रविवार, 31 जनवरी 2021

सोमवार को खुल सकता है लाल किले पर हिंसा का राज, 9 किसान नेताओं से दिल्ली क्राइम ब्रांच करेगा पूछताछ : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  गणतंत्र दिवस पर लाल किला में उपद्रवियों का नेतृत्व करने वाले पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू को अब तक दिल्ली पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। तीन दिनों से पुलिस की चार टीमें पंजाब के अलग-अलग इलाकों में दीप की तलाश में हैं, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा है। पुलिस का कहना है कि दीप अपना मोबाइल फोन बंद कर भूमिगत हो गया है। लेकिन, दीप सिद्धू घटना के बाद से कई बार फेसबुक लाइव होकर बयान जारी कर चुका है। शनिवार शाम को भी उसने फेसबुक पर कहा कि वह कुछ सुबूत जुटाने में लगा हुआ है। इसके बाद खुद दिल्ली पुलिस के समक्ष समर्पण कर देगा।

बताया जा रहा है कि लाल किले पर उपद्रव के बाद मंगलवार शाम को ही दीप मौके से भाग गया था। तभी से उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है, लेकिन फेसबुक पर लगातार सक्रिय है। विरोध जताने पर उसने कुछ किसान नेताओं को धमकी भी दी थी। उसने कहा था कि अगर वह उनकी परतें खोलने पर आ गया, तब किसान नेताओं को भागने के लिए जमीन कम पड़ जाएगी। उसने सफाई में कहा था कि उसने राष्ट्रीय ध्वज को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि अपने ध्वज फहरा कर सरकार को ताकत दिखाई है।

 तोड़फोड़ व उपद्रव करने वालों की पहचान करने के लिए विभिन्न जांच एजेंसियां लगातार लाल किले का दौरा कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कई वाहन मालिकों व उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है। गुजरात से आई फारेंसिक टीम ने भी रविवार को लाल किला, आइटीओ समेत कई जगहों का मुआयना किया। क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक शनिवार को राकेश टिकैत समेत जिन नौ किसान नेताओं को पूछताछ में शामिल होने के लिए दोबारा नोटिस भेजा गया उन्हें सोमवार को क्राइम ब्रांच के अलग-अलग कार्यालयों में हाजिर होने को कहा गया है। 

70 से अधिक ट्रैक्टर मालिकों को भी पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया है। इस हफ्ते उनसे भी पूछताछ की जाएगी। उपद्रवियों व उनके वाहनों के पहचान करने का सिलसिला लगातार जारी है। जैसे जैसे उपद्रवियों की पहचान होती जा रही है क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस उन्हें पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेज रही है। अब तक उपद्रव मामले में दिल्ली पुलिस 38 एफआइआर दर्ज कर चुकी है और 84 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है।

कॉरोना का टीका अब बच्चों को भी लगेगा, सीरम इंस्टीट्यूट का दावा- अक्टूबर तक आ जाएगी वैक्सीन : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी,  विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस के खिलाफ देश में टीकाकरण अभियान तेजी के साथ चल रहा है। अब तक 37 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जा चुका है। अभी सिर्फ बड़े लोगों को ही टीका लगाया जा रहा है। बच्चों के लिए कोरोना वायरस के खिलाफ अभी कोई टीका नहीं आया है। लेकिन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) बच्चों के लिए भी कोरोना का टीका विकसित कर रही है। कंपनी ने कहा कि इस साल अक्टूबर तक यह टीका तैयार कर लिया जाएगा और बच्चों को लगाया भी जाने लगेगा।

एसआइआइ में आयात-निर्यात निदेशक पीसी नांबियार ने कोच्चि में एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को लगाई जाने वाली कोरोना वैक्सीन के इस साल अक्टूबर तक तैयार हो जाने की संभावना है। यह वैक्सीन बच्चों को उनके जन्म के एक महीने के भीतर लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे इसी वैक्सीन को दवा के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि अगर बच्चे कोरोना से संक्रमित हों तो उन्हें यह दी जा सके। 

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आप को बता दें कि हाल ही में सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि कंपनी कोरोना के चार और टीकों पर काम कर रही है। इसमें से एक टीके के तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के लिए कंपनी ने भारतीय दवा नियामक से अनुमति भी मांगी है। पूनावाला ने कहा था कि यह वैक्सीन इस साल जून तक तैयार हो जाएगी।

सीरम ने कोविशील्ड ब्रांडनेम से कोरोना वायरस के खिलाफ टीका तैयार किया है। इसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने विकसित किया है। कंपनी ने अब तक इसके करोड़ डोज तैयार किए हैं। भारत में टीकाकरण अभियान में यह वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों को लगाई भी जा रही है। इसके अलावा भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का भी टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल किया जा रहा है।

एक फरवरी को तीसरा बजट पेश करेंगी केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण : OmTimes News

नई दिल्ली ( रामदेव द्विवेदी,  ऊँ टाइम्स)  कोरोना के चुनौतीपूर्ण काल में केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर जो नीतियां लागू की हैं, सोमवार को पेश होने वाला आम बजट कमोबेश उन्हीं नीतियों को आगे बढ़ाने वाला होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दिन में 11 बजे आम बजट पेश करेंगी। यह राजग-2 का तीसरा बजट होगा। इससे पहले 10.15 पर कैबिनेट की बैठक होगी। सुधारों को लेकर राजनीतिक विरोध के बावजूद बजट 2021-22 में अर्थव्यवस्था के कुछ सेक्टरों में साहसिक सुधारों की घोषणा की जा सकती है। 

अर्थव्यवस्था के समक्ष है चुनौतियां -

सरकार का खजाना है खाली, राजकोषीय घाटा रिकार्ड स्तर की है, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह तीसरा आम बजट होगा। इस बजट में वे सारे उपाय किए जाएंगे, जिनका जमीनी असर अगले दो-तीन वर्षोंं में दिख सके, ताकि वर्ष 2024 के आम चुनाव में जब भाजपा उतरे, तब तक उसके खाते में आर्थिक उपलब्धियों का पूरा ब्योरा हो। उद्योग चैंबर एसोचैम के महासचिव दीपक सूद का कहना है कि हेल्थ सेक्टर को बजट में सर्वप्रथम प्राथमिकता मिलेगी।

क्या क्या हो सकते हैं उपाय -

सुधारों पर साहसिक कदम उठाने से नहीं हिचकेगी सरकारखजाने की चिंता के बावजूद सरकारी खर्चे में नहीं होगी कटौतीराजस्व बढ़ाने के लिए कई सेक्टरों पर अतिरिक्त कर के आसारस्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर दिख सकती है नई सोचकुछ सेक्टरों में नियमन के पेंच ढीले किए जाने के संकेतदेश की टैक्स व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की होगी कोशिश

आत्मनिर्भर हो भारत पर होगा जोर -

वर्ष 2019 में कारपोरेट सेक्टर को कर में कटौती का तोहफा देने के बाद इस बार उन पर नियमन के बोझ को घटाने का संकेत दिया जाएगा, ताकि आत्मनिर्भर भारत के एजेंडे को मजबूत किया जा सके। राजकोषीय स्थिति चिंताजनक होने के बावजूद समाजिक व बुनियादी ढांचे के लिए जरूरी सरकारी खर्चे का स्तर पहले ही की तरह बढ़ाया जाएगा। ऐसे में अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए कुछ सेक्टरों पर टैक्स बोझ बढ़ाए जाने के भी पूरे आसार हैं।

अर्थव्यवस्था के सकारात्मक यह है तथ्य -

लॉकडाउन के बाद तकरीबन हर सेक्टर में तेजी से सुधारकोरोना वैक्सीन लगने के बाद हालात और सामान्य होने के आसारमहंगाई का खतरा काफी हद तक काबू मेंचीन को लेकर वैश्विक स्तर पर उपजी आशंका से निर्यात को फायदा संभवश्रम और कृषि सुधारों की वजह से वैश्विक निवेशक समुदाय में भारत के प्रति आकर्षण !

मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट भी है एजेंडे में -

दूसरे स्थान पर मैन्युफैक्चरिंग रहेगा, तीसरे स्थान पर छोटे व मझोले उद्योग, चौथे स्थान पर रियल एस्टेट और इसके बाद इंफ्रास्ट्रक्चर। साथ ही घरेलू मांग को बढ़ाना भी वित्त मंत्री के एजेंडे में होगा। अब देखना होगा कि वह कारपोरेट टैक्स में कटौती के बाद पर्सनल टैक्स दर को घटाती हैं या नहीं।

मध्यम वर्ग का रखा जाएगा ध्‍यान -

सीआइआइ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी के मुताबिक, आर्थिक सर्वेक्षण से स्पष्ट है कि देश की अर्थव्यवस्था में वी-शेप रिकवरी (बहुत तेजी से सामान्य होना) हो चुकी है। ऐसे में बजट इस रिकवरी को और पुख्ता बनाने वाला और लंबे समय तक आर्थिक विकास की गति को तेज बनाए रखने वाला होगा। सरकार निश्चित तौर पर मध्यम वर्ग का भी ध्यान रखेगी, ताकि घरेलू मांग से जुड़ी समस्या का समाधान निकले।

वैश्विक निवेशकों को भी लुभाने की होगी कोशिश -

खजाने के स्तर पर भारी चुनौती का सामना कर रहीं वित्त मंत्री राजकोषीय प्रबंधन पर क्या रोडमैप दिखाती हैं, इस पर ना सिर्फ देश की, बल्कि विदेशी एजेंसियों की भी नजर होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, 2020 में विदेशी निवेश आकर्षित करने में बहुत सफल रहने के बाद भारत वैश्विक निवेशकों के समक्ष अपनी भावी राजकोषीय व्यवस्था का खाका निश्चित तौर पर पेश करेगा। ऐसा नहीं होने पर निवेशकों के मन में अनिश्चितता का भाव पनप सकता है। 

मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रत्याशित स्थिति में 12 लाख करोड़ रुपये का भारी भरकम कर्ज ले चुकी केंद्र सरकार के भावी उधारी कार्यक्रम को लेकर भी सभी की उत्सुकता है। आर्थिक सर्वेक्षण का संकेत है कि अगर भारत को उधारी लेकर विकास की गति तेज करनी हो तो इससे घबराना नहीं चाहिए।

कई माह के बाद इन प्रदेशों में 1 फरवरी से खुल जायेंगे विद्यालय : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारत में में कोरोना टीकाकरण के साथ अब स्‍कूल दोबारा स्कूलों को खोलने की तैयारी जोरों से हो रही है। पंजाब, हरियाणा, गुजरात सहित 10 राज्यों में 1 फरवरी से विभिन्न कक्षाओं को संचालित करने का निर्णय राज्य सरकार की ओर से लिया गया है। ज्‍यादातर राज्‍य 10वीं और 12वीं के लिए स्‍कूल खोल रहे हैं ताकि आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए छात्रों की तैयारी पूरी हो सके। कोरोना संक्रमण संबंधी सावधानियों के साथ ही क्लासेज लगेंगी और शिक्षकों और बच्‍चों को नियमों का सख्‍ती से पालन करना होगा। छात्र-छात्राएं केवल अभिभावकों की स्‍वीकृति पत्र के साथ ही स्‍कूल में प्रवेश पा सकेंगे। 

गुजरात में कक्षा 9 और 11 की ऑफ़लाइन कक्षाएं 01 फरवरी से फिर से शुरू होने जा रही हैं। इससे पहले, राज्य ने 11 जनवरी को कक्षा 10 और 12 के लिए स्कूलों को फिर से खोल दिया है। राज्य सरकार ने सभी स्कूलों को कोरोना गाइडलाइंस का 100 फीसद फालन कराने को कहा है।

हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हरियाणा में कक्षा 6 से 8 तक के स्कूल 01 फरवरी से फिर से खुलेंगे। कक्षा 6 से 8 के लिए, स्कूलों का समय सुबह 10 से दोपहर 1.30 बजे के बीच होगा। जो छात्र ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उन्‍हें स्‍कूल आना अनिवार्य नहीं है। स्कूल आने वाले छात्रों को कोविड-19 के नियमों का पालन जरूरी है।

महाराष्‍ट्र के पुणे जिले में स्‍कूल 01 फरवरी से खुलने जा रहे हैं. पुणे म्‍युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने 5वीं से 8वीं तक के स्‍कूल भी 01 फरवरी से खोलने की इजाजत दे दी है।

पंजाब राज्य सरकार की इजाजत के बाद सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 1 फरवरी से कक्षा 1 और 2 और प्री-प्राइमरी क्‍लासेज़ के लिए फिर से खुलने के लिए तैयार हैं। पंजाब स्कूल शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने इसकी जानकारी दी है। 

आंध्र प्रदेश सरकार ने 01 फरवरी से कक्षा 1 से 5 को फिर से खोलने की अनुमति दी है। दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक अनुभाग में केवल 20 छात्र होने चाहिए। राज्य में कक्षा 6 से 12 और कॉलेज के लिए स्कूल पिछले साल नवंबर में खोले जा चुके हैं।

तेलंगाना में कक्षा 9 से 12 के लिए स्‍कूल 01 फरवरी से खोले जा रहे हैं। इससे पहले, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने 01 फरवरी से ग्रेजुएट और पोस्‍ट ग्रेजुएट कोर्सेज के लिए कॉलेजों में क्‍लास शुरू करने की घोषणा की थी।

मेघालय राज्य 01 फरवरी से हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूट्स में कक्षाएं फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। बता दें कि मेघालय के ज्यादातर स्कूलों में इस साल की शुरुआत में ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू हो चुकी हैं। 

जम्‍मू कश्‍मीर में 01 फरवरी से कक्षाएं फिर से शुरू की जाएंगी। 10वीं और 12वीं के लिए ऑफ़लाइन कक्षाएं कल से शुरू होने जा रही हैं। उच्च शिक्षा संस्थान 15 फरवरी को ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू करेंगे।

कर्नाटक में स्कूलों को कक्षा 9, 10 और प्री-यूनिवर्सिटी कक्षाओं के लिए 1 फरवरी से फिर से खोलने की तैयारी है। स्‍कूल कोरोना सावधानियों के साथ खोले जाएंगे। 

हिमाचल प्रदेश में 8वीं से 12वीं की कक्षाएं 01 फरवरी से शुरू होनी हैं। ऐसे स्कूल, जो राज्य में पहाड़ी क्षेत्र में हैं और वहां सर्दियों की छुट्टियां हैं, ऐसे स्‍कूलों में क्‍लास 15 फरवरी से शुरू होंगी।

शनिवार, 30 जनवरी 2021

नकहा रेल क्रासिंग पर रेल ओबर ब्रिज बनाने के लिए यूपी सरकार ने किया 42.65 करोड़ स्वीकृत: OmTimes

 गोरखपुर  (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर की जनता को एक और तोहफा दिया है! उत्तर प्रदेश सरकार ने नकहा रेल क्रासिंग पर आरओबी (रेल ओवरब्रिज) के लिए 42.65 करोड़ रुपया स्वीकृत कर दिया है । इसके साथ ही अब इस पुल के निर्माण की राह और आसान हो गई है,क्योंकि रेलवे की तरफ से वर्ष 2020-21 के बजट में ही पुल के लिए 3.4 करोड़ रुपये पहले से ही आवंटित किए जा चुके हैं। अब दो साल के भीतर ही इस आरओबी के बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। इस पुल के निर्माण से हजारों की संख्या में लोग लाभान्वित होंगे।  नकहा रेलवे क्रासिंग से रोजाना लगभग  50 हजार लोग गुजरते हैं। प्राय: रेलवे फाटक बंद होने से लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता है। मगर अब इस रेलवे क्रासिंग के ऊपर पुल बन जाने से लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। यह सड़क मेडिकल कॉलेज और सोनौली रोड को जोड़ती है।  खाद कारखाना बन जाने से इसकी महत्ता और बढ़ गई है। ऐसे में इस रेलवे क्रासिंग पर ऊपरगामी पुल की जरूरत और बढ़ गई थी। यही नहीं घंटों लगने वाले जाम से निजात के लिए स्थानीय जनता और जन प्रतिनिधि भी लंबे समय से इस रेल ऊपरगामी पुल की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए ही रेलवे बोर्ड ने आम बजट 2020 में इसे मंजूरी देते हुए अपने हिस्से का धन भी आवंटित कर दिया। अब प्रदेश सरकार ने भी इसके लिए बजट मंजूर कर दिया है जिससे पुल के निर्माण का राह पूरी तरह साफ हो गई।  नकहा रेलवे क्रासिंग पर पुल के लिए राज्य सरकार की तरफ से 42.65 करोड़ रुपये मंजूर होने की सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय के ट्विटर अकाउंट से आई। स्थानीय स्तर पर अभी किसी जिम्मेदार को इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि शनिवार को आदेश आ जाएगा।

आप को बता दें कि गोरखपुर शहर में अब तक पांच ओवरब्रिज बन चुके हैं। ऐसे में नकहा में शहर का छठवां आरओबी (रेल ऊपरगामी) पुल बनने जा रहा है। वर्तमान में जो पुल बने हैं उनमें मोहद्दीपुर, तरंग, गोरखनाथ, सूरजकुंड और नकहा नंबर एक स्थित रेल क्रासिंग पर बने आरओबी शामिल हैं।

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शुक्रवार, 29 जनवरी 2021

पुलिस लाइन सिद्धार्थनगर का निरीक्षण किया पुलिस महा निरीक्षक ने, सभी कार्य रहा सन्तोषजनक, कुछ सराहनीय भी

 सिद्धार्थनगर ( रामदेव द्विवेदी,  ऊँ टाइम्स)  पुलिस महानिरीक्षक बस्ती द्वारा  आज दिनांक 29 जनवरी 2021 को पुलिस लाइन सिद्धार्थनगर में परेड की सलामी लेने के साथ साथ परेड का निरीक्षण कर पुलिस कर्मियों के टर्न आउट और साज-सज्जा व साफ-सफाई को देखा गया! इसके बाद डीआईजी ने रिजर्व पुलिस लाइन के विभिन्न शाखाओं / मदों का निरीक्षण किया गया, जिसमें आदेश कक्ष,  स्टोर,  कैश कार्यालय, भोजनालय,  केंद्रीय कैंटीन, आरक्षी,  आर टी सी वैरक,  शस्त्रागार, जिम,  परिवहन शाखा, गैंस एजेंसी व डायल 112 कार्यालय आदि का निरीक्षण किया गया! इसके साथ ही साथ रिजर्व पुलिस लाइन के आवासीय परिसर,  पार्क आदि का भी निरीक्षण किया गया! इस निरीक्षण के दौरान DIG द्वारा साफ सफाई व पत्रावलियों के उचित रखरखाव हेतु विशेष ध्यान देने हेतु निर्देश भी दिया गया! उक्त निरीक्षण के दौरान एसपी सिद्धार्थनगर राम अभिलाष त्रिपाठी, अपरपुलिस अधीक्षक मायाराम,  क्षेत्राधिकारी लाइन राणा महेन्द्र प्रताप सिंह, सीओ सदर प्रदीप कुमार यादव,  प्रतिसार निरीक्षण ब्रम्हदेव उपाध्याय, पीआऱओ पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र कुमार यादव के साथ साथ समस्त शाखा प्रभारी एवं कर्मचारीगण मौजूद रहे!  इस कार्यक्रम के सभी कार्य सराहनीय पाये गये!

