रविवार, 28 फ़रवरी 2021

म्यांमार में पुलिस की बर्बरता, पुलिस की गोली से 18 से अधिक की मौत, यूएन में आवाज उठाने वाले राजदूत को सेना ने किया बर्खास्त : OmTimes

यंगून (ऊँ टाइम्स)  म्यांमार में तख्तापलट के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर रविवार को पुलिस ने फायरिंग की। इसमें 18 लोगों की मौत हुई और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने भी प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बर्बर कार्रवाई रोकने को कहा।

 वहीं संयुक्त राष्ट्र में सेना के खिलाफ आवाज उठाने वाली म्यांमार के राजदूत क्याव मो तुन को बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने विश्व समुदाय से सैन्य शासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था को तत्काल बहाल करने की गुहार लगाई थी।  

आप को बता दें कि तख्तापलट और देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू की को गिरफ्तार किए जाने के बाद से म्यांमार में प्रदर्शनों का दौर जारी है। नवंबर में हुए चुनाव में सू की पार्टी ने जोरदार जीत दर्ज की थी, लेकिन सेना ने धांधली की बात कहते हुए परिणामों को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया था। 

रविवार को सबसे बड़े शहर यंगून सहित देश के विभिन्न हिस्सों में लोकतंत्र समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर तख्तापलट का विरोध किया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने स्टेन ग्रेनेड, आसूं गैस के गोले और हवा में फायरिंग की। जब इस पर भी प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए तो पुलिसवालों ने छिपकर प्रदर्शनकारियों को अपना निशाना बनाया।  

मीडिया में चल रही तस्वीरों में घायल हुए लोगों को उनके साथी उठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं फुटपाथ पर खून और खून के धब्बे अभी भी दिखाई दे रहे हैं। यंगून स्थित एक डॉक्टर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि अस्पताल लाए जाने के बाद एक व्यक्ति की मौत हुई। उसके सीने पर गोली लगी थी।  

वहीं यंगून में ही टीचरों के प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने स्टेन ग्रेनेड का उपयोग किया, जिसके चलते एक महिला टीचर को दिल का दौरा पड़ा और उसकी तत्काल मौत हो गई। यंगून के एक अन्य इलाके में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में तीन लोग मारे गए हैं जबकि म्यांमार की मीडिया ने मांडले में दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। कई लोग घायल भी बताए जाते हैं।   

यंगून मेडिकल स्कूल के बाहर भी पुलिस द्वारा स्टेन ग्रेनेड फेंकने का पता चला है। डॉक्टरों के संगठन 'व्हाइटकोट अलायंस ऑफ मेडिक्स' ने कहा कि पचास से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य शहरों में भी विरोध-प्रदर्शन की जानकारी मिली है। तख्तापलट के बाद किए गए विरोध-प्रदर्शनों में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। 

म्यांमार में तख्तापलट की अधिकांश देशों ने निंदा की है, लेकिन चीन की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कहा जा रहा है कि चीन तख्तापलट का समर्थन कर रहा है। ताइवान टाइम्स के मुताबिक चीनी सैनिकों को विमानों से लाया गया और म्यांमार के कई शहरों में देखा गया है। इंटरनेट मीडिया में भी इस तरह के दावे किए जा रहे हैं।

तमिलनाडु में फिर लग गया लाकडाउन,,महाराष्‍ट्र में भी लग गई है पाबंदियां : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए एकबार फिर सख्‍त पाबंदियों का दौर शुरू हो गया है। तमिलनाडु सरकार ने 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। यही नहीं कोरोना से जुड़े अन्य प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं जिसके बीच राज्‍य सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। महाराष्‍ट्र में संक्रमण बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। एक दिन में 8,623 नए मामले सामने आए हैं जिसके चलते राज्‍य में पाबंदियों का सिलसिला जारी है।  

तमिलनाडु सरकार ने की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कोरोना की रोकथाम के लिए राज्‍य में लॉकडाउन को 31 मार्च तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। आदेश के मुताबिक सार्वजनिक जगहों और यात्रा के दौरान लोगों के लिए मास्‍क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही सार्वजनिक जगहों और दुकानों पर शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। यही नहीं सर्वाजनिक जगहों पर थूकने पर स्‍थानीय अधिकारियों द्वारा जुर्माना लगाया जाएगा।  

जारी आदेश में कहा गया है कि कॉमन पब्लिक प्‍लेस पर थर्मल स्‍केनिंग जरूरी होगी। साथ ही हेंडवॉश या सेनेटाइजर का इस्‍तेमाल करना होगा। यही नहीं कॉमन पब्लिक प्‍लेस को समय समय पर सेनेटाइज किया जाएगा। दरवाजों के हैंडिल समेत उन सभी मानव स्‍पर्श वाले टूल्‍स को भी सेनेटाइज किया जाएगा। वर्क प्‍लेस पर लोगों के बीच शारीरिक दूरी का ख्‍याल रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।  

तमिलनाडु में कंटेनमेंट जोन को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु में कोरोना से संक्रमण के 479 नए मामले सामने आए हैं जबकि तीन लोगों की मौत हो गई। इससे राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8.51 लाख हो गई जबकि महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 12,496 हो गया है। मौजूदा वक्‍त में राज्‍य में 4,022 मरीजों का इलाज चल रहा है।  

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में कोरोना संक्रमण के 182 नए मामले सामने आए जिससे यहां संक्रमितों की संख्या 2,35,532 हो गई है। तमिलनाडु में अब तक कुल 1.74 करोड़ नमूनों की कोविड जांच की जा चुकी है। सूबे में टीकाकरण में तेजी लाने के लिए 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के साथ ही 45 वर्ष से 59 वर्ष तक के गंभीर मरीजों को सोमवार से टीकाकरण को लेकर व्‍यापक इंतजाम किए गए हैं। 

मराठवाड़ा में सख्‍त पाबंदियों का सिलसिला चालू - कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार को देखते हुए महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में एतियात बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। हिंगोली में सोमवार से सात मार्च तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस दौरान स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थल और कार्यक्रम स्थल बंद रहेंगे। बैंकों में केवल प्रशासनिक काम ही किए जाएंगे। हिंगोली में शनिवार को 46 नए मामले मिले थे। 

पुणे जिले में भी कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए लागू पाबंदियों को 14 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश में गैर आवश्यक कार्यों से रात 11 से सुबह छह बजे के बीच आवागमन पर रोक शामिल है। यही नहीं शैक्षणिक संस्थाओं को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि पुणे में ये प्रतिबंध 21 फरवरी को लागू किए गए थे। पुणे जिले में शनिवार को 1,505 नए मामले मिले थे। 

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं राज्य में लॉकडान लागू नहीं करना चाहता लेकिन कुछ मजबूरी है। लोगों को मास्क पहनना चाहिए और लॉकडाउन से बचना चाहिए।  

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 16,752 नए केस सामने आए हैं जिससे संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ 10 लाख 96 हजार को पार कर गया है। इनमें से एक करोड़ सात लाख 75 हजार से अधिक मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और 1,57,051 मरीजों की अब तक जान भी जा चुकी है। बीते 24 घंटे में 113 मरीजों की मौत भी हुई। मरीजों के उबरने की दर 97.10 फीसद जबकि मृत्युदर 1.42 फीसद है।  

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक छह राज्यों महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात में सबसे ज्यादा नए संक्रमित मिल रहे हैं। मंत्रालय ने कहा है कि 16,752 नए मामलों में से 86.37 फीसद कोरोना के केस इन्हीं राज्यों में पाए गए हैं। बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 8,623, केरल में 3,792, पंजाब में 593, कर्नाटक में 523, तमिलनाडु में 486 और गुजरात में 451 नए मामले सामने आए हैं। 

शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

अमेरिका ने भारत से भी लिया है 216 अरब डॉलर से भी अधिक का कर्ज

 वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सनसनी खेज खबर, अमेरिका पर कर्ज का भार तेजी से बढ़ा है। खास बात यह है कि भारत का भी उस पर 216 अरब डॉलर का कर्ज है। अमेरिका के सिर पर कुल 29 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज चढ़ा हुआ है। अमेरिका के एक सांसद ने सरकार को बढ़ते कर्ज भार को लेकर आगाह किया है। चीन और जापान का अमेरिका पर सबसे ज्यादा कर्ज है।  वर्ष 2020 में अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज भार 23.4 ट्रिलियन डॉलर था। इसका आशय यह हुआ कि प्रत्येक अमेरिकी पर 72,309 डॉलर (53 लाख रुपये से अधिक) का कर्ज है। अमेरिकी सांसद एलेक्स मूनी ने कहा, 'हमारा कर्ज बढ़कर 29 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने जा रहा है। इसका मतलब है कि हर व्यक्ति पर कर्ज का भार और अधिक बढ़ रहा है। कर्ज के बारे में सूचनाए बहुत भ्रामक हैं कि यह जा कहां रहा है।  चीन और जापान हमारे सबसे बड़े कर्जदाता हैं, लेकिन वे वास्तव में हमारे दोस्त नहीं हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बाइडन सरकार के करीब दो ट्रिलियन डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज का विरोध करते हुए वेस्ट वर्जीनिया का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद मूनी ने कहा, 'चीन के साथ वैश्विक स्तर पर हमारी प्रतिस्पर्धा है। उनका हमारे ऊपर बहुत बड़ा कर्ज चढ़ा हुआ है।  सांसद मूनी ने कहा कि चीन और जापान का हमारे ऊपर एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक का कर्ज है। सांसद मूनी ने कहा, 'वे देश जो हमको कर्ज दे रहे हैं, हमें उनका कर्ज चुकाना भी है। जरूरी नहीं कि इन देशों को हमारे श्रेष्ठ हित का ध्यान हो, जिनके बारे में हम यह नहीं कह सकते कि वे दिल में हमेशा हमारे हित का खयाल रखते हैं।'  उन्होंने कहा कि ब्राजील को हमें 258 अरब डॉलर देना है। भारत का हमारे ऊपर 216 अरब डॉलर बकाया है। हमारे विदेशी कर्जदाताओं की यह सूची लंबी है। वर्ष 2000 में अमेरिका पर 5.6 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज था जो ओबामा प्रशासन के दौरान दोगुना हो गया।  मूनी ने कहा कि ओबामा के आठ साल के कार्यकाल के दौरान हमने अपने ऊपर कर्ज का भार दोगुना कर लिया। अब हम इसे और बढ़ाने जा रहे हैं। कर्ज और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुपात काबू से बाहर हो गया है। हम प्रति व्यक्ति के हिसाब से प्रति वर्ष 10 हजार डॉलर का कर्ज विदेशों से ले रहे हैं।

शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021

बंगाल सहित पांच राज्यों में हुआ चुनाव की तारीखों का एलान : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही साथ पाचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होंगे। वहीं  असम में तीन चरण में और केरल, पुडुचेरी व तमिलनाडु में एक-एक चरण में विधानसभा चुनाव होंगे।  चुनाव आयुक्त ने बताया कि मतदान से लेकर परिणाम तक की पूरी प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू होकर 2 मई तक चलेगी। 2 मई को पांचों राज्यों के नतीजे आ जाएंगे। चुनाव के दौरान सुरक्षा का व्यापक बंदोबश्त किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बंगाल में पहला चरण- 27 मार्च को होगा, दूसरा- 1 अप्रैल, तीसरा- 6 अप्रैल, चौथा- 10 अप्रैल, पांचवां चरण- 17 अप्रैल, छठा चरण- 22 अप्रैल, सातवां चरण- 26 अप्रैल, आठवें चरण का मतदान- 29 अप्रैल को होगा। असम में प्रथम चरण का मतदान- 27 मार्च, दूसरे चरण का मतदान- 1 अप्रैल और तीसरे चरण का मतदान -6 अप्रैल को होगा। केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 6 अप्रैल को मतदान होंगे। सभी राज्यों में 2 मई को मतगणना होगी।  सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना को ध्यान में रखते हुए चुनाव होंगे। पांच राज्यों में कुल 824 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होंगे। 18.68 करोड़ मतदाता तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे। कोरोना के कारण मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया गया है। सभी चुनाव अधिकारियों का कोरोना टीकाकरण होगा। चुनाव ग्राउंंड फ्लोर पर होंगे। चुनाव के दौरान पर्याप्त केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। सभी महत्वपूर्ण, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान की गई है और पर्याप्त संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की जाएगी।   मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के अनुसार केरल में पहले 21,498 चुनाव केंद्र थे, अब यहां चुनाव केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 40,771 कर दी गई है। पश्चिम बंगाल में 2016 में 77,413 चुनाव केंद्र थे, अब यहां 1,01,916 चुनाव केंद्र होंगे। असम में 2016 विधानसभा चुनाव में 24,890 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 33,530 होगी। तमिलनाडु में 2016 विधानसभा चुनाव में 66,007 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 88,936 होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने जानकारी दी कि चुनाव के दौरान नियमों का पालन अनिवार्य होगा। घर-घर चुनाव प्रचार के लिए पांच लोगों के साथ जाने की अनुमति होगी। नामांकन की प्रक्रिया और सिक्योरिटी मनी ऑनलाइन भी जमा होगी। रैली के मैदान तय होंगे। सभी राज्यों में सुरक्षा बल पहले ही भेज दिए जाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि महामारी के दौरान चुनाव आयोग ने सबसे पहले राज्यसभा की 18 सीटों पर चुनाव कराए थे। इसके बाद बिहार विधानसभा चुनावों की चुनौती आई। अब एक साथ पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव कराना ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कई कर्मचारी संक्रमण की चपेट में आए, ठीक हुए और चुनावी ड्यूटी निभाई।

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

26 फरवरी को ब्यापारियों ने भारत बन्द का किया है ऐलान : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  वस्तु एवं सेवा कर की खामियों को दूर करने एवं डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के खिलाफ 26 फरवरी को देश भर के व्यापारियों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है। भारत बंद में करीब 8 करोड़ छोटे कारोबारी शामिल होंगे। साथ ही देश के करीब 1 करोड़ ट्रांसपोर्टर और लघु उद्योग और महिला उद्यमियों के भी इसें शामिल होने का दावा किया जा रहा है। 

द कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 26 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। इस दिन सभी व्यावसायिक बाजार बंद रहेंगे। सड़क परिवहन क्षेत्र की सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया ट्रांसपोटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने कैट के समर्थन में सुबह 6 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक चक्का जाम का ऐलान किया है। किसी भी प्रकार की माल की बुकिंग, डिलीवरी, लदाई/उतराई बंद रहेगी। सभी परिवहन कंपनियों को विरोध के लिए कल अपने वाहन पार्क करने के लिए कहा है। देश भर के अलग अलग राज्यों में विरोध स्वरूप 1500 जगहों पर धरने का आयोजन किया जाएगा। इससे लोगों को परेशानी हो सकती है।


देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने पहले ही कैट के व्यापार बंद को न केवल समर्थन दिया है बल्कि उस दिन देश भर में ट्रांसपोर्ट का चक्का जाम करने की भी घोषणा की है। इसके अलावा बड़ी संख्या में अनेक राष्ट्रीय व्यापारिक संगठनों ने भी व्यापार बंद का समर्थन किया है जिसमें खास तौर पर ऑल इंडिया एफएमसीजी डिस्ट्रिब्युटर्ज़ फेडरेशन, फेडेरेशन ऑफ अलूमिनियीयम यूटेंसिलस मैन्यूफैकचररस एंड ट्रेडर्ज एसोसिएशन, नार्थ इंडिया स्पाईसिस ट्रेडर्स एसोसिएशन, आल इंडिया वूमेंन एंटेरप्रिनियर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया कम्प्यूटर डीलर एसोसीइएशन, आल इंडिया कॉस्मेटिक मनुफक्चरर्स एसोसिएशन आदि शामिल हैं।

कैट यानी कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा है कि 26 फरवरी को देश के सभी कमर्शियल बाजार बंद रहेंगे। वहीं 1 करोड़ ट्रांसपोर्ट्स ने 26 फरवरी को हड़ताल और चक्का जाम करने की घोषणा की है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के एसोसिएशन और टैक्स एडवोकेट्स ने भी अपने क्लाइंट्स को सूचित किया है कि वह शुक्रवार को ऑफिस में ना आएं, यानी उनके ऑफिस भी बंद रहेंगे। करीब 1500 जगहों पर धरना दिए जाने की भी घोषणा की गई है।

सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

पाकिस्‍तान के इमरान को श्रीलंका ने नहीं दिया संसद में बोलने की इजाजत

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पाक‍िस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की श्रीलंका यात्रा के पूर्व इस पर कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है। इस चर्चा में भारत का नाम भी शामिल है। दरअसल, इमरान खान 22 फरवरी को श्रीलंका के दौर पर जाने वाले हैं। इस दौरे में वह श्रीलंका की संसद को संबोधित करने वाले थे, लेकिन उनके इस कार्यक्रम को श्रीलंका की सरकार ने रद कर दिया। इसको लेकर श्रीलंका और पाक‍िस्‍तान की मीडिया में कई तरह की चर्चाएं जोरों पर है। इसमें भारत का नाम भी शामिल किया जा रहा है। इस यात्रा के दौरान इमरान खान की मुलकात श्रीलंकाई राष्‍ट्रपति गोटाभाया के अलावा उनके समकक्ष महिंदा राजपक्षे के साथ होगी। इमरान श्रीलंका में निवेशकों के एक सम्‍मेलन में भी शिरकत करेंगे। इसके अलावा वह श्रीलंका की संसद को संबोधित करने वाले थे, लेकिन उनके इस कार्यक्रम को श्रीलंका की सरकार ने रद कर दिया।

श्रीलंका और पाकिस्‍तान की मीडिया में इसको लेकर अलग-अलग बयान आ रहे हैं। श्रीलंका मीडिया ने संसद के स्‍पीकर महिंदा यापा के हवाले से कहा है कि कोरोना वायरस के कारण यह कदम उठाया गया है। उधर, पाकिस्‍तानी मीडिया ने लिखा है कि भारत-श्रीलंका के संबंधों के चलते इमरान के भाषण कार्यक्रम को रद किया गया है। मीडिया में कहा गया है कि श्रीलंका सरकार नहीं चाहती कि इमरान के इस भाषण से उसके भारत के साथ संबंध खराब हो। श्रीलंका सरकार का आशंका है कि इमरान संसद में कश्‍मीर का मुद्दा उठा सकते थे। इससे भारत की नाराजगी बढ़ सकती है। श्रीलंका भारत-पाकिस्‍तान के द्व‍िपक्षीय मुद्दे को उठाने से गुरेज कर रही है। श्रीलंका ने भारत को नाराज नहीं करने के वास्‍ते इमरान खान के भाषण कार्यक्रम को रद कर दिया।

मीडिया के अनुसार इमरान श्रीलंका के मुसलमानों के अधिकारों को लेकर भी कुछ टिप्‍पणी कर सकते थे।  इसलिए भी इमरान के भाषण कार्यक्रम को रद करना पड़ा। गौरतलब है कि श्रीलंका की सरकार कोरोना वायरस से मरने वाले मुस्लिमों को शव दफन करने की अनुमति नहीं दे रही थी। इसके चलते मुस्लिमों को शव जलाने पड़े थे। यह रीति मुस्लिमों के खिलाफ है। इसको लेकर श्रीलंका सरकार की काफी निंदा हुई थी। बाद में श्रीलंका सरकार ने शवों को दफन करने की अनुमति दे दिया था।

