बुधवार, 9 जून 2021

कलेक्ट्रेट गेट के सामने फटा सिलेंडर, उठा आग का गुब्बार : OmTimes

(रामदेव द्विवेदी) 

 सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स)  इस जिले के कलेक्ट्रेट गेट के सामने एनएच रोड के वगल कुछ माह पूर्व गैस सिलेंडर फटने से उठे आग के गुब्बारा का वीडियो रिकार्डिंग ऊँ टाइम्स को  प्राप्त हुआ है !  देखिए वीडियो रिकार्डिंग  ➡   

 यह घटना उक्त समय पर रोड पटरी के बगल स्थित नये नये चलते फिरते चाट/चाऊमिन की  रेड़ी में रखे गैस सिलेंडर के फटने से हुआ था ! धू धू करके वह चलती फिरती दूकान राख में तबदील हो गई ! यह घटना प्रशासन के किसी अभिलिलेख में अभी तक दर्ज नहीं है, क्योंकि आनन फानन में पुलिस वालों ने सभी जले सामानों को मकान के पीछे फेकवा दिया था!

गोलबन्द होकर धावा बोलकर एक ब्यक्ति पर किया हमला, महिलाओं का कपड़ा तक फटा ..?, मामला पहुंचा थाने

(रामदेव द्विवेदी )
 सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स)  प्राप्त समाचार के अनुसार इस जिले के थाना चिल्हिया अन्तर्गत स्थित वर्डपुर नम्बर 12,  टोला बनकटवा उर्फ अम्मरपुर में बीती रात दिनांक  8 जून  2021 को अहमद हुसेन के घर पर कई लोगों ने धावा बोल कर घर में घुसकर  महिला को मारा पीटा, अश्लील हरकत किया,  साथ ही अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने आदि की धमकी दिया गया!               देखिए इस घटना का वीडियो रिकार्डिंग ➡ 

 इस घटना की सूचना पीड़ित द्वारा स्थानीय थाना चिल्हिया को दिया जा चुका है!  समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने एफआईआऱ नहीं दर्ज किया है, लेकिन आश्वासन दिया गया है कि मेडिकल के पश्चात मुकद्दमा पंजीकृत कर लिया जाएगा!  इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है!                                     

सोमवार, 7 जून 2021

शोहरतगढ नगर पंचायत कार्यालय में कार्यरत जग्दम्बिका प्रसाद त्रिपाठी की हार्ड अटैक से हुई मौत : OmTimes.

 

सिद्धार्थनगर (अभिषेक द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  इस जिले के तहसील शोहरतगढ अन्तर्गत स्थित नगर पंचायत शोहरतगढ में लिपिक पद पर कार्यरत जग्दम्बिका प्रसाद त्रिपाठी की आज दिनांक 07 जूूून 2021को हार्डअटैक से मौत हो गई! इस घटना से शोहरतगढ़ पूरे मार्केट में शोक की लहर दौड़ गई है!  आप को बता दें कि स्वर्गीय त्रिपाठी जन प्रिय और नेक दिल इंसान थे !

शुक्रवार, 4 जून 2021

आतंकियों ने सीआरपीएफ के गश्ती दल पर घात लगाकर किया हमला, कोई हताहत नहीं : OmTimes

श्रीनगर/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  बडगाम के करालपोरा इलाके में आज दिनांक 4 जून शुक्रवार को आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक गश्तीदल पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं जवानों की जवाबी कार्रवाई पर आतंकी वहां से भाग निकले। फिलहाल, जवानाें ने आतंकियाें के धरपकड़ के लिए एक तलाशी अभियान चलाया है। प्राप्त समाचार के अनुसार, आज सुबह सीआरपीएफ की 29वीं वाहिनी की डेल्टा कंपनी का एक दल बिलालाबाद, करालपोरा में नियमित गश्त पर था। जवान जब गांव के बाहरी छोर पर खेतों के पास पहुंचे ताे वहां छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। जवानों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया। इस पर आतंकी वहां से भाग निकले। जवानों ने पूरे इलाके को घेरते हुए तलाशी अभियान चलाया है।  सीआरपीएफ के प्रवक्ता अभिराम ने बताया कि करालपोरा में खेतों में छिपे आतंकियों ने सीआरपीएफ के गश्तीदल पर हमला किया था। इस हमले में किसी प्रकार का नुक्सान नहीं हुआ है। आतंकियों की धरपकड़ के लिए घेराबंदी कर तलाशी ली जा रही है। सीआरपीएफ के प्रवक्ता ने इसी इलाके में दूनीवारी के पास सीआरपीएफ के शिविर पर सुबह तथाकथित तौर पर शरारती तत्वों के पथराव और उस पर काबू पाने के लिए सीआरीएफ के जवानाें द्वारा हवा में चलाई गई गाेली की घटना की पुष्टि नहीं किया है।     ( ऊँ टाइम्स का समाचार  www.omtimes.in पर भी ) 

बुधवार, 2 जून 2021

केंद्र सरकार ने ममता बनर्जी के आरोपों को किया खारिज, बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव पर केन्द्र का एक्‍शन

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  केंद्र सरकार ने विगत दिवस पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय को तलब करने के अपने कदम का बचाव किया और सूत्रों के अनुसार अपने स्थानांतरण आदेश को संवैधानिक बताया है। मंगलवार को अलपन को गृह मंत्रालय से आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा। केंद्र सरकार के सूत्रों ने ऊँ टाइम्स को बताया, 'आदेश पूरी तरह से संवैधानिक है क्योंकि मुख्य सचिव एक आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपने संवैधानिक कर्तव्यों की उपेक्षा करना चुना, जिसके परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल सरकार का कोई भी अधिकारी प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक में शामिल नहीं हुआ।'

 आप को बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी को राज्य सरकार के अधिकारियों के लिए 15 मिनट इंतजार करना पड़ा। इसके बाद मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आए और तुरंत ही चले भी गए। इसके बाद मुख्य सचिव अलपन को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), नई दिल्ली को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया। लेकिन इसके एक दिन बाद ही उन्होंने मुख्य सचिव के रूप में अपने पद से सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में उनके मुख्य सलाहकार के रूप में शामिल हो गए।  केंद्र ने तब ममता पर बंद्योपाध्याय को अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचाने का आरोप लगाया था। सरकार की तरफ से कहा गया किमुख्य सचिव की सेवानिवृत्ति से पता चलता है कि ममता बनर्जी बैकफुट पर हैं। वह जानती हैं कि मामले के तथ्य मुख्य सचिव के खिलाफ हैं और उनपर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, क्योंकि वह एक आइएएस अधिकारी हैं। ममता यह सब जानती हैं और उनकी सेवानिवृत्ति उन्हें बचाने के लिए किया गया काम है।' 

सरकारी सूत्रों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों का भी खंडन किया कि उन्हें समय पर प्रधानमंत्री की बैठक के बारे में सूचित नहीं किया गया था। सूत्रों ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी को बैठक से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी, जैसा कि उन्होंने दावा किया था। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए पश्चिम मेदिनीपुर जिले में समीक्षा बैठक की थी। बैठक में ममता बनर्जी शामिल होने वाली थीं। हालांकि, वह 30 मिनट की देरी से पहुंची और उसे चक्रवात यास के प्रभाव से हुए नुकसान की रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद वह और राज्य के मुख्य सचिव बैठक से रवाना हो गए।.       ( ऊँ टाइम्स का समाचार  www.omtimes.in पर भी पढ सकते हैं) 

सोमवार, 31 मई 2021

1जून से यूपी के 61 जिलों को मिलेगा कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत, सिर्फ 14 जिलों में ही रहेगा लागू : OmTimes

 

लखनऊ (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस संक्रमण की सेकेंड स्ट्रेन का असर यूपी में अब धीरे धीरे कम होता जा रहा है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक जून से पहले 55  जिलों से कोरोना ​​​​​कर्फ्यू को हटाने का एलान किया था, जिसमें अब छह और जिलों को जोड़ा गया है। इन छह जिलों में भी एक्टिव केस 600 से कम हैं। मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार ने बताया कि प्रदेश के देवरिया, बागपत, बिजनौर, प्रयागराज, सोनभद्र व मुरादाबाद जिले में भी एक जून मंगलवार से कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत मिलेगी। सोमवार को जो आंकड़े आए हैं, उनके अनुसार इन छह जिलों में एक्टिव केस 600 से कम हैं। 600 से कम केस होने पर कल से अब 61 जिलों में कोराना ​​​​​कर्फ्यू से सशर्त रहेगी छूट। इसके साथ ही 600 से अधिक एक्टिव केस वाले लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य 14 जिलों में कोराना ​​​​​कर्फ्यू जारी ही रहेगा। कोरोना के कम होते संक्रमण दर के दृष्टिगत विगत दिवस 600 एक्टिव केस से कम संख्या वाले 55 जनपदों को कोरोना कर्फ्यू से छूट दी गई थी। ताजा स्थिति के अनुसार सोनभद्र, देवरिया बागपत, प्रयागराज, बिजनौर और मुरादाबाद जनपद में कुल एक्टिव केस की संख्या 600 से कम हो गई है। ऐसे में अब इन जिलों में भी सप्ताह में पांच दिन सुबह 07 बजे से सायं 07 बजे तक कोरोना कर्फ्यू से छूट दी जाएगी। साप्ताहिक व रात्रिकालीन बन्दी सहित अन्य सभी संबंधित नियम इन जिलों में लागू होंगे। वर्तमान में 61 जिलों में कोरोना कर्फ्यू से छूट दी गई है।. गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण कम होते ही सरकार ने प्रदेशवासियों को आंशिक कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत देने का फैसला किया है। इसके तहत एक जून से कंटेनमेंट जोन के बाहर दुकानें-बाजार खोलने की अनुमति दे दी गई है। यह राहत सप्ताह में पांच दिन सुबह सात से शाम सात बजे तक रहेगी। शनिवार-रविवार की साप्ताहिक बंदी और नाइट ​​​​​कर्फ्यू अभी चलता रहेगा। खास बात यह है कि जिन 14 जिलों में अभी कोरोना के सक्रिय केस 600 से अधिक हैं, वहां किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। शेष 61 जिलों में राहत मिलेगी।    उत्तर प्रदेश में संक्रमण की चेन तोडने के लिए सरकार ने पांच मई से आंशिक कोरोना ​​​​​कर्फ्यू लगा रखा था, जो कि स्थिति को देखते हुए कई चरण में आगे बढ़ाया गया। अब संक्रमण तेजी से कम हो रहा है। सरकार ने माना है कि काफी हद तक स्थिति संभल चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ रविवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में एक जून से आंशिक कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से राहत देने पर सहमति बनी। रविवार को मुख्य सचिव आरके तिवारी की ओर से राहत और प्रतिबंध के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि राहत केवल उन जिलों को मिलेगी, जहां कुल सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या 600 से कम है। 30 मई की स्थिति के अनुसार इस दायरे में कुल 55 जिले आ रहे थे। 31 मई को पांच और जिलों में स्थिति सुधर गई। यहां सप्ताह में पांच दिन सुबह सात से शाम सात बजे तक कोरोना ​​​​​कर्फ्यू से छूट दी जाएगी। इसके बाद शनिवार-रविवार की साप्ताहिक बंदी और हर शाम सात बजे से रात्रिकालीन बंदी लागू होगी। लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर, वाराणसी और गोरखपुर जैसे 600 से अधिक एक्टिव केस वाले कुल 14 जिलों में सख्ती और बढ़ाई जाएगी, ताकि यहां भी केस कम हो सकें। नए नियम एक जून की सुबह सात बजे से लागू होंगे।

एक जून से रहेगा यह लागू -

- दुकान और बाजार के साथ सुपर मार्केट को मास्क की अनिवार्यता, दो गज की दूरी और सैनिटाइजर की व्यवस्था के साथ खोलने की अनुमति।

- स्कूल, कालेज तथा शिक्षण संस्थान शिक्षण कार्य के लिए बंद रहेंगे। माध्यमिक व उच्च शिक्षण संस्थाओं, कोङ्क्षचग संस्थानों में आनलाइन पढ़ाई की अनुमति विभागीय आदेशों के अनुसार होगी। शिक्षकों व कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए विद्यालय आने-जाने की अनुमति होगी। इसके लिए विद्यालयों के प्रशासनिक कार्यालय खोले जा सकेंगे।

- शादी समारोह व अन्य आयोजनों में बंद और खुले स्थानों पर एक समय में अधिकतम 25 अतिथियों को मास्क की अनिवार्यता के साथ अनुमति।

- शव यात्रा में कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए अधिकतम 20 व्यक्ति शामिल हो सकेंगे।

- तीन पहिया वाहन, आटो रिक्शा, बैटरी चलित ई-रिक्शा में चालक सहित तीन व्यक्ति, जबकि चार पहिया वाहनों में केवल चार व्यक्तियों के बैठने की अनुमति होगी।

- अंडे, मांस व मछली की दुकानों को पर्याप्त साफ-सफाई के साथ बंद स्थान पर या ढंककर बेचने की अनुमति होगी। खुले में बिक्री पर रोक रहेगी।

- कृषि से संबंधित जैसे खाद, बीज, अन्य कृषि निवेश से संबंधित उत्पाद और कृषि संयंत्रों की दुकानें खुलेंगी।

- बैंकों, बीमा कंपनियों, भुगतान प्रणालियों और अन्य वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनियों की शाखाएं व कार्यालय खुलेंगे।

- रेस्टोरेंट से सिर्फ होम डिलीवरी की अनुमति होगी। इसके अलावा हाईवे व एक्सप्रेसवे के किनारे ढाबे, ठेले-खोमचे वालों को खोलने की अनुमति रहेगी।