गुरुवार, 28 जनवरी 2021

भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हुआ टीकरी वार्डर पर, कई जगह दिल्ली में रूट डायवर्जन : OmTimes News

गाजियाबाद ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता,  ऊँ टाइम्स)  तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों की रद करने की मांग को लेकर जहां सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को किसानों का विरोध प्रदर्शन 65वें दिन में प्रवेश कर गया है, वहीं यूपी बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मोर्चा संभाल लिया है। टीकरी बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैतान हैं, जबकि दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर बंद करने के साथ कई जगहों पर रूट डायवर्जन कर दिया है। पिछले 2 महीने से भी अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन के चलते दिल्ली-एनसीआर के 60,000 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हो चुका है। कई लोगों की नौकरी जा चुकी है। 

इससे पहले गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुए उपद्रव के बाद गाजियाबाद जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए यूपी गेट पर प्रदर्शनकारी किसानों को धरनास्थल को खाली करने का आदेश दिया है, लेकिन शुक्रवार सुबह से हालात जस के तस हैं।

नोटिस के बाद गिरफ्तारी के लिए तैयार भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने धरनास्थल छोड़ने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने कहा कि कोई किसान अपनी जगह से नहीं जाएगा। राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर ही अनशन की चेतावनी दी है। मीडिया से बात करते वक्त वह रो भी पड़े। कहा-कृषि कानून रद न किए गए तो वह आत्महत्या कर लेंगे।

उधर, यूपी गेट पर चल रहे धरने को उठाने से संबंधित बयान देने के चंद घंटे बाद ही छोटे भाई चौधरी राकेश टिकैत के आंसू देख भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने सुर बदल लिए। गुरुवार को दिन में गाजीपुर बार्डर से धरना उठाने की बात कहने वाले चौधरी नरेश टिकैत ने रात को मुजफ्फरनगर के सिसौली में किसान पंचायत बुलाई और एलान किया कि शुक्रवार को अगला निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने चेताया था कि कि रात में यूपी गेट पर कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। बगैर जांच पूरी हुए यदि गिरफ्तारी की गई तो हालात बिगड़ सकते हैं !

रेल यात्रियों के लिए नई सुविधा चालू , अब घर से सीधे ट्रेन की बर्थ पर पहुंचेगा सामान : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए अब तक कई अहम कदम उठाए हैं। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे अब सामान के बोझ उठाने की समस्या से छुटकारा दिलाने की तैयारी कर रहा है। भारतीय रेलवे ऐसी सुविधा देने की तैयारी कर रहा है जिससे आपका सामान घर से ट्रेन की सीट तक पहुंचेगा। रेलवे की इस सुविधा का नाम एंड टू एंड लगेज सर्विस है।

अहमदाबाद स्टेशन पर यह सुविधा शुरु, अन्य स्टेशनों पर भी जल्द शुरू होगा -  पश्चिम रेलवे के मुताबिक अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर सबसे पहले इस सर्विस की शुरुआत की गई है। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक NINFRIS के तहत ये सुविधा शुरू की गई है। उम्मीद की जा सकती है कि आगामी दिनों में भारतीय रेलवे के सभी स्टेशनों पर ये सर्विस दी जाए। 

इस सर्विस से ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को घर से सामान ले जाने या स्टेशन से सामान घर तक पहुंचाने के तनाव से छुटकारा मिलेगा। बता दें कि यात्रियों को Bookbaggage.com के माध्यम से सामान की बुकिंग करनी होगी। लगेज के साइज और वजन से संबंधित जानकारी देनी होगी। जिसके अनुसार सर्विस चार्ज लगेगा। 

भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) जल्द हीअपनी ई-कैटरिंग सेवाओं को फिर से शुरू करेगा, जो यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की बात है। कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण 22 मार्च, 2020 को ई-कैटरिंग सेवाओं को स्थगित कर दिया गया था।

भारतीय रेलवे की खानपान व्यवस्था, पर्यटन और ऑनलाइन टिकट संबंधी गतिविधियों का कार्यभार संभालने वाली आईआरसीटीसी विशेष रेलगाड़ियों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ई-खानपान सेवाओं को फिर से शुरू करने जा रहा है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की ओर से भी अनुमति मिल गई है। बताया जा रहा है कि शुरू में लगभग 250 रेलगाड़ियों के लिए लगभग 30 रेलवे स्टेशनों पर सेवाएं शुरू की जाएंगी।

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले में पीएम केपी शर्मा ओली को दिया कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश

 काठमांडू (ऊँ टाइम्स)   नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने एक अवमानना मामले में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से लिखित में जवाब तलब करते हुए उन्हें सात दिन के भीतर उसके समक्ष पेश होने को कहा है। ओली के खिलाफ मंगलवार को वकील कुमार शर्मा आचार्य और कंचन कृष्ण नेयूपाने ने अदालत की अवमानना के दो मामले दायर किए थे। प्रधानमंत्री ओली ने नेपाल की संसद को भंग कर दिया है। इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले की सुनवाई में 95 वर्षीय वकील कृष्ण प्रसाद भंडारी को भी हिस्सा लेना है। पिछले शुक्रवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ओली ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई को कथित रूप से ड्रामा बताया और इसमें भंडारी के हिस्सा लेने पर कथित रूप से उन्हें 'ग्रैंडपा लॉयर' (दादा वकील) बताया था।

नेपाल देश के वरिष्ठ वकील कुमार शर्मा आचार्य और वकील कंचन कृष्णा नुपाने ने संसद भंग मामले पर टिप्पणी लेकर मंगलवार को ओली के खिलाफ अवमानना के अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं। अधिवक्ताओं ने दावा किया है कि ओली ने अदालत को प्रभावित करने की कोशिश की और अदालत के वकीलों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। 22 जनवरी को एक कार्यक्रम में, ओली ने एक स्थानीय सभा में अपने संबोधन के दौरान दावा किया कि  संविधान में संसद को फिर से बहाल करने का कोई प्रावधान नहीं है।

ओली ने नेपाल बार एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन पर लिया चुटकी -  22 जनवरी को कैडर्स को संबोधित करते हुए संसद को भंग करने के अपने कदम का बचाव करते हुए ओली ने एक वरिष्ठ अधिवक्ता और नेपाल बार एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन कृष्णा प्रसाद भंडारी पर चुटकी लेते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ‘दादा’ वकील को फिर परेशान कर रहे हैं। राष्ट्रपति द्वारा निचले सदन को भंग करने की सिफारिश करने के बाद ओली के खिलाफ एक दर्जन से अधिक रिट याचिकाएं दायर की गई हैं। अगले महीने मामलों पर फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है।

डीआईजी पुलिस ने किया चिल्हिया थाने का मुआयना, साथ ही महिला हेल्प डेस्क का किया उद्घाटन : OmTimes News

सिद्धार्थनगर ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  आज दिनांक 28 जनवरी 2021 को इस जिले के थाना चिल्हिया में इस मंडल के  के पुलिस विभाग के डीआईजी द्वारा मुआयना किया गया, और  इसके साथ ही साथ महिला हेल्प डेस्क का भी उद्घाटन किया गया! ग्राम प्रहरी कक्ष  के उद्घाटन के साथ साथ मौजूद सभी ग्राम प्रहरी / चौकीदारों को कम्बल वितरित किया गया!  इस कार्यक्रम के दौरान इस जिले के पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ शोहरतगढ, एसओ शोहरतगढ़, एसओ ढेबरूवा,चिल्हिया थाना इंचार्ज मय समस्त स्टाफ आदि मौजूद रहे!  चिल्हिया थाने को अच्छी तरह से सजाया गया था, और साफ सफाई सराहनीय रहा!    इस समाचार का वीडियो रिकार्डिंग देखने के लिए इसे   https://youtu.be/i6wxhwvV6HA   क्लिक करें, और देखे कि कितना जोरदार स्वागत हुआ है डीआईजी पुलिस का!  और चलते चलते  भगवान बुद्ध की मूर्ति भी भेंट किया गया डीआईजी महोदय को!  फिलहाल नजारा रोचक रहा!

