सोमवार, 26 जुलाई 2021

IMS COACHING के बच्चों का 10th ICSC बोर्ड के कंप्यूटर साइंस विषय में रहा बोलबाला : OmTimes

गोरखपुर (अविनाश द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  इस जिले के IMS coaching से शिक्षा ग्रहण करने वाले निम्नलिखित विद्यार्थियों ने  10th ICSC वोर्ड के  कंप्यूटर साइंस की परीक्षा में अपनी प्रतिभा दिखाई (1)  अम्रिता ,  राजेन्द्रनगर , गोरखपुर (2) अंश पोद्दार, सूरजकुंड, गोरखपुर  (3) उत्कर्ष सिंह,  ग्रीन सिटी , गोरखपुर (4) उदय सिंह , ग्रीन सिटी, गोरखपुर ! इस कोचिंग के ई. सागर श्रीवास्तव ने बताया कि इस कोचिंग में योग्य ब्यक्तियों द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षित किया जाता है !                                                                                                                  असम बार्डर पर हुआ बवाल , पढिए पूरी खबर ➡              https://www.ramdeodwivedi.com/2021/07/omtimes_26.html

6 पुलिस कर्मियों की मौत, 50 से अधिक हुए घायल, बार्डर पर हुआ बवाल, सम्बन्धित राज्यों के मुख्‍यमंत्रियों ने गृहमंत्री शाह से लगाई दखल देने की गुहार

हैलाकांडी (ऊँ टाइम्स)  मिजोरम-असम सीमा पर दिनांक 26 जुलाई 2021 सोमवार को फि‍र हिंसा भड़क गई।  इस हिंसा में असम पुलिस के छह जवानों की जान चली गई है। हिंसा में वाहनों पर हमला किए जाने की भी खबरें हैं। दोनों ही राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों ने इस मसले पर ट्वीट कर एक दूसरे के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। इस मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों ही राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से बात की है। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है जिसमें लोग लाठियां लिए नजर आ रहे हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने ट्वीट कर कहा कि सोमवार को मिजोरम की ओर से उपद्रवियों द्वारा की गई फायरिंग में कछार जिले में असम पुलिस के छह कर्मियों की मौत हो गई और करीब 50 घायल हो गए। दोनों राज्यों की सीमा पर लगातार हो रही फायरिंग के दौरान जंगल में मौजूद असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फायरिंग और पत्थरबाजी में घायल होने वालों में कछार के पुलिस अधीक्षक निंबाल्कर वैभव भी शामिल हैं। उनकी टांग में गोली लगी है।   सीमा पर झड़प और वाहनों पर हमला किए जाने की भी खबरें हैं। दोनों ही राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों ने इस मसले पर ट्वीट करके केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हस्‍तक्षेप करने की मांग की है। हालिया तनाव ने दशकों पहले से चले आ रहे विवाद को हवा दे दी है। इसको लेकर सियासत गर्म हो गई है।  मिजोरम के मुख्‍यमंत्री जोरामथांगा ने मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्‍तक्षेप करने की मांग की है। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा कि इसे तुरंत ही रोका जाना चाहिए। एक अन्‍य ट्वीट में उन्‍होंने लिखा- चाहर के रास्‍ते मिजोरम लौटते वक्‍त निर्दोष दंपति पर गुंडों ने हमला बोल दिया और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ किया। आखिरकार इस तरह की हिंसक घटनाओं को आप किस तरह न्‍यायोचित ठहराएंगे !  वहीं असम के मुख्‍यमंत्री हिमंता बि‍स्‍व शरमा ने ट्वीट कर मिजोरम के मुख्‍यमंत्री से शिकायत करके उनसे मामले में दखल देने की अपील की है। उन्‍होंने कहा- आदरणीय जोरामथांगाजी... कोलासिब (मिजोरम) के एसपी ने हमें अपनी पोस्‍ट से तब तक हटने के लिए कहा है जब तक उनके नागरिक बात नहीं सुनते और हिंसा नहीं रुक जाती। आप बताइए ऐसी परिस्थितियों में हम किस तरह सरकार चला सकते हैं। मुझे उम्‍मीद है आप जल्‍द से जल्‍द इस मामले में दखल देंगे..                                                                                                                                                                 सिद्धार्थनगर में प्रधानमंत्री का 30 जुलाई का कार्यक्रम हुआ स्थगित !  पढिए पूरा समाचार ...................     https://www.ramdeodwivedi.com/2021/07/30-omtimes.html
                                                                                                                                                                   अखिल भारत हिंदू महासभा यूपी के विधानसभा चुनाव 2021 में यूपी के सभी सीटों से उतारेगी अपना प्रत्याशी! पढिए पूरी खबर     https://www.ramdeodwivedi.com/2021/07/omtimes_23.html   

रविवार, 25 जुलाई 2021

प्रधानमंत्री मोदी का 30 जुलाई को सिद्धार्थनगर का कार्यक्रम हुआ स्थगित, सीएम योगी ने सिद्धार्थनगर में किया प्रेस वार्ता : OmTimes News India

सिद्धार्थनगर (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  इस जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 30 जुलाई का प्रस्तावित दौरा रद्द हो गया है। दरअसल मेड‍िकल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से अभी तक अप्रूवल न म‍िलने के चलते यह दौरा रद्द किया गया है।  सीएम योगी ने कहा कि एमसीआई से अप्रूवल होने के बाद नवनिर्मित मेड‍िकल कॉलेज का लोकार्पण प्रधानमंत्री के हाथ से ही कराया जाएगा। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ 25 जुलाई को निर्माणाधीन मेडिकल कालेज सिद्धार्थनगर का निरीक्षण करने सिद्धार्थनगर पहुंचे। उन्‍होंने   बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी , स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह और विधायकगणों के साथ प्रधानमंत्री के प्रस्तावित यात्रा को लेकर चर्चा किया, और कहा कि सरकार के पांच साल पूरे होने तक प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के नौ ज‍िलों में नए मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण होना है, और एमसीआई के निरीक्षण के बाद पीएम मोदी मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण करेंगे। सीएम ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए किसी तारीख की घोषणा नहीं किया है। सीएम के जाने के बाद जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर दीपक मीना ने बताया कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम कुछ दिनों के लिए स्थगित हो गया है। इंडियन मेडिकल काउंसिल से सहमति मिलने के बाद लोकार्पण का कार्यक्रम होगा ! मीडिया को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि सिद्धार्थनगर, देवरिया, गाजीपुर , एटा, फतेहपुर,  हरदोई, जौनपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ में मेडिकल कालेज बनकर तैयार हो गया है। माधव प्रसाद त्रिपाठी के नाम से यहां का मेडिकल कॉलेज होगा। 


शुक्रवार, 23 जुलाई 2021

अखिल भारत हिंदू महासभा उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा सीटों से उतारेगी अपना प्रत्याशी : प्रदेश अध्यक्ष

सिद्धार्थनगर (रामदेव द्विवेदी,ऊँ टाइम्स)  अखिल भारत हिंदू महासभा हिंदू राष्ट निर्माण के लिए काम कर रही है। आगामी विधानसभा चुनाव 2022 में अखिल भारत हिंदू महासभा उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेगी। इसी के मद्देनजर सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ विधानसभा में  गौहनिया चौराहे पर जिला कार्यालय स्थापित किया गया है, जिसका उद्घाटन दिनांक 23 जुलाई 2021 को प्रदेश अध्य्क्ष ने किया ! इसी प्रकार प्रदेश के सभी जिलों में कार्यालय स्थापित हो रहे हैं। यह बात प्रदेश अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने गौहनियां में कार्यालय उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में कहा ! उन्होंने कहा कि गांव गांव और मोहल्लों में संगठन के कार्यकर्ता व पदाधिकारी बनाए जाएंगे। प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि भारत की संस्कृति परंपरा के आधार पर भारत में हिंदू लोक राज्य का निर्माण करना है। प्रदेश के मुखिया भी कई वर्षों तक अखिल भारत हिंदू महा सभा के जुड़े थे। जब से भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया है। तब उन्होंने अपने नीतियों को बदल लिया है। इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान भीड़ उमड़ पड़ी थी ! इस कार्यक्रम के दौरान प्रदेश प्रवक्ता दिवाकर विक्रम सिंह उर्फ सोनू सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मुकेश अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री सिद्धार्थ दुबे, प्रदेश अध्यक्ष महिला बबिता यादव, प्रदेश महामंत्री महिला आरती यादव, प्रदेश मंत्री अश्वनी गुप्ता, सूरज त्रिपाठी, रामदेव कनौजिया आदि अनगिनत मौजूद रहे। इस दौरान लोगों ने यह महसूस किया कि वास्तव में जन एकता में दम है !

बुधवार, 21 जुलाई 2021

30 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी सिद्धार्थनगर में करेंगे जनसभा को संबोधित : सांसद जगदम्बिका पाल

सिद्धार्थनगर ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  भारत के प्रधानमंत्री श्री  नरेंद्र मोदी 30 जुलाई 2021 को यूपी के जिला सिद्धार्थनगर में  जिला जेल के सामने जनसभा को संबोधित करेंगे। राज्य के लिए यह पहला अवसर होगा कि जब एक साथ नौ जिलों के मेडिकल कालेजों का संचालन प्रारंभ होगा। सांसद जगदम्बिका पाल ने जिलाधिकारी दीपक मीणा और पुलिस अधीक्षक राम अभिलाष त्रिपाठी के साथ प्रस्तावित जन सभा स्थल का निरीक्षण किया। बार्ता के दौरान सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चिकित्सा-स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने में जुटी योगी सरकार रोज नए आयाम लिख रही है। प्रदेशवासियों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं देने के प्रतिबद्ध योगी सरकार एक जिला-एक मेडिकल कालेज की नीति पर तेजी से कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश के नौ जनपदों में नौ नए मेडिकल कालेजों का तोहफा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेशवासियों को देने जा रही है। पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महज चार सालों में प्रदेश के स्वास्थ्य सुविधाओं को नए आयामों पर पहुंचाया है। प्रदेश में तेजी से 59 जनपदों में न्यूनतम एक मेडिकल कालेज क्रियाशील हो रहे हैं। बाकी 16 जनपदों के लिए पीपीपी माडल पर मेडिकल कालेज स्थापित किए जाएंगे। इसी क्रम में भाजपा के जिलाध्यक्ष गोविद माधव ने कहा कि यूपी के इतिहास में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नए मेडिकल कालेजों का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ होना गौरव की बात है।

विश्व के अधिकांश देशों में फैल चुका है जानलेवा डेल्‍टा वैरिएंट, कुछ माह में और अधिक हो जायेगा प्रभावी : WHO

जिनेवा / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पूरे विश्व में बढ़ते डेल्‍टा वैरिएंट को लेकर संयुक्‍त राष्‍ट्र की स्‍वास्‍थ्‍य एजेंसी ने एक बार फिर से चेतावनी दिया है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन का कहना है कि आने वाले कुछ माह के अंदर ये जानलेवा वैरिएंट और अधिक प्रभावी हो जाएगा। गौरतलब है कि डेल्‍टा वैरिएंट का पहला मामला भारत में सामने आया था। इसके बाद से ये अब तक दुनिया के करीब 124 देशों में फैल चुका है।  अमेरिका में सामने आने वाले करीब 80 फीसद मामलों के लिए यही वैरिएंट जिम्‍मेदार है। वहीं ब्रिटेन समेत कई अन्‍य यूरोपीय देशों का भी यही हाल है। दक्षिण कोरिया में इसकी वजह से लगातार मामले बढ़ रहे हैं। कल वहां पर जहां 1700 से अधिक मामले सामने आए थे वहीं आज 1800 से अधिक मामले सामने आए हैं। इसी तरह से ईरान में भी नए मामले एक नया रिकॉर्ड बना रहे हैं।  विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक एक सप्‍ताह में डेल्‍टा वैरिएंट के मामले 13 अन्‍य देशों में सामने आए हैं। कई बड़े देशों में लगातार तीन सप्‍ताह से इसके मामले बढ़े हैं। संगठन की तरफ से दी गई महामारी की अपडेट में इस संभावना से इनकार नहीं किया गया है कि आने वाले समय में कोरोना वायरस के कुछ और वैरिएंट भी सामने आएं और दुनिया में डोमिनेंट बन जाएं।  आपको बता दें कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने एल्‍फा, जिसका पहला मामला ब्रिटेन में सामने आया था, बीटा जिसका पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था और गामा वैरिएंट जिसका पहला मामला ब्राजील में सामने आया था, को वैरिएंट ऑफ कंसर्न की सूची में रखा हुआ है। संगठन की अपडेट जानकारी के मुताबिक एल्‍फा अब तक दुनिया के 180 देशों में, बीटा वैरिएंट करीब 130 देशों में और गामा करीब 78 देशों में फैल चुका है! मीडिया के मुताबिक मैक्सिको के विदेश मंत्री मार्सेलो एबरार्ड ने कहा है कि डेल्‍टा वैरिएंट की वजह से देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अमेरिका-मैक्सिको बॉर्डर को गैर जरूरी ट्रैवल के लिए खोलने के बाद हालात अधिक खराब हुए हैं। बुधवार से अमेरिका ने कनाडा और मैक्सिको से लगती सीमा को नॉन इसेंशियल ट्रैवल के लिए बंद कर दिया है। हालांकि यहां पर इस बात को लेकर अभी बहस चल रही है कि आने वालों के लिए कोविड-19 वैक्‍सीन लगवाना जरूरी किया जाए या नहीं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा - सीएए- एनआरसी से देश के नागरिकों का कोई लेना- देना नहीं

