अमृतसर तथा 08 मार्च को चलने वाली 05532 अमृतसर-सहरसा स्पेशल एक्सप्रेस निरस्त रहेंगी। इसके अलावा शहीद स्पेशल सहित कुछ ट्रेनें मार्ग बदलकर चलाई जाएंगी।

शुक्रवार, 5 मार्च 2021

अमेरिका के इस 24 पेज वाले दस्‍तावेज में कौन है अमेरिका का नंबर-1 दुश्मन : OmTimes

वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) अमेरिका ने कि एक जोरदार खुलासा! अमेरिकी राष्‍ट्रपति  बाइडन की राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में भी अमेरिका का दुश्‍मन नंबर वन चीन को माना गया है। अमेरिका की 24 पेज वाली राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में चीन को प्रबल विरोधी के रूप में पेश किया है। आइए जानते हैं‍ कि इस राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में अमेरिका को किन देशों को लेकर सजग और सचेत रहने को कहा गया है। आखिर चीन समेत अन्‍य देशों को बाइडन की इस राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति को क्‍यों था इंतजार। अब हम आप को बता रहे हैं कि इस रिपोर्ट से भारत क्‍यों है खुश।  ...     

 News Update by - OmTimes News paper India  ....   

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन द्वारा पद ग्रहण करने के बाद दुनिया की नजर उनकी नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा रणनीति पर टिकी थी। राष्‍ट्रपति चुनाव के दौरान बाइडन ने पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के कई फैसलों की निंदा की थी। खासकर चीन और ईरान की आक्रामक नीति को लेकर वह ट्रंप के खास विरोधी थे। ऐसे में सत्‍ता सभांलने के बाद दुनियां की नजरें बाइडन की नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति पर टिकी थी। चीन, रूस, ईरान और उत्‍तर कोरिया को अमेरिका की राष्‍ट्रीय सुरक्षा रणनीति का खास इंतजार था। चुनाव के वक्‍त बाइडन का चीन के प्रति उदार दृष्टिकोण से उसे यह उम्‍मीद जगी थी कि अमेरिका के नए निजाम के साथ उसके ताल्‍लुकात बेहतर रहेंगे। यही  उम्‍मीद ईरान को भी थी। आप को बता दें‍ कि पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के वक्‍त परमाणु करार को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच संबंधों में काफी तल्खी आ गई थी। ईरान को उम्‍मीद थी कि बाइडन प्रशासन में उसके संबंध सामान्‍य हो जाएंगें।   हालांकि, प्रो. हर्ष पंत का मानना है कि चीन की महत्‍वकांक्षा को देखते हुए इस बात की उम्‍मीद कम ही थी कि वाशिंगटन से उसके बेहतर संबंध कायम होंगे। उनका कहना है कि चीन की विस्‍तारवादी नीति में अमेरिका उसकी सबसे बड़ी बाधा है। उन्‍होंने कहा कि कोराना महामारी के बाद राष्‍ट्रपति बाइडन को एक नए अमेरिका का साम्राज्‍य मिला। ऐसा अमेरिका जो कोरोना महामारी के चलते आर्थिक रूप से कमजोर हुआ है। बाइडन के समक्ष आंतरिक तथा वाह्य चुनौतियां पहले से ज्‍यादा जटिल हैं। जाहिर है कि बाइडन प्रशासन को देश के अंदर और बाहर इन चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी नई रणनीति तय करनी होगी। बाइडन प्रशासन के लिए चीन को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती होगी। इसी तरह रूस, ईरान और उत्‍तर कोरिया पर भी अपनी स्‍पष्‍ट रणनीति तय करनी होगी।  