बुधवार, 27 जनवरी 2021

सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया लाल किले पर केसरिया झंडा फहराने का मामला, CJI को पत्र लिखकर की गई कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  दिल्ली में विगत दिवस किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले की प्राचीर पर प्रदर्शकारियों द्वारा झंडा फहराने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले को लेकर एक कानून के छात्र ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को पत्र लिखकर लाल किले पर किसी दूसरे समुदाय का झंडा फहराने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेने मांग की है। मुंबई विश्वविद्यालय के कानून के छात्र आशीष राय द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि 26 जनवरी 2021 को किसानों के एक समूह द्वारा आयोजित ट्रैक्टर रैली में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा आतंक फैलाया गया। 

पत्र में यह भी कहा गया कि जिस प्रकार से लाल किले में भारत के राष्ट्रीय ध्वज की जगह किसी अन्य समुदाय के झंडे के लहराने से देश के सम्मान और गरिमा को चोट पहुंची। यह एक शर्मनाक घटना है। इस घटना से पूरा देश भी आहत है क्योंकि इस घटना से देश के संविधान के साथ साथ राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान हुआ है। देश की भक्ति भावना को ठेस पहुंचाई गई है। इसलिए इस तरह की गतिविधि भारतीय नागरिक की संवैधानिक भावनाओं को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए, सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन है कि इस पूरे मामले पर एक विशेष जांच समिति का गठन किया जाए, ताकि इस असंवैधानिक गतिविधि में शामिल असामाजिक तत्व के खिलाफ जांच की जा सके और आरोपियों को दंडित किया जा सके। 

गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल उपद्रवी ने जमकर उपद्रव मचाया और लाल किले पर धावा बोल दिया। उन्होंने वहां केसरिया झंडा लगा दिया। रोकने की कोशिश करने पर उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और रॉड और तलवारों से हमला किया। इसमें 83 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें 26 की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामले में 12 एफआइआर दर्ज की गई है। हालात को काबू में करने के लिए दिल्ली में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। साथ ही प्रभावित इलाकों में इंटरनेट सेवा भी बंद रखी गई है।

दिल्ली में इंटरनेट सेवा आज भी है प्रभावित, अफवाहों पर लगाम लगाने की सरकार की कोशिश

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली में विगत दिवस किसान परेड में हुए उपद्रव के बाद आज बुधवार को भी इंटरनेट सेवा प्रभावित है। बताया जा रहा है कि इंटरनेट की स्पीड बहुत स्लो है। इससे पहले राजधानी में उपद्रव के बाद अफवाहों के चलते दिल्ली-एनसीआर में इंटरनेट सेवा प्रभावित रही। आइटीओ लालकिला समेत कई स्थानों पर हिंसा बढ़ने के साथ कई स्थानों पर इंटरनेट सेवा पर सरकारी आदेश से रोक लगा दी गई। 

आइटीओ और लालकिला समेत कई स्थानों पर हिंसा बढ़ने के साथ नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, बाहरी दिल्ली अन्य स्थानों पर इंटरनेट सेवा पर सरकारी आदेश से रोक लगा दी गई। इसके अलावा नोएडा, गाजियाबाद के साथ ही हरियाणा के शहरों में भी यह रोक लगा दी गई । पुलिस को यह सूचना मिली कि इंटरनेट के सहारे अफवाहों को फैलाकर स्थिति और बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है। इस तरह के किसी प्रयास पर रोक लगाने के लिए नांगलोई, सिंघु बार्डर, यूपी गेट, टिकरी, गाजीपुर बार्डर, मुकरबा चौक जैसे इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। 

गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इंडियन टेलीग्राफ एक्ट, 1885 की धारा 7 के तहत और जनसुरक्षा स्थापित करने और आवश्यक होने की वजह से सिंघु, गाजीपुर, टिकरी, मुकरबा चौक, नांगलोई और दिल्ली से जुड़े इलाकों में 26 जनवरी को रात 11: 59 तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई जा रही है। इसके बाद टेलिकाम आपरेटर्स की ओर से अपने ग्राहकों को इस संबंध में संदेश भेजकर जानकारी दी गई ।

वहीं दिल्ली पुलिस के निर्देश पर मंगलवार देर शाम लालकिले की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। असल में कई आंदोलनकारियों ने शाम तक लालकिला परिसर पर कब्जा जमाए रखा था। पुलिस के लाख अपील के बाद भी वे जाने को तैयार नहीं थे। ऐसे में पुलिस ने आखिरकार लालकिला की बिजली आपूर्ति बाधित करने का फैसला किया।

दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, कई जगह रूट डायवर्जन; NCR में इंटरनेट की दिक्कत

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) मंगलवार को देश की राजधानी में किसानों के उपद्रव के बाद बुधवार को सारे शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस के जवान तैनात हैं, तो सादी वर्दी में भी सुरक्षा कर्मी गश्त कर रहे हैं। वहीं, किसानों के हिंसक प्रदर्शन के बाद एहतियात के तौर पर बुधवार को दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से सड़कों और मेट्रो स्टेशन पर एंट्री बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक बुधवार को होगी, जिसमें कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं। दिल्ली में आईटीओ, क्नॉट प्लेस, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, मिंटो रोड, राजघाट रोड, लाल किला रोड और प्रगति मैदान में सड़कों को बंद रखा गया है। इसके अलावा बारापूला से उतरकर लोधी रोड की तरफ बढ़ने वाला रास्ता, दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ जाने वाला रास्ता और पुरानी दिल्ली की तरफ जाने वाला रास्ता भी बंद है।  भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि दीप सिद्धू सिख नहीं हैं, वे भाजपा के कार्यकर्ता हैं। पीएम के साथ उनकी एक तस्वीर है। यह किसानों का आंदोलन है और ऐसा ही रहेगा। कुछ लोगों को तुरंत इस जगह को छोड़ना होगा। जो लोग बैरिकेडिंग तोड़ चुके हैं वे कभी भी आंदोलन का हिस्सा नहीं होंगे। मंगलवार को हुई हिंसा के मद्देनजर 12 लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। 

ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की आम आदमी पार्टी  ने निंदा की है। साथ ही आप ने हिंसा भड़कने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है। पार्टी की तरफ से एक बयान जारी कर कहा गया कि आम आदमी पार्टी प्रदर्शन में हिंसा की कड़ी निंदा करती है। यह दुखद है कि केंद्र सरकार ने स्थिति को इस हद तक बिगड़ जाने दिया, जबकि यह आंदोलन पिछले दो महीने से पूरी तरह शांतिपूर्ण चल रहा है।  आप के प्रवक्ता व विधायक राघव चड्ढा ने ट्वीट किया कि किसान नेताओं का कहना है कि जो लोग आज की ¨हसा में शामिल थे, वे इस आंदोलन का हिस्सा नहीं थे, बल्कि बाहरी तत्व थे। ये जो भी लोग हैं, लेकिन उनकी ¨हसा ने निश्चित रूप से उस आंदोलन को कमजोर कर दिया है, जो शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से चल रहा था। 

तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान पिछले दो महीने से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्होंने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड का एलान किया था। दिल्ली पुलिस के साथ मैराथन बैठक के बाद किसानों को परेड की अनुमति दी गई थी। इस दौरान किसानों ने वादा किया था कि परेड दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के पास नहीं जाएगी, लेकिन मंगलवार सुबह प्रदर्शनकारी दिल्ली में घुसने पर अड़ गए। बैरिकेड तोड़ते हुए लाल किले तक पहुंच गए। इस दौरान किसानों को रोकने का पुलिस ने प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।

मंगलवार, 26 जनवरी 2021

लाल किला परिसर में पहुंचे उपद्रवियों ने किया तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों से हुई झड़प : OmTimes News

 नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा किये गये ट्रैक्टर परेड में शामिल उपद्रवियों ने हद पार कर दिया कर दिया। परेड के लिए तय रूट को छोड़ ये  लोग दिल्ली के मध्य तक घुस आए, और जमकर उपद्रव किया। लाल किले पर धावा बोलकर उपद्रवियों ने वहां पर केसरिया झंडा लगा दिया। इस दौरान रोकने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर उपद्रवियों ने पथराव करने के साथ रॉड  आदि से हमला किया। इतना ही नहीं, इंडिया गेट और लाल किले की तरफ बढ़ते समय रोकने पर हुड़दंगियों ने आइटीओ चौराहे पर जवानों व मीडियाकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश भी की।

इस उपद्रव में 83 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपद्रवियों की इस करतूत ने किसानों के नाम पर दो महीने से चल रहे आंदोलन और इसके पीछे की मंशा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हिंसा के बाद किसान नेताओं ने खुद को उपद्रव से अलग कर लिया। योगेंद्र यादव ने तो यहां तक कह दिया कि मैं शर्मिदा हूं, और इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। गणतंत्र दिवस पर देश ही नहीं, पूरे विश्व ने दिल्ली की सड़कों पर जो उपद्रव देखा, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया था। इन बेलगाम हुड़दंगियों ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया। सिघु, टीकरी व गाजीपुर बार्डर से हजारों प्रदर्शनकारी आइटीओ और लाल किले तक पहुंच गए। लाल किले के प्राचीर पर चढ़कर उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों के सामने केसरिया झंडा लगा दिया।.   