- कोरोना प्रबंधन से जुड़े फ्रंटलाइन सरकारी विभागों में पूरी उपस्थिति रहेगी। शेष सरकारी कार्यालय अधिकतम 50 फीसद उपस्थिति के साथ खुलेंगे। जो 50 फीसद कर्मी रहेंगे, उन्हें रोटेशन से बुलाया जाएगा।

- निजी कंपनियों के कार्यालय भी कोविड प्रोटोकाल के साथ खुलेंगे। निजी कंपनियां वर्क फ्राम होम की व्यवस्था को प्रोत्साहित करेंगी।

- औद्योगिक संस्थान खुलेंगे। इन संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों को अपने पहचान पत्र या इकाई के प्रमाण-पत्र के आधार पर आने-जाने की अनुमति रहेगी।

- ट्रांसपोर्ट कंपनियों के कार्यालय, लाजिस्टिक कंपनियों के कार्यालय और वेयर हाऊस खुलेंगे।

- कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी स्थानों पर धर्मस्थलों में एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु नहीं जा सकेंगे।

- उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों को प्रदेश के अंदर चलाने की अनुमति इस शर्त के साथ होगी कि निर्धारित सीट क्षमता पर ही संचालन किया जाएगा। सवारी खड़ी करने की अनुमति नहीं होगी।

- साप्ताहिक बंदी में पूरे प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फाङ्क्षगग का अभियान चलाया जाएगा। दुकानों पर दुकानदार व स्टाफ को मास्क, दो गज की दूरी और सैनिटाइजर की व्यवस्था का पालन करना होगा। यही अनिवार्यता खरीददारों के लिए भी लागू होगी। उल्लंघन होने पर महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

यदि केस बढ़ा तो खत्म हो जाएगी राहत - अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि यदि किसी जिले में एक्टिव केस 600 से अधिक होते हैं तो स्वत: ही यहां आंशिक कोरोना ​​​​​कर्फ्यू लागू हो जाएगा। इसी तरह जिन 14 जिलों में अभी 600 से अधिक सक्रिय मरीज हैं, वहां स्थिति में और सुधार होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की प्रतिदिन कोरोना रिपोर्ट के आधार पर कोरोना ​​​​​कर्फ्यू में इस आदेश में अनुमन्य सभी छूट अपने आप लागू हो जाएंगी।

इन 14 जिलों में 600 से अधिक केस हैं एक्टिव -

 लखनऊ :  2450 - मेरठ :  2806 - सहारनपुर : 2223 - वाराणसी : 2111 - गाजियाबाद : 1760 - गोरखपुर : 1704 - मुजफ्फरनगर : 1634 - बरेली : 1599 - गौतमबुद्ध नगर : 1184 - बुलंदशहर : 1174 - झांसी : 962 - लखीमपुर खीरी : 770 - जौनपुर : 688 - गाजीपुर : 619।.               ( ऊँ टाइम्स का समाचार  www.omtimes.in  पर भी पढ सकते हैं) 

शनिवार, 29 मई 2021

एक जून से यूपी में कोरोना कर्फ्यू में मिलेगा आंशिक ढील, शर्तों के साथ खुलेंगी ये ये दूकाने : OmTimes

लखनऊ /सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस संक्रमण में सेकेंड स्ट्रेन के बढ़ते मामलों के कारण एक मई से प्रदेश में लागू कोरोना कर्फ्यू में एक जून से आंशिक ढील दी जाएगी। इस दौरान अधिक एक्टिव केस वाले जिलों में राहत नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश में सभी जगह 33 प्रतिशत उपस्थिति के साथ सरकारी तथा प्राइवेट कार्यालय भी खोले जाएंगे। प्रदेश में नाइट कर्फ्यू फिलहाल लागू रहेगा। इसमें रात आठ बजे से अगले दिन सुबह सात बजे तक तमाम पाबंदियां जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को टीम-9 के साथ समीक्षा बैठक में कोरोना कर्फ्यू पर प्रमुखता से चर्चा की और इस दौरान कोरोना कर्फ्यू में ढील देने पर सहमति बनी। प्रदेश में एक जून से उद्योग, दुकान तथा बाजारों को राहत दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में अधिक एक्टिव केस वाले जिलों में अभी राहत नहीं दी जाएगी, जबकि नाइट कर्फ्यू हर जिले में जारी रहेगा।

चरणबद्ध तरीके से खुलेगा यूपी में कोरोना कर्फ्यू -  कोरोना वायरस संक्रमण काल में प्रदेश में लागू कोरोना कर्फ्यू इस बार भी चरणबद्ध ढंग से खोला जाएगा। प्रदेश में अब 24 घंटे में दो हजार तक नए संक्रमित आने से इसका प्रभाव कुछ कम होने लगा है। रिकवरी रेट भी 97 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद अब सरकार जनता को राहत देने के मूड में है। प्रदेश में कोविड पॉजिटिविटी रेट 22 से घटकर एक प्रतिशत रह गई है। एक जून से राज्य में चरणवार कोरोना कर्फ्यू खोला जाएगा। सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक तमाम बंदिशों से पाबंदी हटाई जा रही है। इस दौरान वीकेंड और नाइट कर्फ्यू अभी भी जारी रहेगा।  यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार अचानक ही सब अनलॉक करने के मूड में नहीं है। कोरोना वायरस संक्रमण के सेकेंड स्ट्रेन के साथ ही ब्लैक फंगल इंफेक्शन को लेकर सरकार अभी भी काफी सतर्क है। इसी कारण अलग-अलग फेज में कई तरह की गतिविधियों में छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि कोरोना कफ्र्यू के कारण ही प्रदेश में संक्रमण को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है।

यूपी सरकार एक जून से इनको देगी छूट - सरकार कई जगह पर छूट तो दे रही है, लेकिन सभी जगह पर कोविड प्रोटोकॉॅल यानी मास्क व फिजिकल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन होगा। सरकार कपड़े की दुकान, वैवाहिक वस्तुओं की दुकान, निर्माण से जुड़ी सामग्री की दुकान, 50 प्रतिशत कर्मी क्षमता के साथ बड़ी दुकान या रेस्टोरेंट तथा 33 प्रतिशत कर्मियों के साथ सभी सरकारी तथा प्राइवेट कार्यालय को खोलने की छूट है।

इन इन पर अभी भी रहेगी रोक बरकरार-  कंटेनमेट जोन की सभी दुकान, शॉपिंग मॉल, फिल्म थिएटर, सैलून तथा सभी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक कार्यक्रम पर अभी रोक रहेगी।

शुक्रवार, 28 मई 2021

पीएम ने ओडिशा के CM नवीन पटनायक के साथ किया बैठक, तूफान से हुए नुकसान पर हुई चर्चा : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को चक्रवाती तूफान यास के प्रभाव की समीक्षा करने के लिए ओडिशा और पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। चक्रवाती तूफान यास ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जमकर कहर बरसाया है। पीएम मोदी चक्रवात यास से हुए नुकसान का जायजा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर पहुंचकर चक्रवात यास के प्रभाव पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ बैठक की। इसके बाद पीएम बालासोर, भद्रक और पुरबा मेदिनीपुर के प्रभावित इलाकों में हवाई सर्वेक्षण के लिए जाएंगे और बंगाल में समीक्षा बैठक करेंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पीएम मोदी के साथ समीक्षा बैठक में शामिल होंगी। वो कलाईकुंडा वायु सेना स्टेशन में पीएम मोदी से मुलाकात करेंगी और इस दौरान चक्रवात से हुए नुकसान से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने की संभावना है। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में चक्रवात यास के प्रभाव की समीक्षा के लिए एक बैठक की। अधिकारियों ने तैयारियों के विभिन्न पहलुओं, नुकसान के आकलन और संबंधित मामलों पर विस्तार से जानकारी साझा की। बैठक में बताया गया कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 46 टीमों के साथ एनडीआरएफ की लगभग 106 टीमों को तैनात किया गया। इन्होंने एक हजार से ज्यादा व्यक्तियों को बचाया और 2500 से अधिक पेड़ों और पोलों को हटाया, जो सड़कों पर गिरे और बाधित हुए थे।  सेना और तटरक्षक बल नाम के रक्षा बलों ने भी फंसे हुए लोगों को बचाया, जबकि नौसेना और वायु सेना अलर्ट पर थी। चक्रवाती तूफान 'यास' बुधवार को देश के पूर्वी तटों से टकराया था। यास के कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में तबाही मची है। तीनों ही राज्यों में 21 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि बंगाल में तकरीबन तीन लाख घरों को यास चक्रवात ने नुकसान पहुंचाया है। आपको बता दें कि बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान यास कमजोर होकर 'डीप डिप्रेशन' में बदल गया है और अगले 12 घंटों के दौरान इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि अगले 12 घंटों के दौरान चक्रवात के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। तूफान के चलते अगले 12 घंटों में ओडिशा के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी और उत्तर आंतरिक राज्य में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

गुरुवार, 27 मई 2021

सिद्धार्थनगर के जिला अस्पताल में वैक्सीन सेंटर का निरीक्षण किया मुख्यमंत्री ने , दिया कई निर्देश

सिद्धार्थनगर ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)   यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गुरुवार को सुबह 10.30 बजे के लगभग हेलीकाप्टर द्वारा सिद्धार्थनगर जिले के पुलिस लाइन पहुंचे। उसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित इंट्रीग्रेटेड कोविड-19 कंट्रोल कमांड सेंटर का निरीक्षण किया और कलेक्ट्रेट में जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कोविड प्रबंधन का समीक्षा किया, साथ ही इस जिले के जोगिया गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर निगरानी समिति के लोगों से मुलाकात किया, और उनको दिशा निर्देश दिया,साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया का भी निरीक्षण किया। 
सीएम ने जिला अस्पताल में वैक्सीन सेंटर का निरीक्षण किया, और वहां स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ की, उसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में निरीक्षण के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करके जरूरी निर्देश दिया। इस बैठक में सांसद जगदंबिका पाल, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ सतीश चंद्र द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी , विधायक श्यामधनी राही, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अमर सिंह चौधरी एवम भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद माधव आदि लोग मौजूद रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ बस्ती के लिए रवाना हो गये। (इस कार्यक्रम का वीडियो देखने के लिए इसे क्लिक करें  ➡ https://youtu.be/TG-yFYRCuoI/OmTimes )  
बैठक के दौरान सीएम ने कोरोना के प्रभावी नियंत्रण की बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के लिए उत्तर प्रदेश ने तैयारी पूरी कर ली है। अस्पतालों में पर्याप्त बेड, आक्सीजन के साथ बच्चों के लिए भी मेडिकल किट की व्यवस्था की गई है। 
सीएम योगी ने कहा कि लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। वैक्सीन को लेकर कोई भ्रम नहीं फैलना चाहिए। मंडल स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद वे जिला स्तरीय बैठक कर तैयारी की समीक्षा कर रहे हैं। लोगों का जीवन और आजीविका बचाना सरकार की प्राथमिकता है।

शनिवार, 22 मई 2021

कोरोना संक्रमण के इस काल में सांसदों, मंत्रियों व विधायकों ने मैदान छोड़ा; डटे हैं सीएम और पीएम : OmTimes

 

लखनऊ / सिद्धार्थनगर ( अविनाश द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  जनता जिनको अपनी बात आगे रखने और जनसेवा के लिए अपना जनप्रतिनिधि चुनती है, अगर वह लोग ही मुश्किल घड़ी में मैदान छोड़ दें तो जनता क्या सोंचेगी। देश के साथ प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की सेकेंड स्ट्रेन के दौरान लोगों ने इतनी परेशानी झेली, जिनकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। इस दौरान उनके परिवार के लोग भी बड़ी सीमित संख्या में साथ में थे, लेकिन उनके क्षेत्र के लोकप्रिय माननीय नदारद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ भले ही इस संकट की घड़ी में लोगों के साथ थे, लेकिन इनकी टीम के ज्यादातर सदस्य अंदर ग्राउंड हो गए।

 कोरोना वायरस की सेकेंड स्ट्रेन में लोग मेडिकल ऑक्सीजन, कोविड बेड तथा दवाओं के लिए काफी परेशान रहे। इसके बाद भी उनको अपने लोकप्रिय सांसद तथा विधायकों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। कोरोना के सेकंड वेब में जब लोग कई जगह पर मेडिकल ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर और दवाइयों के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे थे, तब लोकप्रिय सांसद तथा विधायक गायब थे।

उत्तर प्रदेश देश को सर्वाधिक 80 देने वाला प्रदेश है, देश का पीएम भी उत्तर प्रदेश ही तय करता है, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण काल में 80 में से सिर्फ 18 सांसद ही एक्टिव रहे। पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से वाराणसी के लोगों से जुड़े रहे तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद मोर्चा संभाल लिया। कई जगह जैसे बलिया में तो सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के लापता होने के पोस्टर्स व बैनर भी लगे, लेकिन वीरेंद्र सिंह मस्त को अभी भी मस्त हैं। बलिया में झांकने तक नहीं पहुंचे हैं।

 कोरोना वायरस संक्रमण का कहर अब कम होता जा रहा है, लेकिन जनप्रतिनिधि बेहद सुरक्षा कवर में हैं। धरती पुत्र कहे जाने वाले मुलायम सिंह यादव तो मैनपुरी से दो वर्ष से अधिक समय से गायब हैं जबकि उनके पुत्र पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास भी अपने संसदीय क्षेत्र आजमगढ के लोगों का हालचाल लेने की फुर्सत नहीं है।

कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस की परंपरागत सीट रायबरेली से सांसद हैं। वह भी 16 महीने पहले रायबरेली आई थीं। इनमें सत्ता पक्ष के अधिक और विपक्ष के भी सांसद हैं। जिन सांसदों का घर उनके क्षेत्र में है, वो भी इस दौरान काफी कम निकले। कुछ सांसदों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अच्छा काम भी किया।