गुवाहाटी / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत आज दिनांक 21 जुलाई 2021 को दो दिसीय दौरे पर असम में हैं। आज उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का मुद्दा उठाया और कहा कि इसे राजनीतिक फायदे के लिए सांप्रदायिकता का जामा पहनाया जा रहा है। RSS प्रमुख ने कहा कि CAA से किसी मुसलमान को कोई दिक्कत नहीं होगी। सीएए- एनआरसी से देश के नागरिकों का कोई लेना- देना नहीं है। आज गुवाहाटी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, '1930 से योजनाबद्ध तरीके से मुस्लमानों की संख्या बढ़ाने के प्रयास हुए, ऐसा विचार था कि जनसंख्या बढ़ाकर अपना वर्चस्व स्थापित करेंगे और फिर इस देश को पाकिस्तान बनाएंगे। ये ​विचार पंजाब, सिंध, असम और बंगाल के बारे में था, कुछ मात्रा में ये सत्य हुआ, भारत का विखंडन हुआ और पाकिस्तान हो गया। लेकिन जैसा पूरा चाहिए था वैसा नहीं हुआ।'  RSS प्रमुख ने कहा, 'CAA किसी भारत के नागरिक के विरुद्ध बनाया हुआ कानून नहीं है। भारत के नागरिक मुसलमान को CAA से कुछ नुकसान नहीं पहुंचेगा। विभाजन के बाद एक आश्वासन दिया गया कि हम अपने देश के अल्पसंख्यकों की चिंता करेंगे। हम आजतक उसका पालन कर रहे हैं। पाकिस्तान ने नहीं किया।'  एक पुस्तक का विमोचन करने के बाद भागवत ने कहा, 'स्वतंत्रता के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि अल्पसंख्यकों का ध्यान रखना होगा और अब तक यही होता आया है। हम ऐसा आगे भी जारी रखेंगे। CAA के कारण किसी मुसलमान को परेशानी नहीं होगी।' विमोचन किए गए पुस्तक का शीर्षक 'Citizenship debate over NRC and CAA-Assam and the Politics of History' है।  गुवाहाटी में आज मोहन भागवत ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए इसे सांप्रदायिकता का रंग रूप दिया जा रहा है।  NRC के बारे में बताते हुए भागवत ने कहा कि सभी देशों को यह जानने का अधिकार है कि उनके नागरिक कौन हैं। RSS के प्रवक्ता ने बताया कि असम के विभिन्न क्षेत्रों और अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर एवं त्रिपुरा जैसे अन्य पूर्वोत्तर राज्यों से संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ मोहन भागवत ने बैठकें की। इसमें RSS से जुड़े विषयों एवं महामारी के दौर में समाज और लोगों के कल्याण के उपायों पर चर्चा हुई। असम में दूसरे कार्यकाल के लिए भाजपा के सत्ता में लौटने के बाद भागवत की राज्य की यह पहली यात्रा है। प्रवक्ता के अनुसार भागवत 22 जुलाई को चेन्नई रवाना हो जाएंगे।

भाजपा ने शाजिया इल्मी और प्रेम शुक्ला को बनाया राष्ट्रीय प्रवक्ता

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारतीय जनता पार्टी ने दिनांक 21 जुलाई 2021 को दो नए राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के नामों का एलान किया है। भाजपा ने प्रेम शुक्ल और आम आदमी पार्टी से भाजपा में शामिल हुईं शाजिया इल्मी को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए  पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है। दोनों नेता अक्सर विभिन्न मुद्दों पर पार्टी के रुख का बचाव और प्रचार करते हुए नजर आए हैं। पार्टी के पास वर्तमान में 25 राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, जिनमें इसके मीडिया विभाग के प्रमुख और मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी भी शामिल हैं। शाजिया इल्मी ने ट्वीट करके पार्टी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि प्रवक्ता के रूप में जिम्मेदारी देने के लिए पार्टी की शुक्रगुजार हूं।

मंगलवार, 20 जुलाई 2021

बिजौरा में बंद मिला सरकारी अस्पताल, सीएमओ ने वहां के डाक्टर सहित सभी कर्मचारियोंका रोका वेतन

सिद्धार्थनगर ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ  टाइम्स)  इस जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने मंगलवार को दो स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। जिसमें  उन्हें बिजौरा का अस्पताल बंद पाया। सीएमओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए वहां पर तैनात चिकित्सक समेत सभी कर्मियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। अस्पताल बंद मिलने पर सीएमओ द्वारा कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। आप को बता दें कि सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी मंगलवार को सुबह 8.35 बजे भनवापुर ब्लॉक के बिजौरा स्थित नया स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। इस दौरान अस्पताल बंद मिला। मौके पर चिकित्सक से दूरभाष से बात की और कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने डॉक्टर समेत सभी कर्मियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने की कार्रवाई किया।

रूस निर्मित इस ब्रह्मास्‍त्र से बेचैन हुआ अमेरिका, ध्‍वनि से भी तेज है जिरकॉन मिसाइल, जानिए : OmTimes

रूस (ऊँ टाइम्स) वाशिंगटन और मॉस्‍को के तनाव के बीच रूस ने एंटी शिप हाइपरसोनिक मिसाइल जिरकॉन का सफल परीक्षण किया है। जिरकॉन एक एंटी शिप मिसाइल है। रूस ने इसका सफल परीक्षण किया है। यह माना जा रहा है कि अगले साल तक इस मिसाइल को सक्रिय कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि अमेरिका के पास अभी भी कोई ऑपरेशनल हाइपरसोनिक मिसाइल नहीं है। रूस के इस मिसाइल परीक्षण से अमेरिका ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका का कहना है कि इससे शस्‍त्रों की होड़ बढ़ेगी और क्षेत्रीय स्थिरता में खलल होगा

हाइपरसोनिक मिसाइल जिरकॉन का जबाब नहीं -  यह मिसाइल ध्‍वनि की 7 गुना रफ्तार या मैक 7 की गति से दुश्‍मन पर प्रहार करने में सक्षम है। हालांकि, परीक्षण के दौरान मिसाइल ने 8600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की।मिसाइल दागे जाने के मात्र ढाई मिनट के अंदर अपने टारगेट को तबाह कर दिया। रूस की योजना अपनी सेना को हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस करने की है ताकि वे किसी भी अमेरिकी डिफेंस सिस्‍टम को चकमा देकर अपने लक्ष्‍य को तबाह कर सकें।इसके पूर्व एडमिरल गोर्शकोव से ही तीन बार जिरकॉन मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया था। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह परीक्षण वाइट सी में किया गया है और बैरंट सी के तट पर एक जमीनी टारगेट को तबाह किया गया।रूस ने एलान किया था कि वह 2021 में 200 मिसाइलों का परीक्षण करेगा। रूसी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि इन 200 मिसाइलों का परीक्षण राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में किया जाएगा। इसके पूर्व 2020 में भी रूस ने करीब 200 मिसाइलों का परीक्षण किया था। वर्ष 2018 में रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने कहा था कि यह मिसाइल दुनिया के किसी भी हिस्‍से पर हमला कर सकती है और अमेरिका के बनाए डिफेंस सिस्‍टम को भी चकमा दे सकती है। उस वक्‍त पुतिन ने धमकी दी थी कि अगर अमेरिका ने अपनी मध्‍यम दूरी की मिसाइलों को यूरोप में तैनात किया तो वह अपने युद्धक जहाजों और सबमरीन को जिरकॉन मिसाइल से लैस कर देंगे। रूसी विमान निर्माता कंपनियों का कहना है कि वे अगले सप्ताह मॉस्‍को में आयोजित होने वाले एयर शो में एक नया लड़ाकू विमान पेश करेंगे। नए युद्धक विमान को मॉस्‍को के पास जुकोवस्की में एक पार्किंग स्थल पर ले जाते हुए देखा गया था। मास्को में मंगलवार को एमएकेएस-2021 अंतरराष्ट्रीय विमानन एवं अंतरिक्ष सैलून नामक एयर शो की शुरुआत होगी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एयर शो के उद्घाटन पर मौजूद रहेंगे। रूसी मीडिया के मुताबिक नए लड़ाकू विमान का निर्माण हल्के लड़ाकू विमानों के निर्माण की योजना के तहत किया गया है। इस लड़ाकू विमान का निर्माण सुखोई का निर्माण करने वाली कंपनी ने किया है। रूस के नवीनतम लड़ाकू विमान एसयू-57 के विपरीत नए लड़ाकू विमान में केवल एक ही इंजन होगा और वह अपेक्षाकृत छोटा होगा।

रविवार, 18 जुलाई 2021

विष्णु भगवान के विश्व विख्यात भारत के मुख्य मंदिर, वेहद चमत्कारी और सहस्यमयी शक्तियों का खजाना

सभी महाशक्तिशाली देवताओं में जगत के पालनहार विष्णु भगवान हैं। वैष्णव भक्त इन्हें सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। भारत में विष्णु और उनके अवतार को समर्पित अनेकों मंदिर हैं। आइए हम बताते हैं विष्णु भगवान के विख्यात मंदिरों के बारे में।.  ( लेखक - रामदेव द्विवेदी, संपादक, ऊँ टाइम्स, मो.नं. - 9453706435 ) 

1. बद्रीनाथ -

यह भगवान विष्णु का सबसे बड़ा एवं प्रसिद्ध मंदिर है, जिसे भारत के चार धाम और उत्तराखण्ड के चार धामों में स्थान प्राप्त है। यह मंदिर उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है। बद्रीनाथ धाम की कथा में बताया गया है यहां भगवान विष्णु ने लक्ष्मी जी के साथ मिलकर शिवजी का  तपस्या किया था ।

2. जगन्नाथ -

यह मंदिर भी वैष्णवों के चार धामों में शामिल है। जगन्नाथ पुरी मंदिर से जुड़ी कई चमत्कार और अद्भुत कथाएं हैं, जो आज भी देखने को मिलती हैं। विशेष रूप से हर साल जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

3. पद्मनाभस्वामी मंदिर -

भारत में केरल राज्य के तिरुअनन्तपुरम में स्थित यह भगवान विष्णु का प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति शेषनाग पर शयन मुद्रा में विराजमान है। यहां पर भगवान विष्णु की विश्राम अवस्था को ही ‘पद्मनाभ कहा जाता है।

4. रंगानाथ स्वामी-

यह दक्षिण भारत के तिरुचिरापल्ली शहर के श्रीरंगम में स्थित है। यहां पर विष्णु जी के पवित्र दिवस एकादशी पर धूम—धाम से पूजा—अर्चना की जाती है। रंगनाथ स्वामी श्री हरि के विशेष मंदिरों में से एक है। कहा जाता है भगवान विष्णु के अवतार श्री राम ने लंका से लौटने के बाद यहां पूजा की थी। माना जाता है कि गौतम ऋषि के कहने पर स्वयं ब्रह्मा जी ने इस मंदिर का निर्माण किया था।

5. तिरुपति वेंकटेश्वर मन्दिर

यह भगवान विष्णु के सबसे पुराने और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। वेंकटेश्वर मंदिर तिरुपति के पास तिरूमाला पहाड़ी पर है। प्रभु वेंकटेश्वर या बालाजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। हर साल लाखों भक्त आकर भगवान वेंकटेश का आशीर्वाद और दर्शन पाते हैं। तिरुपति में सबसे ज्यादा चढ़ावा और दान आता है। यहां केश दान करने की भी प्रथा है।

6. विट्ठल रुकमिणी -

यह विष्णु और लक्ष्मी का मंदिर महाराष्ट्र के पंढरपुर में है। विष्णु के एक रूप विट्ठल रुकमिणी लक्ष्मी रूप के संग विराजित है। यहां स्थित विट्टल प्रतिमा श्याम रंग की है, जिनके दोनों हाथ कमर पर लगे हुए हैं। यहां पांच दैनिक संस्कार में प्रभु को उठाना, श्रृंगार, भोग, आरती और शयन शामिल है।

7. सिंहाचलम मंदिर -

यह नरसिंह देवता का मंदिर विशाखापट्टनम के पास है। अक्षय तृतीया के दिन यहां भक्तों का मेला लगता है। सिंहाचलम मंदिर की मान्यता है कि विष्णु अवतार भगवान नरसिंह इसी जगह अपने भक्त की रक्षा के लिए अवतरित हुए थे। शनिवार और रविवार के दिन इस मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने दूर—दूर से आते हैं।

शनिवार, 17 जुलाई 2021

भूस्खलन के कारण चैंबूर में दीवार गिरने से 12 लोगों की हुई मौत, बचाव अभियान जारी : OmTimes News

