शनिवार, 14 नवंबर 2020

आज दोपहर 1.50 बजे से अमावस्या शुरू, रविवार को भी सुबह 11. 27 बजे तक रहेगा अमावस्या

भगवान श्रीराम के वन से अयोध्या आगमन का पर्वोत्सव दीपावली कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। शनिवार को अमावस्या तिथि दिन में 1.50 मिनट पर लग रही है जो 15 नवंबर को 11.27 मिनट तक रहेगी। ऐसे में दीप ज्योति पर्व दीपावली 14 नवंबर यानी शनिवार को मनाया जाएगा। दीप ज्योति पर्व की पूर्व संध्या पर ही शहर सजधज कर तैयार हो गया। बस अब वैभव लक्ष्मी के पधारने का लोगों में इंतजार है।

पूजन का मुहूर्त - दीपोत्सव पर पूरा दिन और पूरा रात भगवती लक्ष्मी की आराधना के लिए उपयुक्त होता है। शास्त्रानुसार प्रदोषकाल में लक्ष्मी की आराधना से सर्वार्थ सिद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है। इस बार स्थिर लग्न में वृष लग्न शाम 5.33 से 7.29 बजे तक है। जो लक्ष्मी पूजन के लिए सर्वोत्तम समय है। वहीं, दिन में पूजन करना अभीष्ट हो तो 12.57 से 2.28 बजे तक और रात में 12.01 से 2.15 बजे तक सिंह लग्न की प्राप्ति होगी। इन लग्नों के अतिरिक्त किसी भी समय किसी भी लग्न में लक्ष्मी की आराधना की जा सकती है।.  ....    ( ए. के. द्विवेदी)

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