आइटीओ पर स्टंट करते हुए बैरिकेड में जोरदार टक्कर मारने की कोशिश में ट्रैक्टर पलट गया, जिससे ट्रैक्टर चला रहे उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी नवरीत सिंह की मौके पर मौत हो गई। दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेड के रूप में इस्तेमाल की गई डीटीसी बसें, डंपर, दिल्ली पुलिस की बसें, पीसीआर वैन और बैरिकेड तोड़ दिए गए। इस सब के बावजूद दिल्ली पुलिस संयम बरते रही। हालांकि उपद्रवियों को नई दिल्ली की तरफ आने से रोकने व अन्य जगहों पर उन्हें नियंत्रित करने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

दोपहर करीब 12:30 बजे हजारों की संख्या में उपद्रवी ¨रग रोड होते हुए आइटीओ फ्लाईओवर के नीचे पहुंचे। गाजीपुर की सीमा से अक्षरधाम के रास्ते और ¨सघु बार्डर से कश्मीरी गेट के रास्ते प्रदर्शनकारी आइटीओ पहुंचे। यहां पहुंचते ही उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़ दिया। उपद्रवियों ने रास्ता रोकने के लिए खड़ी की गई डीटीसी की बसों व एक पुलिस बस की चाभी चालकों से छीन ली। बसों व बैरिकेड को हटाने के बाद उपद्रवी ट्रैक्टर पर सवार होकर तिलक ब्रिज की ओर बढ़ने लगे। रास्ते भर वे पुलिस अवरोधों को तोड़कर हटाते रहे। आइटीओ चौराहे पर उपद्रवियों ने सात ट्रैक्टरों से एक डीटीसी बस में टक्कर मारकर उसे पलटने की कोशिश भी की। पुराने पुलिस मुख्यालय के गेट के सामने खड़ी एक पीसीआर वैन व पुलिस बस के शीशे तोड़ दिए।  आइटीओ व लालकिले पर उपद्रव करने वालों में करीब 80 फीसद युवा थे, जिनके हाथों में तिरंगे के अलावा लोहे की रॉड, लाठी-डंडे, ईट-पत्थरों से भरी बैग थीं। 

आइटीओ पर खतरनाक तरीके से स्टंट करने पर पुलिसकर्मियों ने कई ट्रैक्टरों के टायर पंक्चर कर दिए। उपद्रवियों ने आइटीओ पर मीडियाकर्मियों के साथ भी मारपीट व दु‌र्व्यवहार किया। उनके मोबाइल फोन और कैमरे छीन लिए। आइटीओ पर उपद्रवियों व पुलिसकर्मियों के बीच करीब चार घंटे तक रुक-रुक कर झड़प व पथराव होता रहा। 

उपद्रवी कभी सड़क के बीचोबीच बैठ जाते तो कभी अचानक पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर देते थे। दरअसल, उनकी योजना नई दिल्ली में राजपथ व संसद भवन तक जाने की थी, लेकिन मजबूत बैरिकेटिग व भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के कारण ऐसा नहीं हो पाया। हिंसा बढ़ती देख दिल्ली पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में इंटरनेट सेवाएं बंद करा दीं। दिल्ली के अधिकतर मेट्रो स्टेशनों को भी बंद करा दिया गया। 

आइटीओ व लाल किले पर करीब पांच घंटे तक उपद्रवी कब्जा जमाए रहे। शाम को ये स्थान खाली करा लिए गए। दिनभर पुलिस आयुक्त एनएन श्रीवास्तव की ओर से अधिकारियों और जवानों को डटे रहने व पूरी शक्ति से मुकाबला करने के संदेश आते रहे। हालात बिगड़ता देख पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों से गोली चलाने की अनुमति भी मांगी, लेकिन अनुमति नहीं दी गई।

ट्रैक्टर परेड के लिए दिल्ली पुलिस ने किसानों के साथ तय हुई शर्तो के अनुसार काम किया और आवश्यक बंदोबस्त किया था। दिल्ली पुलिस ने अंत तक काफी संयम का परिचय दिया, परंतु प्रदर्शनकारियों ने तय शर्तो की अवहेलना की और तय समय से पहले ही ट्रैक्टर परेड शुरू कर दी। आंदोलनकारियों ने हिंसा व तोड़फोड़ का मार्ग चुना, जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयम के साथ जरूरी कदम उठाए। सरकारी संपत्तियों को काफी नुकसान हुआ है और कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।

-ईश सिंघल, पुलिस प्रवक्ता

किसानों द्वारा किये गये उपद्रव के बाद सरकार ने दिखाई सख्‍ती, अब दिल्‍ली में तैनात होंगी 15 पैरामिलिट्री जवानों की कंपनियां : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा किये गये उग्र आंदोलन और दिल्ली में स्थिति को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमितशाह ने उच्च स्तरीय बैठक की। दिल्ली में सुबह से लेकर अब तक के हालात को लेकर गृह मंत्रालय में बैठकों का दौर जारी है। इस बैठक में गृह सचिव, दिल्‍ली पुलिस के अधिकारी और अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में फैसला लिया गया कि अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात किया जाएगा। ये उन 15 कंपनियों के ऊपर होंगे, जो कल भेजी गई थीं। 5 कंपनियां आज स्टैंडबाय पर थीं। यानी दिल्‍ली में 1500 से अधिक अर्धसैनिक बलों की तैनाती होगी। बैठक में तत्काल प्रभाव से उन संवेदनशील जगहों पर सुरक्षाबलों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, जहां पर मंगलवार को हिंसा हुई है। यह जगह नांगलोई, आईटीओ और गाजीपुर हैं।आज की हिंसा से जुड़ी हर पहलू की समीक्षा की जा रही है। अब तक 3 अहम बैठकें हो चुकी हैं। गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस द्वारा बनाई गई विशेष टीम दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों से जानकारी ले रही है।   कृषि कानून के खिलाफ दो महीनों से आंदोलन कर रहे किसान ने गणतंत्र दिवस पर मंगलवार को दिल्ली की सीमाओं के आसपास ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान कई जगहों पर किसानों और पुलिस के बीच भिड़ंत हुई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े गए।  पुलिस को चकमा देते हुए उपद्रवी कश्‍मीरी गेट से होते हुए लाल किले और आइटीओ तक पहुंच गए और वहां जमकर हिंसा की। पुलिस पर पथराव किया और पुलिसवालों पर ट्रैक्‍टर चढ़ाने की कोशिश की। कुछ उपद्रवी किसान लाल किले के अंदर घुस गए। किसानों ने वहां पहुंचकर अपना झंडा फहराया। किसानों ने यहां दो झंडे फहराए। जिस जगह पर उपद्रवी किसानों ने झंडा फहराया, वहां स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते है।   उधर, दिल्‍ली में हिंसा के बीच संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बयान जारी किया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि हमारे सभी प्रयासों के बावजूद कुछ व्यक्तियों ने रूट का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्यों में लिप्त रहे। असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण रहा। हमने हमेशा कहा कि शांति हमारी ताकत है और हिंसा ऐसे आंदोलन को नुकसान पहुंचाती है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि आज के परेड में हिस्सा लेने के लिए हम सभी किसानों का धन्यवाद करते हैं। हम उन घटनाओं की भी निंदा करते हैं जो आज हुई हैं और ऐसे कार्यों में लिप्त होने वाले लोगों से खुद को अलग कर लेते हैं।

शनिवार, 23 जनवरी 2021

आगामी बजट के अर्थव्यवस्था में रोजगार की आस ...

वर्तमान सरकार के 10 साल 2014 से 2024 को वैश्विक संक्रमण ने 2 हिस्सों में बांट दिया है। पहले दौर के वित्तमंत्री अरुण जेटली अनुभवी राजनेता, रणनीतिकार और कॉर्पोरेट लायर थे। उन्होंने बैंकों के कर्ज की वसूली के लिए सख्त कानून बनाया, नोटबंदी की जोखिम उठाई, जीएसटी जैसा जटिल टेक्स रिफार्म लागू किया। इकानामी ग्रो हुई पर जॉब लेस। उनके निधन के बाद वित्त मंत्रालय निर्मला सीतारमण को मिला। मुद्रा योजना, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्ट अप्स के जरिए उन्होंने स्वरोजगार को प्रमोट किया। उनके इन प्रयासों के सुफल मिलने लगे थे कि सारी दुनिया की हेल्थ और इकानामी को कोरोना ने संक्रमित कर दिया।

दुनियां के 180 देशों ने महामारी से लड़ने के लिए लॉकडाउन किया। जिस देश ने जितना सख्त लॉकडाउन किया वहां उतनी ज्यादा जानें बचीं, पर उतनी ही ज्यादा अर्थव्यवस्था ध्वस्त हुई। हर देश ने मैन्युफैक्चरिंग जारी रखने और मांग बनाए रखने के लिए आर्थिक पैकेज घोषित किए। निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपए मार्केट में पहुंचाने के जतन किए। इनमें से सूक्ष्म, छोटे और मद्यम उद्योगों, छोटे किसानों और स्ट्रीट वेंडर्स को बैंकों के जरिए 6 लाख करोड़ रुपए मिलना थे। बैंकों ने बड़े उद्योगों को तो उनका हिस्सा दे दिया, पर छोटे उद्यमी और स्ट्रीट वेंडर्स बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। पिछले कुछ सालों में गरीबी का स्तर बढ़ा था। 2020 में कोरोना ने अमीरी और गरीबी की खाई और गहरी कर दी।