रविवार, 21 फ़रवरी 2021

महाराष्ट्र में फिर हुई लॉकडाउन की वापसी, पुणे में स्कूल कॉलेज हुए बंद

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगले आठ दिन तय करेंगे कि क्या राज्य में लॉकडाउन लगाना पड़ेगा। बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य के अमरावती जिले में सोमवार से एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है। पुणे में भी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान को बंद करने का आदेश दिया गया है। संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों को आरटी-पीसीआर टेस्ट में तेजी लाने को कहा है।  स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों का कहना है कि लोगों की लापरवाही के चलते महाराष्ट्र एक बार फिर संक्रमण की चपेट में आते नजर आ रहा है। इनका कहना है कि लोगों ने मास्क पहनना और दो गज की शारीरिक दूरी बनाए रखना छोड़ दिया है।  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राज्य के लोगों के नाम जारी वीडियो संदेश में कहा, 'क्या आप लॉकडाउन चाहते हैं। अगले आठ दिनों में तय होगा। राज्य में आज करीब सात हजार नए केस मिले हैं। अगर कोरोना के हालात गंभीर होते हैं तो हमें राज्य में लॉकडाउन लगाना पड़ेगा। जो लोग लॉकडाउन चाहते हैं वो बिना मास्क के आराम से बाहर घूम सकते हैं और जो लोग नहीं चाहते हैं वो मास्क पहनें और नियमों का पालन करें।'  उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में राजनीतिक धरना प्रदर्शनों, रैलियों, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों पर कुछ दिनों के लिए रोक रहेगी, क्योंकि इनमें भीड़ ज्यादा होती है। वहीं, उद्धव सरकार में मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि अमरावती में 22 फरवरी से लॉकडाउन लगाया गया है, जो एक मार्च की सुबह आठ बजे तक जारी रहेगा।  अमरावती मंडल के चार अन्य जिलों अकोला, वाशिम, बुल्ढाड़ा और यवतमाल में भी कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। आवश्यक सामान की दुकानों को छोड़कर लॉकडाउन में सभी दुकानें, सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग सेंटर, ट्रेनिंग स्कूल बंद रहेंगे। लोगों को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक ही सामान खरीदने की छूट होगी। अमरावती में रविवार को 709 नए मामले मिले।  पुणे में भी 28 फरवरी तक सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर बंद कर दिए गए हैं। रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर बाकी लोगों के घर से निकलने पर रोक लगा दी गई है। विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों का कहना है कि लोगों की लापरवाही से मामले बढ़ रहे हैं। लोगों ने मास्क पहनना और दो गज की दूरी बनाए रखना छोड़ दिया है। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान 6,971 नए मामले मिले हैं और 35 लोगों की मौत हुई है।  पिछले साल अप्रैल में गठित कोरोना वायरस टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. संजय ओक ने कहा कि राज्य में बढ़ते मामले को महामारी की दूसरी लहर नहीं कहा जा सकता, लेकिन लोग पाबंदियों और निर्देशों को नहीं मान रहे हैं। महाराष्ट्र के प्रधान स्वास्थ्य सचिव प्रदीप व्यास ने कहा कि लोगों की अनुशासनहीनता और लापरवाही से मामले बढ़ रहे हैं। राज्य में मामलों के दूना होने की दर 600 दिनों से घटकर 393 दिन पर आ गई है। 24 घंटे के दौरान महाराष्ट्र में छह हजार से ज्यादा नए मामले मिले हैं।  केरल के अलप्पुझा जिले में भी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां साप्ताहिक संक्रमण की दर बढ़कर 10.7 फीसद हो गई है। इस दौरान 2,833 मामले भी सामने आए हैं। इसके अलावा पंजाब, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी पिछले कुछ दिनों से मामले बढ़ रहे हैं।  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र और केरल से बढ़ते मामलों को देखते हुए आरटी-पीसीआर टेस्ट में तेजी लाने को कहा है। केंद्र ने कहा कि रैपिड एंटीजेन टेस्ट में जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई हो, उनकी अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाए। इसके साथ ही वायरस की संरचना में हो रहे बदलाव पर भी लगातार नजर रखने का सुझाव दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रविवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 1,45,634 हो गई है, जो कुल मामलों का 1.32 फीसद है। इस दौरान 14,264 नए मामले मिले हैं और 90 लोगों की मौत हुई है। कुल संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ नौ लाख 91 हजार से अधिक हो गया है। इनमें से एक करोड़ छह लाख 89 हजार मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और 1,56,302 लोगों की जान भी जा चुकी है।

शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

गुजरात के सीएम विजय रूपाणी कल पीपीई किट पहनकर करेंगे मतदान

अहमदाबाद (ऊँ टाइम्स)  गुजरात में स्‍थानीय निकाय चुनाव में करीब 25 हजार प्रत्‍याशी अपना भाग्‍य आजमा रहे हैं, वहीं सुरक्षा व्‍यवस्‍था में दो हजार आला पुलिस अधिकारी समेत 43 हजार के करीब जवान तैनात हैं। छह महानगर पालिका की 576 सीट के लिए 2276 लोग चुनाव मैदान में हैं, रविवार को चुनाव होगा! जबकि 31 जिला व 231 तहसील पंचायत व 81 नगर पालिका चुनाव 28 फरवरी को होगा। चुनाव संपन्‍न कराने के लिए 63209 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। गुजरात के पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने बताया कि राज्य में 21 फरवरी को अहमदाबाद सूरत वडोदरा राजकोट जामनगर तथा भावनगर महानगर पालिका के चुनाव होंगे।  राज्य सरकार ने शहरों व गांवों में सुरक्षा के लिए करीब 43 हजार जवान, पुलिसकर्मी, अर्द्धसैनिक बल तथा होमगाड्र्स   नियुक्‍त किए हैं। करीब दो हजार पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्‍यवस्‍था की निगरानी करेंगे। एसआरपी की 44 कंपनियां भी यहां पर तैनात की गई हैं। पुलिस ने राज्य भर से अब तक 48282 लाईसेंसशुदा व अवैध हथियार जब्त किए हैं। इसके अलावा आपराधिक प्रवृत्ति के 25800 लोगो की धरपकड़ की गई है। पुलिस ने 18175 लोगों को वारंट जारी कर चेताया है। पुलिस ने महानगर पालिका क्षेत्र में करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की अवैध शराब, जबकि जिला पंचायत व नगरपालिका से सात करोड़ से अधिक की अवैध शराब जब्त की है। पुलिस ने चुनाव आचार संहिता के दौरान महानगरपालिका इलाकों से 7.50 करोड़ की नकदी व वाहन जब्त किए, जबकि जिला पंचायत वv नगरपालिका क्षेत्रों से 15.89 करोड़ की नकदी व वाहन जब्त किए हैं। अहमदाबाद सहित छह महानगर पालिका में 576 पार्षद के पदों के लिए 2276 उम्मीदवार मैदान में हैं।

भोजपुर में मूर्ति विसर्जन के दौरान युवक को मारी गोली, गुस्साई भीड़ ने वाहनों को फूंका : OmTimes

भोजपुर (ऊँ टाइम्स)  इस जिले के थाना जगदीशपुर क्षेत्र के बैरही गांव में शनिवार की दोपहर मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे पर आपत्तिजनक गाना बजाने के विवाद को लेकर एक युवक को गोली मार दी गई। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जख्मी युवक 18 वर्षीय विकास कुमार बरही गांव निवासी श्रीभगवान सिंह का  पुत्र है। जख्मी युवक को दायें साइड सीने में गोली लगी है, जो फंसी हुई है। इलाज के लिए आरा शहर स्थित एक निजी अस्पताल लाया गया। जहां, से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया । इस दौरान घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने तीन ट्रैक्टर व एक कार को फूंक दिया। एक पिकअप वैन को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना दोपहर करीब दो बजे के बाद की है।  जख्मी युवक के चाचा  ने बताया कि शनिवार दोपहर गांव में एक पक्ष के लोग मूर्ति विसर्जन करने जा रहे थे। मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे पर आपत्तिजनक गाना बजाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई। देखते ही देखते बाद बहुत बढ़ गया। तभी दूसरे पक्ष के एक युवक द्वारा विकास युवक को गोली मार दी गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे इलाज के लिए आरा शहर स्थित एक निजी अस्पताल में लाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना रेफर कर दिया गया । फायरिंग की घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। जिसके बाद ग्रामीणों ने जमकर उत्पात मचाया। हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने मूर्ति विसर्जन में जा रहे तीन ट्रैक्टर,टैक्टर पर लदे एक सेट डीजे,एक जनरेटर व एक कार को फूंक डाला । एक पिकअप को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही जगदीशपुर एसडीपीओ श्याम किशोर रंजन एवं स्थानीय थाना अपने दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंच लोगों को समझाने बुझाने में जुट गया है। हालांकि, अभी भी गांव में तनाव पूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस कैंप कर रही हैं।

तीन-चार मार्च को बंगाल में हो सकती है चुनाव की घोषणा : OmTimes

कोलकाता (ऊँ टाइम्स)  अब तक यही उम्मीद की जा रही थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 फरवरी के बंगाल दौरे के बाद विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। मगर सूत्रों के मुताबिक तीन या चार मार्च को इसका एलान हो सकता है। इसकी वजह यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो मार्च तक बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शिरकत करने वाले हैं। इस दौरान वे विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन सभी राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पहले चुनाव की घोषणा होने पर आदर्श संहिता लागू हो जाएगी, जिससे उन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में दो मार्च के बाद ही पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होगा।  पीएम मोदी सात मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली को भी संबोधित करेंगे, हालांकि वह सरकारी कार्यक्रम नहीं है। इसलिए उससे पहले विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। पीएम मोदी 23 फरवरी को आइआइटी खड़गपुर के दीक्षा समारोह में वर्चुअली शिरकत करेंगे। इससे पहले गत शुक्रवार को वे इसी तरह विश्वभारती विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में भी शरीक हुए थे। उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी विस चुनाव की घोषणा से पहले विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास में जुटी हुई हैं।

शनिवार, 13 फ़रवरी 2021

लाकडाउन उलंघन के ढाई लाख केस होंगे वापस, यूपी के CM योगी आदित्यनाथ का फरमान : OmTimes News