बाइडन की राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में पहली बार अमेरिका की चिंता स्‍पष्‍ट रूप से दिखी है। इस दस्‍तावेज में कहा गया है कि व‍िश्‍व में शक्ति संतुलन की स्थिति में तेजी से बदलाव हो रहा है। अमेरिकी सुरक्षा नीति में चीन को लेकर बड़ी चिंता जाहिर की गई है। इसमें कहा गया है कि दुनिया में चीन तेजी से मुखर हो रहा है। अमेरिका ने अपना मुख्‍य प्रतिद्वंद्वी चीन को ही माना है। दस्‍तावेज में उल्‍लेख है कि चीन आर्थिक, कूटनीतिक, सैन्‍य और तकनीकी रूप से सक्षम है। इन सभी क्षेत्रों में वह अमेरिका के रूप में बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति के बाद यह तय हो गया है कि चीन को बाइडन प्रशासन से कोई राहत मिलने वाली नहीं है। बाइडन प्रशासन और चीन के संबंध अब तनावपूर्ण और तल्‍ख ही रहेंगे। इसमें कोई बड़ा बदलाव होने वाला नहीं है। इससे एक बात और साफ हो गई है कि बाइडन भी अपने पूर्ववर्ती डोनाल्‍ड ट्रंप की राह पर चलने के लिए बाध्‍य होंगे।  प्रो. पंत का कहना है कि अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्‍ती के बाद यह सवाल उठने लगा था कि अगर जो बाइडन चुनाव में विजयी होते हैं तो भारत के साथ उनके कैसे रिश्‍ते होंगे। अमेरिका की नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति के बाद यह संशय भी खत्‍म हो गया है। राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में भारत के साथ प्रगाढ़ संबंधों पर जोर दिया है। राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में भारत से दोस्‍ती को मजबूत रखने का आग्रह किया गया है। इस सुरक्षा नीति में दक्षिण चीन सागर और प्रशांत क्षेत्र में चीन की दिलचस्‍पी को नियंत्रित करने के लिए भारत को और मजबूत करने पर बल दिया गया है।

भारत के डब्ल्यूटीओ में कोरोना वैक्सीन को पेटेंट से मुक्त कराने में साथ साथ आये 57 देश : OmTimes

 नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दुनियां को किफायती दाम पर कोरोना वैक्सीन मुहैया कराने की मुहिम में इस समय भारत जुटा हुआ है। इस काम को अंजाम देने के लिए भारत कोरोना वैक्सीन को पेटेंट नियम से बाहर लाने की जी-तोड़ कोशिश कर रहा है। इस प्रयास के तहत भारत ने हाल ही में विश्व व्यापार संगठन से कोरोना वैक्सीन को ट्रेड रिलेटेड आस्पेक्ट्स ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (ट्रिप्स) यानी व्यापार संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकार से बाहर रखने की गुजारिश किया है ताकि छोटे एवं सबसे कम विकसित देशों को आसानी से कम दाम पर वैक्सीन मिल सके। 

इस कोशिश में दुनियां के और 57 देश भारत का साथ दे रहे हैं,और इनमें से 35 देश सबसे कम विकसित देश है। हालांकि अमेरिका और यूरोप के कई विकसित देश भारत के प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है। शुक्रवार को इटली ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की 2.5 लाख डोज के ऑस्ट्रेलिया निर्यात पर रोक लगा दी। यूरोपीय संघ ने भी इटली के इस कदम का समर्थन किया है। 

विशेषज्ञों के मुताबिक वैक्सीन को लेकर विकसित देशों के इस रवैये को देखते हुए इसे ट्रिप्स से बाहर लाना अत्यधिक आवश्यक हो गया है। इनका यह भी मानना है कि वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर रखा जाता है तो भारत इसका सबसे बड़ा निर्यातक और आपूर्तिकर्ता देश बन जाएगा। भारत के वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उन्हें इस बात का भरोसा है कि दुनिया का दवा उद्योग कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर रखने के प्रस्ताव का खुले दिल से समर्थन करेगा। 

फरवरी के आखिरी सप्ताह में डब्ल्यूटीओ में भारत ने कहा था कि कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स के दायरे से बाहर नहीं लाने पर खरबों डॉलर के वैश्विक उत्पादन का नुकसान हो जाएगा। ट्रिप्स से कोरोना वैक्सीन को बाहर रखने पर कोरोना वैक्सीन का उत्पादन आसान हो जाएगा, लेकिन अमेरिका, यूरोप व जापान फिलहाल इसके पक्ष में नहीं हैं। 

हालांकि, धीरे-धीरे भारत के प्रस्ताव का समर्थन बढ़ता जा रहा है। यूरोपीय संसद के 115 सदस्यों ने कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर रखने का समर्थन किया है। गत 26 फरवरी तक दुनिया के 130 देशों में कोरोना वैक्सीन का एक भी डोज किसी को नहीं दिया गया था। 