मुंबई (ऊँ टाइम्स) महाराष्ट्र के मुंबई में लगातार हो रही बारिश एक बार फिर यहां के लिए मुसीबत बन गई है। बारिश से मुंबई पानी-पानी हो गया है। मुंबई के चैंबूर एरिया के भारत नगर इलाके में भूस्खलन के कारण कुछ झोपड़ियों पर दीवार गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल  ने कहा कि बचाव अभियान जारी है!  आप को बता दें कि इस समय मुंबई में लगातार बारिश हो रही है, जिससे जगह- जगह जल भराव हो गए हैं। मुंबई में करीब आज सुबह 3.30 बजे के आस- पास से कम समय में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। रेलवे ट्रैक, सड़कें नदी-नालों की तरह नजर आ रहे हैं। यहां तक कि सड़क पर कारें भी बहती नजर आईं हैं। वहीं, भारी बारिश के चैंबूर के भारत नगर इलाके में दीवार ढहने से 12 लोगों की मौत हो गई है। मुंबई में बुरी तरह से सड़क और रेलवे यातायात प्रभावित हुआ है। लोकल ट्रेनों पर बारिश का भारी असर पड़ा है। कई इलाको में बारिश का पानी भर गया है। आप को बता दें कि मुंबई में लगातार हो रही बारिश एक बार फिर यहां के लिए मुसीबत बन गई है। यहां रात से हो रही भारी बारिश की वजह से जगह जगह पर पानी भर गया है और सड़कों पर जल सैलाब देखा जा रहा है। दूसरी और मुंबई में आज सुबह भारी बारिश के बाद बारिश का पानी मुंबई के बोरीवली पूर्वी इलाके में घुस गया। यहां पानी में कार भी बहती नजर आई है। मुंबई के कांदिवली पूर्वी इलाके के हनुमान नगर में घरों में बारिश का पानी घुस गया है। आईएमडी ने 24 घंटे की चेतावनी में भारी से भारी बारिश मुंबई के कुछ इलाकों में होने का रेड अलर्ट जारी किया था बिजली, गरज के साथ ही तेज हवाएं चलने का अनुमान भी जताया था । बता दें कि महाराष्ट्र की राजधानी में मुंबई में आज बारिश के बाद कई जगह जलभराव हुआ। गांधी मार्केट में भी कुछ ऐसा ही नजारा सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है जिसकी वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुंबई में लगातार बारिश के कारण सेंट्रल मेन लाइन और हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं, मुंबई के विक्रोली इलाके में रविवार तड़के एक ग्राउंड प्लस वन आवासीय इमारत ढह गई, जिसमें बीएमसी के अनुसार तीन लोगों की मौत हो गई। बचाव कार्य चल रहा है।

दिल्ली में प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूल में दाखिले के लिए TC की जरूरत नहीं : OmTimes News

 नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) दिल्ली में रह रहे अभिभावक अगर अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में भेजना चाहते हैं तो उनके लिए अब आसान हो गया है। दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया है कि प्राइवेट स्कूलों से सरकारी स्कूल में आने पर बच्चे को दाखिले के समय पिछले स्कूल के ट्रांस्फर सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि सरकारी स्कूल में बच्चे को बिना ट्रांस्फर सर्टिफिकेट के दाखिला दे दिया जाएगा।  मनीष सिसोदिया ने अपने एक ट्वीट संदेश में कहा, "अगर दिल्ली में किसी प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहा बच्चा सरकारी स्कूल में आना चाहता है और उसका प्राइवेट स्कूल फीस या किसी अन्य कारण से उसको TC नहीं दे रहा है तो अब सरकारी स्कूल में उसका एडमिशन बिना TC के भी होगा। प्राइवेट स्कूल से बच्चे की TC शिक्षा विभाग ले लेगा।"  गौरतलब है कि कोरोना काल में कई अभिभावक आर्थिक तंगी की वजह से प्राइवेट स्कूलों में पड़ रहे अपने बच्चों की भारी भरकम फीस चुकाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं, जबकि स्कूलों की तरफ से फीस वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में बिना शर्त दाखिले का ऑफर दिया है। 

शुक्रवार, 16 जुलाई 2021

धनगढिया के निकट पेड़ से टकराई बोलोरो, 3 लोगों की हुई मौत, कई हुए घायल : OmTimes

 

सिद्धार्थनगर ( ऊँ टाइम्स) इस जिले के थाना  शोहरतगढ़ क्षेत्र के ग्राम धनगढ़िया के पास दिनांक 16 जुलाई 2021  को तेज रफ्तार एक बोलेरो सड़क के किनारे पेड़ से टकराकर पलट गई। इस हादसे में बोलेरो में सवार तीन लोगों की मौत हो गई, और कुछ लोग जख्मी हो गए। पुलिस और आसपास के लोगों की मदद से सभी को दुर्घटनाग्रस्त वाहन से बाहर निकाला गया। घायलों को शोहरतगढ़ सीएचसी पहुंचाया गया, जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि बोलेरो सवार लोग दुल्हन देखने जा रहे थे। आप को बता दें कि इसी थाना क्षेत्र के रमवापुर तिवारी निवासी रामराज का परिवार कुछ रिश्तेदार के साथ बोलेरो से शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के बभनी बाजार के पास नगपरी गांव में लड़की देखने जा रहे थे !  ये लोग शोहरतगढ़-चेतिया मार्ग पर स्थित धनगढ़िया गांव निकट पहुंचे ही थे कि बोलेरो अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराकर सड़क के नीचे पलट गई। हादसा देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद एक-एक करके सभी को बाहर निकाला गया। इस  हादसे में बोलेरो सवार अनूप तिवारी (35) चालक, शांति (25), राधेश्याम (35), मीरा (30), सुशीला (34), चंद्रमती(55), आरती(60), रामराज(60), शिवांगी(10), अमित(3), अंशू(10), अनुज (3), खुशी(3) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय थाना शोहरतगढ़ पुलिस ने घायलों को वाहन से बाहर निकालकर शोहरतगढ़ सीएचसी पहुंचाया। जहां पर डॉक्टर ने राजाराम (60), राधेश्याम (35) और अमित (3) को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार करके जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

गुरुवार, 15 जुलाई 2021

यूपी में डीजे पर लगे प्रतिबंध को सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)   अब उत्तर प्रदेश में फिर से डीजे बज सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने दिनांक 15 जुलाई 2021 को  उत्तर प्रदेश में डीजे पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार कर दिया है।  20 अगस्त, 2019 में हाईकोर्ट ने डीजे पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि डीजे से ध्वनि प्रदूषण होता है और यह अप्रिय व खिन्न करने वाला होता है।  जस्टिस विनीत शरणऔर जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को दरकिनार कर दिया है। पीठ ने कहा है कि एक निजी पक्ष द्वारा दायर याचिका पर इस तरह का सामान्य आदेश पारित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने प्रभवित पक्ष को बिना सुने ही आदेश पारित कर दिया।  साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के समक्ष दायर याचिका में इस तरह का आदेश पारित करने की गुहार भी नहीं लगाई गई थी। बावजूद इसके हाईकोर्ट ने डीजे पर प्रतिबंध का आदेश पारित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता।  सुनवाई के दौरान इस कारोबार से जुड़े लोगों की अपर से पेश वकील दुष्यंत पाराशर का कहना था कि डीजे ऑपरेटर विवाह समारोह, जन्मदिन पार्टी और खुशी के अन्य मौकों पर अपनी सेवाएं देकर रोजी-रोटी चलाते हैं। हाईकोर्ट के आदेश से उनकी आजीविका पर संकट पैदा हो गई है। याचिका में कहा गया है यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

मंगलवार, 13 जुलाई 2021

कोरोना महामारी से बचाव के लिए उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर लगाई रोक : OmTimes News

देहरादून / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) उत्तराखंड  सरकार ने कांवड़ यात्रा को लेकर चल रहा असमंजस दूर कर दिया है। सरकार ने कोरोना महामारी, प्रदेश में डेल्टा प्लस वेरियंट की पुष्टि होने और तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर कांवड़ यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया है।. www.omtimes.in  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार को कोरोना महामारी का केंद्र नहीं बनाया जा सकता। आमजन का जीवन बचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए कांवड़ यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी के मद्देनजर कांवड़ यात्रा पर रोक लगाने का निर्णय 30 जून को ले लिया था। इस पर आदेश भी जारी कर दिए गए थे। यात्रा पर रोक लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली व हिमाचल के अधिकारियों से वार्ता भी हुई। इसके बाद प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो गया था। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जुलाई को कांवड़ यात्रा शुरू करने की बात कही। कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु गंगाजल लेने उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में आते हैं इसलिए प्रदेश सरकार के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात भी हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बात को कहा था कि कावंड यात्रा को लेकर जो भी निर्णय होगा वह आपसी बातचीत के बाद निकाला जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री से भी कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा की। वहीं, प्रदेश की जनता कांवड़ यात्रा के पक्ष में नहीं थी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कांवड़ यात्रा शुरू न कराने का अनुरोध किया था। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने सचिवालय में शासन के आला अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा को लेकर बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा होने की सूरत में कोरोना महामारी के बढ़ने की आशंका जताई। साथ ही विशेषज्ञों व जनता की कांवड़ यात्रा को लेकर राय के बारे में भी अवगत कराया। सभी से विचार-विमर्श करने के बाद सरकार ने कांवड़ यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार जनता के जीवन से खिलवाड़ नहीं करेगी। कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने सभी से अपील की है कि महामारी में कांवड़ यात्रा से बचें। उन्होने कहा कि भगवान भी नहीं चाहेंगे कि किसी की जान जाए।    www.omtimes.in

रविवार, 11 जुलाई 2021

लखनऊ में UP एटीएस ने घेरा बंदी कर अलकायदा से जुड़े दो आतंकियों को पकड़ा : OmTimes News

 लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज रविवार को आतंकी छुपे होने की सूचना पर लखनऊ की मैगों बेल्ट काकोरी के एक मकान को घेरा बंदी कर एटीएस ने इस मकान से अलकायदा से जुड़े दो आतंकियों को पकड़ा है।  दोनों ही ट्रेंड आतंकी हैं। इनकी योजना तीन दिन में लखनऊ में एक सांसद के साथ अन्य भाजपा नेताओं को बम विस्फोट में उड़ाने की थी। इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक मिला है।  www.omtimes.in  इस मकान से एटीएस को दो प्रेशर कुकर बम तथा एक अर्धनिर्मित टाइम बम मिला है। बम को निष्क्रिय करने के लिए बम डिस्पोजल स्क्वॉड मौके पर पहुंचा है। प्रेशर कुकर बम को निष्क्रिय करने की तैयारी के बीच में पता चला है कि यहां पर मौजूद लोगों की योजना तीन के अंदर भाजपा के सांसद व अन्य नेताओं को बम से उड़ाने की थी। लखनऊ के काकोरी में रिंग रोड पर बने इस मकान को उत्तर प्रदेश एटीएस की तीन टीमों ने घेरा । एटीएस टीम को इस मकान मे आतंकवादी होने की सूचना मिली थी। एटीएस ने मकान के पास का क्षेत्र खाली करा लिया है। टीम के कई सदस्य छापा मारने के अपने अभियान में लगे। एटीएस के एक दर्जन से अधिक कमांडो इस ऑपरेशन में सक्रिय हो गए । www.omtimes.in  एटीएस के आइजी डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि एटीएस के इस ऑपरेशन में बम और असलहे भी मिले हैं। आतंकियों से पूछताछ हो रह है और हमारी टीम पास के कुछ घरों में भी पड़ताल कर रही है। उन्होंने कहा कि आशंका है कि पास के घरों में इनके साथियों ने भी ठिकाना बनाया है।  मकान मलिहाबाद के शाहिद का है। जो कि बीते 15 वर्ष से यहां पर रह रहा है। फिलहाल वसीम मकान में अंदर है। पड़ताल के दौरान इस मकान से एटीएस को दो प्रेशर कुकर बम तथा एक अर्धनिर्मित टाइम बम मिला है। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में बारूद और सात-आठ किलो बम बनाने की सामग्री भी मिली है।  मकान में संदिग्ध लोगों के छुपे होने की आशंका पर उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने छापा मारा । काकोरी थाना क्षेत्र के दुबग्गा में एटीएस के साथ पुलिस की टीम भी है। \घर के अंदर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है।   इससे पहले भी लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र से तीन वर्ष पहले उत्तर प्रदेश एटीएस ने तीन अतंकियों को ढेर किया था। इसके साथ ही चंद रोज पहले ही काकोरी में मतांतरण के मामले में उमर गौतम के ठिकानों पर छापा मारा गया था। 

शनिवार, 10 जुलाई 2021

दिल्ली ,यूपी, बिहार सहित इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानिए अगले पांच दिन कैसा रहेगा देश का मौसम

 नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली और उत्तर भारत के लोगों को अब भीषण गर्मी से राहत मिल जाएगी। यहां के ज्यादातर हिस्सों में मानसून एक दिन के भीतर सक्रिय हो जाएगा। पूर्वी हवाओं ने दक्षिण-पश्चिमी मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल स्थितियां बना दी हैं और इसके एक दिन के भीतर हरियाणा, दिल्ली व पंजाब सहित उत्तर भारत के हिस्सों में छाने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों तक उत्तर पश्चिम भारत में भारी बारिश होगी। अनुमान के मुताबिक 10-13 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर, गिलगिट बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में बारिश होगी। वहीं, 11-13 जुलाई के बीच हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश होगी।  मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान स्थितियां दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों और पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान के कुछ और हिस्सों के ऊपर दक्षिण-पश्चिमी मानसून के और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी रहेंगी। उसने कहा कि अगले 48 घंटों के दौरान देश के शेष हिस्सों में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के और आगे बढ़ने के लिए भी स्थितियां अनुकूल हैं।

दिल्ली के साथ साथ इन राज्यों में आज मानसून दे सकता है दस्तक-  मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के दिल्ली समेत पश्चिमी यूपी और पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के कुछ हिस्सों में 11 जुलाई को पहुंचने का अनुमान है। देश के बाकी बचे हिस्सों में यह 12 जुलाई को पहुंच सकता है।.     www.omtimes.in 

इन राज्यों मे रविवार बारिश की चेतावनी - स्काईमेट वेदर के मुताबिक आज यानि रविवार को केरल, कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मराठवाड़ा, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर पूर्व भारत और कोंकण और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल, झारखंड के कुछ हिस्सों, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, पूर्वी राजस्थान, पंजाब के कुछ हिस्सों, हरियाणा और दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आंतरिक तमिलनाडु, लक्षद्वीप, आंतरिक उड़ीसा और राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में छिटपुट हल्की बारिश संभव है।   www.omtimes.in   

हिमाचल प्रदेश में दो दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट -  हिमाचल प्रदेश में रविवार 11 जुलाई से मानसून के रफ्तार पकड़ने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में रविवार और सोमवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 16 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। बता दें, बीते कई दिनों से विभाग की ओर से मौसम को लेकर जारी अलर्ट व पूर्वानुमान फेल ही साबित हुए हैं। हालांकि, शनिवार रात को प्रदेश के कई क्षेत्रों में बादल बरसे। 

शुक्रवार, 9 जुलाई 2021

मानसून का नया नजारा, दिल्ली-एनसीआर सहित इन राज्यों में अब होगी झमाझम बारिश : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में बने मौसमी सिस्टम के कारण 9 जुलाई से दक्षिण और पूर्व मध्य भारत में मानसून अपने तेवर दिखाएगा, यानी कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तसीगढ़, असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में बारिश होगी। वहीं, 10 जुलाई से उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना है। इस दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल, उत्तराखंड में झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। 

बंगाल की खाड़ी में बन रहा दबाव क्षेत्र बंगाल की खाड़ी में बनने वाले दबाव क्षेत्र और मानसून के आगे बढ़ने की वजह से 10 जुलाई के बाद उत्तर पश्चिम भारत में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 11 और 12 जुलाई को जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और पंजाब में भी भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 9 जुलाई से 14 जुलाई के बीच भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। उत्तराखंड में 11 और 12 जुलाई को भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10 जुलाई से 14 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 09 से 10 जुलाई के दौरान बारिश का अनुमान है. सप्ताह के अधिकांश दिनों के दौरान मध्य और आस-पास के पूर्वी भारत (मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा) में अलग-अलग इलाकों में व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। अरब सागर से पश्चिमी तट तक फैले दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाओं के मजबूत होने और ट्रफ के बनने की संभावना के कारण सप्ताह के अधिकांश दिनों में 09 से 12 जुलाई के दौरान महाराष्ट्र और गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 13 और 14 जुलाई को कोंकण और गोवा में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी वर्षा होगी, ऐसा अनुमान है। 

हालांकि, 9 जुलाई से पूर्वोत्तर भारत यानी अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में वर्षा की तीव्रता और वितरण में कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 15 से 22 जुलाई के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है। इससे उत्तर पश्चिम भारत, मध्य-पूर्वी भारत और दक्षिण प्रायद्वीप के मैदानी इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। 

स्काईमेट वेदर के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान, तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, विदर्भ, मराठवाड़ा, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 

उत्तर पूर्व भारत, बिहार के कुछ हिस्सों, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों, मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से, पूर्वी राजस्थान, पंजाब के कुछ हिस्सों, हरियाणा, दिल्ली और बाकी पश्चिमी हिमालय में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आंतरिक तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, लक्षद्वीप और दक्षिण गुजरात में हल्की बारिश की संभावना है।

सोमवार, 5 जुलाई 2021

क्या वकील क्लाइंट द्वारा फीस न दिए जाने की स्थिति में उसके कागज़ात वापस करने से मना कर सकते हैं? जी नहीं , जानिए कानून : OmTimes

रामदेव द्विवेदी, संपादक ( ऊँ टाइम्स)  हम आप को बता दें कि जैसा कि हम जानते हैं कि वकालत एक पेशा है, यह कोई व्यवसाय नहीं है और इस पेशे का उद्देश्य, लोगों की सेवा करना है। एक पेशे की अहमियत को समझाते हुए, रोस्को पाउंड ने कहा था: "ऐतिहासिक रूप से, पेशे में 3 विचार शामिल हैं: संगठन (Organisation), सीखने और सार्वजनिक सेवा की भावना। ये आवश्यक हैं। इसके अलावा, आजीविका प्राप्त करने का विचार, इसके साथ है (पर अधिक महत्वपूर्ण नहीं)।" कानूनी पेशा अपनाने वाले व्यक्तियों पर, समाज में कानून के शासन को बनाए रखने की एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करते हुए एक वकील को न्याय, निष्पक्षता, इक्विटी के सिद्धांतों का ध्यान रखना चाहिए। जैसा कि हम जानते हैं, एक वकील-मुवक्किल का संबंध, एक विश्वास का संबंध माना जाता है और इस प्रकार एक वकील का, अपने मुवक्किल के प्रति नैतिक दायित्व होता है। एक वकील एवं मुवक्किल के बीच (विवाद के रूप में), गोपनीयता (Secrecy), हितों के टकराव, फीस/शुल्क, महवपूर्ण कागजातों एवं मुक़दमे की देखभाल आदि सम्बंधित मामले जन्म ले सकते हैं। Also Read - मध्‍यस्‍थता एवं सुलह (संशोधन) अधिनियम [Arbitration and Conciliation (Amendment) Act], 2019 भाग 4: मध्यस्थ की नियुक्ति कैसे होती है (Appointment of... आखिर तब क्या होता है जब एक वकील एवं उसके मुवक्किल के बीच फीस को लेकर विवाद पैदा हो जाता है, ऐसे मामलों में मुवक्किल और वकील, एक-दूसरे पर अविश्वास करने लगते हैं। नतीजतन, वकील उस मामले/मुक़दमे को तब तक जारी नहीं रखना चाहता है, जब तक कि उसे अपनी फीस नहीं मिलती है, जबकि मुवक्किल, अपने वकील को बदलना चाहता है या उसे फीस नहीं चुकाना चाहता है। इस लेख में हम ऐसी ही स्थिति के बारे में बात करेंगे। सवाल यह है कि वकील को यदि फीस का भुगतान नहीं किया जाता/गया है, तो क्या वकील, मुवक्किल को उसके कागजात/अदालती दस्तावेज वापस करने से इंकार कर सकता है, जिससे वह उस मुवक्किल को अपने दस्तावेजों को वापस पाने के लिए भुगतान करने के लिए मजबूर कर सके? दूसरे शब्दों में, क्या एक वकील के पास धारण का अधिकार (Right to Lien) है, कि वह अपने मुवक्किल के कागजात को उस समय तक अपने पास रख सके (या लौटाने से माना करदे) जब तक उसकी फीस का मुवक्किल द्वारा भुगतान नहीं किया जाता है। Also Read - केशवानंद भारती मामले से जुड़े 50 रोचक तथ्य वकील कौन होता है? एक वकील वह व्यक्ति होता है जो कानून की प्रैक्टिस करता है। ऐसा व्यक्ति या तो एक पैरालीगल हो सकता है, एक एडवोकेट, बैरिस्टर, अटॉर्नी, काउंसलर, सॉलिसिटर या एक चार्टर्ड लीगल एग्जीक्यूटिव हो सकता है। एक वकील के रूप में काम करने के दौरान, एक व्यक्ति कई कानूनी समस्याओं का समाधान करने के लिए, अमूर्त कानूनी सिद्धांतों और ज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग को शामिल करता है। इसके अलावा एक वकील, उन लोगों के कानूनी हितों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करता है, जो लोग ऐसे वकील की कानूनी सेवाएं लेने के लिए उसको नियुक्त करते हैं। एक वकील की भूमिका, कानूनी क्षेत्राधिकार के मामले में विभिन्न प्रकार की होती है, और इसलिए एक वकील को केवल सामान्य शब्दों में ही परिभाषित किया जा सकता है। Also Read - भारत का संविधान और आपातकाल क्या वकील, मुवक्किल द्वारा फीस न दिए जाने की स्थिति में उसके कागजात वापस करने से मना कर सकते हैं? इस प्रश्न का सीधा जवाब 'नहीं' है। सर्वोच्च न्यायालय ने आरडी सक्सेना बनाम बलराम प्रसाद शर्मा AIR 2000 SC 2912 के मामले में यह कहा है कि किसी भी पेशेवर वकील को अवैतनिक पारिश्रमिक के लिए किसी भी दावे के रूप में अपने मुवक्किल के मामले में उसके द्वारा किए गए काम से संबंधित, वापस करने योग्य रिकॉर्ड को अपने पास रख लेने का कोई अधिकार नहीं दिया जा सकता है। ऐसा एक पेशेवर, किसी भी अवैतनिक पारिश्रमिक का दावा करने के लिए, कानूनी उपायों का सहारा ले सकता है। Also Read - मध्‍यस्‍थता एवं सुलह (संशोधन) अधिनियम [Arbitration and Conciliation (Amendment) Act], 2019 भाग 3: मध्‍यस्‍थता करार क्या होता है अदालत ने यह भी कहा कि, हालांकि एक वकील का यह एक नैतिक दायित्व और पेशेवर कर्तव्य होता है कि जब मुवक्किल को अपना वकील बदलना आवश्यक हो, तो वह संक्षिप्त विवरणी (मामले से जुड़े कागजात) उस मुवक्किल को वापस करे। अदालत ने यह भी कहा कि फाइल वापस नहीं करने के मामले को पेशेवर कदाचार (Professional Misconduct) माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में यह भी माना कि यदि कोई वकील, केस के कागजात पर ग्रहणाधिकार (Right to Lien) का दावा करता है, तो यह कितना महत्वपूर्ण है। अदालत ने इसका उत्तर देते हुए कहा कि अदालत/न्यायाधिकरण में चल रहा मामला, एक वकील के पारिश्रमिक के अधिकार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है और यदि रिकॉर्ड के इस तरह के धारण की अनुमति दी जाती है तो यह प्रतिकूल रूप से मामले को प्रभावित और बाधित करेगा। अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के अंतर्गत 'ग्रहणाधिकार' CHAPTER – II - Standards of Professional Conduct and Etiquette (Rules under Section 49 (1) (c) of the Act read with the Proviso thereto) BAR COUNCIL OF INDIA RULES के नियम 28 और 29 के अंतर्गत, वकील अपनी फीस के रूप में, जिस मामले के लिए उसे वकील नियुक्त किया गया था, उस मामले की समाप्ति पर, वकील के पास बचे मुवक्किल द्वारा दिए गए पैसे एवं मुकदमे के दौरान प्राप्त पैसे को अपने पास रख सकता है। यह अधिकार तो बार काउन्सिल के नियमों के अंतर्गत दिया गया है, परन्तु अधिनियम के अंतर्गत उसे मुक़दमे से जुड़े दस्तावेजों को लेकर कोई ग्रहणाधिकार प्रदान नहीं किया गया है। हम यह जानते हैं कि भारत में बहुत सारे अनपढ़ लोग भी मामले में पक्षकार बनते हैं एवं वे एक वकील की सेवाएं लेते हैं, ऐसी स्थिति में, यह उचित नहीं हो सकता है कि वकील को उसके द्वारा दावा की गई फीस के लिए, मामले से जुड़े दस्तावेज को अपने पास रख लेने की अनुमति दी जाये। यदि ऐसी अनुमति दी जाएगी तो ऐसा कोई ग्रहणाधिकार, मुवक्किलों के शोषण के रास्ते खोल देगा। एक ओर जहाँ वकील का यह कर्तव्य है कि वह अपने मुवक्किल की फाइलों को लौटा दे (मुकदमा खत्म होने पर या वकील बदलने की स्थिति में), तो मुवक्किल को भी यह अधिकार है कि वह अपने वकील से फाइलें वापस प्राप्त कर सके, यह तब और अधिक जरुरी हो जाता है जब मुकदमा अदालत में अभी भी चल रहा हो। मुवक्किल के इस अधिकार को, अधिवक्ता के पेशेवर कर्तव्य (Professional Duty) के संगत समकक्ष के रूप में पढ़ा जाना चाहिए। अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 35 में परिकल्पित 'कदाचार' (Misconduct) को परिभाषित नहीं किया गया है। यह धारा, 'कदाचार, पेशेवर या अन्यथा' अभिव्यक्ति का उपयोग करती है। कदाचार शब्द एक विस्तृत शब्द है। इसे विषय वस्तु के संदर्भ में समझा जाना चाहिए। इसका शाब्दिक अर्थ है 'गलत आचरण' या 'अनुचित आचरण'। In re A Solicitor ex parte the Law Society [(1912) 1 KB 302] के मामले में जस्टिस चार्ल्स डार्लिंग ने टिपण्णी की थी कि: यदि यह दिखाया जाता है कि एक वकील ने अपने पेशे के अंतर्गत कार्य करते हुए ऐसा कुछ किया है, जो उचित रूप से अपमानजनक या बेईमानी के रूप में देखा जा सकता है तो यह पेशेवर कदाचार है। जॉर्ज फ्रिएर ग्राहम बनाम अटॉर्नी जनरल, फिजी (1936 PC 224) के मामले में भी इस परिभाषा को स्वीकृति मिली थी। भारत में मुवक्किल को उसकी फाइलें वापस करने से इनकार करने के मामले में, वकील को अधिनियम की धारा 35 के तहत कदाचार का दोषी माना जायेगा। यही बात आरडी सक्सेना के मामले में अभिनिर्णित की गयी थी। भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की धारा 171 के अंतर्गत वकील का ग्रहणाधिकार? जैसा कि हम जानते हैं कि भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 171 के तहत, जनरल बैलेंस ऑफ़ अकाउंट के लिए, प्रतिभूति (Security) के रूप में किसी भी 'माल' (Goods) को अपने पास बनाए रखने के लिए उच्च न्यायालय के वकीलों को अनुमति दी जाती है। इस प्रयोजन के लिए 'माल' और 'उपनिधान' (Bailment) के अर्थ को समझना आवश्यक है। माल विक्रय अधिनियम 1930 की धारा 2 (7) के तहत 'माल' से अनुयोज्य दावे और धन से भिन्न हर किस्म की जंगम संपत्ति अभिप्रेत है तथा इसके अंतर्गत स्टॉक और अंश, उगती फसलें, घास और भूमि से बद्ध या उसकी भागरूप ऐसी चीज़ें जिनका विक्रय से पूर्व या विक्रय संविदा के अधीन, भूमि से पृथक किया जाने का करार किया गया हो, शामिल हैं। वहीँ भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 148 के मुताबिक, "उपनिधान' एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को किसी प्रयोजन के लिए इस संविदा पर माल का परिदान करता है कि जब वह प्रयोजन पूरा हो जाए तब वह लौटा दिया जाएगा; या उसे परिदान करने वाले व्यक्ति के निदेशों के अनुसार अन्यथा व्ययनित कर दिया जाएगा।" आरडी सक्सेना के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इन परिभाषाओं की व्याख्या की और यह माना कि 'माल', बाजार में बिक्री योग्य होना चाहिए और जिस व्यक्ति को वह 'माल' प्रतिभूति के रूप में दिया गया है, वह उस माल का, धन के बदले में निपटान करने की स्थिति में होना चाहिए। रिकॉर्ड और केस पेपर और मूल दस्तावेजों की प्रतियों वाली फाइलों को 'माल' के रूप में नहीं देखा जा सकता है। अंत में पी. कृष्णामाचारी बनाम ऑफिसियल असाइनी मद्रास (एआईआर 1932 मद्रास 256) के मामले में डिवीजन बेंच ने कहा था कि एक वकील के पास इस तरह का ग्रहणाधिकार नहीं हो सकता है, जब तक कि इसके विपरीत मुवक्किल के साथ उसका कोई समझौता न हो। यह शायद तार्किक लगे कि यदि मुवक्किल ने वकील को उसके निर्धारित शुल्क का भुगतान करने से इनकार किया है, तो वकील को मुवक्किल के अदालती दस्तावेजों के ग्रहणाधिकार की अनुमति दी जानी चाहिए, लेकिन इसके ठीक विपरीत, अदालतों ने अपने तमाम निर्णयों में यह कहा है कि वकील को फीस देने में विफल रहने पर भी, एक वकील के पास यह अधिकार नहीं है कि वह अपने मुवक्किल के दस्तावेजों को अपने पास रख सके। 