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण में लॉकडाउन के दौरान मामूली या हल्की गलती करने वालों पर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा दिल दिखाया है। लॉकडाउन के दौरान कोविड प्रोटोकॉल में छोटी गलती करने वालों के खिलाफ प्रदेश सरकार केस वापस लेगी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस केस वापसी के फैसले से करीब ढाई लाख से अधिक लोग लाभांवित होंगे। इन सभी के खिलाफ मास्क न पहनने या स्तरीय मास्क न पहनने जैसे मामले में केस दर्ज हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं पर फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर भी लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अब इन प्रकरणों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सराहनीय फैसला लिया है। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान आम जनता पर मामूली अपराध में दर्ज ढाई लाख से ज्यादा मुकदमें वापस लेने का आदेश दिया है। इनके इस आदेश से बड़ा वर्ग लाभान्वित होगा।  योगी आदित्यनाथ सरकार उत्‍तर प्रदेश के व्‍यापारियों के बाद अब प्रदेश के लाखों लोगों को लॉकडाउन के दौरान हुए मुकदमों में बड़ी राहत देने जा रही है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने प्रदेश में आमजन के ऊपर कोविड-19 और लॉकडाउन तोड़ने को लेकर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश के ढ़ाई लाख से अधिक लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।  कोविड-19 और लॉक डाउन तोड़ने के मामलों में पुलिस और कचहरी के चक्‍कर लगा रहे यूपी के लाखों लोगों व व्‍यापारियों को जल्‍दी इन चक्‍करों से छुटकारा मिल जाएगा। सरकार प्रदेश भर के थानों में लॉकडाउन की धारा 188 के उल्‍लंघन को लेकर दर्ज हुए मुकदमें वापस लेने की तैयारी कर रही है। अभी हाल ही में सरकार ने प्रदेश भर के व्‍यापारियों के खिलाफ लॉकडाउन के दौरान दर्ज हुए मुकदमें वापस लिए जाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद कानून मंत्री बृजेश पाठक ने व्‍यापारियों पर दर्ज मुकदमों का ब्‍योरा जुटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। राज्य सरकार का मानना है कि कोविड के मुकदमों से आम लोगों को अनावश्‍यक परेशानी उठानी पड़ेगी। थानों में दर्ज मुकदमें वापस होने के बाद लोगों को परेशानी से भी मुक्ति मिल जाएगी।  सरकार के कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ने और लॉक डाउन के उल्‍लंघन के मुकदमें वापस लेने से आम लोगों व व्‍यापारियों को राहत मिलेगी। साथ ही सरकार का मानना है कि इससे न्‍यायालय पर से मुकदमों का बोझ कम होगा। वहीं, लोगों को कचहरी व पुलिस थानों के चक्‍कर काटना नहीं पड़ेंगे। इसका सबसे अधिक लाभ व्यापारी वर्ग को होगा। प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने व्यापारियों के साथ बैठक के बाद बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष मामूली गलती करने वाले ढाई लाख से अधिक लोगों के खिलाफ कोविड एक्ट के तहत दर्ज केस वापस लेने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद राज्य सरकार कोविड-19 और लॉकडाउन तोडऩे को लेकर दर्ज हल््की धारा के मुकदमों को वापस लेने का मन बना लिया था। इस बारे में कानून मंत्रालय ने अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिया था।  व्यापारियों के साथ अन्य लोगों पर दर्ज कोविड व लॉकडाउन से जुड़े मामले के केस वापस लेने का फैसला किया गया था। इस बाबत आज दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से हजारों व्यापारियों के साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों, मजदूरों और किसानों को भी राहत मिलेगी। कोविड 19 प्रोटोकाल तोडऩे और लॉकडाउन के उल्लंघन के मुकदमे वापस लेने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। सरकार ने मुकदमों की वापसी के साथ ही उन्हेंं भविष्य में ऐसी स्थितियों में विशेष एहतियात बरतने की चेतावनी भी दे दी है। इन मुकदमों की वापसी से पुलिस और कोर्ट का बोझ भी कम होगा और उन्हे आवश्यक चीजों की जांच के लिए मौका मिल सकेगा।  कोविड-19 संक्रमण के दौरान लगे लॉकडाउन के उल्‍लंघन में प्रदेश के हजारों व्‍यापारियों के साथ आमजन के खिलाफ विभिन्‍न थानों में मुकदमें दर्ज किए गए थे। कुछ दिनों पहले सरकार ने व्‍यापारियों को राहत देते हुए उन पर हुए मुकदमें वापस लेने के निर्देश दिए थे और अब आम जनता पर हुए मुकदमें वापस लेने के निर्देश दिए हैं। वही, देश में उत्‍तर प्रदेश पहला राज्‍य है, जिसने व्‍यापारियों व आम जनता पर लॉकडाउन के दौरान हुए मुकदमों को वापस लेने के निर्देश जारी किए हैं। 

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2021

कुश्‍ती के अखाड़े में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, एक महिला पहलवान सहित पांच लोगों की हुई माैत : OmTimes News

रोहतक (ऊँ टाइम्स)  शहर के एक कुश्‍ती अखाड़े में अचानक फायरिंग से हड़कंप मच गया। जाट कॉलेज के पास एक अखाड़ा में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में पांच लाेगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मारे गए लोगाें में तीन कुश्‍ती काेच और एक महिला पहलवान भी शामिल हैंं। घटना में मारी गई महिला पहलवान उत्‍तर प्रदेश के मथुरा की बताई जाती है। घटना का कारण पुरानी रंजिश को बताया जा रहा है। घायलों को निकट के अस्‍पतालों में भर्ती कराया गया है। चर्चा है कि फायरिंग एक कुश्‍ती कोच सुखविंद्र मोर ने अपने कुछ साथियों के साथ किया है।  

जानकारी के अनुसार, देर शाम जाट कॉलेज के पीछे स्थित अखाड़े में कुछ अज्ञात हमलावर घुसे और उन्‍होंने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसमें अखाड़ा संचालक और उसकी पत्‍नी सहित पांच लोगों की मौत हो गई। कई अन्य के घायल होने की सूचना है। वारदात की सूचना मिलने पर शहर में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और वारदात स्थल का जायजा लिया। 

मृतकों में अखाड़े का संचालक सोनीपत के सरगथला गांव निवासी मनोज कुमार, उसकी पत्‍नी साक्षी, उत्तर प्रदेश के मथुरा की महिला पहलवान पूजा, रोहतक के मांडोठी गांव निवासी कोच सतीश कुमार और गांव मोखरा निवासी प्रदीप मलिक शामिल हैं। देव कालोनी स्थित अखाड़े के कोच निंदाना निवासी अमरजीत सिंह और कोच मनोज कुमार का बेटा तीन वर्षीय सरताज घायल हुए हैं। 

जानकारी के अनुसार देर शाम में जाट कॉलेज के पास अखाड़े अचानक फायरिंग होने लगी। फायरिंग की आवाज से पूरा इलाका कांप उठा और अखाड़े में चीख-पुकार मच गई। यह हमला शुक्रवार की देर शाम जाट कालेज के पीछे अखाड़े में घुसकर किया गया है । घटना की जानकारी होते ही एसपी राहुल शर्मा, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए। हमलावरों की संख्या छह से आठ तक बताई जा रही है। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए। पुलिस अखाड़े के सभी एंट्री प्वाइंट के अलावा प्रमुख रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने में जुटी है। घटना को अंजाम देने के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस संबंधित परिवारों से संपर्क में जुटी हुई है। घटना का कारण मुख्य अभियुक्त सुखविंद्र मोर और मारे गए कोच मनोज में विवाद बताया जा रहा है। सुखविंद्र सोनीपत के बरोदा का रहने वाला है। वारदात के बाद अभियुक्त और उसके साथ आए हमलावर भाग निकले। पुलिस अखाड़े के सभी एंट्री प्वाइंट के अलावा प्रमुख रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने में जुटी है।  घटना की जानकारी होते ही जाट कालेज में जिले भर के पहलवान और कोच का जमावड़ा हो गया। इसके साथ ही खिलाड़ियों व शहर के प्रमुख लोग भी पहुंच गए। तत्काल ही घटना को अंजाम देने वाले हमलावरों को पकड़ने की मांग उठने लगी। वहीं, एसपी राहुल शर्मा ने बताया कि हमें घटना की सूचना मिली तो मौके पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पूरे मामले में तथ्य जुटाने के लिए टीम गठित कर दी है।  उधर, गोहाना क्षेत्र के बरोदा थाने की पुलिस गांव बरोदा के सुखविंद्र मोर द्वारा रोहतक में वारदात को अंजाम देने के बाद अलर्ट हो गई। पुलिस ने गांव बरोदा में पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और सुखमेंद्र के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार गांव बरोदा में स्थिति सामान्य है। बरोदा थाना के प्रभारी बदन सिंह गांव में पहुंचे। थाना प्रभारी के अनुसार गांव में किसी तरह की घटना नहीं हुई। पुलिस ग्रामीणों ने सुखविंद्र मोर के बारे में जानकारी जुटा रही है।

सुखमेंद्र द्वारा रोहतक में वारदात को अंजाम देने के बाद ग्रामीण हतप्रभ है। ग्रामीणों का कहना है कि सुखविंद्र को बचपन से ही कुश्ती का शौक था। वह कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुका है। सुखविंद्र ने करीब दो साल पहले अखाड़े में हिस्सा किया था और वह अखाड़े का कोच था। सुखविंद्र के पिता मेहर सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं और गांव में रहते हैं। सुखवेंद्र अक्‍सर गांव आता-जाता रहता था। सुखविंद्र  और उसकी पत्नी को मेहर सिंह अपनी चल-अचल संपत्ति बेदखल कर रखा है। सुखविंद्र के एक ढाई साल का बेटा है।

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2021

घरेलू विमान यात्रा का किराया 30 फीसद तक हुआ महंगा : OmTimes News

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  भारत सरकार ने घरेलू विमान यात्रा किराया की निचली व ऊपरी सीमा में 10 से 30 फीसद तक बढ़ोतरी कर दिया है। नागरिक विमानन मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि नई सीमा इस वर्ष 31 मार्च या अगले आदेश तक लागू रहेगी। नई व्यवस्था के तहत 40 मिनट से कम उड़ान समय वाली यात्रा के लिए न्यूनतम किराया अब 2,200 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 2,000 रुपये था। इसी अवधि के लिए अब विमान कंपनियां अधिकतम 7,800 रुपये वसूल सकेंगी, जो सीमा पहले 6,000 रुपये थी। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि घरेलू विमानों में यात्रियों की अधिकतम संख्या उनकी कुल क्षमता के 80 फीसद से ज्यादा नहीं होगी। यह फैसला भी इस वर्ष 31 मार्च या अगले आदेश तक लागू रहेगा। 

