शनिवार, 5 सितंबर 2020

असली भगवान कौन ? जानिए भगवान के बारे में विशेष रहस्य

भगवान शब्द बहुत ही रहस्यमय है ! यह बहुअर्थी भी है ! लोग लगभग सभी देवताओं के नाम के आगे या पीछे भगवान शब्द जरूर संबोधित करते हैं! इससे यह स्पष्ट है कि यह भगवान शब्द बहुत ही रहस्यमय है! अनेक वेद और अनेक पुराणों तथा अनेक इतिहासों का अध्ययन करने के पश्चात भगवान शब्द की परिभाषा और वह असल में वह किसका नाम है,  के बारे में कुछ पता चला है, वह यह है कि भगवान शब्द सभी देवी देवताओं और सभी मनुष्य आदि समस्त जीव जन्तुओं के अधिपति का नाम है! और लोग जो देवताओं को भगवान के नाम से संबोधित करते हैं, वह उस देवता के सम्मान में किया जाता है! ठीक वैसे ही जैसे लोगों के नाम के आगे श्री लिखा जाता है ! अर्थात सभी देवी और सभी देवता भी भगवान को प्रणाम करते हैं, और उन्हीं का स्मरण करते हैं! भगवान शब्द का एक यह भी अर्थ है कि जो किसी को भी भाग्यवान बना सकता हो उसे भगवान कहते हैं!  ..... ( लेखक - रामदेव द्विवेदी  गौहनियां , सिद्धार्थनगर , फोन  9453706435 )

गुरुवार, 3 सितंबर 2020

जीव और जीवन का रहस्य

(लेखक - रामदेव द्विवेदी)  जीव जन्म लेता है, बढता है, साथ ही आवश्यकता भी बढती है! अपने आवश्यकता की पूर्ती के लिए जीव यानी मनुष्य हर प्रयत्न करता है,  जिसमें कुछ तो सफल हो जाते हैं, लेकिन ज्यादा तर लोग अपने जीवन को बोझ की तरह ढ़ोते हैं! ऐसा इस लिए होता है क्योंकि लोग अंधविश्वास और अहंकार तथा भ्रम की जाल में फंस जाते हैं! इतिहास गवाह है कि बिना कर्म किये फल नहीं मिलता है! रहा सवाल ऊपर वाले में आस्था रखने का तो यह भी जरूरी है,  क्योंकि सब कुछ ऊपर वाले का ही है! हर जीव का जीवन और उसके उपयोग और उपभोग की हर चीज़ ऊपर वाले का है, और उसी के अधीन है, इसलिए उस ऊपर वाले से यदि किसी को कुछ चाहिए तो सबसे पहले उसको ऊपर वाले का नमन करना चाहिए, उसके बाद अपने लक्ष्य को पाने का हर प्रयत्न करना चाहिए,  ताकि सफलता मिल जाए!  अब प्रश्न यह उठता है कि ऊपर वाले का नाम और स्वरूप क्या है?  तो इसमें अनेक धर्म ग्रन्थों के मुताबिक वह एक होते हुए भी अनेक स्वरूपों में है, और लोग उसे अनेक नामों से  पुकारते हैं!  ..... (शेष..  अगले प्रकाशन में)