मिसाल हैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ : - कोरोना वायरस की सेकेंड स्ट्रेन की चपेट में आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में होम आइसोलेशन में थे। इसके बाद रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही सीएम योगी आदित्यनाथ फिर से बेहद एक्टिव हो गए। मई में अब तक सभी मंडलों का दौरा करने के साथ ही उन्होंने नौ जिलों में जाकर समीक्षा भी की है। लखनऊ में कोविड अस्पताल के साथ कोविड कंट्रोल रूम का अक्सर ही दौरा करने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ ने महामारी पर आंशिक अंकुश लगाने में सफलता प्राप्त की है।

लखनऊ में उनके कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक भी बेहद सक्रिय हैं, जबकि राज्य मंत्री स्वाति सिंह के क्षेत्र से गायब होने के पोस्टर्स लगे हैं। कोरोना वायरस से संक्रमण से उबरने के बाद ब्रजेश पाठक ने क्षेत्र के लोगों के लिए विधायक निधि की डेढ़ करोड़ की धनराशि से टेस्टिंग किट तथा अन्य उपयोगी सामान मंगवाया है। वह होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को दवा के पैकेट भेजने के साथ इन दिनों कम्युनिटी किचन चलवा रहे हैं। लखनऊ के मोहनलालगंज से भाजपा के सांसद कौशल किशोर भी अपने क्षेत्र में बेहद सक्रिय हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस के बड़े तथा स्थापित गढ़ रायबरेली से सांसद हैं। वह बीते वर्ष जनवरी के बाद से आज तक रायबरेली के लोगों का हालचाल लेने नहीं पहुंच सकी हैं। उनके क्षेत्र के लोग 16 महीने से लोकप्रिय सांसद का चेहरा देखने को तरस गए हैं। सांसद प्रतिनिधि केएल शर्मा ही उनका पूरा कामकाम देखते हैं। जननेता माने जाने वाले धरती पुत्र मुलायम सिंह तो लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद भी मैनपुरी नहीं गए हैं। मैनपुरी से सांसद और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव 19 अप्रैल 2019 को मैनपुरी में बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ अपना चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। मुलायम सिंह 25 महीने से मैनपुरी से गायब हैं। जनता परेशान भले ही है, लेकिन लोकप्रिय सांसद के लापता होने का पोस्टर नहीं लगा रही है।

वर्चुअल माध्यम से जुड़े पीएम मोदी:- पीएम नरेंद्र मोदी भले ही वाराणसी नहीं जा पा रहे हो, लेकिन वर्चुअल माध्यम से वह लोगों से जुड़े हैं। पीएम नरेंद्र मोदी 30 नवंबर 2020 को वाराणसी पहुंचे थे। इस बीच उन्होंने सात बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी के अफसरों, डॉक्टर्स, कोरोना वॉरियर्स, स्टूडेंट्स और आम लोगों से बातचीत की है। वाराणसी में पीएम मोदी का संसदीय कामकाज रिटायर्ड आइएएस अफसर एलएलसी एके शर्मा संभाल रहे हैं।

पांच सांसदों के पोस्टर्स लगे: - कोरोना संक्रमण काल में कोई भी सुविधा न मिलने से लोगों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। इन लोगों ने अपने-अपने लोकप्रिय सांसदों के गुमशुदा होने के पोस्टर्स जगह-जगह पर लगा दिए। बलिया, हाथरस, उन्नाव, कौशाम्बी, झांसी के साथ मथुरा में पोस्टर्स लगे। मायावती की बसपा के दो सांसद अमरोहा से कुंवर दानिश अली और बिजनौर से मलूक नागर भी क्षेत्र से गायब ही रहते हैं। इनके लापता होने के पोस्टर भी क्षेत्र में लग चुके हैं। बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर तो मायावती के जन्मदिन 15 जनवरी को ही नजर आए थे। उसके बाद से गायब हैं।

लापता के पोस्टर्स लगे तो हेमा मालिनी ने जारी किया वीडियो:-  भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मथुरा से लगातार दूसरी बार सांसद बनीं फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी कोरोना संक्रमण के दौर में अपने संसदीय क्षेत्र से गायब हैं। वह आखिरी बार यहां 25 मार्च को पहुंची थीं। तीन दिन रहने के बाद 28 मार्च को मथुरा से गईं, तब से वह वापस नहीं आई हैं। इसी महीने के पहले हफ्ते में उनके गायब होने का पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद 18 मई को उन्होंने मुंबई से एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने सबके साथ किसानों को वैक्सीनेशन और लॉकडाउन का पालन कराने की सलाह दी।

भाजपा के 16 तथा विपक्ष के तीन सांसद पॉजिटिव : - कोरोना संक्रमण काल में विपक्ष के साथ भाजपा के सांसद भी संक्रमित हुए हैं। इस दौरान भाजपा के 16 तथा विपक्ष के दो सांसद संक्रमित हुए। बरेली, जौनपुर, अम्बेडकरनगर, गोंडा, सुल्तानपुर, झांसी, बलिया, कौशांबी, बाराबंकी, डूमरियागंज, देवरिया, आजमगढ़, मुरादाबाद, कानपुर, बदायूं, मुजफ्फरनगर के सांसद कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इन सभी जगह पर भाजपा के के ही सांसद हैं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष आजमगढ़ से सांसद अखिलेश यादव, मुरादाबाद के समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन, बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर भी संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से कुछ ठीक होकर क्षेत्र में लोगों के बीच भी पहुंचे। जबकि कुछ कोरोना की डर से घर से अब तो नहीं निकल रहे हैं। माना जा रहा है कि अब यह सब चुनाव के प्रचार के दौरान ही सक्रिय होंगे।  

शुक्रवार, 14 मई 2021

जिला जेल चित्रकूट में गैंगवार, दो की हत्या , पुलिस ने एक का किया एनकाउंटर : OM TIMES


उत्तर प्रदेश  ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश के जिला जेल चित्रकूट में आज शुक्रवार को गैंगवार हो गया। इस गैंगवार में कैदियों के दो गुट आपस में भिड़ गए। वर्चस्व की इस भिड़ंत में दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग भी हुई है। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है।  दर्जनों राउंड गोलियां चलीं, जिसमें अंशु दीक्षित नामक बंदी ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला को मार डाला। मुकीम काला पश्चिम उत्तर प्रदेश का बड़ा बदमाश था। इसके बाद भारी पुलिस बल ने जेल के अंदर ही अंशुल दीक्षित का एनकाउंटर कर दिया। वह भी पुलिस एनकांउटर में मारा गया।  उत्तर प्रदेश के बागपत जिला जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद यह दूसरा बड़ा मामला है। हाल में सुल्तानपुर जेल से चित्रकूट जेल में शिफ्ट होने वाले पूर्वांचल के बड़े गैंगस्टर अंशु दीक्षित ने झड़प के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े बदमाशों मुकीम काला और मेराजुद्दीन पर फायरिंग की। इस फायरिंग में चित्रकूट जेल में बंद मेराजुद्दीन और मुकीम काला की मौके पर ही मौत हो गई। जेल में फायरिंग की सूचना पर भारी पुलिस ने जेल को छावनी बना दिया और पुलिस पर फायरिंग करने के प्रयास में अंशुल दीक्षित मुठभेड़ में मारा गया। सुल्तानपुर जेल में बंद अंशु दीक्षित तो सीतापुर का निवासी था। मुकीम के साथ मारा गया मेराज अली जेतपुरा वाराणसी का ही निवासी था। मुकीम काला को पश्चिमी उत्तर में आतंक का पर्याय माना जाता है। इसे कैराना पलायन प्रकरण का मुख्य सूत्रधार भी माना जाता है। वह वसीम काला का भाई है, जिसे एसटीएफ ने तीन वर्ष पहले मुठभेड़ में मारा था।   डीजी जेल के कार्यालय के अनुसार जिला जेल चित्रकूट की उच्च सुरक्षा बैरक में निरुद्ध अंशु दीक्षित पुत्र जगदीश जो जिला जेल सुल्तानपुर से प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित होकर चित्रकूट में निरूद्ध है ने आज सुबह लगभग दस बजे सहारनपुर से प्रशासनिक आधार पर आए बंदी मुकीम काला तथा बनारस जिला जेल से प्रशासनिक आधार पर आए मेराज अली को असलहे से मार दिया तथा पांच अन्य बंदियों को अपने कब्जे में कर लिया। इसके बाद उन्हेंं जान से मारने की धमकी देने लगा। उसके पास असलहा था ऐसे में जिला प्रशासन को सूचना दी गई चित्रकूट के डीएम और एसपी ने पहुंचकर बंदी को नियंत्रित करने का बहुत प्रयास किया गया किंतु वह पांच अन्य बंदियों को भी मार देने की धमकी देता रहा।  इसके बाद तो उसकी आक्रामकता तथा जिद को देखते हुए पुलिस ने कोई विकल्प ना देखते हुए फायरिंग की, जिसमें अंशु दीक्षित भी मारा गया। चित्रकूट जिला जेल में इस प्रकार कुल तीन बंदी मारे गए हैं। मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली 20 मार्च 2021 को जिला जेल बनारस से प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करके चित्रकूट जेल लाया गया था। दूसरा मृत बंदी मुकीम काला सात मई 2021 को जिला जेल सहारनपुर से प्रशासनिक आधार पर  चित्रकूट जेल लाया गया था। अंशु दीक्षित ने शुक्रवार को जिस असलहे से पुलिस के साथ मुकीम काला व मेराज अली पर फायरिंग की थी, उसकी जिला कारागार में तलाशी कराई जा रही है। जिलाधिकारी तथा एसपी मौके पर मौजूद हैं। यह सभी अधिकारी घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। फिलहाल कारागार में शांति है तथा स्थिति नियंत्रण में है। 

अंशु दीक्षित के साथ भिड़ंत में मारा गया मेराजुद्दीन बांदा जेल में बंद बसपा के विधायक बाहुबली मुख्तार अंसारी का करीबी था। बागपत जिला जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद मेराजुद्दीन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्तार का काम देखता था। इसमें मुकीम काला भी उसकी मदद करता था। मुकीम काला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का इनामी गैंगस्टर था। बागपत जिला जेल में सुनील राठी ने नाइन एमएम की पिस्टल से मुन्ना बजरंगी की हत्या की थी। मुन्ना बजरंगी भी पेशी पर उन दिनों बागपत गया था जबकि सुनील राठी को उत्तराखंड की जेल से बागपत जेल में शिफ्ट किया था। राठी इन दिनों फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। 

इन बदमाशों का संक्षिप्त इतिहास     अंशु दीक्षित:-  पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी का खास व शार्प शूटर था। सीतापुर का रहने वाला था। उसने 27 अक्टूबर 2014 को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश एसटीएफ पर भी गोलियं चलाई थीं। इसके बाद दिसम्बर 2014 में इसे पकड़ा गया था। 

अंशु ने लखनऊ में कई साल पहले लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व महामंत्री विनोद त्रिपाठी की नेहरू इन्क्लेव में हत्या कर दी थी, उसके बाद लख़नऊ में तत्कालीन सीएमओ विनोद आर्या की हत्या में भी उसका नाम आया। वह सुल्तानपुर जेल में बंद था, लेकिन चित्रकूट जेल में सुरक्षा व्यवस्था आधुनिक होने से करीब दो वर्ष पहले यहां भेजा गया था। अंशु दीक्षित आठ दिसंबर 2019 को यहां भेजा गया था। लखनऊ सीएमओ हत्याकांड में भी अंशु दीक्षित शामिल था। वह पूर्वांचल के माफियाओं का चहेता रहा है। 

मेराज अली:-  मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली वाराणसी का रहने वाला था। पहले मुन्ना बजरंगी का खास था, फिर मुख्तार अंसारी से जुड़ा। इसकी अंशु दीक्षित से तनातनी रहती थी।  

संभव है उसी खुन्नस में अंशु ने इसे मारा हो। माफिया मुख्तार अंसारी का करीबी मेराज अहमद खान 21 मार्च को बनारस जेल से शिफ्ट किया गया था। मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी के सहयोगी  मेराज खान पर फर्जी तरीके से पिस्टल के लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के आरोप में पांच सितंबर 2020 को जैतपुरा थाना प्रभारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था। तीन अक्टूबर 2020 को आरोपित मेराज ने जैतपुरा थाना क्षेत्र के सरैया चौकी में आत्म समर्पण किया था। इसके बाद से जिला कारागार बनारस में निरुद्ध था। मेराज अहमद को जिला कारागार  से चित्रकूट भेजा गया था। अशोक विहार कालोनी फेज-1 में भी उसका आवास है।

मुकीम काला:-  मुकीम काला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दुर्दांत अपराधी व एसटीएफ के हाथों में मुठभेड़ में मारे जा चुके वसीम काला का भाई था। इसका गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब व हरियाणा तक इसका वारदातें करता था। सहारनपुर में वर्ष 2015 में तनिष्क ज्वैलरी शोरूम में डकैती कांड को अंजाम दिया था। दोनों भाई पुलिस से नहीं डरते थे, यह तो एसटीएफ से सीधा मोर्चा खोल देते थे। इनके खिलाफ लूट, हत्या व मुठभेड़ के मुकदमे दर्ज हैं।

 कैराना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गांव जहानपुर निवासी दो लाख का इनामी रहा मुकीम काला शामली समेत बड़े इलाके में आतंक का पर्याय था। उसके खिलाफ प. उप्र, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली में हत्या, लूट व डकैती जैसी गंभीर धाराओं के 61 मुकदमे दर्ज थे। वह और उसका गिरोह रंगदारी वसूलने और हत्या करने में माहिर था !