जहां तक किराया का सवाल है तो अब 40-60 मिनट अवधि वाली फ्लाइट के लिए यात्रियों को कम से कम 2,800 रुपये और अधिकतम 9,800 रुपये देने होंगे। पहले यह सीमा 2,500-7,500 रुपये थी। वहीं, एक घंटे से अधिक और 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे तक की यात्रा के लिए अब यात्रियों को 3,300-11,700 रुपये तक चुकाने पड़ेंगे। वहीं, डेढ़ घंटे से अधिक और दो घंटे तक (90-120 मिनट) की यात्रा अब कम से कम 3,900 रुपये में हो सकेगी, जबकि विमानन कंपनियां इसके लिए अधिकतम 13,000 रुपये वसूल सकेंगी। नई सीमा के तहत दो घंटे से लेकर ढाई घंटे (120-150 मिनट) तक की यात्रा के लिए अब 5,000-16,900 रुपये, ढाई घंटे से लेकर तीन घंटे (150-180 मिनट) तक के लिए 6,100-20,400 रुपये तथा तीन घंटे से लेकर साढ़े तीन घंटे (180-210 मिनट) तक की यात्रा के लिए यात्रियों को 7,200-24,200 रुपये देने पड़ेंगे। इससे पहले घरेलू विमान यात्रा के लिए किराया की अधिकतम सीमा 18,600 रुपये थी। 

पिछले वर्ष 21 मई को नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमानन कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे कम से कम 40 फीसद सीटों के लिए न्यूनतम और अधिकतम मूल्य के मध्य से कम किराया लेंगी। उदाहरण के लिए, अगर किसी समयावधि के लिए न्यूनतम किराया 5,000 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये था, तो विमानन कंपनियों को कम से कम 40 फीसद सीटें 7,500 रुपये से कम में उपलब्ध करानी थी। उस समय डीजीसीए ने कंपनियों से यह भी कहा था कि उनकी किसी भी फ्लाइट में कुल क्षमता के 33 फीसद से अधिक यात्री नहीं होंगे। पिछले वर्ष जून में यह सीमा बढ़ाकर 45 फीसद और धीरे-धीरे 80 फीसद कर दी। गुरुवार को डीजीसीए ने 80 फीसद की यह सीमा इस वर्ष 31 मार्च तक के लिए बरकरार रखी है।

टनल के पास ऋषिगंगा नदी में फिर बढ रहा है जलस्‍तर , रोका गया राहत और बचाव कार्य : OmTimes News

देहरादून (ऊँ टाइम्स)  चमोली में तपोवन विष्‍णुगाड परियोजना की टनल में फंसे लोगों को रेस्‍क्‍यू करने में पल-पल नई चुनौती पेश आ रही है। बुधवार मध्‍यरात्रि ड्रिल करके काम कर रही टीम का पता लगाने की जिस रणनीति पर काम शुरू किया गया था, सुबह ग्‍यारह बजे उसे बदलना पड़ा। अब फिर से मुख्‍य टनल की सफाई कर टी प्‍वाइंट की तरफ बढ़ने की रणनीति पर काम करने का फैसला किया गया है। छह मीटर ड्रिल के बाद लोहे का जाल और कंक्रीट की मजबूत सतह मिलने के चलते और गहराई में ड्रिलिंग संभव नहीं हो पा रही है। इसीलिए ड्रिलिंग रोककर अब फिर से मुख्‍य टनल से मलबा हटाने का काम शुरू किया जा रहा है। टनल के भीतर रविवार से 34 लोग फंसे हुए हैं। ये सभी फलशिंग टनल में काम करने गए थे। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि बचाव अभियान के तहत हम कल तक सुरंग में मलबा हटाने का काम कर रहे थे। अंदर देखने के लिए हमने छोटी सुरंग में ड्रिलिंग भी शुरू की थी, लेकिन मशीन के टूटते ही इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। 

चमोली पुलिस के अनुसार नदी में पानी का स्तर बढ़ रहा है, आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और घबराएं नहीं।डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि चमोली जिले में ऋषिगंगा नदी में जलस्‍तर बढ़ने के कारण बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोका गया है। निचले इलाकों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं। टनल के पास से पानी निकालना हुआ शुरू, रोका गया राहत और बचाव कार्य। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने आज चमोली जिले में टनल क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान वहां चल रहे बचाव अभियान का जायजा लेने के लिए वह आइटीबीपी के अधिकारियों से मिलीं।उत्तराखंड राज्यपाल बेबी रानी मौर्य हैलि‍कॉप्टर से जोशीमठ हैलीपैड पहुंची। इसके बाद यहां से कार द्वारा तपोवन पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करेंगी। आइटीबीपी के डीआइजी अपर्णा कुमार ने बताया कि ऐसी संभावना है कि सुरंग के अंदर कुछ और लोग फंस सकते हैं, एनटीपीसी की टीम वर्टिकल ड्रिलिंग का इस्तेमाल कर रही है। चमोली में पुल बह जाने के बाद 13 सीमांत गांवों का संपर्क कट गया है। इसके बाद से गांवों को जोड़ने के लिए आइटीबीपी के जवान झूला पुल का निमार्ण कर रहे हैं। इसका उपयोग ब्रिज के एक तरफ से दूसरी तरफ राशन पहुंचाने के लिए किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, अब तक 34 शव बरामद हुए हैं। इनमें से 10 की शिनाख्‍त हो गई। वहीं, 170 लोग अभी लापता हैं। टनल में फंसे करीब 34 लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन पांचवें दिन गुरुवार को भी जारी है। गुरुवार सुबह करीब दो बजे रेस्‍क्‍यू टीम ने मुख्य टनल में ही करीब 12 मीटर तक ड्रि‍लिंग का काम शुरू कर दिया गया है। ड्रि‍लिंग कर कैमरे के जरिये फंसे व्यक्तियों का पता लगाया जाएगा। बुधवार को नेवी के माकरेस ने श्रीनगर के समीप कोटेश्वर झील में सर्च आपरेशन चलाया। एनटीपीसी से प्राप्त सूचना के आधार पर अब तक ये माना जा रहा था कि टनल में टी-प्वाइंट पर उक्त व्यक्ति फंसे हैं।तपोवन-विष्णुगाड हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 34 व्यक्तियों को बचाने के लिए रेस्क्यू आपरेशन की रणनीति को चौथे दिन बदलना पड़ा। 

मंगलवार, 9 फ़रवरी 2021

शराब माफिया ने दारोगा को मारा भाला, सिपाही की हत्या : OmTimes News


कासगंज (ऊँ टाइम्स)  यूपी के कासगंज जिले में मंगलवार देर शाम शराब माफिया ने दुस्साहसिक कारनामे को अंजाम दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कुर्की के लिए नोटिस चस्पा करने गए दारोगा अशोक कुमार सिंह और सिपाही देवेंद्र कुमार को शराब माफिया मोतीराम ने पकड़ लिया। उसने पीटकर सिपाही को मौत के घाट उतार दिया, जबकि दारोगा की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर खेत में बंधक मिले। दारोगा पर भाला से हमला किया गया है, जबकि सिपाही के सिर पर भी वार किया गया। देर रात कई थानों की फोर्स के साथ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। घटना को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोपित पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून  के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही सिपाही के आश्रित को 50 लाख रुपये और नौकरी देने की घोषणा किया है।  कासगंज जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर गंगा की कटरी में स्थित गांव नगला धीमर में दारोगा अशोक कुमार सिंह (नगला गबे, किशनी, मैनपुरी) और सिपाही (देवेंद्र कुमार नगला बिंदू, डौकी, आगरा) मंगलवार शाम शराब माफिया मोतीराम की कुर्की का नोटिस चस्पा करने गए थे। हिस्ट्रीशीटर मोतीराम के विरुद्ध 11 मुकदमे पंजीकृत हैं। गांव में माफिया ने दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया और एक पेड़ से बांधकर जमकर पीटा। इसके बाद माफिया व ग्रामीण दोनों को डेढ़ किलोमीटर दूर खेत पर ले गए। वहां भी दोनों की पिटाई की। इस घटना की सूचना मिलने पर पटियाली के सीओ गवेंद्र पाल गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के कई थानों से फोर्स को बुलाया गया। पुलिस को दोनों खेत में बंधक मिले। अस्पताल लाने तक सिपाही की मृत्यु हो गई, जबकि दारोगा की हालत गंभीर बनी हुई है। आइजी पीयूष मोडिया ने बताया कि पुलिसकर्मी जहरीली शराब के एक मामले में कुर्की पूर्व नोटिस चस्पा करने गए थे। वहां दोनों को बंधक बना लिया। 

दारोगा से दूर मिला सिपाही -  पुलिस वालों को दारोगा एक खेत में मिले, उनकी बाइक के अलावा एक अन्य बजाज प्लेटिना बाइक भी मिली है।  लगभग आधा घंटे बाद सिपाही भी एक गेहूं के खेत में गंभीर हालत में मिला। यहां पर पुलिस को शराब की भट्टी का सामान बिखरा पड़ा मिला है।

काबुल की नदी पर शहतूत बाँध का निर्माण करेगा भारत, हुआ समझौता

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारत और अफगानिस्तान के बीच आज मंगलवार को आयोजित वर्चुअल समिट में एक अहम समझौता किया गया। इस समझौते के तहत भारत काबुल की नदी पर शहतूत बांध का निर्माण करेगा, जिसके जरिए वहाँ के लोगों को आसानी से स्वच्छ पेयजल के साथ साथ सिंचाई के लिए भी आसानी से पानी मिल सकेगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए भारत और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों ने समझौते पर हस्ताक्षर कर दिया है । भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  कहा, 'हमें इस बात की खुशी है कि शहतूत डैम के निर्माण से काबुल के लोगों को पेय जल और सिंचाई के लिए पानी की सुविधा मुहैया होगी।'  साथ ही अफगानिस्तान के राष्ट्रपति गनी ने भी इस समझौते पर प्रसन्नता जाहिर की, उन्होंने कहा, ' इस शहतूत रिजरवॉयर के साथ हम प्राकृतिक सुंदरता को बहाल करने के हमारे लक्ष्य को पूरा कर सकेंगे। मैं प्रधानमंत्री मोदी को वैक्सीन के साथ जल के इस उपहार के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।' 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'पिछले करीब दो दशकों से भारत-अफगानिस्तान विकास के प्रमुख साझेदारों में रहा है, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे अनेक सेक्टरों में हमारी ये योजनाएं फैली है। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से भारत और अफगानिस्तान की दोस्ती और मजबूत हुई है। यही दोस्ती और यही निकटता कोरोना महामारी के बीच दिखती रही। चाहे दवाईयां या पीपीई किट हो या भारत में बनी वैक्सीन की सप्लाई, हमारे लिए अफगानिस्तान की आवश्यकता महत्वपूर्ण रही है और रहेंगी।' 