यूपी में ब्लाक प्रमुख चुनाव की तिथि हुई घोषित, 825 ब्लाकों में 10 जुलाई को मतदान : OmTimes

लखनऊ / सिद्धार्थनगर (रामदेव  द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) यूपी में  राज्य निर्वाचन आयोग ने ब्लाक प्रमुख के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। उत्तर प्रदेश में ब्लाक प्रमुख चुनाव प्रक्रिया 8 जुलाई से 10 जुलाई के बीच होगी। गोंडा जिले की क्षेत्र पंचायत मुजेहना को छोड़कर राज्य के सभी जिलों में 10 जुलाई को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी। 825 क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के चुनाव के लिए आठ जुलाई को नामांकन होगा।  उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने आज सोमवार को ब्लाक प्रमुख पदों पर चुनाव कराने का कार्यक्रम जारी कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत सभी जिलों में क्षेत्र पंचायत प्रमुख का चुनाव अब कराया जाना है। छह माह से अधिक का कार्यकाल शेष रहने से गोंडा जिले की मुजेहना क्षेत्र पंचायत को छोड़कर शेष 825 क्षेत्र पंचायतों के चुनाव की अधिसूचना जारी की गई है। जहां निर्विरोध निर्वाचन होगा वहां छोड़कर अन्य क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख पद के लिए 10 जुलाई को मतदान कराया जाएगा।  राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने कहा कि आठ जुलाई को नामांकन सुबह 11 से तीन बजे तक होगा। उसी दिन दोपहर बाद तीन बजे से नामांकन पत्रों की जांच होगी। नौ जुलाई को सुबह 11 बजे से तीन बजे तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं। 10 जुलाई को 11 से तीन बजे तक मतदान फिर तीन बजे से मतगणना कराकर नतीजे उसी दिन घोषित कर दिए जाएंगे

रविवार, 4 जुलाई 2021

यूपी और दिल्ली सहित कई राज्यों में आज से लॉकडाउन में हुई छूट, स्कूल-कॉलेज के लिए नया निर्देश

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी की दूसरी लहर काबू में आने के साथ ही राज्य सरकारों ने प्रतिबंधों में राहत दे दिया है। कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार आ रही कमी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी में स्टेडियम और स्पो‌र्ट्स कांप्लेक्स खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि, नये आदेश के तहत स्कूल और कॉलेज फिलहाल बंद ही रहेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश में अनलॉक की गाइडलाइन के तहत कंटेनमेंट जोन को छोड़कर मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हाल, जिम और स्पोर्ट्स स्टेडियम को सप्ताह में पांच दिन खोलने की अनुमति दी गई है, जबकि कर्नाटक में रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक रात का कर्फ्यू जारी रहेगा, लेकिन सप्ताहांत का कर्फ्यू हटा लिया गया है। 

दिल्ली - दिल्ली सरकार ने सोमवार से शहर के स्टेडियमों और खेल परिसरों को बिना दर्शकों के फिर से खोलने की अनुमति दी है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने रविवार को अपने आदेश में कहा कि स्टेडियम और खेल परिसरों को खोलते समय मानक संचालन प्रक्रिया और सरकार के अन्य दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का अनुपालन किया जाएगा। हालांकि, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, थिएटर, स्विमिंग पूल, स्पा, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। डीडीएमए ने कहा कि दिल्ली मेट्रो ट्रेनें और सार्वजनिक परिवहन बसें अपनी बैठने की क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ चलती रहेंगी। पिछले हफ्ते, डीडीएमए ने जिम और योग संस्थानों को उनकी आधी क्षमता के साथ खोलने की अनुमति दी थी, जबकि मैरिज हॉल और होटलों में शादियों के लिए मेहमानों की संख्या 50 तक सीमित कर दी थी।

उत्तर प्रदेश- कोरोना के मामले कम होने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राज्य में जारी प्रतिबंधों में ढ़ील देनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में सोमवार से उत्तर प्रदेश में अब मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हाल, जिम और स्टेडियम खोलने की अनुमनति दी गई है। मुख्यमंत्री ने पिछले शुक्रवार को संक्रमण की स्थिति में लगातार हो रहे सुधार को देखते हुए कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कर इन्हें भी खोलने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में रविवार को मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसमें कहा गया है कि कंटेनमेंट जोन को छोड़कर मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हाल, जिम और स्पोर्ट्स स्टेडियम सप्ताह में पांच दिन खुल सकेंगे।

कर्नाटक - कर्नाटक सरकार ने सोमवार से मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स खोलने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। राज्य में मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के मालिक भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ग्राहकों के लिए अपने दरवाजे खोलने की तैयारी कर रहे हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शनिवार को राज्य में मौजूदा कोविड ​​​​-19 प्रतिबंधों में और ढील देने की घोषणा की, जिसके तहत सरकारी कार्यालयों को सोमवार से पूर्ण बैठने की क्षमता के साथ संचालन शुरू करने, मेट्रो सहित सार्वजनिक परिवहन को फिर से खोलने की अनुमति दी गई है। राज्य सरकार के आदेश के अनुसार रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक रात का कर्फ्यू जारी रहेगा, लेकिन सप्ताहांत का कर्फ्यू (शुक्रवार को शाम सात बजे से सोमवार सुबह पांच बजे तक) हटा लिया गया है। कर्नाटक सरकार द्वारा घोषित की गई नई छूट और प्रतिबंध अगले 15 दिनों के लिए राज्य में लागू रहेंगे।

गोवा - गोवा सरकार ने रविवार को कोरोना प्रतिबंधों में कई ढील देते हुए कर्फ्यू को एक और सप्ताह के लिए 12 जुलाई तक बढ़ा दिया है। अदेश के मुताबिक अब, रेस्तरां और बार को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे के बीच 50 प्रतिशत तक बैठने की क्षमता के साथ काम करने की अनुमति होगी। हालांकि, इससे पहले रेस्तरां को डिलीवरी और टेकअवे के लिए कार्य करने की अनुमति दी गई थी। इसके तहत सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक दुकानें और मॉल खोलने की अनुमति होगी। पहले इन्हें दोपहर तीन बजे तक संचालित करने की अनुमति थी। सैलून और अन्य आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स/स्टेडियम को भी खोलने की अनुमति है। इस दौरान शैक्षणिक संस्थान, सिनेमा हॉल, ऑडिटोरिया, कैसीनो, जिम, स्पा, इनडोर खेल परिसर बंद रहेंगे। धार्मिक स्थलों पर आगंतुकों की अनुमति नहीं होगी।

शनिवार, 3 जुलाई 2021

यूपी में BJP ने लहराया परचम, भाजपा के 75 में से 67 जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव जीते : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में अपना परचम लहरा दिया है। भाजपा के 21 प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध जीत चुके थे, और आज शनिवार को 53 पदों पर मतदान के बाद आए परिणाम में भारतीय जनता पार्टी ने बम्पर जीत हासिल । भाजपा ने शनिवार को 53 जिलों में हुए मतदान में बेहतरीन जीत दर्ज की। भाजपा को एटा, संतकबीरनगर, आजमगढ़, बलिया, बागपत, जौनपुर और प्रतापगढ़ में छोड़कर अन्य 44 जिलों में जीत मिली है। 75 जिलों में से भाजपा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में से 13 में, बृज क्षेत्र के 12 जिलों में 11, कानपुर क्षेत्र के 14 जिलों में 13, अवध क्षेत्र के 13 जिलों में 13, काशी क्षेत्र के 12 जिलों में दस तथा गोरखपुर क्षेत्र के 10 जिलों में से सात में जीत मिली है। भाजपा ने कुल 75 जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर 67 में जीत दर्ज की है। प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के खाते में पांच में सीट हैं। राष्ट्रीय लोकदल ने एक सीट पर जीत दर्ज की। जौनपुर से निर्दल श्रीकला रेड्डी और प्रतापगढ़ में जनसत्ता दल जनतांत्रिक की माधुरी पटेल जीती हैं। भाजपा ने समाजवादी पार्टी को उनके गढ़ मैनपुरी, रामपुर, बदायूं व आजमगढ़ के साथ ही कांग्रेस के किले रायबरेली में भी भाजपा के प्रत्याशियों ने शिकसत दी है।

 उत्तर प्रदेश की सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा को प्रत्याशियों को निर्दलियों का काफी समर्थन मिला है। इसके साथ ही भाजपा के साथ गठबंधन करने वाली अपना दल (एस) को भी दो में से एक सीट पर जीत मिली है। जौनपुर में बाहुबली बसपा के पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह को जीत मिली है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी ने बलिया व आजमगढ़, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का दबदबा प्रतापगढ़ में कायम है। उनकी पार्टी जनसत्ता दल ने खाता खोला तो बागपत में रालोद ने तमाम उठापटक के बाद भी जीत दर्ज करने में सफलता प्राप्त की। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में जिन 22 जिलों में निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं, उनमें 21 भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। इटावा में समाजवादी पार्टी ने अपना गढ़ बचाने में सफलता प्राप्त की है। 29 जून को नाम वापसी की अवधि गुजरते ही सभी के चुने जाने की घोषणा कर दी गई। निर्विरोध चुने गए अध्यक्षों में जहां 21 भाजपा के हैं वहीं एक मात्र इटावा के जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी ही सपा के हाथ लगी है।