दवा निर्यात संव‌र्द्धन परिषद के चेयरमैन दिनेश दुआ कहते हैं, दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाली 60 फीसद वैक्सीन भारत में बनती है। भारत के पास वैक्सीन बनाने की सबसे अधिक क्षमता है। कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर करने पर भारत वैक्सीन का सबसे बड़ा उत्पादक के साथ सबसे बड़ा निर्यातक देश बन जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका दूसरा फायदा यह होगा वैश्विक पटल पर भारत की धाक जमेगी।

दुआ ने बताया कि दुनियां के दो दर्जन से अधिक देश कोरोना वैक्सीन के लिए भारत से मदद मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने ऑस्ट्रेलिया को वैक्सीन देने का करार किया था, फिर भी इटली ने वैक्सीन भेजने की इजाजत नहीं दी। ऐसे में, वैक्सीन के भारी उत्पादन से ही सभी देशों को अगले एक-दो साल में वैक्सीन मिल पाएगी। 

बुधवार, 3 मार्च 2021

भारत विरोधी एजेंडे के लिए कश्मीरी छात्रों को डिग्रियां देता है पाकिस्तान, NIA ने दिया चौंकाने वाली जानकारी : OmTimes

नई दिल्ली.(ऊँ टाइम्स)  एनआईए ने दिया चौंकाने वाली रिपोर्ट!   पाकिस्तान सरकार जम्मू-कश्मीर के छात्रों को एमबीबीएस, इंजीनियरिंग के पाठयक्रम या अन्य शिक्षण संस्थानों में दाखिला और छात्रवृत्ति अपने भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए देती है। डाक्टर, इंजीनियर बनने के लिए पाकिस्तान पहुंचने वाले कश्मीरी छात्रों में जिहादी और अलगाववादी मानसिकता को बढ़ावा देकर उन्हें आतंकी और अलगाववादी बनाया जाता है। पाकिस्तान की इस साजिश का पर्दाफाश जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने किया है।  

एनआइए ने टेरर फंडिंग के सिलसिले में दायर अपने आरोपपत्र में बताया है कि आतंकियों, हुर्रियत कांफ्रेंस और पाकिस्तान सरकार के बीच एक त्रिपक्षीय गठजोड़ है, जो पाकिस्तान के प्रति झुकाव रखने वाले कश्मीरी डाक्टरों, इंजीनियरों की एक पौध तैयार करने में जुटा हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी और उदारवादी हुर्रियत नेता मीरवाइज मौलवी उमर फारूक व उनके कई अन्य साथी पाकिस्तान में कश्मीरी छात्रों के दाखिले का प्रबंध करते रहे हैं। इनकी सिफारिश पर पाकिस्तान के लिए कश्मीरी छात्रों व अन्य लोगों को वीजा आसानी से मिल जाता था। 

जांच में पता चला है कि जो भी छात्र पाकिस्तान पढ़ने गए हैं, उनमें से अधिकांश किसी पूर्व आतंकी के रिश्तेदार या सक्रिय आतंकियों के साथ किसी न किसी तरीके से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा हुर्रियत नेता कश्मीर के कुछ प्रभावशाली परिवारों के बच्चों को पाकिस्तान में मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेजों में दाखिला दिलाने की आड़ में उनसे मोटी रकम भी प्राप्त करते रहे हैं। इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा आतंकी व अलगाववादी गतिविधियों में खर्च होता रहा है।

एनआइए ने अदालत को बताया कि अलगाववादी नेता नईम खान के मकान की तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज मिले। यह दस्तावेज पाकिस्तान में एक कश्मीरी छात्र को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए दाखिला दिलाने की सिफारिश से संबंधित थे। इनमें एक छात्र के बारे में बताया गया था कि वह और उसका परिवार पाकिस्तान समर्थक है, वह कश्मीर की आजादी के प्रति संकल्पबद्ध है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले का नोटिस लिया था, और उन्होंने जांच एजेंसियों को इस पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद ही जम्मू कश्मीर से गुलाम कश्मीर या पाकिस्तान में एमबीबीएस या इंजीनियरिग की पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों की संख्या में कमी आई है। अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद यह संख्या नाममात्र रह गई है, क्योंकि हुर्रियत नेताओं ने जो पढ़ाई के लिए दाखिले दिलाने की दुकान खोल रखी थी, वह बंद हो गई है। 