हमारे लिए कोरोना अभिशाप के साथ वरदान भी बना है। चीन से रुष्ट दुनिया ने मान लिया है कि एशिया में चीन का विकल्प भारत है। इसी उम्मीद के साथ निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश करने जा रही हैं। सितंबर के बाद इकानामी ने करवट भी ले ली है। मार्च से सितंबर तक जीएसटी कलेक्शन हर माह एक लाख करोड़ से कम हुआ था। अक्टूबर से दिसंबर के तीन महीने में यह 3.25 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हुआ है।

विदेशी निवेशकों का भारतीय कंपनियों पर भरोसा बढ़ने से शेयर मार्केट में 1.40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश आया है। हम कह सकते हैं कि इकानामी संभलने लगी है, पर यह फिर जॉब लेस ग्रोथ है। कर वसूली बढ़ने या शेयर मार्केट दौड़ने से देश में रोजगार के अवसर नहीं बढ़ेंगे। इसके लिए तो देश को चीन की तरह ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनना पड़ेगा। इससे से ही आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न भी साकार होगा।

यही निर्मला सीतारमण की सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए इस बजट में उन्हें देश में 'इज ऑफ़ डूइंग' बिजनेस माहौल बनाना है। मैन्युफैक्चरिंग के लिए 'सिंगल विंडो' अनुमति सिस्टम विकसित करना है। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर भारी खर्च करना है। कोरोना के बाद हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर पर, तो सीमा पर पड़ोसी दुश्मन देशों का मुकाबला करने के लिए डिफेंस पर खर्च बढ़ाना वित्तमंत्री की विवशता है।

प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि 140 करोड़ भारतीयों को कोरोना वैक्‍सीन फ्री मिले। इसके लिए वित्तमंत्री को 65 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त बंदोबस्त करना है। संभावना है कि इस खर्च के लिए वे उपकर या अधिभार लगाएं। कॉर्पोरेट वर्ल्ड को कर में भारी राहत पहले ही मिल चुकी है इसलिए उन्हें इस बजट से कोई उम्मीद नहीं है। मध्यमवर्गीय परिवारों को कोरोना आर्थिक पैकेज में भी कुछ नहीं मिला था। वे आयकर में राहत की उम्मीद कर रहे हैं। उन्हें हेल्थ और लाइफ इंशुरेंस प्रीमियम पर छूट मिलेगी।

किसान दिल्ली को घेरकर बैठे हुए हैं। इनमें कितने असली किसान हैं, कितने नकली, इस बहस से बचते हुए मोदीजी का फ़ोकस बहुसंख्यक छोटे किसान हैं जो इस बात से खुश हैं कि सरकारी राहत अब बिना कटौती सीधे उनके बैंक खातों में जमा होने लगी है। कोरोना ने रेल के चक्के जाम किए। इंडियन रेलवे ने यात्रा किराए और माल ढुलाई की कमाई खोई, पर वित्तमंत्री चाहती हैं कि रेलवे निजीकरण से पूंजी जुटाए। उनसे सीमित मदद ही मिलेगी।

विनिवेश के लक्ष्य इस साल भी पूरे नहीं हुए हैं। सरकार एयर इंडिया या बीपीसीएल की इक्विटी नहीं बेच पाई। शेयर मार्केट में तेजी के दौर में वित्तमंत्री इनके साथ अन्य सरकारी कंपनियों की इक्विटी और अनयूज्ड लेंड्स बेचकर पूंजी जुटाना चाहेगी। केंद्र सरकार ने चालु वित्त वर्ष में उधारी का लक्ष्य 50 प्रतिशत बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपए कर दिया है।

वित्तीय घाटा पिछले साल से दोगुना 6 फीसदी से ज्यादा रहने का अनुमान है। कोरोना वैक्‍सीन आने और कोरोना संक्रमण घटने से इकानामी संभलने की उम्मीद है, पर देश को ऐसी रोजगार के अवसर बढ़ाने वाली ग्रोथ चाहिए। ग्लोबल इकानामी का हिस्सा बनने के बाद संपदा का समान वितरण किताबी बातें है, पर संपन्न भी सुखी और सुरक्षित तब ही हैं, जब उनके आसपास भुखमरी न हो।

लेखक -  

प्रफुल्ल सिंह "बेचैन कलम"

युवा लेखक/स्तंभकार/साहित्यकार

लखनऊ, उत्तर प्रदेश

गोरखपुर में शीघ्र ही खुलेगा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) विद्यार्थियों के लिए नई खुशख़बरी! क्योंकि बहुत जल्द ही यूपी में पूर्वांचल के युवाओं को उच्‍च शिक्षा में अध्ययन के लिए एक और विकल्प मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ निजी विश्वविद्यालय का स्थापना होने जा रहा है। शासन स्तर पर इसकी स्थापना का रास्ता साफ होने लगा है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में शासन की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति ने शुक्रवार को श्रीगोरक्षनाथ चिकित्सालय द्वारा प्रस्तावित स्थल का मौका मुआयना किया। मुआयना में प्रस्तावित विश्वविद्यालय शासन के मानक पर खरा मिला।

पांच सदस्‍यीय समिति ने निरीक्षण के दौरान भूमि की उपलब्धता, भवनों तथा अवसंरचनात्मक सुविधा, शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्थिति, विकास संबंधी लक्ष्यों और नियोजन संबंधी आवश्यकताओं का प्रस्तावित पाठ्यक्रमवार गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण में समिति ने पाया कि निजी विश्वविद्यालय के मानक पर व्यवस्था पूरी कर ली गई है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय का भवन अत्याधुनिक है और गुरु श्रीगोरक्षनाथ नर्सिंग कालेज नाम से एक कालेज पहले से संचालित है। समिति ने रिपोर्ट बनाकर शासन को प्रेषित कर दी है।

इस पांच सदस्यीय समिति में कुलपति के अलावा उच्‍च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्रवण कुमार सिंह, जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी, गोरखपुर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी शामिल हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव समिति के सदस्य सचिव हैं।

महायोगी गोरखनाथ निजी विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीडीएस, एमबीबीएस, बीफार्मा, डीफार्मा, बीएससी एलटी, बीएससी एजी, बीए आनर्स, बीएससी आनर्स, बीकाम, बीएड, बीएससी-बीएड, बीए-बीएड, बीपीएड आदि पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

शुक्रवार, 15 जनवरी 2021

कॉरोना से बचाव के टीकाकरण अभियान का पीएम मोदी ने किया शुभारंभ : OmTimes News Live

नई दिल्ली / सिद्धार्थनगर ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के बीच भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज के दिन का पूरे देश को बेसब्री से इंतजार था। कितने महीनों से देश के हर घर में बच्चे, बूढ़े, जवान सभी की जुबान पर ये सवाल था कि कोरोना वैक्सीन कब आएगी? अब वैक्सीन आ गयी है, बहुत कम समय में आ गई है। उन्होंने कहा कि भारत की वैक्सीन ऐसी तकनीक पर बनाई गई है जो भारत में ट्राइड और टेस्टेड है। ये वैक्सीन स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक भारतीय स्थितियों और परिस्थितियों के अनुकूल हैं। यही वैक्सीन भारत को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत दिलाएगी। 

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ जब दोनों मेड इन इंडिया वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर आश्वस्त हुए, तभी उन्होंने इसके इमरजेंसी उपयोग की अनुमति दी। इसलिए देशवासियों को किसी भी तरह के प्रोपेगेंडा, अफवाहें और दुष्प्रचार से बचकर रहना है। भारतीय वैक्सीन विदेशी वैक्सीन की तुलना में बहुत सस्ती हैं और इनका उपयोग भी उतना ही आसान है। विदेश में तो कुछ वैक्सीन ऐसी हैं जिसकी एक डोज 5,000 हज़ार रुपये तक में हैं और जिसे -70 डिग्री तापमान में फ्रीज में रखना होता है। 

पीएम मोदी ने कहा, 'अब से कुछ ही मिनट बाद भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है। मैं सभी देशवासियों को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। भारत का टीकाकरण अभियान बहुत ही मानवीय और महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित है,जिसे सबसे ज्यादा जरूरत है, उसे सबसे पहले कोरोना का टीका लगेगा।'

पीएम मोदी ने कहा, पहली और दूसरी डोज के बीच, लगभग एक महीने का अंतराल भी रखा जाएगा। दूसरी डोज लगने के दो हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध ज़रूरी इम्युनिटी विकसित हो पाएगी।मेरा आपसे अनुरोध है कि पहली खुराक पाने के बाद मास्क उतारने की गलती न करें और शारीरिक दूरी बनाए रखें क्योंकि दूसरी खुराक के बाद इम्युनिटी विकसित होती है।'

पीएम मोदी ने कहा, ' इतिहास में इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है। और भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।'

पीएम मोदी ने कहा, 'आमतौर पर एक वैक्सीन बनाने में बरसों लग जाते हैं लेकिन इतने कम समय में एक नहीं दो मेड इन इंडिया वैक्सीन तैयार हुई हैं। कई और वैक्सीन पर भी तेज़ गति से काम चल रहा है, ये भारत के सामर्थ्य, वैज्ञानिक दक्षता और टैलेंट का जीता-जागता सबूत है।'

पीएम मोदी ने कहा, ' इतिहास में इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है। भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।दूसरे चरण में हमें इसको 30 करोड़ की संख्या तक ले जाना है। जो बुजुर्ग हैं, जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, उन्हें इस चरण में टीका लगेगा।आप कल्पना कर सकते हैं, 30 करोड़ की आबादी से ऊपर के दुनिया के सिर्फ तीन ही देश हैं- खुद भारत, चीन और अमेरिका। '

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पहले चरण में तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में दो टीकों के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी मिली। इनमें सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन शामिल हैं। कोविशील्ड को ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका ने विकसित और भारत में इसे सीरम  इंस्टीट्यूट बना रहा है। वहीं कोवैक्सीन पूरी तरह से स्वदेशी है। 

- पंजाबः- देश में आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के लिए अमृतसर के सिविल अस्पताल में तैयारियां चल रही हैं। प्रधानमंत्री आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देशभर में वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।.                     

