बुधवार, 11 मार्च 2020

भगवान श्री कृष्ण का वास्तविक परिचय

  ( लेखक - RamDeoDwivedi )   श्रीकृष्ण जी भगवान विष्णु के 8वें अवतार और हिन्दू धर्म के ईश्वर, परमात्मा माने जाते हैं। कन्हैया, श्याम, गोपाल, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी उनको जाना जाता हैं। कृष्ण निष्काम कर्मयोगी, एक आदर्श दार्शनिक, स्थितप्रज्ञ एवं दैवी संपदाओं से सुसज्ज महान पुरुष थे। इनका अवतरण द्वापरयुग में हुआ था। उनको इस युग के सर्वश्रेष्ठ पुरुष युगपुरुष या युगावतार का स्थान दिया गया है। कृष्ण के समकालीन महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित श्रीमद्भागवत और महाभारत में कृष्ण के चरित्र को विस्तुत रूप से लिखा गया है। भगवद्गीता कृष्ण और अर्जुन का संवाद है जो ग्रंथ आज भी पूरे विश्व में लोकप्रिय है। इस कृति के लिए कृष्ण को जगतगुरु का सम्मान भी दिया जाता है। कृष्ण वसुदेव और देवकी के 8 वें संतान थे। मथुरा के कारावास में उनका जन्म हुआ था, और गोकुल में उनका लालन पालन हुआ था। यशोदा और नन्द उनके पालक माता पिता थे। उनका बचपन गोकुल में व्यतित हुआ। बाल्य अवस्था में ही उन्होंने बड़े बड़े कार्य किये जो किसी सामान्य मनुष्य के लिए सम्भव नहीं था । मथुरा में मामा कंस का वध किया। सौराष्ट्र में द्वारका नगरी की स्थापना की और वहाँ पर अपना राज्य बसाया। पांडवों का मदद किया, और विभिन्न आपत्तियों में उनका रक्षा भी किया । महाभारत के युद्ध में उन्होंने अर्जुन के सारथी की भूमिका निभाई और भगवद्गीता का ज्ञान दिया जो उनके जीवन की सर्वश्रेष्ठ रचना मानी जाती है। 124 वर्षों के जीवनकाल के बाद उन्होंने अपनी लीला समाप्त की। उनके अवतार समाप्ति के तुरंत बाद परीक्षित के राज्य का कालखंड आता है। राजा परीक्षित, जो अभिमन्यु और उत्तरा के पुत्र तथा अर्जुन के पौत्र थे, के समय से ही कलियुग का आरंभ माना जाता है।
श्री कृष्णकरुणा, ज्ञान और प्रेम के ईश्वर , प्रतिमा देवनागरी, कृष्णसंस्कृत ,लिप्यंतरणकृष्णःतमिल लिपि,கிருஷ்ணாतमिल लिप्यंतरण Kiruṣṇā कन्नड़ लिपिಕೃಷ್ಣकन्नड़ लिप्यंतरण Kr̥ṣṇa संबंधस्वयं भगवान् , परमात्मन ,ब्राह्मण, विष्णु, राधा कृष्ण निवासस्थान वृंदावन, द्वारका, गोकुल, वैकुंठ, मथुराअस्त्र सुदर्शन, चक्र युद्ध -कुरुक्षेत्र युद्ध, माता-पितादेवकी (माँ) और वासुदेव (पिता), यशोदा (पालक मां) और नंदा बाबा (पालक पिता)एक माँ की संताने- बलराम, सुभद्रा,शास्त्र- भागवत पुराण , हरिवंश , विष्णु पुराण, महाभारत('भगवद् गीता' ), गीत गोविंद, त्यौहार- कृष्णा जन्माष्टमी, होली

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