पूर्व सांसद बाबू हुकुम सिंह काला की दहशत को कैराना पलायन के नाम से सामने लाए थे। इसके बाद ही उस पर खाकी का शिकंजा कसा गया। पहले वह सहारनपुर निवासी मुस्तफा कग्गा के गिरोह में था। कग्गा के एनकाउ़ंटर में मारे जाने के बाद उसने अपना गिरोह बनाया था। गिरोह के शातिर रंगदारी न देने पर व्यापारी की हत्या कर देते थे। इस गैंग ने कैराना निवासी दो भाइयों शिवकुमार व राजेंद्र की हत्या की थी। गिरोह के दुस्साहस का आलम यह था कि मुकीम व उसके साथियों ने सात साल पहले सहारनपुर में सीओ पर हमला कर उनके गनर की कारबाइन लूट ली थी।  उसके आतंक के चलते कैराना से व्यापारियों ने पलायन शुरू कर दिया था। 30 अप्रैल 2016 को 346 परिवारों की पलायन की सूची पूर्व सांसद हुकुम सिंह ने जारी की थी। इसके बाद से यह गिरोह खास चर्चा में आया था। इसी का दबाव रहा कि पुलिस ने मुकीम काला व उसके गिरोह पर नजरें तिरछी की थीं। उसका एक लाख का इनामी साथी साबिर जंधेडी पुलिस द्वारा मुठभेड़ में मारा गया था। इस दौरान कैराना कोतवाली में तैनात सिपाही अंकित भी शहीद हो गए थे। मुकीम काला को हरियाणा पुलिस ने भी गिरफ्तार किया था। उस समय उसके पास से  हथियारों का जखीरा बरामद हुआ था। काफी समय वह सहारनपुर जेल में बंद था।

गुरुवार, 13 मई 2021

कोरोना से ठीक होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पहुँचे पीजीआई

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार शाम करीब 8:20 बजे एसजीपीजीआई पहुंचे। यहां पर वह करीब एक घंटे तक रहे। इसके बाद लौट गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना वायरस को मात देने के बाद पहली बार एसजीपीजीआई पहुंचे थे। वह सीधे मुख्य परिसर में पहुंचे। यहां पर संस्थान प्रशासन ने उनकी अगुवाई की। मुख्यमंत्री योगी इसके बाद रेडियोलोजी ब्लॉक गए। आप को बता दें कि अभी 30 अप्रैल को कोरोना से मुक्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिर से सक्रिय हो गए हैं। वह अस्पतालों के साथ साथ अलग-अलग जिलों का भी दौरा कर रहे हैं।

रविवार, 9 मई 2021

यूपी , दिल्ली में एक हफ्ते के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन, इन राज्यों में कल से संपूर्ण लॉकडाउन, जानें- क्या-क्या रहेगा बंद : OM TIMES

नई दिल्ली  (अविनाश द्विवेदी,  विशेष संवददाता,  ऊँ टाइम्स)  कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए और भी कई राज्यों ने संपूर्ण लाकडाउन और सख्त पाबंदियां लगाने जैसे कदम उठाए हैं। तमिलनाडु, राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी ने 10 मई यानी सोमवार से संपूर्ण लाकडाउन का एलान किया है जो 24 मई तक लागू रहेगा। कर्नाटक में शुक्रवार शाम से और केरल में शनिवार सुबह से लाकडाउन प्रभावी हो गया है। वहीं दिल्ली और यूपी में लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है।

चेन्नई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक बयान जारी कर कहा कि संक्रमण को रोकने के लिए लाकडाउन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। शुक्रवार को जिलाधिकारियों के साथ कोरोना के हालात की समीक्षा करने और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर लाकडाउन लागू करने का फैसला किया गया। आवश्यक सामान और सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानें और निजी एवं सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। सरकारी शराब की दुकानें, बार, स्पा, जिम, ब्यूटी पार्लर, सैलून, सिनेमा हाल, क्लब, पार्क, बीच भी इस दौरान बंद रहेंगे।

 विपक्षी दल अन्नाद्रमुक और पीएमके ने संपूर्ण लाकडाउन का स्वागत किया है। इनका कहना है कि इससे कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने में मदद मिलेगी। परंतु, इन दोनों दलों की सहयोगी भाजपा ने लाकडाउन के फैसले को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया है। प्रदेश भाजपा का कहना कि इसमें दैनिक कामगारों और कमजोर वर्ग को मदद पहुंचाने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। लाकडाउन के दौरान टीकाकरण अभियान कैसे चलेगा इसको लेकर भी कुछ नहीं कहा गया है।

राजस्थान सरकार ने भी 10 से 24 मई तक के लिए राज्य में लाकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा। किराना, दूध, सब्जी, फल और अन्य आवश्यक सामान की दुकानें कुछ समय के लिए खोलने की छूट दी गई है।

कर्नाटक में शुक्रवार शाम और केरल में शनिवार सुबह से लाकडाउन प्रभावी हो गया है। केरल में 16 मई तक पाबंदियां जारी रहेंगी। इन दोनों ही राज्यों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बेंगलुरु तीन लाख से ज्यादा सक्रिय मामलों वाला देश का पहला महानगर बन गया है। गोवा में भी रविवार से 15 दिनों के लिए कफ्र्यू लगाया जा रहा है। इस दौरान शराब की दुकानों के साथ ही किराना और दूध-सब्जी की दुकानें सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक खुली रहेंगी।

यूपी में 17 मई तक बढ़ाया गया कोरोना कर्फ्यू - उत्तर प्रदेश में पूर्व से जारी कोरोना कर्फ्यू को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। अब सारी पाबंदियां 17 मई तक पूर्व की भांति जारी रहेंगी। इस अवधि में ईद का त्योहार भी है, हालांकि उस दिन में सारे प्रतिबंध लागू होंगे। कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार ने प्रदेश में पाबंदियों के साथ कर्फ्यू लगाने का फैसला किया था। पूर्व में कर्फ्यू को 10 मई तक बढ़ाया गया था, जिसे अब 7 दिन और बढ़ाया गया है। सीएम से बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सारे प्रतिबंधों को 17 मई की सुबह 7 बजे तक जारी रखा जाएगा। इस दौरान आवश्यक सेवाओं के लिए ही लोगों को मूवमेंट की इजाजत दी जाएगी। यूपी में 30 अप्रैल से ही कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है और लगातार सरकार इसकी मियाद को बढ़ा रही है।

दिल्ली में एक हफ्ते के लिए बढ़ा लॉकडाउन दिल्ली में एक बार फिर लॉकडाउन 7 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार इसकी घोषणा करते हुए कहा कि लॉकडाउन से दिल्ली में कोरोना के संक्रमण में कमी आई है। केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में व्यापारियों, महिलाओं और दूसरे लोगों से बात हुई सबने कहा कि केस कम हुए हैं लेकिन कड़ाई बरकरार रखने की जरूरत है। इस बार मेट्रो भी नहीं चलेगी। दिल्ली सीएम केजरीवाल ने कहा- '20 अप्रैल को मजबूरी में लॉकडाउन लगाना पड़ा था। 26 अप्रैल को पॉजिटिव रेट 35 प्रतिशत तक बढ़ गया था, उसके बाद से केस कम होना शुरू हुए, पिछले 2-3 दिनों में पॉजिटिविटी रेट घटकर 23 फीसदी पर आ गया है। आपने साथ दिया, लॉकडाउन के पीरियड में हेल्थ संसाधन को बेहतर किया।

हिमाचल में कल से चार जिलों में लॉकडाउन - हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चार जिलों में सोमवार से लाकडाउन लगाने का फैसला किया है। ये जिले हैं- कांगड़ा, ऊना, सोलन और सिरमौर। इसके अलावा सरकार दूसरे क्षेत्रों में कोरोना कफ्र्यू के तहत नए प्रतिबंध भी लागू करेगी।

पुणे में वीकेंड लाकडाउन को लेकर पुलिस सख्त - पुणे  में भी पुलिस ने वीकेंड लाकडाउन को लेकर सख्ती की है। पुलिस ने शहर में संपूर्ण वीकेंड लाकडाउन को लागू किया है। बिना वजह सड़क पर निकलने वालों से पुलिस सख्ती से पेश आ रही है। वीकेंड लाकडाउन में सिर्फ दवा की दुकानों को ही खोलने की अनुमति दी गी है।  

मेघालय-मणिपुर में भी सख्ती - पूर्वोत्तर के राज्य मेघालय और मणिपुर में भी सख्ती शुरू हो गई है। मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स और मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिलों भी शनिवार से 17 मई तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं, कोरोना जांच और टीकाकरण के लिए लोगों को घर से बाहर निकलने की छूट दी गई है।

बुधवार, 5 मई 2021

10 मई तक बढ़ाया गया यूपी में लॉकडाउन, अब चार दिन और रहेगा कोरोना कर्फ्यू : OMTIMES

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस  की स्थिति को देखते हुए यूपी की  सरकार लगातार सख्ती बढ़ा रही है। दो दिन की साप्ताहिक बंदी को तीन दिन करने के बाद अब फिर चार दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। पहले साप्ताहिक बंदी तीन मई और फिर छह मई तक थी। अब इसे बढ़ाकर सोमवार यानी 10 मई सुबह सात बजे तक के लिए कर दिया है। सरकार के फैसले के अनुसार लॉकडाउन को चार दिन और बढ़ा दिया गया है। इस दौरान पूर्ण रूप से बंदी रहेगी, लेकिन जरूरी चीजों की दुकानें व जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। www.omtimes.in 

कोरोना संक्रमण को बढ़ते देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार चिंता जता रहे हैं। कोविड का वर्तमान स्ट्रेन लगातार रूप बदल रहा है। यह पहली लहर की तुलना में 30 से 50 गुना अधिक संक्रामक है। बेकाबू कोरोना संक्रमण पर लगाम कसने के लिए सरकार अब धीरे-धीरे सख्ती बढ़ाती नजर आ रही है। दो दिन की साप्ताहिक बंदी को तीन दिन करने के बाद अब सरकार ने इसे 10 मई सुबह सात बजे तक के लिए कर दिया है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-9 के साथ हुई बैठक में कहा है कि कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार लगातार जरूरी कदम उठा रही है। प्रदेशव्यापी साप्ताहिक बंदी प्रभावी है। इसे और विस्तार दिया जा रहा है। अब प्रदेश में सोमवार सुबह सात बजे तक आंशिक कोरोना कर्फ्यू प्रभावी रहेगा। इस अवधि में आवश्यक और अनिवार्य सेवाएं जारी रहेंगी। दवा, सब्जी की दुकानें, औद्योगिक इकाइयां आदि चलती रहेंगी।

गांवों में घर-घर जा रही कोरोना जांच टीम :- ग्रामीण इलाकों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बुधवार से घर-घर जांच अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान नौ मई तक चलेगा। इस दौरान गांव के हर व्यक्ति के बारे में जानकारी ली जाएगी, जिन लोगों में कोरोना के लक्षण होंगे अथवा जो दूसरे प्रदेश से लौट कर आए हैं उनकी कोविड जांच की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। हर टीम को 1000 लोगों की जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम गांव में जाएगी। लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेगी। परिवार में किसी को बुखार होगा तो उसे मेडिकल किट उपलब्ध कराएगी।

गुरुवार, 29 अप्रैल 2021

यूपी में अब शुक्रवार रात से मंगलवार सुबह तक रहेगा बंदी, योगी जी ने बढ़ाया कोरोना कर्फ्यू : OMTIMES

लखनऊ  (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की लगातार बढ़ती गति देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर अंकुश लगाने के लिए कोरोना कर्फ्यू की समयावधि को बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश में अब शुक्रवार रात आठ बजे से मंगलवार सुबह सात बजे तक लगातार बंदी रहेगी। उत्तर प्रदेश में साप्ताहिक का विस्तार करने के साथ सरकार ने बंदिशों को भी बढ़ा दिया है। इस दौरान सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। बेवजह घूमने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।  प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुसार अब ही शुक्रवार रात ( 30 अप्रैल से लागू होगा) से मंगलवार सुबह सात बजे तक कर्फ्यू रहेगा। पहले सरकार ने शुक्रवार रात से सोमवार सुबह तक कोरोना कर्फ्यू लगाया था। उत्तर प्रदेश में अब तीन दिन लॉकडाउन रहेगा। सूबे में कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढ़ते मामले देख योगी आदित्यनाथ सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। वीकेंड लॉकडाउन को अब आगे तक बढ़ा दिया गया है।  टीचर्स को 20 मई तक वर्क फ्रॉम होम की अनुमति : उत्तर प्रदेश में कोविड-19 की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अब वर्तमान शैक्षिक सत्र के अंत (20 मई 2021) तक बेसिक शिक्षा परिषद के सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की शिक्षिकाओं को घर से कार्य करने की अनुमति दी गई है। बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि बेसिक शिक्षा मंत्री अब 20 मई तक शिक्षकों को वर्क फ्राम होम की अनुमति दी गई है। प्रदेश में प्रदेश में कक्षा आठ तक के सभी परिषदीय, मान्यता व सहायता प्राप्त विद्यालयों में 20 मई तक शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षा मित्र वर्क फ्राम होम रहकर पढ़ाएंगे। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि पहले यह अनुमति 30 अप्रैल तक थी, उसे बढ़ाया गया है। 

बुधवार, 28 अप्रैल 2021

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, महाराष्ट्र में 15 दिनों के लिए और बढ़ेगा लॉकडाउन : OMTIMES