हुर्रियत, आतंकियों और पाकिस्तान सरकार द्वारा कश्मीरी छात्रों को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की इस साजिश का जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन सत्ता तंत्र को पूरा पता था, लेकिन किसी ने इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान गए कई छात्रों ने वहां उन्हें कश्मीर में पाकिस्तानी एजेंडे को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूर किए जाने के बारे में एजेंसियों को भी बताया था। 

कई छात्रों ने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के पक्ष को सही ठहराने संबंधी मुद्दों के बारे में कश्मीर आकर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को बताया था। करीब एक साल पहले सुरक्षा एजेंसियों ने बताया था कि जम्मू कश्मीर से करीब 700 छात्र पकिस्तान के विभिन्न मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेजों में पढ़ने गए हैं। इनमें से अधिकांश छात्र कश्मीर घाटी से संबंध रखते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही करने वाले हैं विदेश का दौरा : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी की वजह से राष्ट्र प्रमुखों के विदेश दौरे पर लगी रोक अब खत्म होने का संकेत मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसी 26 मार्च को बांग्लादेश दौरे से विदेश यात्राओं की शुरुआत हो जाएगी। विदेश मंत्रालय में पीएम मोदी की मई, 2021 में यूरोपीय संघ की यात्रा को लेकर भी तैयारी जोरों पर है। यूरोपीय संघ की यात्रा के कुछ ही समय बाद मोदी जून, 2021 में समूह-7 देशों की बैठक में हिस्सा लेने ब्रिटेन भी जा सकते हैं। यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की यात्रा के दौरान पीएम कुछ अन्य देशों को भी अपनी यात्रा के रूट में शामिल कर सकते हैं। 

इसके साथ ही कुछ विदेशी मेहमानों के भी भारत आने को लेकर विमर्श का गंभीर दौर चल रहा है। इसमें सबसे पहले जापान के पीएम योशीहिदे सुगा और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के भारत आने को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय जापान व रूस के विदेश मंत्रालयों के संपर्क में है। इन दोनों राष्ट्राध्यक्षों को दिसंबर, 2019 में भारत आना था लेकिन कुछ वजहों से तब यह दौरा स्थगित हो गया था। बाद में कोरोना की वजह से यात्रा नहीं हो सकी। वैसे इस साल (2021) में भारत ब्रिक्स संगठन की अध्यक्षता कर रहा है। कोरोना से यदि हालात और न बिगड़े तो 2021 के मध्य के बाद ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका और चीन के राष्ट्राध्यक्ष भारत दौरे पर आ सकते हैं। हाल ही में ब्रिक्स देशों के शेरपाओं (संगठन की तैयारियों पर अंतिम फैसला करने वाले सभी देशों के प्रतिनिधि) की पहली बैठक हुई जिसमें संगठन के तहत होने वाली छह शीर्ष स्तरीय बैठकों के बारे में शुरुआती चर्चा की गई है। 

सूत्रों का कहना है कि कोरोना की वजह से वर्चुअल बैठक कूटनीति की नई सच्चाई बन गई है। इसके बावजूद द्विपक्षीय रिश्तों को तय करने और उनकी दिशा बनाने में व्यक्तिगत मेल-मिलाप की अपनी अहमियत है और यह आगे भी बनी रहेगी। हाल के दिनों में पीएम मोदी की जिन विदेशी नेताओं से बात हुई है उसमें कई ने उन्हें अपने देश आने के लिए आमंत्रित किया है। मसलन, ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन और आस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरीसन ने मोदी के साथ टेलीफोन वार्ता में उन्हें अपने देश की यात्रा पर आने के लिए आमंत्रित किया था। 

हमेशा की तरफ प्रधानमंत्री विदेश दौरों की शुरुआत पड़ोसी देशों के साथ कर रहे हैं। 26 और 27 मार्च, 2021 को वह बांग्लादेश की यात्रा के बाद निकट भविष्य में उनके नेपाल जाने की भी संभावना है। वैसे इस बारे में फैसला पड़ोसी देश नेपाल में राजनीतिक माहौल देख कर किया जाएगा।