1- मैनपुरी: समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र मैनपुरी में भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीता। यहां पर भाजपा की अर्चना भदौरिया जिला पंचायत अध्यक्ष बनी हैं।

2- रायबरेली: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में भाजपा प्रत्याशी रंजना चौधरी ने जीत दर्ज की है। रंजना ने 30 मत पाकर कांग्रेस की आरती सिंह को हराया है। कांग्रेस प्रत्याशी आरती सिंह को 22 मत मिले हैं।

3- रामपुर : रामपुर में आजम खान का किला भी ध्वस्त हो गया है। यहां भाजपा के ख्यालीराम लोधी जिला पंचायत अध्यक्ष बने। लोध ने को 19 वोट मिले, जबकि सपा प्रत्याशी नसरीन जहां को 13 वोट मिले। यहां पर नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने प्रशासन पर चुनाव में धांधली कराने का आरोप लगाते हुए आंबेडकर पार्क के सामने सपाइयों के साथ धरना शुरू किया।

4- लखनऊ : लखनऊ में भाजपा की आरती जिला पंचायत अध्यक्ष बनी हैं। आरती रावत ने मतदान के बाद यहां पर समाजवादी पार्टी की विजयलक्ष्मी को तीन वोट से हराया। आरती को 14 और विजय लक्ष्मी को 11 वोट मिले। यहां पर जिला पंचायत के कुल 25 वोट थे। समाजवादी पार्टी ने चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

5- अम्बेडकरनगर : भाजपा के श्याम सुंदर उर्फ साधू वर्मा ने बसपा के बड़े गढ़ अम्बेडकरनगर में 30 वोट हासिल कर जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का गौरव पाया। उनके प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के अजित यादव को दस वोट मिले। एक वोट खारिज किया गया। यहां पर कुल 41 जिला पंचायत सदस्य हैं।

6- गाजीपुर : गाजीपुर में नामांकन के दिन भाजपा में शामिल होने वाली सपना सिंह ने 27 मत से चुनाव जीता। यहां से जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं सपना सिंह ने समाजवादी पार्टी की कुसुमलता को शिकस्त दी। कुसुमलता को 20 वोट मिले हैं।

7- मीरजापुर : भारतीय जनता पार्टी के राजू कन्नौजिया ने तमाम आरोपों के बीच 40 मत के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का गौरव पाया। उनके खिलाफ मैदान में उतरी समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी आशा देवी को सिर्फ चार वोट ही मिले।

8- मुरादाबाद: प्रदेश के पंचायत राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह के क्षेत्र मुरादाबाद में भाजपा की डा. शैफाली सिंह ने बाजी मारी। अमरोहा में भाजपा से ललित तंवर पहले ही निॢवरोध निर्वाचित हो चुके हैं।

9- उन्नाव : अंतिम समय पर टिकट मिलने के बाद भी काफी मेहनत करने वाली शकुन सिंह उन्नाव से जिला पंचायत अध्यक्ष बनी हैं। उन्होंने भाजपा के बाजी अरुण को नौ वोट से हराया है। शकुन ने शनिवार को 28 वोट पाकर अध्यक्ष पद हासिल किया। वहीं, अरुण को 19 वोट प्राप्त हुए। एक वोट सपा की मालती रावत को मिला जबकि तीन वोट अनाधिकृत हो गए।

10- अलीगढ़ : ताला नगरी अलीगढ़ से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती विजय सिंह ने 30 वोट से जीत दर्ज की। उनको 38 वोट मिले, जबकि सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी अर्चना यादव आठ वोट मिले। श्रीमती विजय सिंह पूर्व सीएम कल्याण सिंह के बेटे व एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया की समधन हैं। अर्चना यादव बंदायू के पूर्व सांसद व अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव की बहन हैं।

11- बरेली: भाजपा की रश्मि पटेल को बरेली में टक्कर नहीं मिली। भाजपा की रश्मि पटेल ने 40 वोट पाकर जीत दर्ज की। उन्होंने समाजवादी पार्टी की विनीता गंगवार को हराया। विनीता को 19 वोट मिले। यहां पर सपा के 26 सदस्य थे, मगर वोट विनीता को 19 वोट मिले। एक मत निरस्त हुआ।

12- बदायूं : समाजवादी पार्टी के गढ़ बदायूं में भाजपा की वर्षा यादव ने सपा की सुनीता शाक्य को पांच वोट से हराया। भाजपा की वर्षा यादव को 28 और सपा की सुनीता शाक्य को 23 मत मिले।

13- सम्भल : भाजपा प्रत्याशी डा. अनामिका यादव सम्भल से जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हो गई है। समाजवादी पार्टी के पुरजोर विरोध व तनातनी के बीच हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डा. अनामिका यादव ने विजय हासिल कर ली। उन्हेंं 22 वोट मिले जबकि सपा प्रत्याशी प्रिया उर्फ प्रीती यादव को 13 मत मिले।

14- चंदौली : समाजवादी पार्टी से सांसद रहे रामकिशुन यादव का शुक्रवार रात को जिला पंचायत सदस्यों के चरणों पर गिरने का भी चंदौली में असर नहीं हुआ। यहां पर भाजपा उम्मीदवार दीनानाथ शर्मा ने 30 वोट पाकर जीत दर्ज की। रामकिशुन के भतीजे सपा प्रत्याशी तेजनारायण यादव को मात्र पांच वोट मिले। यहां पर पिछले 24 वर्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा की यह पहली जीत है।

15- महोबा: पान की खेती के लिए विख्यात महोबा में भाजपा के जेपी अनुरागी ने बाजी मार ली। कुल 14 सदस्यों के वोट में अकेले दस वोट जेपी को मिले। सपा के मृत्युंजय को मात्र चार वोट ही मिल सके। करीब दो बजे सभी 14 जिला पंचायत सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था।

भाजपा के जेपी अनुरागी सिर्फ दस वोट पाने के बाद भी महोबा के जिला पंचायत अध्यक्ष बने हैं। भाजपा के जेपी अनुरागी को दस और सपा के मृत्युंजय को चार वोट मिले है।

16- अमेठी: केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी का उनके संसदीय क्षेत्र अमेठी में जादू चल गया। यहां भाजपा के राजेश अग्रहरि उर्फ राजेश मसाला ने 36 सदस्यों वाली जिला पंचायत में 31 मत अपने खाते में डाले। समाजवादी पार्टी की शीलम सिंह को मात्र चार मतों से ही संतोष करना पड़ा। एक मत रद हो गया है।

17- औरैया : भाजपा के कमल दोहरे ने औरैया में कमल खिला दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद में कमल दोहरे ने जीत दर्ज की। कमल दोहरे को 13 और सपा प्रत्याशी रवि त्यागी को नौ वोट मिले।

18- सीतापुर: भाजपा ने सीतापुर में भी कमाल दिखाया है। यहां जिला पंचायत चुनाव में भाजपा की श्रद्धा सागर गुप्ता जीतीं हैं। उनको 56 वोट मिले जबकि समाजवादी पार्टी की अनिता राजवंशी को 23 वोट प्र संतोष करना पड़ा।

19- सिद्धार्थनगर : भाजपा की शीतल सिंह ने यहां पर 35 वोट की बड़ी जीत दर्ज की है। भाजपा की शीतल सिंह को 40 और समाजवादी पार्टी की पूजा यादव को पांच वोट मिले हैं।

20- बिजनौर : भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी साकेनद्र सिंह ने बिजनौर में जिला पंचायत के चुनाव में बड़ी सफलता हासिल की। साकेन्द्र ने सपा समॢथत चरनजीत कौर को हराया। साकेन्द्र सिंह को 30 वोट मिले हैं।

21- हाथरस : हाथरस में कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय का जादू चल गया है। यहां से उनकी पूर्व सांसद पत्नी सीमा उपाध्याय ने जीत दर्ज की है। सीमा उपाध्याय को 24 में से 13 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी व रालोद प्रत्याशी शशि चौधरी को 11 वोट मिले।

22- हरदोई: हरदोई में नरेश अग्रवाल का जादू चला है। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार प्रेमावती ने समाजवादी पार्टी की मुन्नी देवी गौतम को 59 मत से हराया। 72 सदस्यों वाली जिला पंचायत में 71 मत पड़े। भाजपा की प्रेमावती को 65 मत और सपा की मुन्नी देवी गौतम को छह वोट मिले।

23- कानपुर शहर: कानपुर शहर में पूर्व कैबिनेट मंत्री कमला रानी वरुण की बेटी भाजपा प्रत्याशी स्वप्निल वरुण ने 20 वोट से जीत दर्ज की है। भाजपा की स्वप्निल को 25 मिले। समाजवादी पार्टी के राजू दिवाकर को पांच मत मिले और 2 वोट अवैध हो गए।

24- कानपुर देहात: कानपुर देहात में भाजपा की नीरज रानी जिला पंचायत अध्यक्ष बनी हैं। भाजपा समॢथत निर्दलीय प्रत्याशी नीरज रानी ने सपा प्रत्याशी रामसिंह यादव को हराया। नीरज रानी को 32 में से 26 व रामसिंह यादव को पांच वोट मिले। यहां पर एक जिला पंचायत सदस्य ने मतदान नहीं किया। विजयी नीरज रानी सांसद देवेंद्र सिंह भोले के भाई राजेंद्र सिंह की पत्नी हैं। लगातार दो बार से सपा का जिला पंचायत पर कब्जा था लेकिन इस बार सपा को यह सीट गंवानी पड़ी है।

25- शामली: भाजपा की प्रत्याशी को शामली में जीत दर्ज करने के लिए कड़ा संघर्ष करना। उनको कुल कुल दस वोट मिला जबकि रालोद-सपा गठबंधन प्रत्याशी अंजलि को नौ वोट मिली। अंजलि सिर्फ एक वोट से जिला पंचायत अध्यक्ष बनने से चूक गईं। मधु गुर्जर के जीत के बाद कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा व अन्य नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर बधाई दी।

26- मुजफ्फरनगर : भाजपा ने मुजफ्फरनगर में बम्पर वोट से जीत दर्ज की। भाजपा के डा. वीरपाल निर्वाल को 30 मिले। वहीं विपक्ष के सत्येंद्र बालियान जो केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान के तेहरे भाई हैं, उनको सिर्फ चार वोट मिले। नौ जिला पंचायत सदस्यों ने मत प्रयोग ही नहीं किया। वोटिंग के दौरान ही सत्येंद्र बालियान ने भाजपा पर चुनाव धांधली के आरोप लगाया था। इसके अलावा यहां भाकियू रालोद के कार्यकर्ताओं ने बैरिकैडिंग तोडऩे का प्रयास किया था।

27- अयोध्या: अयोध्या में भाजपा की प्रत्याशी रोली सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष बनी । रोली सिंह को 30 वोट मिला, जबकि सपा को केवल 10 वोट। सपा के सदस्यों ने क्रॉस वोटिंग की । सपा सदस्यों ने भाजपा को वोट दिया।

28- बाराबंकी: बाराबंकी जिला पंचायत में पहली बार कमल खिला। राजरानी रावत अध्यक्ष बनीं । निंदूरा चतुर्थ से जिला पंचायत सदस्य राजरानी रावत को 48 और सपा की नेहा आनंद को आठ मत मिले। एक मत अवैध घोषित हुआ। सपा के सदस्यों ने की क्रास वोटिंग, सपा के 15 सदस्य चुने गए थे।

29- लखीमपुर खीरी: भाजपा ने लखीमपुर खीरी में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लगातार दूसरी बार जीता है। लखीमपुर में भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश भार्गव को 38 वोट तथा सपा प्रत्याशी अंजली भार्गव को 31 वोट मिले। 72 में से दो वोट रद हो गए। ओमप्रकाश भार्गव को विजेता होने के बाद डीएम डॉ अरविंद कुमार चौरसिया ने प्रमाण पत्र दिया।

30- कन्नौज: जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी प्रिया शाक्य ने कब्जा जमाया। उन्हें 28 में से 15 मत मिले। जबकि सपा प्रत्याशी श्याम सिंह यादव को 13 मत हासिल हुए।

31- फर्रुखाबाद : भाजपा समर्थित मोनिका 18 मत पाकर हासिल कर अध्यक्ष बनीं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी मोनिका यादव ने 30 में से 18 मत पाकर अपना कब्जा जमाया। सपा प्रत्याशी सुबोध यादव को केवल 12 मत हासिल हुए। यहां पर मतगणना के बाद जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मोनिका को 18 व सुबोध को 12 वोट मिलने की घोषणा की। उनकी जीत की घोषणा होते ही समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। मोनिका यादव सपा सरकार में मंत्री रह चुके नरेंद्र सिंह यादव की पुत्री हैं। इनको भाजपा विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने प्रत्याशी बनवाया था।

31- महराजगंज: भाजपा के रविकांत पटेल ने महराजगंज में सपा प्रत्याशी दुर्गा यादव को नौ मतों से हराया। पटेल को 38 वोट मिले।