मुंबई (ऊँ टाइम्स) करोना के प्रकोप के वजह से महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि राज्य में लॉकडाउन को 15 दिनों के लिए और बढ़ा दिया जाएगा। लॉकडाउन 30 अप्रैल तक है। गौरतलब है कि प्रदेश में सख्ती के बावजूद कई जिलों में कोरोना के नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस वजह से लॉकडाउन बढ़ाया जाएगा। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के मुताबिक, 30 अप्रैल तक लॉकडाउन है, मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने कहा है कि उसे बढ़ाना चाहिए। 15 दिनों तक तो जरूर बढ़ेगा। करीब छह महीने में अगर वैक्सीनेशन कार्यक्रम पूरा करना है तो दो करोड़ टीकाकरण हर महीने होना जरूरी है। राज्य में टीकाकरण करने लिए सिर्फ सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में करीब 13,000 संस्था उपलब्ध है। हमे जितनी वैक्सीन चाहिए नहीं मिल रही है। अगर वैक्सीन आयात भी करनी है तो मंत्रिमंडल ने करने का निर्णय लिया है। स्पुतनिक से भी मुख्यमंत्री चर्चा कर रहे हैं। ये चर्चा अगर अंतिम रूप लेती है तो हम महाराष्ट्र में तीन वैक्सीन लेकर टीकाकरण करने जा रहे हैं

मंगलवार, 27 अप्रैल 2021

अमेरिका की 40 शीर्ष कंपनियां भारत की मदद को आई सामने, जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने क्या कहा

वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत की मदद के लिए अमेरिका मिशन मोड में आ गया है। अमेरिकी प्रशासन की विभिन्न शाखाएं उन क्षेत्रों की पहचान में जुट गई हैं, जिनमें भारत को मदद की जरूरत है। इसके अलावा सभी प्रशासनिक बाधाओं को भी दूर किया जा रहा है। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि भारत को जितनी जल्दी संभव हो चिकित्सकीय मदद मुहैया करा दी जाए। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि भारत ने अमेरिका के लोगों की जरूरत के समय मदद की थी। अब अमेरिका कोरोना वायरस से लड़ने में भारत की सहायता करेगा और संसाधन उपलब्ध कराएगा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत के बाद बाइडन ने यह बात कही। समझा जाता है कि दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत 45 मिनट तक चली। इसके बाद बाइडन ने ट्वीट किया, भारत ने हमारी मदद की थी। अब हम भारत की मदद करेंगे। आप को बताते चलें कि भारत में कोरोना संकट के दौरान ढीला रवैया अपनाने के लिए बाइडन प्रशासन की विभिन्न हलकों में आलोचना हो रही थी। इसके बाद व्हाइट हाउस ने आक्सीजन, कोरोना वैक्सीन के लिए कच्चा माल, जीवन रक्षक दवाएं और पीपीई भारत भेजने का एलान किया। बाइडन प्रशासन ने यह भी कहा है कि इस मदद के बदले में अमेरिका भारत से राजनीतिक समर्थन नहीं चाहता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि भारत के साथ हमारी वैश्विक व्यापक रणनीतिक साझेदारी है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन भी स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी तरह के राजनीतिक समर्थन के लिए हम भारत की मदद नहीं कर रहे हैं। यह जरूरतमंद लोगों के लिए हमारी प्रतिबद्धता और अमेरिका का मानवीय नेतृत्व है। नेड प्राइस ने यह भी कहा कि बाइडन प्रशासन घातक कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम कर रहा है। संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति अमेरिका के लिए चिंता का विषय है। हम हमेशा भारत में अपने मित्रों और सहयोगियों के साथ हैं। सरकारी स्तर पर हमसे जो कुछ भी बन पड़ रहा है, हम लगातार कर रहे हैं। इसमें आक्सीजन और संबंधित वस्तुओं की मदद शामिल है। इसके अलावा दवा, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किट, वेंटिलेटर आदि की आपूर्ति भी की जा रही है।  भारत के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए अमेरिका की 40 शीर्ष कंपनियां सामने आई हैं। इसके तहत भारत की मदद करने के लिए संसाधन एकत्रित करने की खातिर एक वैश्विक कार्यबल का गठन किया जाएगा। डेलाइट के सीईओ पुनीत रंजन ने बताया कि अमेरिका के विभिन्न व्यापार संगठन मिलकर कुछ सप्ताह में 20,000 आक्सीजन कंसंट्रेटर भारत भेजेंगे। इसके अलावा ये कंपनियां प्रशासन के साथ मिलकर दवाएं, वैक्सीन, आक्सीजन और अन्य जीवन रक्षक उपकरण भी भेजेंगी। रंजन ने बताया कि बड़ी संख्या में अमेरिकी कंपनियां सप्ताहांत में सामने आई हैं। हमसे जो भी मदद बन पड़ेगी, उसे करने का हम सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं।  दवा निर्माता कंपनी गिलियड साइंसेज ने कहा है कि वह कोरोना की दूसरी लहर से प्रभावित भारत में रेमडेसिविर की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अपने सहयोगियों को तकनीकी मदद और दवा में प्रयुक्त होने वाली सामग्री उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा कंपनी भारत को 4,50,000 अतिरिक्त वायल मुहैया कराएगी। भारत में कोरोना के गंभीर लक्षण वाले मामलों में रेमडेसिविर का आपातकालीन इस्तेमाल किया जाता है।  दलगत राजनीति से ऊपर उठते हुए प्रभावशाली अमेरिकी सांसद खुलकर भारत के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने बाइडन प्रशासन से तत्काल हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। भारत को एक करीबी सहयोगी और महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए सांसद एडम सिफ ने कहा कि जब कोरोना महामारी के चलते अमेरिकी अस्पतालों की स्थिति चरमराने की हालत में आ गई थी तो भारत ने तुरंत मदद उपलब्ध कराई थी। मैं बाइडन प्रशासन का आभारी हूं कि उसने भारत की मदद करने का फैसला लिया है।  अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया ने भारत को आक्सीजन देने का फैसला किया है। भारत को आक्सीजन की खेप भेजने का विस्तृत विवरण जारी करते हुए कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने कहा कि इस बीमारी के खिलाफ हर व्यक्ति अच्छी चिकित्सा सुविधा का हकदार है। भारत के लोगों को अभी मदद की जरूरत है। हम उनकी जरूरतों को पूरा करेंगे

सोमवार, 26 अप्रैल 2021

इन जगहों पर 30 अप्रैल तक आंधी, भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) देश के निम्नलिखित हिस्‍सों में 30 अप्रैल तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत समेत देश के कई इलाकों में 26 से 30 अप्रैल नमी भरा मौसम रह सकता है। 26 अप्रैल से तेलंगाना, केरल और पुडुचेरी माहे समेत कई इलाकों में गरज चमक के साथ आंधी, पानी की आशंका है। यही नहीं इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।  मौसम विभाग की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक 27 अप्रैल को उत्तराखंड के कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। यही नहीं 30 अप्रैल को भी उत्तराखंड के विभिन्‍न इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। 29 और 30 अप्रैल को उत्तर पंजाब, उत्तर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के उत्‍तरी समीपवर्ती मैदानी इलाकों में हल्की बारिश संभव है। 29 और 30 अप्रैल को पश्चिम और उत्तरी राजस्थान में गरज चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।  मौसम विभाग के मुताबिक 28 और 30 अप्रैल के दौरान कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश या बर्फबारी देखी जा सकती है। यही नहीं 27 अप्रैल को असम, मेघालय, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तेलंगाना, केरल और माहे के कई इलाकों में गरज चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।  मौसम विभाग की मानें तो 28 अप्रैल को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तर केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 30 अप्रैल को उत्तराखंड, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना, केरल और माहे में गरज चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तर केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई है।  आईएमडी के मुताबिक 28 और 29 अप्रैल को उत्तरी केरल में भारी बारिश की संभावना है। 30 अप्रैल को असम और मेघालय के विभिन्‍न इलाकों में भी भारी बारिश की आशंका है। अगले दो दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में विभिन्‍न जगहों पर तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं दूसरी ओर गुजरात और तटीय ओडिशा में 30 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है। गंगीय पश्चिम बंगाल में हीट वेव की स्थिति बन रही है।

हाईकोर्ट ने कहा - वाट्सएप ग्रुप एडमिन किसी सदस्य के आपत्तिजनक पोस्ट के लिए जिम्मेदार नहीं : OMTIMES

मुंबई ( ऊँ टाइम्स) वाट्सएप ग्रुप चलाने वाले देश के लाखों ग्रुप एडमिन के लिए एक राहत भरी खबर है। अब उनके ग्रुप में किसी सदस्य की आपत्तिजनक पोस्ट के लिए उनको जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकेगा, और न ही उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकेगा। एक मामले की सुनवाई करते हुए मुंबई हाई कोर्ट ने यह व्यवस्था दी। बंबई हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा है कि वाट्सएप ग्रुप के एडमिन पर ग्रुप के दूसरे सदस्य द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट के लिए आपराधिक कार्रवाई नहीं हो सकती। इसके साथ ही कोर्ट ने 33 वर्षीय व्यक्ति के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले को खारिज कर दिया। कोर्ट का यह आदेश पिछले महीने आया था, लेकिन इसकी प्रति जल्द ही उपलब्ध हुई है । न्यायमूर्ति जेडए हक और न्यायमूर्ति एबी बोरकर की पीठ ने कहा कि वाट्सएप के एडमिन के पास केवल ग्रुप के सदस्यों को जोड़ने या हटाने का अधिकार होता है और ग्रुप में डाली गई किसी पोस्ट या विषयवस्तु को कंट्रोल करने या उसे रोकने की क्षमता नहीं होती है।  कोर्ट ने वाट्सएप के एक ग्रुप एडमिन किशोर तरोने (33) द्वारा दाखिल याचिका पर यह आदेश सुनाया। तरोने ने गोंदिया जिले में अपने खिलाफ 2016 में भारतीय दंड संहिता की धारा 354-ए (1) (4) (अश्लील टिप्पणी), 509 (महिला की गरिमा भंग करना), 107 (उकसाने) और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन) के तहत दर्ज मामलों को खारिज करने का अनुरोध किया था। अभियोजन के मुताबिक, तरोने अपने वाट्सएप ग्रुप के उस सदस्य के खिलाफ कदम उठाने में नाकाम रहे जिसने ग्रुप में एक महिला सदस्य के खिलाफ अश्लील और अमर्यादित टिप्पणी की थी।  पीठ ने अपने आदेश में कहा कि मामले का सार यह है कि क्या किसी वाट्सएप ग्रुप के एडमिन पर ग्रुप के किसी सदस्य द्वारा की गई आपत्तिजनक पोस्ट के लिए आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि एक बार ग्रुप बन जाने के बाद एडमिन केवल उसे हटा सकता है। आपत्तिजनक पोस्ट रोकने का अधिकार उसके पास नहीं होता, इसलिए ऐसी पोस्ट के लिए ग्रुप सदस्य ही जिम्मेदार होना चाहिए। 

यूपी सीएम का निर्देश, कोविड संक्रमित प्राइवेट कर्मचारी को भी 28 दिन का वेतन सहित अवकाश : OMTIMES

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  देश के साथ ही उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के दिन पर दिन बढ़ते संक्रमण से लोग सहमे सहमें लग रहे हैं। इन स्थितियों में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ी राहत दी है। सरकारी कर्मचारी के अलावा अब कोरोना वायरस से संक्रमित प्रदेश के किसी भी प्राइवेट संस्थान में काम करने वाले कर्मी का वेतन नहीं कटेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सोमवार को इसका आदेश जारी कर दिया है।  उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सोमवार को आदेश जारी किया गया है कि कोविड संक्रमित होने पर प्राइवेट कर्मचारियों को 28 दिन का वेतन सहित अवकाश मिलेगा। इसके लिए कर्मचारी को चिकित्सा प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। इस संबंध में सूबे के अपर मुख्य सचिव श्रम ने सभी ज़िलाधिकारियों, मंडलयुक्तों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि सरकार द्वारा बन्द कराये गये प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी मजदूरी सहित अवकाश देना अनिवार्य है। आदेश में यह भी कहा गया है कि दुकानें और कारखाने राज्य सरकार या जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों के चलते अस्थाई रूप से बंद हैं, उनके कर्मचारियों को भी को भी मजदूरी सहित अवकाश दिया जाएगा। इस दौरान लॉकडाउन में भी सरकार के बंद कराए गए सभी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी इस अवधि में मजदूरी सहित अवकाश देना अनिवार्य कर दिया है।  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के आदेश के मुताबिक कोविड संक्रमित होने पर सरकारी के साथ अब प्राइवेट कर्मचारियों को 28 दिनों की पेड लीव मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश जार कर दिया है। अगर महीने भर का लॉकडाउन होता है तो कर्मचारी को सैलरी के साथ 28 दिन की छुट्टी भी मिलेगी।  उत्तर प्रदेश यूपी सरकार ने प्राइवेट कर्मचारियों के लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश 20 मार्च 2021 को जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने महामारी अधिनियम 1897 के तहत कोविड को महामारी घोषित किया है।  उत्तर प्रदेश यूपी सरकार ने प्राइवेट कर्मचारियों के लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश 20 मार्च 2021 को जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने महामारी अधिनियम 1897 के तहत कोविड को महामारी घोषित किया है।  

सोमवार, 19 अप्रैल 2021

गोरखपुर सहित यूपी के इन 5 शहरों में 26 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन

लखनऊ/ सिद्धार्थनगर ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के बढते कहर को देखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज दिनांक 19 अप्रैल सोमवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। हाई कोर्ट ने कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तर प्रदेश के पांच बड़े शहरों-  कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी में पूर्ण लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया है। आदेश के मुताबिक, आज सोमवार रात से ही लॉकडाउन प्रभावी हो जाएगा। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने यूपी सरकार से प्रदेश में 15 दिनों के लॉकडाउन पर विचार करने के लिए कहा है। आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश में महामारी बेकाबू होने लगा है। यूपी की राजधानी लखनऊ कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में से एक है। कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को योगी आदित्यनाथ सरकार को आदेश दिया है कि वह 26 अप्रैल तक कोरोना से प्रदेश के पांच सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर में 26 अप्रैल तक सभी प्रतिष्ठानों को बंद करे

दिल्ली में एक सप्ताह के लिए और राजस्थान में 15 दिन के लिए लगा लाकडाउन

 

नई दिल्ली / सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स)  करोना के बढते प्रभाव के कारण दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आज से एक सप्ताह के लिए और राजस्थान के मुख्यमंत्री ने आज से 15 दिन के लिए लाकडाउन का ऐलान कर दिया है ! इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री मोदी आज दिल्ली में  कर रहे हैं विशेष मीटिंग !