सोमवार, 8 फ़रवरी 2021

प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन समस्या पर अमेरिका के राष्‍ट्रपति बाइडन से किया वार्ता : OmTimes News


नई दिल्‍ली  ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से फोन पर पहली बार बात की। प्रधानमंत्री ने खुद ट्वीट करके यह जानकारी दी है। इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने बाइडन को चुनाव में जीत के लिए बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने बताया कि हमने सामरिक, क्षेत्रीय मुद्दों समेत अपनी साझी प्राथमिकताओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया।  

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'आज मैंने अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन से फोन पर बात की और उन्हें चुनावों में मिली सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। हमने क्षेत्रीय मसलों और साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा की। हम जलवायु परिवर्तन की समस्‍या पर अपने सहयोग को और आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं। मैं और राष्ट्रपति बाइडन एक नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को लेकर प्रतिबद्ध हैं।' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम भारत-प्रशांत क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन को उनकी शानदार जीत पर बधाई दी है। इससे पहले मतगणना के दौरान जब राष्ट्रपति बाइडन चुनाव जीते थे तब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्‍हें ट्वीट कर शुभकामनाएं दी थीं।  प्रधानमंत्री मोदी ने बाइडन की जीत पर अपने बधाई संदेश में कहा था कि भारत और अमेरिका साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए साथ खड़े हैं। भारत और अमेरिका के बीच संबंध साझेदारी और साझा मूल्‍यों पर आधारित हैं। मैं बाइडन के साथ काम करने और भारत और अमेरिका की साझेदारी को नए मुकाम तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हूं। 

यह बातचीत ऐसे वक्‍त में हुई है जब भारत और अमेरिका की सेनाएं राजस्थान में युद्धाभ्यास कर रही हैं। ऐसे में जब बाइडन प्रशासन स्‍पष्‍ट तौर पर कह चुका है कि चीन को लेकर ट्रंप के कार्यकाल की नीतियों में बदलाव नहीं आएगा। इस बातचीत के खास मायने लगाए जा रहे हैं। यही नहीं मौजूदा वक्‍त में जब पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ तनाव बना हुआ है। यह बातचीत भारत और अमेरिका के संबंधों की मजबूती के संकेत भी दे रही है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत और अमेरिका के संबंधों में काफी सुधार हुआ। कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि बाइडन प्रशासन के दौरान भारत को संभवत: उतना महत्व नहीं मिलेगा। लेकिन, नरेन्द्र मोदी और बाइडन की आज की बातचीत से स्पष्ट है कि व्यवस्था बदलने से भारत-अमेरिका संबंधों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा! 

पिछले महीने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी रे ब्लिनकेन ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी। माना जा रहा है कि इसी वार्ता ने बाइडन और पीएम मोदी के बीच होने वाली टेलीफोन वार्ता की जमीन तैयार की थी। यही नहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ भी टेलीफोन पर बात की थी। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने साफ कहा था कि अमेरिका भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है।  हाल ही में बाइडन प्रशासन ने कहा था कि चीन को पड़ोसियों को डराने-धमकाने से बाज आना चाहिए। अमेरिका ने यह भी कहा था कि एलएसी के हालात पर उसकी करीबी नजर है। अमेरिका रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारतीय हितों के साथ खड़ा रहेगा। व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद  की प्रवक्ता एमिली जे होर्न ने कहा कहा था कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा समृद्धि के लिए हम अपने साझेदारों के साथ खड़े रहेंगे। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- देश को आंदोलनजीवी प्रजाति से बचने की है जरूरत : OmTimes News


नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी,  विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के पीछे हित साध रहे कुछ कथित आंदोलनकारियों और अपनी सियायत चमकाने में लगे राजनीतिक दलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आड़े हाथों लिया है। निहित स्वार्थ के कारण आंदोलन में शामिल नेताओं को मोदी ने 'आंदोलनजीवी' करार देते हुए इनसे बचने का सलाह दिया। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयानों का उल्लेख करते हुए कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस पर यूटर्न का आरोप भी लगाया।सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री ने किसान आंदोलन के जरिये देश के अंदर और बाहर सरकार विरोधी हवा बनाने वाले लोगों की भूमिका को कठघरे में खड़ा किया। 

साथ ही पीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) था, है और रहेगा। लिहाजा किसान भाइयों को आंदोलन खत्म कर उन सभी मुद्दों के साथ आना चाहिए, जिन्हें लेकर आशंका है। सरकार उन्हें दुरुस्त करेगी। प्रधानमंत्री की बातों का एक संकेत यह भी है कि कानूनों को लेकर सरकार कदम पीछे नहीं खींचेगी।अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक एक कर हर विरोधी पर चुटकी ली। इसी के साथ उन्होंने स्पष्ट भी किया कि विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है। सदन में सामने बैठे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ¨सह के ही पुराने बयानों को पढ़कर सुनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने किसानों के लिए एक बाजार उपलब्ध कराने की मंशा जताई थी। लेकिन हमने वही काम किया तो कांग्रेस यू टर्न ले रही है। यह तो आपके लिए गर्व का मौका था। आप कहते कि मोदी हमारे काम को आगे बढ़ा रहे हैं।' 

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि चौधरी चरण ¨सह ने 1971 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर कहा था, 'देश के 51 फीसद लघु व सीमांत किसानों की हालत बहुत खराब है'। अब ऐसे किसानों की संख्या 86 फीसद यानी 112 करोड़ पर पहुंच गई है। चुनाव आते ही कर्ज माफी होती है, लेकिन छोटे व सीमांत किसान वंचित रह जाते हैं, क्योंकि वे बैंक से लोन नहीं लेते। इन्हें हम नहीं छोड़ सकते हैं। देश को पीछे ले जाना संभव नहीं है। समय इंतजार नहीं करेगा। समस्या के बजाय समाधान का रास्ता खोजना होगा। 

पीएम ने कहा कि हरित क्रांति के समय भी ऐसी ही आशंकाएं व भ्रांतियां फैलाई गई थीं। पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के समय कोई कृषि मंत्री बनने को तैयार नहीं था। वामपंथी दल उस समय भी इसी तरह विरोध कर रहे थे। कांग्रेस को अमेरिका का एजेंट कहा जा रहा था। लेकिन उसी हरित क्रांति का फल है कि पीएल-480 योजना के विलायती अनाज से पेट भरने वाला भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर हो गया। 

कानूनों को लेकर विपक्ष के रवैये पर पीएम ने कहा कि इन दलों की भी जहां सरकारें हैं, कुछ न कुछ इन्हीं कानूनों को अपनाया गया है, क्योंकि उनको भी मालूम है कि रास्ता तो यही है। सदन में चर्चा के दौरान भी कानून की मंशा पर कोई सवाल नहीं उठाया गया। मोदी बोले, 'शिकायत है कि तरीका ठीक नहीं था, जल्दी कर दिया, इसको नहीं पूछा। ये तो रहता ही है। वो तो परिवार में शादी भी होती है, तो फूफी नाराज होकर कहती है कि मुझे कहां पूछा। इतना बड़ा परिवार है तो ये तो रहता ही है।' 

संबोधन के अंत में विपक्ष के हमलों पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने चुटकी ली। उन्होंने कहा, 'कोरोना के कारण ज्यादा आना-जाना होता नहीं होगा। घर में भी खींचतान चलती होगी। इतना गुस्सा यहां निकाल दिया तो आपका मन कितना हल्का हो गया। ये आनंद आपको जो मिला है, इसके लिए मैं काम आया, ये भी मैं अपना सौभाग्य मानता हूं। मैं चाहता हूं कि आप ये आनंद लेते रहिए। चर्चा करते रहिए। सदन को जीवंत बनाकर रखिए। मोदी है तो मौका लीजिए।'

पीएम की अपील के बाद किसान नेता बातचीत के लिए हुए तैयार, कहा सरकार तय करे वार्ता की तारीख : OmTimes News

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंदोलन खत्‍म करने की अपील और बातचीत के लिए निमंत्रण देने के बाद किसान संगठनों ने कहा है कि सरकार बातचीत के अगले दौर की तारीख तय करे। हालांकि नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान नेताओं ने राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्‍होंने देश में आंदोलनजीवियों की एक नई जमात पैदा होने की बात कही है। किसान नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है।  

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य किसान नेता शिव कुमार काका ने कहा कि हम अगले दौर की बातचीत के लिए तैयार हैं। केंद्र सरकार को बैठक की तारीख और समय बताना चाहिए। हमने बातचीत से कभी भी इनकार नहीं किया है। सरकार ने हमको जब भी बातचीत के लिए बुलाया है हमने बात की है। हम आगे भी सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसानों से अपना आंदोलन खत्‍म कर कृषि सुधारों को एक मौका देने की गुजारिश की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम आंदोलन से जुड़े लोगों से प्रार्थना करते हैं कि आंदोलन करना आपका हक है लेकिन बुजुर्ग भी वहां बैठे हैं... उन्‍हें घर ले जाइए, आंदोलन खत्म करिए। मौजूदा वक्‍त खेती को खुशहाल बनाने के लिए फैसले लेने का है। हमें इसको गंवाना नहीं चाहिए। हमें देश को पीछे नहीं ले जाना चाहिए। 

गौर करने वाली बात है कि रविवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि सरकार किसान संगठनों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा था कि किसान संगठन यदि कोई नया प्रस्ताव लेकर आते हैं तो सरकार फिर से बातचीत करेगी। वहीं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि कृषि कानूनों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन का समाधान जल्द ही निकल आएगा। सरकार किसानों संगठनों से लगातार बातचीत कर रही है... आगे भी चर्चा जारी रहेगी।  