- असम:-  देशभर में आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के मद्देनज़र गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज को फूलों से सजाया गया है। देश में आज 3,006 साइट पर वैक्सीनेशन किया जाएगा और हर साइट पर 100 लाभार्थियों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

- उत्तर प्रदेश:-  देश में आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के लिए वाराणसी के BHU अस्पताल में तैयारियां चल रही हैं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया, 'आज यहां लगभग 100 लाभार्थियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर 25-25 के स्लॉट में लोगों को वैक्सीन लगाएंगे।'

- दिल्लीः- आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन कार्यक्रम को देखते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल को सजाया गया है, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज LNJP अस्पताल का दौरा करेंगे। LNJP अस्पताल के एमडी ने बताया कि वैक्सीन को लेकर हमारे डाॅक्टर, नर्स, सफाई कर्मचारी बहुत उत्साहित हैं। 

देशभर में कुल 3,006 केंद्रों से टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी। पहले दिन एक केंद्र पर 100 लोगों को टीका लगाने की तैयारी है। पहले चरण में एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के कार्यकर्ता सहित सरकारी और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगेगा। केंद्र ने टीकाकरण अभियान के पहले दिन 2,934 सत्र स्थलों पर लगभग 3 लाख स्वास्थ्यकर्मचारियों का टीकाकरण करने की योजना बनाई है। नियमित रूप से टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए निर्धारित दिनों को छोड़कर  यह अभियान प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को देश के टीकाकरण अभियान को 'कोरोना के अंत की शुरुआत' बताया। उन्होंने लोगों से स्वदेशी वैक्सीन पर भरोसा करने का भी आग्रह किया और कहा कि सरकार ने उचित वैज्ञानिक जांच के बाद आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी है।

CoWIN (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस वर्क) एपलिकेशन से पूरे टीकाकरण प्रक्रिया की निगरानी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, टीकाकरण अभियान के पहले चरण में, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा गंभीर बीमारी से जूझ रहे  50 साल से कम उम्र के लोगों को टीका लगाया जाएगा।

टीकाकरण अभियान शुरू करने से पहले इसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए पूरे देश में ड्राई रन का आयोजन हुआ। कोरोना महामारी और वैक्सीनेशन से जुड़ी जानकारी के लिए सरकार ने 24x7 कॉल सेंटर बनाया है। 1075 पर कॉल करके आप कोई भी जानकारी ले सकते हैं।

शनिवार, 9 जनवरी 2021

पूर्वोत्तर रेलवे की पैसेंजर ट्रेनें चलेंगी एक्सप्रेस के रूप में , बढेगा किराया, खत्‍म होंगे हाल्‍ट स्‍टेशन : OmTimes

लखनऊ ( अभिषेक द्विवेदी,  विशेष संवाददाता,  ऊँ टाइम्स)  पूर्वोत्तर रेलवे की पैसेंजर ट्रेनें अब एक्सप्रेस बनने की राह पर चल पड़ी हैं। गोरखपुर-पाटलिपुत्र को 13 जनवरी से एक्सप्रेस के रूप में चलाने की घोषणा करने के बाद रेलवे प्रशासन ने दो और सवारी गाड़ियों को एक्सप्रेस बनाने की योजना तैयार कर ली है। बदलाव के तहत इन ट्रेनों के ठहराव तो कम होंगे ही, रफ्तार भी बढ़ जाएगी। यात्री कम समय में ही अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। कोरोना काल में जनरल टिकटों की बिक्री बंद होने के बाद रेलवे बोर्ड ने भले ही सवारी गाड़ियों को एक्सप्रेस बनाने की हवा दे दी हो। लेकिन इससे यात्रियों की जेब भी ढीली होनी तय है।  अब हाल्ट स्टेशनों के यात्रियों की परेशानी भी बढ़ जाएगी। लोगों को वही दूरी तय करने के लिए 15 से 30 रुपये तक अधिक कराया देना होगा। एजेंट के यहां से टिकट बुक करने पर 50 से 60 रुपये अतिरिक्त लग जाएंगे। जानकारों के अनुसार सवारी गाड़ियों के साथ हाल्ट स्टेशनों का अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने 55031-55050 नकहा जंगल- लखनऊ जंक्शन और 55119-55150 गोरखपुर-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन को भी एक्सप्रेस के रूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने आठ जोड़ी सवारी गाड़ियों को एक्सप्रेस बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। बोर्ड ने प्रथम चरण में तीन ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाने की संस्तुति प्रदान की है। 

मकर संक्रांति पर्व पर बाबा गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। सवारी गाड़ियों की मनाही के बाद पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने शुक्रवार को देर रात मेला स्पेशल के रूप एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने पर मुहर लगा दी। 13 से 15 जनवरी के बीच गोरखपुर से नौतनवा और गोरखपुर से बढ़नी रूट पर तीन फेरों में ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह ट्रेनें रास्ते में पड़ने वाली सभी प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए चलेंगी। इन ट्रेनों में भी सिर्फ आरक्षित कोच ही लगाए जाएंगे। कंफर्म आरक्षित टिकटों पर ही यात्रा की अनुमति होगी। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन अनिवार्य होगा।   दरअसल, पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के प्रस्ताव पर रेलवे बोर्ड ने जनरल टिकटों की बिक्री बंद होने की दशा में सिर्फ आरक्षित (एक्सप्रेस) ट्रेनों को ही चलाने की अनुमति दी है। बोर्ड ने अनारक्षित ट्रेनों (सवारी गाड़ियों) के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। फिलहाल, स्पेशल के रूप में एक्सप्रेस ट्रेनों को संचालित करने की अनुमति मिलने के बाद परिचालन, वाणिज्य और सुरक्षा विभाग सतर्क हो गया है। टिकटों की बुकिंग, यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें दी जाने वाली सहूलियतों की तैयारी शुरू हो गई है।

इंडोनेशिया प्लेन 737-500 बोइंग हुआ क्रैश: दुर्घटनास्थल पर मिले बॉडी पार्ट्स, समुद्र से निकाला जा रहा मलबा

जकार्ता (ऊँ टाइम्स)  इंडोनेशिया की राजधानी जकर्ता से उड़ान भरने के बाद लापता हुआ विमान क्रेश हो गया। इंडोनेशिया जाचंकर्ताओं को आज यानी रविवार को दुर्घटना स्थल के पास बॉडी पार्ट्स मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी जगह पर यह विमान क्रैश हुआ। विमान में 62 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि जांचकर्ताओं को दो बैग मिले हैं। एक बैग यात्री से जुड़ा बताया जा रहा है वहीं दूसरे में बॉडी पार्टस् मिले हैं।  

आप को बता दें कि बीते दिन इस विमान के लापता होने के बाद खोज लिए बचाव दल ने अभियान शुरू कर दिया था विमान के संदिग्ध मलबे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशियाई बचाव दल ने जकार्ता से टेकऑफ करने के कुछ ही समय बाद बोइंग 737-500 के लापता हो गया। इसके एक दिन बाद  जावा सागर से कुछ बॉडी पार्ट बरामद किए गए हैं। 

इंडोनेशिया के परिवहन मंत्री बुदी कार्या सुमादी ने बताया था कि एयरलाइन के इस बोइंग 737-500 विमान (एसजे182) ने जकार्ता से करीब एक घंटे देरी से स्थानीय समयानुसार दोपहर 2.36 बजे उड़ान भरी थी और चार मिनट बाद ही यह रडार से गायब हो गया था। विमान पर चालक दल के 12 सदस्यों समेत कुल 62 लोग सवार थे। एयरलाइन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, विमान जकार्ता से बोर्नियो द्वीप पर पश्चिम कालीमंतन प्रांत की राजधानी पोंटियानक जा रहा था और यह सफर करीब 90 मिनट का था। 

बचाव एजेंसी के एक अधिकारी अगस हरयोनो ने बताया कि बचाव दल को जकार्ता के उत्तर में समुद्र में एक विमान का मलबा मिला था। कुछ स्थानीय मछुआरों ने भी मलबा मिलने की बात कही है थी। वहीं कुछ मछुआरों ने भी मलबा मिलने की बात कही और देश के कुछ चैनलों ने भी संभावित मलबे की तस्वीरें दिखाईं थी।फ्लाइटरडार24 ट्रैकिंग डाटा के मुताबिक यह विमान करीब 27 साल पुराना था। जबकि विशेषज्ञ एक नागरिक विमान की आयु करीब 25 साल बताई है।