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2021

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण प्रतीकात्मक होना चाहिए कुंभ मेला : OM TIMES

 

 नई दिल्ली / सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फोन पर स्वामी अवधेशानंद गिरी से बात करते हुए अनुरोध किया कि कुंभ मेला कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अब केवल  प्रतीकात्मक होना चाहिए। अब तक दो शाही स्नान समाप्त हो चुका है। वहीं, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा हम प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हैं। मैं लोगों से निवेदन करता हूं कि बड़ी संख्या में कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर स्नान को न आएं और सभी नियमों का पालन करें।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बताया कि आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि से  फोन पर बात किया। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। कहा मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया। मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरिद्वार कुंभ के बाकी शाही स्नानं को प्रतीकात्मक करने के आवाहन का हरिद्वार के तमान संत महात्माओं ने स्वागत किया है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि सहित निरंजनी अखाड़ा के आचार महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि, आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि, जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरि गिरि, निरंजनी अखाड़े के सचिव श्री महंत रविंद्र पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद और शंकराचार्य परिषद के  राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद भारती ने प्रधानमंत्री के आह्वान का स्वागत किया और इसे राष्ट्र, काल और परिस्थिति के अनुरूप बताया।  पीएम मोदी ने कहा कि यह समय देश और देशवासियों की रक्षा का समय है। कोरोना से बचाव के लिए समस्त उपाय करने की आवश्यकता है और यह हम सभी की जिम्मेदारी है। हम केवल सरकार के भरोसे रहकर संकट की इस घड़ी से सफलतापूर्वक बाहर नहीं आ सकते। हमें सरकार का हर सहयोग करना होगा और कोविड-19 के लिए बनाए गए सभी नियमों प्रोटोकॉल का अनिवार्य पालन करना होगा। संत महात्माओं ने आम जनमानस का आवाहन किया कि वह जागरूक बने और अपनी जिम्मेदारियों को समझें और कोविड-19 अनिवार्य पालन करें।

कश्मीर से बंगाल तक आतंकी संगठन में भर्ती करने वाला अध्यापक एनआइए की चंगुल में : OM TIMES

श्रीनगर / नई दिल्ली  (ऊँ टाइम्स)  इंटरनेट द्वारा  देश के विभिन्न हिस्सों के लड़के-लड़कियों में जिहादी मानसिकता को मजबूत बनाकर उन्हें आतंकी संगठनों के लिए भर्ती करने में जुटे एक जिहादी माॅटीवेटर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी  ने उत्तरी कश्मीर के बांडीपोर से गिरफ्तार करने का दावा किया है। पेशे से अध्यापक यह माॅटिवेटर लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता था। इसकी पहचान अल्ताफ अहमद राथर के रुप में हुई है।  एनआइए के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि अल्ताफ अहमद राथर की गिरफ्तारी बीते साल पांच अप्रैल को दर्ज मामले में हुई है। इस मामले में तानिया परवीन नामक एक युवती को पहले ही गिरफ्तार कर, उसके खिलाफ एनआइए की विशेष अदालत में आरोपपत्र भी दायर किया जा चुका है। बंगाल में जिला उत्तरी 24 परगना की रहने वाली तानिया परवीन पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थी। वह अपने संपर्क में आने वाले स्थानीय युवाओं को मजहब के नाम पर भड़काते हुए उन्हें भारत के खिलाफ कथित जिहाद के लिए तैयार करने की साजिश में शामिल थी। उसे बीते साल बंगाल पुलिस ने एक विशेष सूचना के आधार पर पकड़ा था। मामले की गम्भीरता को देखते हुए जांच एनआइए को सौंप दी गई।  तानिया परवीन के फेसबुक, टेलीग्राम, ट्वीटर एकाउंट की जांच भी की गई। उसके फोन कॉल्स को भी खंगाला गया । इसके अलावा पूछताछ के दौरान मिले सुरागाें के आधार पर ही बांडीपोर के अल्ताफ अहमद राथर का पता चला। अल्ताफ अहमद ने ही इंटरनेट मीडिया पर उसे अपने जाल में फांस उसे आतंकी संगठन के लिए काम करने को राजी किया। उसने उसे बंगाल व अन्य जगहों पर जिहादी गतिविधियों के लिए लड़के-लड़कियों को तैयार करने का जिम्मा सौंपा था। इसके अलावा उसने ही तानिया का संपर्क पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं से कराया था।  एनआइए के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि अल्ताफ अहमद राथर को गिरफ्तार करने से पूर्व उसके खिलाफ सभी आवश्यक सबूत जमा किए गए हैं। वह लश्कर के भर्ती माड्यूल का एक अहम हिस्सा है। वह बांडीपोर के एक स्कूल में पढ़ाता है। स्कूल में अध्यापन सिर्फ उसका एक ढकोसला है, उसका असली काम इंटरनेट मीडिया पर कश्मीर और बाहरी राज्यों के युवाओं के साथ संपर्क कर उन्हें जिहादी गतिविधियों के लिए उकसाना और लश्कर-ए-तैयबा में भर्ती करना है। फिलहाल, उससे अभी पूछताछ जारी है। 

गुरुवार, 15 अप्रैल 2021

कोरोना के कारण टलीं यूपी बोर्ड की परीक्षाएं, 20 मई के बाद तय होगी नई तिथि : OmTimes

 लखनऊ /बरेली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस संक्रमण के बेहद भयावह रूप लेने के कारण सीबीएसई के बाद अब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं टाल दी गई हैं। बरेली में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाओं की नई तारीख 20 मई के बाद तय होगी जबकि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं भी 15 मई तक टाल दी गई हैं। बरेली के एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह के ऑनलाइन संबोधन के दौरान गुरुवार को डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को भी 20 मई तक के लिए स्थगित किया जा रहा है। इसी तरह विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं और ऑनलाइन कक्षाओं को 15 मई तक के लिए स्थगित किया जा रहा है।  इसके बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। 

प्रदेश में इससे पहले पंचायत चुनाव के कारण यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को टाला गया था। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का आयोजन पहले 24 अप्रैल से होना था। परीक्षाओं का कार्यक्रम भी तय हो गया था। इसके बाद पंचायत के चुनाव के कारण इसको आठ मई तक टाला गया। आठ मई से होने वाली सभी परीक्षा का कार्यक्रम भी तय कर दिया गया था। अब कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इसको टाला गया है। यूपी के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के यूपी बोर्ड की हाईस्कूल तथा इंटर की परीक्षा को स्थगित करने की घोषणा के बाद ही मुख्यमंत्री ने कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूल व कॉलेज को लेकर भी आदेश जारी कर दिया है। प्रदेश में अब कक्षा एक से लेकर 12 तक के सभी स्कूल व कॉलेज 15 मई तक बंद रहेंगे। प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ का बड़ा आदेश है। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार 56 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना पंजीकरण कराया है। कोरोना संक्रमण के कारण परीक्षा टलने का एक बड़ा कारण माध्यमिक शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों का भी कोरोना संक्रमित होना माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश की अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा अराधना शुक्ला के साथ ही उत्तर प्रदेश बोर्ड के शीर्ष 19 में से 17 अधिकारी कोरोना संक्रमित हैं। बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में लगे 19 में से 17 अधिकारी कोरोना संक्रमित होने के कारण निर्णय अधर में था। अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला के अलावा तीन विशेष सचिव, निदेशक व पांच उप निदेशक स्तर के अधिकारी कोरोना की चपेट में हैं। डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि इन सभी अधिकारियों के स्वस्थ होते ही बैठक होगी, जिसमें यूपी बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं के बारे में आगे का निर्णय लिया जाएगा। 

मेरठ में मेडिकल और सेमेस्टर की परीक्षा भी स्थगित:-  कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने अब सेमेस्टर और मेडिकल की परीक्षा भी स्थगित कर दी है। अगले आदेश तक अब कोई भी परीक्षा नहीं होगी। इससे पहले वार्षिक मुख्य परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी हैं। विश्वविद्यालय ने गुरुवार को यह निर्णय लिया। ये परीक्षाएं 16 अप्रैल से होने वाली थीं। इनमें एमबीबीएस, बीबीए,  बीडीएस जैसे कोर्स के छात्र हैं। अब दोबारा से स्थिति की समीक्षा करने के बाद परीक्षा का नया कार्यक्रम जारी किया जाएगा।

सोमवार, 12 अप्रैल 2021

13 अप्रैल से होगी रायसीना डायलॉग की शुरुआत, फ्रांस, इंडोनेशिया, आस्ट्रेलिया समेत इन देशों के मंत्री लेंगे हिस्सा


नई दिल्ली (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को रायसीना डायलॉग के 6 वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। रवांडा के राष्ट्रपति, पॉल कगामे और डेनमार्क के प्रधानमंत्री, मेट्टे फ्रेडरिक्सन भी मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। यह संवाद वस्तुतः 13 से 16 अप्रैल, 2021 तक आयोजित किया जाएगा। रायसीना डायलॉग 2016 से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर भारत का प्रमुख सम्मेलन है। यह संयुक्त रूप से विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जाता है। 

ये हैं तीन बड़े एजेंडे-

इस दौरान एजेंडे की बात करें तो नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, बाधारहित सप्लाई चेन बनाए रखने और चीन की घेराबंदी बढ़ाने पर चर्चा होगी।' ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री, स्कॉट मॉरिसन भी बाद के एक सत्र में सम्मेलन में भाग लेंगे। COVID-19 महामारी की असाधारण परिस्थितियों के बीच, आयोजकों ने ऑनलाइन आयोजित करने का निर्णय लिया है। 

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अप्रैल को एक वीडियो संदेश के साथ इस वार्ता का आरंभ करेंगे।' बताया कि रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कगामे और डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिक्सन रायसीना संवाद में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेंगे। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मरीसे पायने और फ्रांस के विदेश मंत्री जीन वेस ली ड्रायन भी रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेंगे। कई अन्य अधिकारी भी इसमें मौजूद रहेंगे। पुर्तगाल, स्लोवेनिया, रोमानिया, सिंगापुर, नाइजीरिया, जापान, इटली, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया, केन्या, चिली, मालदीव, ईरान, कतर और भूटान के विदेश मंत्री भी इसमें भाग लेंगे। 

2021 संस्करण में 50 सत्र होंगे जिसमें 50 देशों और बहुपक्षीय संगठनों के 150 वक्ता शामिल होंगे। 80 से अधिक देशों से 2000 से अधिक उपस्थित लोगों ने पूर्व-पंजीकृत किया है और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों को विभिन्न सामाजिक मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से संवाद में शामिल होने की संभावना है। 

मंत्रालय ने कहा कि पिछले छह वर्षों में, रायसीना संवाद कद और प्रोफाइल में बड़ा हो गया है, जो अंतरराष्ट्रीय मामलों पर एक प्रमुख वैश्विक सम्मेलन के रूप में उभर कर सामने आया है। यह वैश्विक रणनीतिक और नीति-निर्माण करने वाले समुदाय से प्रमुख विदेश नीति और दुनिया के सामने आने वाले रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अग्रणी सोच को आकर्षित करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा - हार सामने देख दीदी ने SC, ST और OBC को वोट नहीं डालने देने की बनाई रणनीति

कोलकाता / नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी,  विशेष संवाददाता,  ऊँ टाइम्स)  बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार के लिए सोमवार को राज्य के चुनावी रण में एक बार फिर फिर उतर चुके हैं। पीएम की बंगाल में आज तीन-तीन चुनावी रैलियां हैं। पीएम मोदी अब अपनी दूसरी रैली, जो नदिया जिले में कल्याणी विश्वविद्यालय ग्राउंड में आयोजित की गई है, उसे संबोधित कर रहे हैं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने सबसे पहले कहा कि चार चरणों में जो बहुत भारी संख्या में मतदान हुआ है, वो आशोल पॉरिबोरतोन के लिए है। आशोल पॉरिबोरतोन यानि बंगाल का विकास, बंगाल के लोगों का विकास। आशोल पॉरिबोरतोन यानि दीदी के कुशासन से मुक्ति, दीदी के सिंडिकेट, तोलाबाजों से मुक्ति

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-पीएम मोदी ने कहा कि दीदी की दुर्नीति ने बंगाल के गरीब और मिडिल क्लास के स्वास्थ्य के साथ बहुत बड़ा खेला किया है। आयुष्मान भारत से यहां के गरीब को पूरे देश में कहीं भी 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलना था। दीदी ने ऐसे होने नहीं दिया।

-मोदी बोले कि दीदी ने कहा था कि कल्याणी को थीम सिटी बनाएंगे। लेकिन उन्होंने करप्शन, तोलाबाज़ी और सिंडिकेट की अपनी टीम यहां लगा दी। उन्होंने पंचायतों और नगर निगमों को टीएमसी का दफ्तर बना दिया। दीदी की दुर्नीति के कारण डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बीसी रॉय जैसे विजनरी नेताओं का सपना अब तक पूरा नहीं हो पाया। जिस कल्याणी को वो आधुनिक बंगाल का मॉडल बनाना चाहते थे, उसे दीदी की दुर्नीति ने वर्षों पीछे छोड़ दिया।