उल्‍लेखनीय है कि विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। नतीजतन गतिरोध भी बरकरार है। किसान संगठन नए कृषि कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी देने पर अड़े हुए हैं। सनद रहे पिछली बातचीत में सरकार ने कानूनों को 12 से 18 महीने तक निलंबित रखने की पेशकश की थी जिसे किसान संगठनों ने खारिज कर दिया था।  

राष्ट्र विरोधी मामले में जगदेव सिंह जग्गा लखनऊ में गिरफ्तार, पंजाब पुलिस को थी तलाश : OmTimes News

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश पुलिस ने पंजाब पुलिस के सहयोग से खालिस्‍तान समर्थक आतंकवादी परमजीत सिंह पम्‍मा और मलतानी सिंह का साथी जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। वह पंजाब से लखीमपुर के रास्ते लखनऊ आ रहा था। पंजाब पुलिस और यूपी पुलिस ने सोमवार दोपहर उसे सचिवालय चौराहा सेक्टर सी जानकीपुरम से दबोच लिया। जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा पुत्र मुख्‍त‍ियार सिंह राष्‍ट्र विरोधी गतिविधियों के कई मामलों में वांछित था और पंजाब पुलिस तलाश कर रही थी। 

खालिस्तानी आतंकी जगदेव सिंह जग्गा का एक साथी पंजाब में गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ में जानकारी मिली कि सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जगदेव सिंह उर्फ जग्गा लखनऊ जा रहा है। इस जानकारी के आधार पर अमृतसर स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल से इंस्पेक्टर इंद्रदीप सिंह के नेतृत्व में 10 पुलिसकर्मियों की टीम लखनऊ पहुंची। यहां लखनऊ पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 

पंजाब के फिरोजपुर जिले के फतेहगढ़ सकरा थाना जीरा गांव निवासी आतंकी जगदेव सिंह जग्गा पर स्‍टेट स्‍पेशल ऑप्‍रेशन सेल अमृतसर पंजाब में अर्म्‍स एक्‍ट समेत करीब नौ मुकदमे दर्ज हैं। जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा की गिरफ्तारी लखनऊ पुलिस आयुक्‍त डीके ठाकुर द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के नियंत्रण अभ‍ियान के तहत हुई है। इस वांछ‍ित आतंकी को स्‍टेट स्‍पेशल ऑप्‍रेशन सेल अमृतसर (पंजाब), क्राइम ब्रांच लखनऊ, सर्विलांस क्राइम ब्रांच व विकास नगर थाना, लखनऊ की संयुक्‍त पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है। 

पुलिस जल्‍द ही आतंकी को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लेगी। जग्‍गा के खिलाफ सात फरवरी को अमृतसर की कोर्ट के न्‍याय‍िक मजिस्‍ट्रेट ने गिरफ्तार वारंट भी जारी किया था। बताया जा रहा है कि आतंकी का संबंध खालिस्‍तान समर्थक आतंकवादी परमजीत सिंह पम्‍मा एवं मलतानी सिंह व अन्‍य राष्‍ट्र विरोधी तत्‍वों से है। परमजीत सिंह इंग्‍लैंड में रहकर राष्‍ट्र विरोधी गतिविध‍ियों में लिप्‍त है। 

बता दें कि जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा 2019 में 23 मार्च से 19 अक्‍टूबर तक व 2020 में 26 अक्‍टूबर से 26 नवंबर तक अमृतसर की जेल व गुरदासपुर की जेल में सजा काट चुका है। यह खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पम्मा और मलतानी सिंह का खास साथी है। परमजीत सिंह पम्मा और मलतानी सिंह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। ये दोनों इंग्लैंड और जर्मनी में रहकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते आ रहे हैं। यह संगठन असलहों और कारतूस की खरीद फरोख्त के लिए धन भी मुहैया करा रहा था। गिरफ्तार अरोपित ने मध्य प्रदेश से असलहों की खरीद फरोख्त भी की थी।

रविवार, 7 फ़रवरी 2021

धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बाध टूट गया, 150 लोगों के लापता होने की आशंका; हेल्पलाइन नंबर जारी : OmTimes News

ऋषिकेश  (ऊँ टाइम्स) चमोली जिले में ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है, जबकि धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूट गया, जिससे गंगा और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए राज्य में चमोली से लेकर हरिद्वार तक रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जब यह हादसा हुआ, तब दोनों प्रोजेक्ट पर काफी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। इस हादसे में करीब 150 लोगों के लापता होने की आशंका है, जबकि दो लोगों के शव मिलने की खबर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार इस घटनाक्रम पर निगरानी रखे हुए हैं। वे मौके के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, पानी कर्णप्रयाग तक पहुंच गया है।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, उत्तराखंड में आपात स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। देश उत्तराखंड के साथ खड़ा है और राष्ट्र सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता है। वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बात की जा रही है और एनडीआरएफ की तैनाती, बचाव कार्य और राहत कार्यों की लगातार जानकारी ली जा रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, 'इस संबंध में सीएम त्रिवेंद्र रावत से बात की गई है। डीजी आइटीबीपी और डीजी एनडीआरएफ से भी बात की गई है। सभी संबंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। एनडीआरएफ बचाव कार्य के लिए निकल गई है। देवभूमि को हर संभव मदद दी जाएगी।' वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। 

हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी - मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि एनडीआरएफ भी प्रभावित इलाकों के लिए रवाना हो चुकी है। पानी का बहाव अब थोड़ा कम हुआ है। इस कारण निचले इलाकों में रहने वालों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। वहीं, इस आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और उत्तराखंड पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। +911352410197, +9118001804375, +919456596190। इन नंबरों पर फोन कर मदद ली जा सकती है। 

आपको बता दें कि रविवार सुबह एवलांच के बाद चमोली जिले के अंर्तगत ऋषिगंगा नदी पर रैणी गांव में निर्माणाधीन 24 मेगावाट के हाइड्रो प्रोजेक्ट का बैराज टूट गया। इसके बाद मलबे और पानी का तेज बहाव धौलीगंगा की ओर बढ़ा। नतीजतन रैणी से करीब 10 किमी दूर तपोवन में धौलीगंगा नदी पर निर्माणाधीन 520 मेगावाट की विद्युत परियोजना का बैराज भी टूट गया। इसके बाद हालात बिगड़ गए। दोनों प्रोजेक्ट पर काम कर रहे बड़ी संख्या में मजदूरों के बहने की सूचना है। 

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिद्धम अग्रवाल के मुताबिक सुबह पहाड़ से भारी मलबा, हिमखंड टूटकर आने से इन हाइड्रो प्रोजेक्ट के बैराज क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए तपोवन से लेकर हरिद्वार तक के सभी जिलों में अलर्ट जारी करने के साथ ही गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। गंगा के किनारे के सभी कैंपों को खाली कराया जा रहा है।  

कैंपों की संख्या 600 के लगभग है। साथ ही गंगा और उसकी सहायक जिन नदियों में बाढ़ का खतरा है, वहां आसपास की बस्तियों को खाली करा दिया गया है। स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि हादसे में काफी संख्या में मजदूरों के बहने की सूचना है। उधर, गढवाल मंडलायुक्त रविनाथ रमन के मुताबिक चमोली के डीएम और एसएसपी मौके के लिए रवाना हुए।.    (यह समाचार  www.omtimes.in पर भी पढा जा सकता है) 

टिहरी बांध में टरबाइनों का संचालन किया गया बंद - चमोली में बांध टूटने के बाद टीएचडीसी के टिहरी बांध में भी टरबाइनों का संचालन बंद कर दिया गया है। टिहरी बांध से इन दिनों 200 क्यूमेक्स पानी भागीरथी नदी में छोड़ा जा रहा था, लेकिन अब एडीसी प्रशासन ने भागीरथी में पानी छोड़ना बंद कर दिया है। इस संबंध में टीएचडीसी प्रशासन ने नेशनल ग्रिड को भी अवगत करा दिया है। अब कुछ समय तक टिहरी बांध से बिजली उत्पादन नहीं हो पाएगा।  

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट करते हुए लिखा, चमोली जिले से एक आपदा का समाचार मिला है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन को इस आपदा से निपटने की आदेश दे दिए हैं। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।

SDRF और NDRF की चार टीमें दून से हुई रवाना - देहरादून से बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की चार टीमें रवाना की गई हैं। डीआइजी अपराध एवं कानून व्यवस्था नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि अलर्ट को देखते हए स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही हैं।

बंद करा दी गई है राफ्टिंग - ऋषिकेश कोडियाला इको टूरिज्म जोन में जल पुलिस और एसडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया है। जल पुलिस के साथ आपदा प्रबंधन दल राफ्टिंग स्थलों पर पहुंच गया है। यहां राफ्टिंग बंद करा दी गई है। इसके साथ ही चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में नदी किनारे सभी सभी स्थानों पर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। 

चमोली में बांध टूटने से नदी में जल स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए टिहरी प्रशासन ने कीर्तिनगर, देवप्रयाग में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। देवप्रयाग संगम पर भी लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है। वहीं, नदी किनारे जितनी भी बस्तियां हैं सभी में लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन नदी किनारे खनन पट्टों पर कार्य कर रहे लोगों को भी हटा रहा है। 

नदी किनारे रहने वाले लोगों को हटाने का निर्देश हुआ जारी - चमोली में बांध टूटने की घटना के बाद पैदा हुए हालात को देखते हुए पौड़ी जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। डीएम धीराज सिंह ने बताया कि धारी देवी के पास बने बांध से पानी छोड़ने के आदेश जारी कर दिए हैं। श्रीनगर में नदी वाले इलाकों में रहे लोगों को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2021

किसान आंदोलन मामले में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने कहा कृषि कानूनों पर दोनों पक्ष बरतें संयम : OmTimes


जेनेवा/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग  ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के साथ ही प्रशासन से भी अधिकतम संयम बरतने की अपील किया है। आयोग ने कहा है कि मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए न्यायसंगत समाधान तलाशना अहम है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त के दफ्तर ने ट्वीट कर कहा है कि प्रदर्शन करने वालों के हितों की रक्षा के साथ ही यह भी जरूरी है कि दोनों पक्ष संयम बनाए रखें। 