32- कुशीनगर : कुशीनगर में भाजपा की सावित्री जायसवाल ने 46 मत लेकर सपा प्रत्याशी रीता यादव को 31 वोट से हराया। रीता को 15 वोट मिले।

33- देवरिया: भाजपा प्रत्याशी गिरीश तिवारी ने देवरिया में सपा प्रत्याशी शैलजा यादव को 31 मत से पराजित किया है। कुल 56 मतों में गिरीश को 42 और शैलजा को 11 मत मिले। तीन मत निरस्त हुए।

34- बस्ती: बस्ती जिले में भाजपा के संजय चौधरी 39 मत से जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुने गए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के वीरेंद्र चौधरी को महज चार मत मिले।

35- मथुरा: भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा किया। भाजपा प्रत्याशी किशन सिंह 22 वोट पाकर विजयी हुए। यहां रालोद प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सिकरवार को 11 मत मिले। कुल 33 सदस्य थे।

36- कासगंज: कासगंज में भाजपा की रत्नेश कश्यप जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हो गई हैं। उनको 14 वोट मिले हैं। सपा के प्रत्याशी समर्थ यादव को आठ मत पर संतोष करना पड़ा है। डीएम सीपी सिंह ने रत्नेश कश्यप की जीत की घोषणा की।

37- फीरोजाबाद: सुहाग नगरी फीरोजाबाद में भाजपा की हर्षिता सिंह ने जीत दर्ज की है। उन्होंने समाजवादी पार्टी की यादव को हराया है। भाजपा की हर्षिता छह वोट से जीती हैं। उनको 18 और रुचि यादव को 12 वोट मिले। यहां पर तीन वोट को निरस्त किया गया।

38- सुल्तानपुर: सुल्तानपुर से भाजपा ने जीत दर्ज की। भाजपा की ऊषा सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष बनी है। भाजपा प्रत्याशी उषा सिंह को 25 और निर्दलीय अर्चना को 17 वोट मिले। सपा प्रत्याशी को दो वोट मिले तो दो अमान्य हो गए।

39- प्रयागराज: संगमनगरी प्रयागराज में भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा बरकरार रखा है। भाजपा के डॉ. वीके सिंह 51 वोट पाकर जीते हैं। सपा की मालती यादव को 33 वोट मिले। चुनाव अधिकारी व जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने परिणाम की घोषणा कर दी है। उन्होंने डॉ वीके सिंह को जीत का प्रमाण पत्र दिया गया।

40- कौशाम्बी : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद यादव के गृह जनपद कौशाम्बी में भी भाजपा ने परचम लहराया है। यहां पर भाजपा व सपा के बीच कांटे का मुकाबला था। भाजपा की कल्पना सोनकर ने जीत दर्ज की है। यहां कुल 26 जिला पंचायत सदस्य हैं। 25 लोगों ने मतदान किया जबकि एक सदस्य के खिलाफ गंभीर धारा में केस दर्ज होने के कारण उसको मतदान से वंचित किया गया। एक मत अवैध घोषित हुआ। भाजपा प्रत्याशी कल्पना सोनकर को 13 व सपा प्रत्याशी बिजमा को 11 मत मिले। यहां पर भी मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाकर सपा के कुछ नेताओं ने हंगामा किया।

41- फतेहपुर : भाजपा ने फतेहपुर में अपनी सीट बरकरार रखी है। राजनीतिक चक्रव्यूह ऐसा रहा है कि 46 सदस्यों वालों जिला पंचायत में भाजपा समॢथत प्रत्याशी अभय प्रताप सिंह के पक्ष में 41 और समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी संगीताराज पासी के पक्ष में सिर्फ पांच मत रहे।

42- जालौन : जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी घनश्याम अनुरागी ने 12 मतों से जीत हासिल की है। सपा समॢथत कांग्रेस की प्रत्याशी उॢमला सोनकर को महज छह वोट मिले। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह जालौन के ही हैं, लिहाजा इस सीट पर सभी की निगाह थी। 25 जिला पंचायत सदस्यों में से 24 ने वोट डाले। भाजपा के उम्मीदवार घनश्याम अनुरागी को कुल 18 मत मिले, जबकि उॢमला सोनकर सिर्फ छह वोट मिले।

43- भदोही: कारपेट नगरी भदोही में जिला पंचायत चुनाव में 25 में से 20 मत अनिरुद्ध त्रिपाठी को मिले। उप विजेता अमित सिंह को चार वोय मिले जबकि एक मत अवैध घोषित किया गया। निर्दल अनिरुद्ध त्रिपाठी विजयी घोषित।

44- सोनभद्र : अपना दल(एस) व भाजपा की संयुक्त प्रत्याशी राधिका पटेल ने शानदार जीत दर्ज की। राधिका ने समाजवादी पार्टी के जयप्रकाश पांडेय को सात मत से हराया। जयप्रकाश को 12 मत मिले थे।

45- एटा: समाजवादी पार्टी ने एटा जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। यहां के चुनाव में सपा की रेखा यादव की जीत हुइ। रेखा को 24 और भाजपा की विनीता यादव को चार वोट मिले, जबकि दो वोट निरस्त हो गए। रेखा यादव पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव की पत्नी हैं।

46- संतकबीर नगर: संतकबीर नगर में थोड़ी -बहुत खींचतान रही। यहां सपा के बलराम यादव ने भाजपा के कृष्ण कुमार चौरसिया को छह मतों से हराया। बलराम को 18 और कृष्ण को 12 मत मिले।

47- आजमगढ़ : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में उनकी नाक बच गई। यहां पर पूर्व मंत्री व सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव के पुत्र पूर्व ब्लाक प्रमुख विजय यादव ने 84 में से 79 मत पाकर जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा के संजय निषाद को मात्र पांच मत मिले।

48- बलिया : बसपा के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने वाले पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी के बेटे ने बलिया से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में जीत दर्ज की। आनंद चौधरी ने 33 पाकर दो मंत्रियों वाले जिले में भाजपा प्रत्याशी को हराया। भाजपा प्रत्याशी सुप्रिया चौधरी को 24 वोट ही मिले।

49- बागपत :- भाजपा में जाने के बाद फिर राष्ट्रीय लोकदल में वापसी करने वाली ममता किशोर ने बागपत में भाजपा की प्रत्याशी को सात वोट से हरा दिया। ममता किशोर को 12 और भाजपा की बबली देवी को सात वोट मिले। यहां एक वोट निरस्त हो गया। नामांकन वापसी के घमासान के बाद यह सीट सबसे अधिक संवेदनशील मानी जा रही थी।

50- प्रतापगढ़ :-  कुंडा से लगातार 25 वर्ष से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह ने प्रतापगढ़ में अपना जलवा दिखा दिया। उनकी पार्टी जनसत्ता दल को कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष का समर्थन था। उनकी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक की प्रत्याशी माधुरी पटेल ने 40 मत पाकर जीत दर्ज की। जिला पंचायत अध्यक्ष की महिला आरक्षित सीट के लिए कुल 57 मत पडऩे थे, इसमें से 51 मत पड़े। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक प्रत्याशी माधुरी पटेल को 40 मत मिले। सपा प्रत्याशी अमरावती देवी को छह और भाजपा प्रत्याशी क्षमा सिंह को तीन मत मिले। इसके अलावा दो मत अवैध घोषित कर दिए गए।

53 जिलों में कुल 116 उम्मीदवार-

जिला पंचायत अध्यक्ष की 53 जिलों में कुल 116 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 46 जिलों में दो-दो उम्मीदवार होने के कारण इनके बीच सीधा मुकाबला था। इनमें भी अधिकांश में भाजपा व समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आमने-सामने थे। चार सीटों पर त्रिकोणीय चुनाव था जबकि तीन सीटें ऐसी थीं जिनमें चार-चार उम्मीदवार चुनाव मैदान डटे थे। चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी तथा समाजवादी पार्टी के बीच चल रही रस्साकशी अपने चरम पर पहुंची थी।

इन जिलों में चुनाव-

मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, हापुड़, बिजनौर, रामपुर, संभल, बरेली, बदायूं, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, मथुरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी, कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर नगर, कानपुर देहात, जालौन, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, अमेठी, बाराबंकी, सुलतानपुर, अंबेडकर नगर, अयोध्या, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर, भदोही, मीरजापुर व सोनभद्र।

18 जिलों में पहले ही एक-एक नामांकन-

राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि पीलीभीत, शाहजहांपुर, सहारनपुर व बहराइच के एक-एक प्रत्याशी द्वारा नाम वापस लेने से इन जिलों में एक- एक प्रत्याशी थे। इन चारों जिलों के अध्यक्ष निॢवरोध चुन लिए गए हैं। 18 जिलों में पहले ही एक-एक नामांकन हुआ था। ऐसे में नाम वापसी की समय सीमा बीतने के बाद सभी संबंधित जिलों के अध्यक्ष भी निॢवरोध निर्वाचित घोषित थे। इनमें मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, आगरा, इटावा, ललितपुर, झांसी, बांदा, चित्रकूट, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, गोरखपुर, मऊ व वाराणसी थे।

शुक्रवार, 2 जुलाई 2021

विधानसभा सत्र शुरू होते ही हो गया हंगामा, पूरा पढ़े बिना ही राज्यपाल ने बजट अभिभाषण को किया समाप्त

कोलकाता (ऊँ टाइम्स) बंगाल विधानसभा का बजट सत्र आज  शुक्रवार को पहले से अनुमान के मुताबिक भारी हंगामे के साथ शुरू हुआ। हंगामे के कारण राज्यपाल जगदीप धनखड़ अपना बजट अभिभाषण पूरा पढ़ भी नहीं पाए और मात्र चार मिनट में ही इसे समाप्त कर विधानसभा भवन से बाहर निकल गए। राज्यपाल ने दोपहर ठीक दो बजे जैसे ही अपना अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, भाजपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने आकर नारेबाजी शुरू कर दिया।  सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायकों द्वारा राज्यपाल के विरोध की आशंका को देखते हुए पहले से ही इसका अनुमान था। इसके कारण भाजपा विधायकों ने पहले ही नारेबाजी शुरू कर दी जिसके कारण पूरा पढ़े बिना राज्यपाल ने चार मिनट में ही अपना बजट अभिभाषण समाप्त कर दिया। दरअसल, धनखड़ ने पहले ही साफ कर दिया था कि जो सरकार ने लिखकर भेजा है, वो सदन में वह हुबहू नहीं बोलेंगे।  ऐसे में अभिभाषण को हूबहू ना पढ़ने की बात कर कर उन्होंने ममता सरकार पर निशाना साधने के संकेत दे दिए थे। हाल-फिलहाल में सरकार और राजभवन के बीच तल्खी और तेज हो चुकी है। ऐसे में पहले से ही आशंका थी कि तृणमूल कांग्रेस के विधायक उनका विरोध करेंगे। लेकिन उससे पहले भाजपा विधायकों ने ही राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा विधायकों ने सदन में भारत माता की जय के भी नारे लगाए। नारेबाजी के कारण राज्यपाल ने चार मिनट में भी जो वक्तव्य रखा वह किसी को सुनाई नहीं दी।  वहीं, भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि आज से विधानसभा सत्र शुरू हुआ है और राज्यपाल के अभिभाषण में पश्चिम बंगाल में चल रही हिंसा के बारे में उल्लेख नहीं था इसलिए हम लोगों ने विधानसभा में प्रदर्शन किया। उनके अभिभाषण में कोलकाता में हुए फर्जी वैक्सीनेशन के बारे में भी उल्लेख नहीं है। इधर, बिना पूरा पढ़ें बजट अभिभाषण समाप्त करने के बाद जब राज्यपाल विधानसभा भवन से बाहर निकले तो उनको छोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी भी बाहर आए। दोनों ने हाथ जोड़कर राज्यपाल का अभिवादन किया। इसके बाद 2:10 बजे गाड़ी में बैठ कर राज्यपाल विधानसभा भवन से बाहर निकल गए। दरअसल, इस सत्र की शुरुआत में ही ममता सरकार और राज्यपाल के बीच टकराव की आशंका तेज हो गई थी। इसकी झलक सत्र शुरू होते ही साफ़ देखी गई। गौरतलब है कि बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई में लगातार तीसरी बार सरकार बनने के बाद यह विधानसभा का पहला सत्र है।  नियमों के मुताबिक, विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है। इस अभिभाषण को राज्य सरकार तैयार करती है, और इसे राज्यपाल को पढ़ने के लिए दिया जाता है। आमतौर पर अभिभाषण में सरकार के कामकाज का बखान और आने वाली योजनाओं का खाका होता है। लेकिन राज्यपाल जगदीप धनखड़ कई मौकों पर ममता सरकार के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं। वहीं, विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में व्यापक पैमाने पर हुई हिंसा को लेकर वे लगातार मुखर हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच तल्खी और तेज हो चुकी है। बीते सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल धनखड़ को भ्रष्टाचारी तक कह दिया था और जैन हवाला केस से उनके जुड़े होने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में राज्यपाल ने सोमवार की शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुद पर लगाए गए सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। 