शुक्रवार, 8 जनवरी 2021

जिला अस्‍पताल में लगी आग, 10 बच्चों की दर्दनाक मौत, सीएम ने दिया जांच का आदेश : OmTimes News

मुंबई  (ऊँ टाइम्स)  महाराष्ट्र  प्रदेश के भंडारा में शुक्रवार देर रात  एक सरकारी अस्‍पताल  में आग लगने से दस नवजात बच्‍चों की दर्दनाक मौत हो गई है ।अस्‍पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वार्ड में 17 बच्‍चों को रखा गया था। नर्स ने जब वार्ड से धुंआ निकलते हुए देखा तो उसे हादसे के बारे में पता चला।  

प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्‍पताल में आग रात लगभग 2 बजे लगी।आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। अस्‍पताल के सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में आग लगने  से 10 बच्‍चों  की मौत हो गई, और 7 को बचा लिया गया है । इस वार्ड में एक दिन से लेकर तीन माह तक के बच्‍चों को रखा गया था। धुआं निकलते देख अस्‍पताल में मौजूद नर्स जब तक वार्ड में पहुंची तब तक 10 बच्‍चे झुलस चुके थे। बता दें कि इस वार्ड में उन्‍हीं बच्‍चों को रखा जाता है जिनकी हालत काफी नाजुक होती है और जन्‍म के समय जिनका वजन बहुत कम होता है।   

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे दमकल वाहन ने अस्पताल में लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया। आग लगने का कारण अभी पूरी तरह से स्‍पष्‍ट नहीं हो सका है लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी। इस दर्दनाक हादसे को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे से बात की, इसके साथ ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जांच के आदेश भी दिए हैं। 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद दुखद है। जिन बच्‍चों की इस हादसे में जान गई उन बच्चों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। मैं महामंत्री से अपील करता हूं कि वे घायलों और मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करें। 

पीएम सभी राज्यों के सीएम के साथ बैठक के बाद कर सकते हैं टीकाकरण की तारीख का ऐलान : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स )  COVID19 का टीकाकरण शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। टीकाकरण की चाक चौबंद तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को पूरे देश में एक बार फिर इसका पूर्वाभ्यास किया गया, जो स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पूरी तरह से सफल रहा है। इसके साथ ही मंत्रालय सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के साथ वैक्सीन खरीद के समझौते को अंतिम रूप में देने जुट गया है। हालांकि, वैक्सीन की कीमत और सप्लाई की गारंटी को लेकर बातचीत अटकी हुई है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि देश में बनी दो वैक्सीन की पूरी दुनिया में मांग है, इसको देखते हुए यह जरूरी है कि यह सही और जरूरत मंद लोगों तक पहुंचे। इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को खुद मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर वैक्सीन वितरण की प्रक्रिया को सही तरीके से चलाने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे। गौरतलब है कि कोरोना काल में लॉकडाउन और अनलॉक की प्रक्रिया के दौरान भी प्रधानमंत्री सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठकें करते रहे हैं।देश के सभी जिलों में टीकाकरण के दूसरे पूर्वाभ्यास को सफल बताते हुए अधिकारी ने कहा कि सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अगले हफ्ते कभी भी लाभार्थियों को वैक्सीन देने का काम शुरू किया जा सकता है।

अभी तक राज्यों को वैक्सीन की सप्लाई शुरू नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा कि कीमत और सप्लाई की गारंटी को लेकर कंपनियों से बातचीत चल रही है। सीरम इंस्टीट्यूट सरकार को 200 रुपये प्रति डोज के हिसाब से वैक्सीन देने को तैयार है। लेकिन एक साथ करोड़ों डोज की खरीद का हवाला देते हुए सरकार कीमत को और कम कराने की कोशिश कर रही है। 

वहीं भारत बायोटेक भी सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन की तुलना में कम कीमत पर वैक्सीन सप्लाई करने का भरोसा दे रही है। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार वैक्सीन की कीमत के साथ ही उसकी सप्लाई की गारंटी पर भी बात अटकी हुई है। सरकार दोनों कंपनियों से यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर हफ्ते वह कितनी वैक्सीन सप्लाई करेंगी। इन मुद्दों को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है और समझौते पर कभी भी हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। 

सरकार पड़ोसी और अन्य सहयोगी देशों को भी प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन सप्लाई सुनिश्चित कराने की कोशिश कर रही है। वहीं सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक अपने स्तर पर दुनिया के कई देशों के साथ वैक्सीन सप्लाई की बातचीत कर रहे हैं, जहां उन्हें वैक्सीन की अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। सीरम इंस्टीट्यूट ने इसके लिए दक्षिण अफ्रीका के साथ समझौता भी कर लिया है। 

सीरम इंस्टीट्यूट ने लगभग 10 करोड़ डोज तैयार कर लिया है और उनमें से पांच करोड़ डोज की गुणवत्ता पर सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी की मुहर भी लग चुकी है। सीरम इंस्टीट्यूट ने प्राथमिकता के आधार पर देश को वैक्सीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है!

बुधवार, 6 जनवरी 2021

लखनऊ में अजीत सिंह नामक ब्यक्ति की हुई हत्या : omtimes news

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)   उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ में बुधवार रात आजमगढ़ के पूर्व विधायक सीपू सिंह हत्‍याकांड के गवाह अजीत सिंह की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई। चार दिन बाद विधायक हत्‍याकांड में इसकी गवाही होनी थी। ऐसे में पुलिस मामले को गैंगवार से जोड़कर देख रही है। मृतक अजीत मऊ के गोहना मोहम्‍मदाबाद ब्‍लॉक प्रमुख का प्रतिनिधि भी था। गोलीबारी में अजीत का साथी मोहर सिंह और वहां से गुजर रहे ग्‍वारी गांव निवासी डिलिवरी ब्‍वॉय प्रकाश भी घायल हुए हैं, इन्हें भी गोली लगी है, इन लोगों को लोहिया अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर के मुताबिक, हमलावर अजीत के परिचित थे। दोनों तरफ से गोलियां चली हैं। लगभग 25-30 राउंड फायरिंग हुई है। मृतक अजीत पर करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम हमलावरों की तलाश कर रही है। 

मामला विभूतिखंड में कठौता पुलिस चौकी के सामने कठौता चौराहे के पास का है। यहां काली स्कॉर्पियो गाड़ी से अजीत सिंह अपने साथी मोहर सिंह के साथ पहुंचे थे। दोनों गाड़ी से उतरकर थोड़ी दूर चले ही थे कि दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ उनपर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जवाब में अजीत ने भी फायरिंग की। इस दौरान अजीत के सिर में गोली लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मोहर सिंह और प्रकाश के पैर में गोली लगी और दोनों लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। अजीत मूलरूप से मोहना मोहम्मदाबाद, मऊ के रहने वाले थे और आजमगढ़ में हुई पूर्व विधायक सीपू सिंह की हत्या में गवाह थे। मोहर भी गोहना का रहने वाला है और अक्सर अजीत के साथ ही रहता था। मृतक अजीत बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी थे।  

पुलिस आयुक्त ने बताया कि अजीत पर हत्या के पांच मुकदमे दर्ज हैं। अजीत के खिलाफ मऊ पुलिस ने 30 दिसंबर को जिलाबदर की कार्रवाई कराई थी। वह यहां गोमतीनगर विस्तार स्थित एक अपार्टमेंट में रह रहा था। अजीत ने अपनी एक करीबी महिला मनभावती देवी को गोहना मोहम्मदाबाद से ब्लॉक प्रमुख बनवाया था। पूर्व में अजीत की पत्नी रानू सिंह भी ब्लॉक प्रमुख रही हैं।  

इस गैंगवार में करीब 25 से 30 राउंड गोलियां चलीं। गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका गूंज उठा। चौराहे पर भगदड़ मच गई और दुकानदार दुकानें बंद कर भागने लगे। सीसी फुटेज में पुलिस को तीन बदमाश बाइक से भागते दिखे हैं। हालांकि, बदमाशों की संख्या चार थी। पुलिस आयुक्त का कहना है कि अभी तक तीन बदमाशों के वारदात को अंजाम देने की पुष्टि हुई है। आसपास के अन्य सीसी कैमरे जांचे जा रहे हैं। जल्द ही वारदात का राजफाश कर दिया जाएगा।  

बताया जा रहा है कि मृतक अजीत सिंह आजमगढ़ में पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड में गवाह थे। बता दें, 19 जुलाई 2013 को बसपा विधायक सर्वेश कुमार सिंह सीपू की हत्या उनके जीयनपुर आवास के सामने कर दी गयी थी। उनके करीबी भरत राय की भी फायरिंग में मौत हो गई थी। इस मामले में जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा गांव निवासी कुख्यात अपराधी व पूर्व प्रमुख ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सहित 13 लोगों के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जेल में निरुद्ध कुख्यात कुंटू सिंह प्रदेश के टाप-10 अपराधी में शामिल है। 20 दिसंबर 2020 को अपराधियों पर नकेल कसने को चलाए जा रहे अभियान के तहत जीयनपुर पुलिस ने बसपा के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड के आरोपित ग्राम प्रधान, बीडीसी समेत तीन लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई थी।