-पीएम मोदी बोले, 'आज पूरा बंगाल समझ चुका है कि आर्थिक उन्नयन, निवेष, शिल्प दीदी और उनके दल की प्राथमिकता कभी रही ही नहीं है। TMC के लिए तो उन्नयन का मतलब है, अपने काडर का उन्नयन, गुंडो का उन्नयन।'

-पीएम बोले, 'मैं आश्वस्त करने आया हूं। यहां भारत मां में आस्था रखने वाले सभी शरणार्थी साथियों को हर सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। भाजपा के लिए तो सभी शरणार्थियों, मतुआ और नामशूद्र साथियों को न्याय दिलाना एक तरह से भावनात्मक कमिटमेंट भी है।' मोदी ने आगे कहा कि मेरा और भाजपा का ये भी सौभाग्य है कि इस चुनाव में बंगाल की बहनें और बेटियां, भाजपा पर, मुझ जैसे छोटे-मोटे हर कार्यकर्ता पर स्नेह दिखा रही हैं। मैं आदरपूर्वक माताओं-बहनों को विशेष रूप से प्रणाम करता हूं।

-मोदी बोले, कुछ दिन पहले जब मैं बांग्लादेश गया था, तो ओराकान्दी की पवित्र धरती को चरण स्पर्श करने का अवसर मिला था। वहां मतुआ समुदाय के एक साथी मिले, जिन्होंने कहा कि मैं भारत का पहला पीएम हूं जो श्री श्री हॉरिचॉन्द ठाकुर जी का आशीर्वाद लेने पहुंचा। पीएम मोदी ने आगे कहा िक दीदी को मेरा ओराकान्दी जाना भी पसंद नहीं आया। दीदी ने इस पर भी सवाल खड़े कर दिए। दीदी, 10 साल आपने बंगाल के दलितो-पीड़ितो-शोषितों-वंचितों से कैसे नफरत दिखाई है, ये देश अब देख रहा है।

-पीएम ने आगे कहा कि खुलेआम कहा जा रहा है कि TMC के लोग केंद्रीय वाहिनी का घेराव करेंगे और दीदी के बाकी समर्थक छप्पा भोट डालेंगे। चर्चा है कि कूचबिहार में जो हुआ वो दीदी के इसी छप्पा भोट मास्टर प्लान का हिस्सा था।

-नादिया में पीएम मोदी बोले, हार सामने देख दीदी ने SC, ST और OBC को वोट नहीं डालने देने की रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि दीदी की साजिश है कि एससी, एसटी और ओबीसी किसी को भी वोट डालने नहीं दिया जाए। दीदी की साजिश है, इन वर्ग के लोगों को वोट डालने से रोकना और अपने गुंडों से छप्पा भोट डलवाना।

-पीएम मोदी ने कहा कि हार की बौखलाहट में दीदी और उनकी पार्टी के लोग अब हर सीमा तोड़ रहे हैं। दीदी के लोग खुलेआम एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के लोगों को गाली देने लगे हैं, सिर्फ इसलिए कि वो बीजेपी को सपोर्ट करते हैं। दीदी, आपके साथी बंगाल के अनुसूचित जाति को भिखारी कहकर अपमान कर सकते हैं, लेकिन हमारे लिए, भाजपा के लिए अनुसूचित जाति का मान सम्मान सर्वोपरि है।

-पीएम मोदी ने बंगाल में आज अपनी दूसरी रैली, जो कि कल्याणी में आयोजित की गई है, कहा कि दीदी के 10 साल के काम का रिपोर्ट-कार्ड, अपने राजनीतिक हितों के लिए बंगाल के लोगों की हत्या, अपने तोलाबाजों को फायदा पहुंचाने के लिए बंगाल के लोगों से लूट-पाट, अपने सिंडिकेट को ताकतवर बनाने के लिए बंगाल के लोगों से विश्वासघात का ही है।

-पीएम मोदी ने कहा कि बहनों-बेटियों से कहना चाहता हूं कि आपके इस सेवक ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हर घर नल से शुद्ध जल पहुंचे इसके लिए बड़ी योजना शुरु की है। बंगाल की सरकार को भी सैकड़ों करोड़ रुपये इसके लिए हमने भेजे हैं। लेकिन दीदी ने इसका बहुत बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं किया।

-मोदी बोले, 'धान का कटोरा' कहा जाने वाला हमारा बर्धमान, यहां के लोग, आज मूल सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। आजादी के शुरुआती वर्षों में जो नहरें बनीं, उसकी सही देखरेख तक यहां की सरकार नहीं कर पाई। नई नहरें बनाना कभी दीदी की प्राथमिकताओं में रहा ही नहीं।

-पीएम ने कहा कि दीदी अगर गुस्सा करना है तो मुझपर कीजिए, जितनी मर्जी गाली दीजिए। मगर बंगाल की गरिमा, बंगाल की गौरवमयी परंपरा का अपमान मत कीजिए।

-मोदी बोले, 'दीदी ने 10 साल तक मां, माटी, मानुष के नाम पर बंगाल पर राज किया है। लेकिन इन दिनों सभा में मां, माटी, मानुष नहीं बल्कि मोदी, मोदी करती रहती हैं। दीदी ने बंगाल में गवर्नेंस के नाम पर बहुत बड़ा गड़बड़झाला किया है। जन्मदिन मनाना है, तो TMC से पूछो। घर बनाना है, तो TMC को कट-मनी दो। राशन लेना है, तो TMC को कटमनी दो। कहीं अपना सामान ले जाना है, अपना सामान लाना है, तो TMC को कट-मनी दो।'

-पीएम मोदी ने कहा, 'दीदी के लोग बंगाल के अनुसूचित जाति के भाई-बहनों को गाली देने लगे हैं। दीदी के करीबी लोग उन्हें भिखारी कहने लगे हैं। बाबा साहेब की आत्मा को दीदी के कड़वे शब्द सुनकर कितना कष्ट हुआ होगा।'

-प्रधानमंत्री बोले कि दीदी को ये भी मालूम है कि एक बार बंगाल से कांग्रेस गई तो कभी वापस नहीं आई। वामपंथी वाले, लेफ्ट वाले गए वापस नहीं आएं। दीदी, आप भी एक बार गई तो कभी वापस नहीं आएंगी। 

-पीएम मोदी बोले, 'एक तो नंदीग्राम में बंगाल के लोगों ने दीदी को क्लीन बोल्ड कर दिया। यानि बंगाल में दीदी की पारी समाप्त हो चुकी है। दूसरा, बंगाल के लोगों ने दीदी का बहुत बड़ा प्लान फेल कर दिया। दीदी तैयारी करके बैठी थीं कि पार्टी की कप्तानी भाइपो को सौंपेंगी, लेकिन दीदी का ये खैला भी जनता ने समय रहते समझ लिया। इसलिए दीदी का सारा खैला धरा का धरा रह गया। और तीसरा, दीदी की पूरी टीम को ही बंगाल के लोगों ने मैदान से बाहर जाने को कह दिया है। अब दीदी बंगाल के लोगों से गुस्सा तो होंगी ही।'

-पीएम बोले- दीदी की कड़वाहट, उनका क्रोध, उनकी बौखलाहट बढ़ती ही जा रही है, क्योंकि बंगाल में हुए आधे चुनावों में आपने टीएमसी को पूरा साफ कर दिया है। यानि आधे चुनाव में ही टीएमसी पूरी साफ। चार चरणों के चुनाव में बंगाल की जागरूक जनता ने इतने चौके-छक्के मारे कि भाजपा की सीटों की सेंचुरी हो गई है। जो आपके साथ खैला करने की सोच रहे थें, उन्हीं के साथ खैला हो गया है। 

इसके बाद दोपहर 1:40 बजे से नदिया जिले में कल्याणी विश्वविद्यालय ग्राउंड में उनकी दूसरी रैली है। अंत में दोपहर 3:10 बजे से कोलकाता से सटे उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित कछारी मैदान में पीएम रैली को संबोधित करेंगे। बताते चलें कि बंगाल का जंग जीतने के लिए प्रधानमंत्री मोदी सहित भाजपा के सभी शीर्ष नेता लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं। इससे पहले शनिवार को पीएम ने बंगाल में दो रैलियां की थी। 

इधर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी लगातार दूसरे दिन बंगाल के दौरे पर रहेंगे। शाह की सोमवार को उत्तर बंगाल में दो रैली व दो रोड शो है। इससे पहले रविवार को भी शाह बंगाल के दौरे पर थे और उन्होंने ताबड़तोड़ तीन रोड शो और तीन रैलियां की थी।

CM योगी आदित्यनाथ हुए बेहद सख्त, बोले- अब फील्ड में उतरें सभी अफसर

लखनऊ ( अभिषेक द्विवेदी,  विशेष संवाददाता ऊँ टाइम्स) अप्रैल माह में कोरोना वायरस के उत्तर प्रदेश में छह गुना बढऩे के कारण 24-25 शहरों में नाइट कर्फ्यू के बाद भी मामला नियंत्रित होता न देख सीएम योगी आदित्यनाथ मैदान में उतर पड़े।  वाराणसी, प्रयागराज गोरखपुर व लखनऊ का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद उन्होंने सीनियर पीसीएस अफसरों के साथ अपने कैबिनेट मंत्रियों को भी जिलों की मानिटरिंग पर लगाया। अब सभी अफसरों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के निर्देश पर रविवार को सर्वदलीय बैठक के बाद सोमवार को सुबह अपनी कोर टीम(टीम-11) के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब फुल एक्शन मोड में हैं। उन्होंने बैठक में कोरोना वायरस की तेजी से बढ़ती गति पर लगाम लगाने की खातिर सभी अफसरों को अफसरों को फील्ड में जाने के साथ ही अस्पतालों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने सभी जिलों में नाइट कर्फ्यूको सख्ती से लागू करवाने का निर्देश भी दिया।  प्रदेश में लगातार बढ़ते एक्टिव केस बेहद डराने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने अब हर दिन डेढ़ लाख से ज्यादा टेस्ट करने के साथ ही एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों की विशेष निगरानी रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही प्रदेश में हाइ-वे पर टोल प्लाजा पर भी टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराएं। टेस्ट के लिए ट्रूनेट मशीनों का उपयोग किया जाए। इनमें से 70 प्रतिशत टेस्ट आरटी-पीसीआर के माध्यम से हो। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फील्ड पर उतरने वाले अफसर सभी जगह पर कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाएं। बिना मास्क के मिलने वाले हर शख्स पर बड़ा जुर्माना करें। नवरात्र और रमजान को लेकर प्रदेश भर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्रदेशभर के सभी धर्म स्थलों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिया कि सर्वाधिक संक्रमित लखनऊ में हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और मेयो मेडिकल सेंटर में कोविड बेड बढ़ाएं। इसी तरह अन्य निजी मेडिकल कॉलेजों में भी कोविड बेड्स स्थापित करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ कैंसर अस्पताल को भी डेडीकेटेड कोविड हॉस्पिटल में परिवॢतत करें। गांवों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग की व्यवस्था को उपलब्ध कराएं। 

शनिवार, 10 अप्रैल 2021

मतदान के बीच हिंसक झड़प,लाठी चार्च, 4 की मौत, कई घायल, तनाव का माहौल

कोलकाता (ऊँ टाइम्स) कूचबिहार जिला के अंतर्गत शीतलकूची विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 5/12 6 पर सुबह साढ़े दस बजे भाजपा-तृणमूल समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई।इसे देखते हुए केंद्रीय वाहिनी ने ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया। आरोप है कि केंद्रीय वाहिनी की गोली से चार तृणमूल समर्थक की घटनास्थल पर मौत हो गई। फिलहाल इस बूथ पर मतदान रोक दिया गया है। इलाके में तनाव का माहौल है, तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन के महासचिव अलीजर रहमान ने बताया कि भाजपा और केंद्रीय वाहिनी ने मिलकर हमारे कार्यकर्ताओं को गोली मारी हैं ।चुनाव आयोग से हमने इसकी शिकायत की है।   हुगली से भाजपा सांसद व चुंचुरा से पार्टी प्रत्याशी लॉकेट चटर्जी की गाड़ी पर भी हमला किया गया है। लॉकेट का आरोप है कि उनकी गाड़ी पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने पथराव किया। इसमें उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया है। लॉकेट का कहना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 66 नंबर बूथ पर छप्पा वोट पड़ने की शिकायत मिलने पर वह वहां देखने गई थी इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया। हावड़ा के उललबेरिया में भाजपा समर्थक का फंदे से झूलता शव उसके घर से बरामद हुआ है। 

 भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने गाड़ी पर हुुुए हमले को लेकर चुनाव आयोग के एक अधिकारी से फोन पर बात की, उनका कहना है कि हुगली के पोलिंग बूथ नंबर 6 पर स्थानीय लोगों द्वारा उन पर हमला किया गया है। उन्‍होंने बताया कि वहां मौजूद पत्रकारों पर भी हमला किया गया है जिससे उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्‍त हो गई है। लॉकेट चटर्जी ने अतिरिक्त बल यहां भेजने की भी मांग की है।

 हुगली में मीडिया के वाहनों पर भी हमला किया गया है। जिससे वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्‍त  हो गए हैं।    

कूचबिहार में मतदान करने आये युवक को मारी गोली - कूचबिहार के सीतलकूची में मतदान के लिए लाइन में लगे 18 वर्ष के एक नवयुवक आनंद बर्मन की गोली लगने से मौत हो गई है। मृतक के परिजनों ने हत्‍या का आरोप तृणमूल पर लगाया है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार आनंद भाजपा समर्थक था।  