राज्यपाल धनखड़ ने कहा था कि उन पर राजनीति की भावना से प्रेरित होकर सारे आरोप लगाए जा रहे हैं। जाहिर है अभिभाषण को हूबहू ना पढ़ने की बात कहकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधने के संकेत दे दिया था ।


 

बुधवार, 30 जून 2021

बन्द कर दिया गया लक्ष्मीनगर बाजार एक सप्ताह के लिए, पूर्वी जिला प्रशासन का आदेश : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना से बचाव के नियमों की लापरवाही को लेकर राजधानी दिल्ली में पहली बार किसी बाजार पर गाज गिरी है। भीड़ को नियंत्रित न कर पाने और अन्य नियमों के उल्लंघन पर लक्ष्मी नगर बाजार को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। इस संबंध में पूर्वी जिला प्रशासन ने मंगलवार देर रात आदेश जारी कर दिया है। इसमें पांच जुलाई तक बाजार की सभी दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया है। प्रशासन की कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।  वहीं, गीता कालोनी में भी प्रशासन ने खाने-पीने की तीन दुकानों को सील कर दिया है। प्रशासन की सख्त हिदायत के बावजूद बाजार में लोग बिना मास्क और शारीरिक दूरी के नियम का पालन किए घूम रहे थे। अधिकारियों ने कई बार मार्केट एसोसिएशन व दुकानदारों के साथ बैठक की और नियमों का पालन करवाने की अपील की। इस बीच प्रशासन को इंटरनेट मीडिया पर बाजार में नियमों के उल्लंघन को लेकर कई शिकायतें मिलीं, जिसमें कहा गया कि अगर बाजार में भीड़ को नियंत्रित नहीं किया तो कोरोना फैल सकता है।  जिलाधिकारी सोनिका सिंह और एसडीएम राजेंद्र कुमार की टीम ने मंगलवार रात को बाजार का दौरा किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पूरे बाजार को बंद करवा दिया। कार्रवाई से प्रशासन ने संदेश दिया है कि जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा। वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी, कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक लोग नियमों का उल्लंघन करने वाली अपनी आदत को सुधार नहीं लेते

सोमवार, 28 जून 2021

हाईकोर्ट उत्तराखण्ड ने चारधाम यात्रा शुरू करने के कैबिनेट के निर्णय पर लगाई रोक : OmTimes

नई दिल्ली / उत्तराखण्ड (ऊँ टाइम्स)  हाईकोर्ट उत्तराखण्ड  ने पहली जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू करने के उत्तराखंड कैबिनेट के निर्णय पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने चारधाम में पूजा अर्चना का लाइव टेलीकास्ट करने के निर्देश सरकार के दिए हैं। आज सोमवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली, सच्चिदानंद डबराल , अनू पंत की कोविड काल में स्वास्थ्य अव्यवस्था तथा चारधाम यात्रा तैयारियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव ओमप्रकाश व अन्य अधिकारी कोर्ट में वर्चुअली पेश हुए। सरकार की ओर चारधाम यात्रा को लेकर जारी एसओपी को शपथ पत्र के साथ पेश किया। कोर्ट ने एसओपी को हरिद्वार महाकुंभ की एसओपी की नकल करार देते हुए अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एसओपी में हरिद्वार जिले में पुलिस तैनाती का ज़िक्र किया है, इससे साफ है सरकार यात्रा तैयारियों को लेकर कितनी गंभीर है। सरकार की ओर से पुजारियों व पुरोहितों के विरोध का ज़िक्र किया तो कोर्ट ने कहा कि हमें धार्मिक भावनाओं का पूरा ख्याल है।  लाइव टेलीकास्ट को शास्त्र सम्मत नहीं होने बताने पर कोर्ट ने कहा कि जब धार्मिक ग्रंथ लिखे गए तब तकनीक नहीं थी। जगन्नाथ यात्रा तक का लाइव प्रसारण होता है। पुजारियों व पुरोहितों के हित के बजाय डेल्टा प्लस से हजारों लोगों की जिंदगी बचाना अधिक महत्वपूर्ण है। सरकार को व्यापक हित देखना चाहिए। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी व अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने बताया कि कोर्ट ने 25 जुलाई की चारधाम यात्रा शुरू करने के निर्णय पर रोक लगा दी

शनिवार, 26 जून 2021

सिद्धार्थनगर में भाजपा से जिलापंचायत अध्यक्ष पद के लिए श्री मती शीतल सिंह ने किया पर्चा दाखिला : OmTimes

सिद्धार्थनगर ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  इस जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से श्रीमती शीतल सिंह नें आज अपना नामांकन दाखिल किया । इस नामांकन के दौरान इसी जिले के निवासी स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह,बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी, सांसद जगदम्बिका पाल,विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह,विधायक श्यामधनी राही, विधायक चौधरी अमर सिंह आदि लोग रहे मौजूद रहे!

शुक्रवार, 25 जून 2021

चीन में एक मार्शल आर्ट स्कूल में लगी भीषण आग, जिसमें 18 से अधिक लोगों की हुई मौत, कई की हालात नाजुक

नई दिल्ली /बीजिंग (ऊँ टाइम्स)  प्राप्त समाचार के अनुसार मध्य चीन में शुक्रवार को एक मार्शल आर्ट स्कूल में भीषण आग लगने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए हैं। हेनान प्रांत के झेचेंग काउंटी में शुक्रवार तड़के आग लग गई। आग किस वजह से लगी यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। सरकारी सीजीटीएन-टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को झेचेंग काउंटी में एक मार्शल आर्ट सेंटर में आग लगने से कुल 18 लोगों की मौत हो गई और 16 घायल हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि आग को बुझा दिया गया है। 

भारतीय सीमा के पास स्थित तिब्बत में चीन ने शुरू किया पहली बुलेट ट्रेन

नई दिल्ली /बीजिंग (ऊँ टाइम्स)  प्राप्त समाचार के अनुसार रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिमालय के तिब्बत क्षेत्र में चीन अपनी पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन शुक्रवार से शुरू कर दिया। यह ट्रेन तिब्बत से प्रांतीय राजधानी ल्हासा और अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटे शहर न्यिंगची को भी जोड़ेगी। आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिचुआन-तिब्बत रेलवे के तहत 435.5 किमी के ल्हासा-न्यिंगची सेक्शन का उद्घाटन 1 जुलाई को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के शताब्दी वर्ष से पहले कर दिया गया है।  नवंबर में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि सिचुआन प्रांत और तिब्बत के न्यिंगची को जोड़ने वाले रेलवे प्रोजेक्ट में तेजी लाई जाए। यह रेलवे लाइन हमारे सीमा क्षेत्र में सुरक्षा में स्थिरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सिचुआन-तिब्बत रेल मार्ग सिचुआन की राजधानी चेंगदू से शुरू होगा और यान से गुजरते हुए तिब्बत में प्रवेश करेगा।  तिब्बत से होते हुए चमदो तक जाएगा। इससे चेंगदू से ल्हासा तक 48 घंटे का सफर 13 घंटे का ही रह जाएगा। न्यिंगची मेडोग प्रांत का शहर है और यह भारत के अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास है। चीन ने पहले अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताया था, जिसे भारत ने मजबूती से खारिज कर दिया था। यह रेलवे सेक्शन सैन्य परिवहन के लिहाज से चीन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। आप को बता दें कि न्यिंगची शहर अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है। चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश,  दक्षिण तिब्बत का हिस्सा है। उसके इस दावे को भारत दृढ़ता से खारिज करता है। भारत और चीन के बीच  3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर सीमा विवाद है। सिंघुआ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय रणनीति संस्थान में अनुसंधान विभाग के निदेशक कियान फेंग ने मीडिया को बताया कि यदि चीन-भारत सीमा पर संकट का परिदृश्य होता है, तो रेलवे चीन की रणनीतिक सामग्री की डिलीवरी के लिए एक बड़ी सुविधा प्रदान करेगा

बुधवार, 23 जून 2021

पीएम मोदी के आमंत्रण पर जम्मू कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक से पहले राज्य में 48 घंटे का अलर्ट, इंटरनेट सेवा हुआ सस्पेंड

 नई दिल्ली (रामदेव द्विवेदी,  ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर गुरुवार को यहां जम्मू कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक का आयोजन होगा। जम्मू कश्मीर के गुपकार गठबंधन में शामिल सभी दलों एवं कांग्रेस ने इसमें शामिल होने की स्वीकृति दे दी है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि बैठक के न्योते के साथ इसका एजेंडा भी साथ में होता तो बेहतर होता। उधर, आतंकियों की हरकतों को देखते हुए सुरक्षा बलों के लिए जम्मू कश्मीर मे 48 घंटे का हाई अलर्ट का एलान किया गया है। 24 को इंटरनेट सेवा को सस्पेंड किया जा सकता है। 

पीपुल्स एलायंस फार गुपकार डिक्लेरेशन के घटक नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी सरीखे संगठन पांच अगस्त 2019 से पहले की संवैधानिक स्थिति की बहाली और देश की विभिन्न जेलों में बंद कश्मीरी बंदियों की तत्काल रिहाई का मुद्दा उठाएंगे। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने तो एक कदम और आगे बढ़ते हुए केंद्र से पाकिस्तान के साथ भी वार्ता की प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर डाली। इस एजेंडे के अलावा नेकां, पीडीपी, माकपा अपने दल की नीतियों के मुताबिक भी पक्ष रखेंगे, क्योंकि सभी को अलग-अलग न्योता मिला है। ऐसा इसलिए कि गतिरोध बने रहने की स्थिति में ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ सकें और अगर बात बनती है तो श्रेय ले सकें। 

पीएजीडी नेताओं का कहना है कि अगर बैठक में बात कश्मीर के लोगों के हित में होगी तो मानी जाएगी, वरना हम सीधे इन्कार कर देंगे। वहीं, जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के चेयरमैन सैयद अल्ताफ बुखारी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निवास पर 24 जून को होने वाली बैठक में शामिल होंगे। 

सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष रविंदर रैना और पार्टी नेता तथा पूर्व डिप्टी सीएम कविंदर गुप्ता जम्मू से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं । जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए अपने आवास से दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं। 

कांग्रेस भी प्रधानमंत्री के साथ बैठक में भाग लेने को तैयार हो गई है। यह फैसला पार्टी हाईकमान ने दिल्ली में लिया है। दिल्ली में हुई बैठक की अध्यक्षता सोनिया गांधी ने की, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे। जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक माहौल बनाने और विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निवास पर होने वाली बैठक के लिए प्रदेश के मुख्यधारा के सभी दलों को न्योता दिया गया है। इसमें पीएजीडी को नहीं बुलाया गया है, लेकिन नेकां, पीडीपी और माकपा तीनों ही इसके प्रमुख घटक हैं।


मंगलवार को डा. फारूक अब्दुल्ला के निवास पर लगभग एक घंटे तक जारी रही इस बैठक में महबूबा के अलावा उमर अब्दुल्ला, अवामी नेशनल कांफ्रेंस के मुजफ्फर अहमद शाह, पीपुल्स मूवमेंट के जावेद मुस्तफा मीर और माकपा के मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने भाग लिया और अपनी-अपनी राय रखी। 

 बैठक के बाद डा. फारूक ने कहा कि हम कभी भी बातचीत के खिलाफ नहीं रहे। दिल्ली ने बातचीत का कोई एजेंडा नहीं बताया है, इसलिए हर मुद्दे पर बात होगी। कश्मीर मुद्दे पर हमारा स्टैंड सभी को पता है, पीएजीडी का एजेंडा सभी को पता है, उस पर कोई समझौता नहीं होगा। इसके अलावा हम सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई और देश की विभिन्न हिस्सों में जेलों में बंद सभी कश्मीरी कैदियों को वापस जम्मू-कश्मीर की जेलों में स्थानांतरित करने पर जोर देंगे।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि संविधान ने जो अधिकार हमें दिया है, वह हमसे छीना गया है, उसे लौटाया जाए। इसके अलावा भी जम्मू-कश्मीर में एक मसला है, इसमें पाकिस्तान की भी एक भूमिका है। अगर सरकार दोहा में तालिबान से बातचीत कर सकती है तो फिर उसे यहां जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों, आतंकी संगठनों और पाकिस्तान से बातचीत करने में हिचक क्यों है। कश्मीर में अमन लाना है तो पाकिस्तान के साथ भी बातचीत करनी चाहिए। महबूबा ने कहा कि मैं चाहती थी कि डा. फारूक ही हम सबका प्रतिनिधित्व करें, लेकिन डा. साहब ने कहा कि यह न्योता हम सभी को अलग-अलग मिला है, इसलिए हम सभी को जाना चाहिए। अगर नहीं जाएंगे तो हम पर वार्ता को नाकाम बनाने का आरोप लगेगा।  

पीएजीडी के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने कहा कि हम 24 जून की बैठक में वही मांगेंगे जो हमारा था और हमारा है, वह हमारे साथ ही रहना चाहिए। हम अनुच्छेद-370 और 35ए की बहाली की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि शब्बीर अहमद शाह सरीखे कई नेताओं का स्वास्थ्य बिगड़ चुका है। ऐसे सभी नेताओं को रिहा करना चाहिए।