आप को बता दें कि कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए लाए गए तीनों कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर दो महीने से अधिक समय से प्रदर्शनकारी जमे हुए हैं। 26 जनवरी को प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में लालकिले और अन्य कई जगहों पर भारी उत्पात मचाया था। कृषि कानूनों के खिलाफ शनिवार को चक्का जाम का भी आह्वान किया गया है।

दिल्ली लोकसभा में पहला हफ्ता कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ विपक्ष के हंगामे के नाम रहा। विपक्ष किसानों के मुद्दे पर सदन में बहस कराने की मांग पर अड़ा रहा तो सरकार ने भी विपक्ष के दबाव में आने से इन्कार कर दिया। इससे विपक्ष के हंगामे के कारण सदन का कामकाज ठप हुआ। इस बीच, सरकार व विपक्ष के बीच हुई कई बैठकों के बाद सोमवार को गतिरोध खत्म होने के आसार हैं।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि कोई बताएगा कि आखिर कृषि कानून में काला क्या है? सिर्फ इसे काला बता देने भर से बात नहीं बन सकती और न ही सुधार हो सकता है। पिछले दो महीने से मैं किसानों से भी यही पूछ रहा था। न वहां जवाब मिला और न ही आपके पास है।' तोमर ने कहा कि पंजाब और हरियाणा समेत करीब दो दर्जन राज्यों में कांट्रैक्ट फार्मिंग होती है और वहां कांट्रैक्ट तोड़े जाने पर किसानों को सजा का भी प्रविधान रखा गया है। केंद्र के कानून में तो किसानों के लिए किसी सजा की बात ही नहीं है, फिर भी आरोप लगाया जा रहा है। 

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

सीएम के निर्देश पर यूपी में 1 मार्च से खुलेंगे कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल : OmTimes

 लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य में कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 15 फरवरी से खोलने की तैयारी शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग ने कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 15 फरवरी से खोलने का प्रस्ताव सीएम योगी की मंजूरी के लिए भेज दिया है। वहीं, कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों को एक मार्च से खोलने का प्रस्ताव है। अभी इस बारे में अंतिम निर्णय सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे।

कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले करीब एक साल स्कूलों में बंद चल रही पढ़ाई अब सरकार शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई फिर शुरू कराने पर विचार करने को कहा है। सीएम योगी ने पढ़ाई शुरू करने से पहले अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग ने सीएम योगी आदित्यनाथ को कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 15 फरवरी से खोलने और कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों को एक मार्च से खोलने का प्रस्ताव भेजा है। अब सीएम योगी को इस पर अंतिम निर्णय लेना है। 

आप को बता दें कि पिछले मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिया था कि अब बच्चों को स्कूलों में कक्षा में भेजने के संबंध में विचार किया जाए। हर जिले में कोविड की स्थिति का आकलन के बाद ही पढ़ाई शुरू कराएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोविड गाइडलाइंस के अनुरूप ही स्कूलों में कक्षाएं चलाई जाएं। उन्होंने कहा कि दस दिन में स्कूलों में कक्षा छह से 12 तक की पढ़ाई का संचालन शुरू कराने की तैयारी करें। सीएम योगी ने यह भी कहा कि प्रदेश में कोविड-19 का टेस्टिंग कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। इसी के साथ ही कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तथा सर्विलांस सिस्टम को सक्रिय रखा जाए।

बता दें कि राज्य के सभी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं पहले से ही संचालित की जा रही हैं। अनएडेड प्राइवेट प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश के तहत सभी एसोसिएशन से संबद्ध स्कूलों में कोविड 19 को लेकर जारी एसओपी का पालन कराना सुनिश्चित कराया जाएगा। स्कूल खोलने की तारीख घोषित होते ही स्कूल खोल दिए जाएंगे। एसोसिएशन की ओर निर्णय लिया गया है कि सभी बोर्ड के स्कूलों में कक्षाएं अभी तीन घंटे के लिए ही संचालित की जाएंगी। सभी स्कूलों में सुबह दस बजे से एक बजे तक क्लास लगेंगी। इसे लेकर सभी स्कूलों को तैयारियां करने को कहा गया है। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों की ओर से लिखित अनुमति ली जाएगी।

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में है रूट डायवर्जन, गाजीपुर बॉर्डर है पूरी तरह बंद : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के धरना-प्रदर्शन के चलते दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में मंगलवार को भी रूट डायवर्जन किया गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। दिल्ली यातायात पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए हैं, जिससे यात्रा सुगम की जा सकती है। इसी के साथ गाजीपुर बॉर्डर पर कटीले तारों के साथ नुकीली कीलें भी लगाई गई हैं, जिससे किसान प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके।  

फिरोजपुर से मुंबई जाने वाली पंजाब मेल सोमवार को दिल्ली नहीं पहुंची। इसे रेवाड़ी के रास्ते मुंबई के लिए रवाना किया गया। श्रीगंगानगर से पुरानी दिल्ली आने वाली ट्रेन को बहादुरगढ़ में रोक दिया गया। इसे लेकर योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि एक हजार से ज्यादा किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए पंजाब मेल के मार्ग में बदलाव कर दिया गया। यह ट्रेन रोहतक, दिल्ली शकूरबस्ती, किशनगंज, नई दिल्ली, फरीदाबाद, मथुरा के रास्ते मुंबई जाती है। इस संबंध में उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि परिचालन संबंधित जरूरत की वजह से पंजाब मेल के मार्ग में बदलाव और एक अन्य ट्रेन को गंतव्य से पहले निरस्त कर दिया गया है।

तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर चला रहा किसानों का धरना प्रदर्शन मंगलवार को 68वें दिन में प्रवेश कर गया है। सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर इंटरनेट सेवा मंगवलार रात को 11 बजे तक बंद है। इस बीच पिछले एक सप्ताह से किसान आंदोलन का केंद्र बने यूपी बॉर्डर (गाजीपुर बॉर्डर) पर कड़ी सुरक्षा की गई है। वहीं, अगर कोई सिंघु बॉर्डर पर जा रहा है तो उसे अपने पास पहचान पत्र भी रखना होगा। इस तरह का आदेश जारी हुआ है और यह तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गया है।

वहीं, इससे पहले सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार पर साजिश करके कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन का दमन करने का आरोप लगाया है। आंदोलन स्थल की बिजली, पानी काटी जा रही है। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं हैं, शौचालयों की संख्या घटाई जा रही है। आवागमन के रास्ते बंद किए जा रहे हैं, इसलिए मोर्चा ने छह फरवरी को 12 से तीन बजे तक चक्का जाम का एलान किया है। इस दौरान सभी नेशनल और स्टेट हाईवे बंद रहेंगे। किसान नेताओं व मोर्चा के ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया। कुंडली बार्डर पर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक आयोजित की जायेगी! 

बैठक के बाद आंदोलनकारियों के नेता बलबीर सिंह राजेवाल, योगेंद्र यादव, डा. दर्शनपाल, गुरनाम सिंह चढ़ूनी, प्रेम सिंह भंगू, परमेंद्र मान आदि ने कहा कि सरकार सड़कें खोदने के साथ गलियों के भी रास्ते बंद कर रही है। उन्होंने इसे सरकार की तानाशाही करार दिया। साथ ही आंदोलनकारियों के नेताओं ने स्पष्ट किया कि ऐसे माहौल में सरकार से बातचीत का कोई औचित्य नहीं बनता है। 

वहीं, आंदोलन में असामाजिक व बाहरी तत्वों की निगरानी के लिए औचक निरीक्षण की रणनीति तैयार की गई है। संदिग्ध लगने पर किसी भी व्यक्ति को अपनी पहचान स्पष्ट करने को कहा जा सकता है। ऐसे में उसको अपना पहचानपत्र दिखाना होगा। पहचानपत्र नहीं होने पर पुलिस की संतुष्टि होने तक व्यक्ति को हिरासत में रहना पड़ सकता है। नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

गोरखपुर में और दस बदमाशों पर घोषित हुआ इनाम : OmTimes News

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  गोरखपुर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से फरार चल रहे 10 बदमाशों पर डीआइजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने सोमवार को इनाम घोषित किया है। एक दिन में पहली बार इतनी संख्या में बदमाशों पर इनाम घोषित किया गया है। इनाम घोषित होने के बाद थानेदार के साथ ही की क्राइम ब्रांच को इनामी बदमाशों को पकड़ने का टार्गेट दिया है! जिन बदमाशों के खिलाफ इनाम घोषित किया गया है उसमें गीडा थाना क्षेत्र चिरैयाडाड भड़सार निवासी संजय उर्फ गुड्डू यादव पर 10 हजार, कैंम्पियरगंज थाना के जंगल बब्बन टोला बंजारा निवासी इमामुद्दीन पर 15 हजार, शाहिद अली पर 15 हजार, पीपीगंज के जंगल कौड़िया निवासी राहुल जायसवाल पर 25, रामगढ़ताल के बड़गो निवासी इरफान और झिनक पर 15-15 हजार का इनाम घोषित किया है। रामगढ़ताल थाने से ही बेलघाट थाना क्षेत्र के सिधौना निवासी अजीत मिश्र के खिलाफ 15 हजार व चिलुआताल के ताजडीह निवासी लल्लू दुबे पर 15 हजार का इनाम घोषित किया है। गुलरिहा के भटहट निवासी शिवा गौड़ पर 25 हजार व हरिसेवकपुर नम्बर दो निवासी अजय निषाद उर्फ नाटे के ऊपर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। बदमाशों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में दस हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर संतोष पासवान को सोमवार को राजघाट पुलिस ने अलहदादपुर तिराहे से गिरफ्तार किया। दोपहर बाद उसे कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। राजघाट थाना क्षेत्र के बनकटी चक धोबी टोला निवासी संतोष पासवान पर डीआइजीएसएसपी ने दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। संतोष के ऊपर राजघाट पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। संतोष के खिलाफ राजघाट थाने में गैंगेस्टर के अलावा दो और मुकदमे दर्ज हैं।