कूचबिहार जिले की दिनहाटा विधानसभा सीट के भेटागुड़ी  इलाके में मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप भी भाजपा पर लगा है। मतदान करने आये लोगों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया, उन्होंने केंद्रीय बलों पर निष्क्रिय रहने का भी आरोप लगाया है। तृणमूल कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को मारने-पीटने और उसकी मोटरसाइकिल में आग लगा देने की भी घटना सामने आई है।  

बंगाल में मतदान के साथ अलग अलग पोलिंग बूथ से लगातार हिंसा की खबरें सामने आ रही है। ताजा मिली जानकारी के अनुसारा जादवपुर विधानसभा केंद्र के गांगुलीबगान इलाके के एक बूथ में माकपा के पोलिंग एजेंट की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका गया। आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगा है। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के दौरान टॉलीगंज के एक बूथ में भाजपा के पोलिंग एजेंट को प्रवेश करने से रोकने पर केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के हस्तक्षेप के बाद प्रवेश करने की अनुमति दी गई।  मतदान केंद्र गांधी कॉलोनी भारती बालिका विद्यालय में भाजपा के पोलिंग एजेंट को शुरू में स्टेशन के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा, भाजपा सांसद और टॉलीगंज विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार सुप्रियो वहां पहुंचे और एजेंट को अनुमति दिलवायी।  

 गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में आज सुबह 7 बजे से चौथे चरण का मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्‍य के पांच जिलों कूच बिहार, अलीपुरद्वार, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और हुगली के 44 निर्वाचन क्षेत्रों के 373 उम्मीदवारों मैदान में हैं।  ज्ञात हो कि  44 निर्वाचन क्षेत्रों में, हावड़ा में  नौ सीट , हुगली में  10 सीट,  दक्षिण 24 परगना में 11 सीट, अलीपुरद्वार में पांच सीट और  कूच बिहार में नौ सीट हैं। 

शुक्रवार, 9 अप्रैल 2021

थानेदार को घेरकर अपराधियाें ने ताबड़तोड़ चलाईं गोलियां : OmTimes

पटना (ऊँ टाइम्स)  बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज के एक थानेदार को ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्‍या कर दी गई है। किशनगंज नगर थाने के थानेदार अश्‍व‍िनी कुमार अपनी टीम के साथ एक लूट कांड के मामले में छापेमारी करने गए थे। उन्‍हें पता चला था कि अपराधियों का कनेक्‍शन सीमावर्ती पश्चिम बंगाल के क्षेत्र से जुड़ा है। इसके बाद उन्‍होंने पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी दिनाजपुर जिले के पांजीपाड़ा थाने को सूचना देने के बाद छापेमारी शुरू की। इसी दौरान पंजीपाड़ा थाने के पनतापाड़ा गांव में भीड़ ने अपराधियों के बचाव में पुलिस पर हमला कर दिया। आरोप है कि पश्चिम बंगाल की पुलिस ने सूचना के बावजूद बिहार पुलिस की टीम को कोई सहयोग नहीं किया।

भीड़ के इरादे देख सहम गए बाकी पुलिसकर्मी- किशनगंज के थानेदार की हत्‍या शनिवार की अल सुबह करीब चार बजे की गई। बताया जा रहा है कि थानाध्‍यक्ष को कई गोलियां लगी हैं। बताया जा रहा है कि थानेदार के शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए पश्‍चि‍म बंगाल के ही इस्लामपुर ले जाया गया है। किशनगंज एसपी कुमार आशीष और पूर्णिया आइजी सुरेश चौधरी  मौके पर कैंप कर रहे हैं।

सर्किल इंस्‍पेक्‍टर ने किसी तरह बचाई अपनी जान- इस दौरान उनके साथ थाने की पूरी टीम थी, लेकिन बाकी पुलिसकर्मी रात के अंधेरे में भीड़ की आक्रामकता देखकर अपनी जान बचाने में लग गए। सर्किल इंस्‍पेक्‍टर मनीष कुमार भी छापेमारी दल में शामिल थे। उन्‍होंने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। अपराधियों ने पुलिस को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं।

आइजी खुद ले रहे पूरे मामले की जानकारी- पूर्णिया रेंज के आइजी सुरेश चौधरी ने बताया कि एक लूट कांड मामले में पुलिस छापेमारी करने सीमावर्ती पांजीपड़ा (पश्चिम बंगाल) गई थी। उन्‍होंने बताया कि भीड़ द्वारा घेरकर थानाध्यक्ष की हत्या कर दी गई। सुबह 4 बजे के आसपास की घटना है। इस्लामपुर अस्पताल में पोस्टमाॅर्टम कराया जा रहा है। आइजी ने बताया कि उनके साथ किशनगंज एसपी और पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी दिनाजपुर के एसपी भी मौजूद हैं। आइजी ने कहा कि यह वारदात मॉब लिंचिंग जैसी है।

केंद्रीय गृह मंत्री से हस्‍तक्षेप की मांग- बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन ने इस वारदात की कड़ी निंदा की है। पुलिस मेंस एसोसिशन का कहना है कि पश्चिम बंगाल पुलिस के असहयोग के कारण ही बिहार के जांबाज इंस्‍पेक्‍टर की जान गई है। अगर बंगाल की पुलिस समय पर बैकअप देने के लिए पहुंचती तो शायद ऐसा नहीं होता। एसोसिएशन के अध्‍यक्ष मृत्‍युंजय कुमार सिंह ने कहा कि बंगाल में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। बिहार के इंस्‍पेक्‍टर ने बंगाल की पुलिस से बैकअप मांगा था, लेकिन वहां की पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया।

भाजपा सांसद ने बंगाल की सरकार पर बोला हमला -  इस मामले को लेकर भाजपा के पाटलिपुत्र सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने पश्चिम बंगाल सरकार और वहां के प्रशासन पर हमला बोला है। उन्‍होंने कहा है कि यह घटना बंगाल में कानून-व्‍यवस्‍था की स्थिति को उजागर करने के लिए काफी है। वहां पूरी तरह गुंडों का राज है। जदयू के विधान पार्षद गुलाम गौस ने बिहार और पश्चिम बंगाल की सरकार को मिलकर कार्रवाई करने की बात कही है।

गुरुवार, 8 अप्रैल 2021

लखनऊ में 16 अप्रैल तक लगा रात्रि कर्फ्यू , आवश्यक सेवाओं में पर‍िचय पत्र ही है पास, जान‍िए क्‍या है गाइड लाइन

लखनऊ (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण के कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने भी नाइट कफ्र्यू का कदम उठाया है। प्रदेश के हालात की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि जिन जिलों में प्रतिदिन सौ से अधिक मामले आ रहे हैं या 500 से अधिक सक्रिय मामले हैं, वहां नाइट कफ्र्यू लगाया जाए और माध्यमिक स्कूल बंद क‍िए जाए। इसके ल‍िए डीएम-एसपी आपसी समन्वय से फैसला ले सकते हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लखनऊ के डीएम अभ‍िषेक प्रकाश ने गाइडलाइन जारी किया है। आठ अप्रैल की रात से लखनऊ में लागू नाइट कफ्र्यू शुरू हो जाएगा। यह प्रत‍िबंंध 16 अप्रैल सुबह छह बजे तक प्रत‍िबंध प्रभावी रहेगा। 

रात्रि कर्फ्यू की ये है गाइड लाइन - समस्‍त आवश्‍यक सेवाएं जैसे स्‍वास्‍थ्‍य, च‍िक‍ित्‍सकीय सेवा, दवाएं, सब्‍जी, फल दूध, रसाोई गैस, सीएनजी की आपूर्त‍ि पूर्व की भांत‍ि चलती रहेगी। इन सेवाओं से जुड़े लोग, कोरोना वॉर‍ियर, स्‍वच्‍छताकर्मी व डोर स्‍टेल ड‍िलीवरी से जुड़े व्‍यक्‍त‍ियों के ड्यूटी संबंधी आवागमन पर प्रत‍िबंध नहीं होगा। उनका पर‍िचय पत्र पास की भांत‍ि मान्‍य होगा।  एयरपोर्ट, रेलवे स्‍टेशन तथा बस स्‍टैंड पर आने-जाने वाले यात्र‍ियों के आवागमन पर प्रत‍िबंध नहीं होगा। रेल/बस अथवा फ्लाइट का ट‍िकट यात्रा पास की भांत‍ि मान्‍य होगा। तथा यात्र‍ियों के ल‍िए ट‍िकट को अन‍िवर्य रूप से साथ रखना होगा। चेक‍िंंग के दौरान मांगे जाने पर द‍िखाना होगा। समस्‍त प्रकार के माल वाहनों के आवागमन में कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। राष्‍ट्रीय एवं राज्‍यमार्गों पर पर‍िवहन जारी रहेगा। पेट्रोल पंप एवं सीएनजी स्‍टेशन पूर्ववत खुले रहेंगे। सफाई एवं स्‍वच्‍छता, स्‍वच्‍छ पेयजल आपूर्त‍ि, व‍िद्युत प्रबंधन, रेलवे, रोडवेज, मेट्रो इत्‍याद‍ि सेवाओं से संबंध‍ित अध‍िकारी/कर्मचारी ड्यूटी संबंध‍ित आवागमन  के ल‍िए इन प्रत‍िबंधों से मुक्‍त रहेंगे तथा इनका पर‍िचय पत्र पास की भांत‍ि मान्‍य होगा।  सभी वृहद न‍िर्माण कार्य जैसे एक्‍सप्रेस वे, बडे पुल एवं सड़क, लोक न‍िर्माण व‍िभाग के न‍िर्माण कार्य सरकारी  भवन तथा न‍िजी प्रोजेक्‍ट जारी रहेंगे।  मंडी से होने वाला थोक व्‍यापार अपने न‍िर्धार‍ित समय  अथवा मंडी पर‍िषद द्वारा न‍ियम समय के अनुसार संचाल‍ित होता रहेगा। फल-सब्‍जी खरीद, ब‍िक्री संबंधी आवागमन प्रत‍िबंधों से मुक्‍त होगा।  आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की रात्र‍ि प्रसारण सेवाएं, अन्‍य सरकारी अथवा गैर सरकारी मीड‍िया एवं न्‍यूज र‍िपोर्ट‍िंंग संस्‍थान तथा संबंध‍ित कार्यालय के रात्र‍िकालीन कर्मी अपने उक्‍त कार्यों के ल‍िए प्रत‍िबंध से मुक्‍त रहेंगे। इनका पर‍िचय पत्र पास की भांत‍ि मान्‍य होगा।  अन्‍य आवश्‍यक सेवाओं, सुरक्षा सेवाओं जैसे स‍िक्‍योर‍िटी गार्ड, एटीएम, टेलीकॉक मेंटेनेंस, आपातकालीन मेंटेनेंस सेवा प्रदाता इलेक्‍ट्र‍िश‍ियन, प्‍लंबर, एसी र‍िपेयर आपाातकालीन सर्व‍िस के ल‍िए कारण बताने पर जाने द‍िए जाएंगे।    औद्योग‍िक कारखाने ज‍िनमें आइटी एवं आईटी इंबेल्‍ड सर्व‍िस से जुड़े उद्योग कोव‍िड 19 प्रोटोकॉल का कठोरता से अनुपालन सुन‍िश्‍च‍ित करते हुए चलते रहेंगे। इनके कर्म‍ियों को नाइट ड्यूटी के ल‍िए पर‍िचय पत्र द‍िखाने पर आवागमन की अनुमत‍ि दी जाएगी।

अब गाजियाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी लगा नाइट कर्फ्यू, जानिये इसकी टाइमिंग : OmTimes

नोएडा (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली और गाजियाबाद के बाद अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी नाइट कर्फ्यू लगाने का एलान हो चुका है। समूचे जिले में दिल्ली की तरह ही रात्रि कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। इस संबंध में जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बृहस्पतिवार दोपहर में स्वास्थ्य व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर रात्रि कर्फ्यू लगाने को लेकर फैसला लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगाया जाएगा। कुलमिलाकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा में दिल्ली की तर्ज पर ही नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। यह नाइट कर्फ्यू 17 अप्रैल की सुबह तक प्रभावी रहेगा।

दिल्ली में नाइट कर्फ्यू का टाइमिंग-  रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सामान्य गतिविधियां नहीं होंगी।  दिल्ली की तरह पर ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी नाइट कर्फ्यू लगाया गया है।  यहां पर भी दिल्ली की ही तरह रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू प्रभावी रहेगा। 

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का एलान किया गया है। यह लाइन कर्फ्यू शुक्रवार की रात से शुरू होगा। 

उधर, जिला सूचना अधिकारी के मुताबिक, गाजियाबाद जिले में कोविड-19 संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन का कड़ा रुख रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने 17 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। इसके तहत रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक गाजियाबाद में नाइट कर्फ्यू प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही जिले में सभी शिक्षण संस्थाएं, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर को आगामी 17 अप्रैल तक बंद करने के आदेश हैं। वहीं, जिन शिक्षण संस्थानों में परीक्षा अथवा प्रैक्टिकल चल रहे हैं, वह यथावत परीक्षा के दिन खुलेंगे। 

आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील 13 जिलों में संक्रमण की रोकथाम के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने निर्देश दिए थे कि जिन जिलों में प्रतिदिन मिलने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 100 पार हैं, वहां माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश के संबंध में जिलाधिकारी स्थानीय स्थिति के अनुरूप निर्णय लें। ऐसे जिलों में रात्रि में आवागमन नियंत्रित रखने के संबंध में भी समुचित निर्णय लिया जा रहा है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में आवश्यक सामग्री जैसे दवा, खाद्यान्न आदि के आवागमन को बाधित न किया जाए।